2017 विशेष: … जब ‘बाहुबली’ ने 500 करोड़ की कमाई कर लहराया परचम

NewsCode | 30 December, 2017 7:48 PM

इस साल सलमान खान की 'ट्यूबलाइट', शाहरुख खान की 'हैरी मेट सेजल' और रणबीर कपूर अभिनीत 'जग्गा जासूस' विफल रही

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मुंबई| इस साल भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘बाहुबली-2 : कन्क्लूजन’ न तो मूल रूप से हिंदी फिल्म थी और न ही इसमें कोई स्थापित कलाकार था। यह 2017 में बॉलीवुड के बदलते समीकरण को दिखाता है, जिसने दर्शकों को मुख्य रूप से अपनी शानदार कहानी की बदौलत आकर्षित किया।

इस साल सलमान खान की ‘ट्यूबलाइट’, शाहरुख खान की ‘हैरी मेट सेजल’ और रणबीर कपूर अभिनीत ‘जग्गा जासूस’ विफल रही। यहां तक कि सलमान खान और शाहरुख खान ने फिल्म के असफल होने पर वितरकों को क्षतिपूर्ति भी दिया। 

बॉलीवुड फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर कमाई को रिकॉर्ड करने के लिए कोई केंद्रीकृत एजेंसी नहीं है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अब तक कोई भी बॉलीवुड फिल्म घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार करने में कामयाब नहीं हो पाई है। वहीं, ए.एस. राजामौली की प्रभास, राणा दग्गुबाति और अनुष्का शेट्टी अभिनीत फिल्म ‘बाहुबली 2 : द कन्क्लूजन’ ने अप्रत्याशित रूप से 510.99 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली।

‘फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष सिद्धार्थ रॉय कपूर का कहना है कि बेहद सफल काल्पनिक ड्रामा फिल्म ‘बाहुबली : द बिगनिंग’ की सीक्वल ‘बाहुबली 2 : द कन्क्लूजन’ एक तेलुगू भाषा की हिंदी में डब फिल्म के रूप में अब तक की सबसे कामयाब फिल्म बनकर बदलाव की बयार लाने वाली साबित हुई। 

उन्होंने कहा कि इस फिल्म की सफलता बहुत कुछ कहती है। यह कहती है कि हम कोई बहाना नहीं बना सकते। इस फिल्म के कलाकार हिंदी फिल्म बाजार में ज्यादा मशहूर नहीं थे, इसके बावजूद फिल्म ने जबरदस्त सफलता हासिल की।

सिद्धार्थ ने आईएएनएस को बताया, “डब फिल्में इस तथ्य के कारण कि वे मूल भाषा में नहीं है बॉक्स ऑफिस पर हमेशा से कमजोर मानी जाती थीं, लेकिन ‘बाहुबली’ ने उन सभी मिथकों को तोड़ दिया।” 

सिद्धार्थ ने कहा कि अगर दर्शकों को सिनेमाई अनुभव मिलता है और जिस तरह से आप कहानी दर्शाना चाहते हैं, उस तरह से कहानी दर्शाने की क्षमता और आत्मविश्वास है तो फिर दर्शक आपकी फिल्म देखेंगे।

जहां तक बॉलीवुड की मूल फिल्मों की बात है, इस साल जब केंद्र सरकार ने 100 रुपये से कम मूल्य वाली टिकटों के लिए 18 फीसदी और 100 रुपये से ज्यादा मूल्य की टिकटों के लिए 28 फीसदी कर के साथ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पेश किया, नौ फिल्मों ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की।

इस साल बॉलीवुड की मूल फिल्मों के बीच ‘टाइगर जिंदा है’ ने सबसे ज्यादा कमाई की है। फिल्म ने 28 दिसम्बर तक 206.4 करोड़ रुपये की कमाई कर ली।

यहां तक कि रिलायंस एंटरटेनमेंट के सहयोग से बनी ‘गोलमाल अगेन’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 205.67 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली।

अन्य फिल्मों जैसे ‘रईस’ (137.71 करोड़ रुपये), ‘काबिल’ (103.67 करोड़ रुपये), ‘जॉली एलएलबी 2’ (117 करोड़ रुपये), ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ (116.68 करोड़ रुपये), ‘ट्वायलेट : एक प्रेम कथा’ (134.22 करोड़ रुपये), ‘जुड़वा 2’ (138.61 करोड़ रुपये) ने भी अच्छी कमाई की।

सलमान खान अभिनीत फिल्म ‘ट्यूबलाइट’ भले ही सफल फिल्मों में नहीं शुमार की गई, लेकिन फिल्म ने 119.26 करोड़ रुपये की कमाई की।

पीवीआर पिक्चर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कमल ज्ञानचंदानी के मुताबिक, “ट्यूबलाइट’ इस बात का उदाहरण है कि लोकप्रिय फिल्मी सितारे अकेले अपने बूते दर्शकों को सिनेमाघर तक खींचने में सक्षम नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि सलमान की ‘टाइगर जिंदा है’ भले ही एक स्थापित फ्रेंचाइजी फिल्म है, लेकिन इसमें राष्ट्रवादी भावना है और उम्दा कहानी है, जिससे दर्शकों का एक बड़ा वर्ग जुड़ाव महसूस करता है। ‘ट्यूबलाइट’ सलमान की छवि के मुताबिक नहीं थी।

छोटी फिल्मों जैसे ‘न्यूटन’ और ‘तुम्हारी सुलु’ को भी दर्शकों ने पसंद किया। 

‘नाम शबाना’, ‘हिंदी मीडियम’, ‘सचिन- ए बिलियन ड्रीम्स’, ‘मॉम’, ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’, ‘बरेली की बर्फी’, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ और ‘फुकरे रिटर्न्‍स’ जैसी फिल्मों को भी दर्शकों ने सराहा।

वहीं, ‘ओके जानू’, ‘रंगून’, ‘बेगम जान’, ‘नूर’, ‘सरकार 3’, ‘मेरी प्यारी बिंदू’, ‘राब्ता’, ‘ए जेंटलमैंन ‘, ‘सिमरन’, ‘भूमि’, ‘हसीना पार्कर’, ‘शेफ’ और ‘फिरंगी’ जैसी फिल्में दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं।

संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पद्मावती’ विवादों में फसंने के चलते एक दिसंबर को रिलीज नहीं हो सकी। 

बाजार समीक्षक गिरीश जौहर ने आईएएनएस को बताया, “अगर ‘बाहुबली’ नहीं होती तो बॉलीवुड ने बहुत खराब प्रदर्शन किया होता। ‘पद्मावती’ दिसम्बर में रिलीज होने वाली थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और सबकी निगाहें ‘टाइगर जिंदा है’ पर टिक गईं।”

उन्होंने कहा कि वार्षिक बॉक्स ऑफिस रिटर्न के मामले में हम अभी भी 10-12 फीसदी पीछे हैं।

जैसा कि सिद्धार्थ ने कहा इसका समाधान बेहतरीन कहानियों और बेहतरीन पटकथाओं में है।

आईएएनएस

आम आदमी पार्टी का एक दिवसीय उपवास सह धरना प्रदर्शन

Om Prakash | 18 November, 2018 4:42 PM
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रांची: 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस समारोह के दौरान पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज, मुकदमा और बर्खास्तगी के विरोध में तथा मीडियाकर्मियों पर लाठी चार्ज की घटना की न्यायिक जांच कराने, दोषी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और झारखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी ने मोराबादी स्थित गाँधी प्रतिमा के समक्ष  एकदिवसीय उपवास रखा और धरणा दिया।

मौके पर पार्टी के प्रदेश संयोजक जयशंकर चौधरा ने कहा कि  अमर शहीद बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि और झारखंड राज्य के स्थापना दिवस के दिन राज्य के पारा शिक्षकों के आंदोलन पर पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक दमन, लाठीचार्ज, अश्रुगैस फायरिंग किया जाना राज्य की रघुवर सरकार का तानाशाही होने का परिचायक है। ये सरकार जन आंदोलनों-शिक्षक-कर्मचारियों के आंदोलनों और कई तरह के न्यायपूर्ण मांगो को लेकर आंदोलनरत संगठनों को लाठी गोली से दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि एक कमजोर, डरपोक, अलोकप्रिय , जनविरोधी सरकार ही ऐसा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनहीन हो गयी है इसलिए संवाद के बजाय संगीनों के साये में शासन चला रही है। यह घोर अलोकतांत्रिक कदम है। यह कॉर्पोरेटों कि सरकार है। पारा शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज करना और उनको बर्खास्त करना काफि दुर्भाग्यपूर्ण है तथा रघुवर सरकार के निम्ममेपन और तानाशाही का जीता जागता उदाहारण है। यह सरकार कहती है कि उनके पास शिक्षकों को द़ेने के लिए पैसे नहीं है किन्तु झुठी और भ्रष्ट सरकार बाहर के कलाकारों से नाच गाना करवाने के लिए कई करोड़ देती है और यह झारखंड कि माटी और यहाँ के कलाकारों का अपमान है।

पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि पारा शिक्षकों और घटना क़ो कवर कर रहे मीडिया के साथियों पर लाठीचार्ज करवाना नाकाम रघुवर सरकार कि कायरतापूर्ण व घिन्नौनी  हरकत है। पारा शिक्षकों की न्यायोचित माँगों को पुरा करने की जगह उन पर लाठीचार्ज करवाना रघुवर सरकार कि असंवेनशीलता का परिचायक है। प्रदेश उपाध्यक्ष  पवन पांडे ने कहा कि रघुवर सरकार ने हक व विरोध कि आवाज को दबाने के लिए डंडे व पुलिस को अपना हथियार बना लिया है। अपना हक व अधिकार माँग रहे पारा शिक्षकों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना काफि दुर्भाग्यपूर्ण व शर्मनाक है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह, हरदयाल यादव, अविनाश नारायण, आलोक शरण,  यास्मिन लाल,  संचारी सेन,जाबिर हुसैन, पियूष झा, मनोज चौरसिया, राहूल कुमार, पुनम कुमारी, रवि टोप्पो, कृष्ण किशोर,  संतोष विश्वकर्मा,अश्विनी कुमार, अनिर्बान सरकार, नवीन प्रभाकर, अमन साहू, विकास पाठक, अंजन वर्मा, सोमा लिंडा, राशिद जामिल व अन्य उपस्थित रहे।

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रांची: भापुसे के 17 अधिकारियों का तबादला,कई जिलों के एसपी बदले

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 2:20 PM
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रांची। झारखंड सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (भापुसे) के 17 अधिकारियों का स्थानांतरण और पदस्थापन किया है। इसके साथ ही कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों का तबादला हो गया है। इस संबंध में गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा मंगलवार देर शाम अधिसूचना जारी कर दी गयी।

गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार डीआईजी उ.छो. क्षेत्र हजारीबाग पंकज कंबोज को डीआईजी एसीबी का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जबकि पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के एसपी क्रांति कुमार गदिदेसी को एसपी विशेष शाखा बनाया गया है। विशेष शाखा के एसपी शैलेंद्र कुमार सिन्हा को जामताड़ा का एसपी बनाया गया है,वहीं रांची के यातायात पुलिस अधीक्षक संजय रंजन सिंह को समादेष्टा जैप-2 के पद पर पदस्थापित किया गया है, वहीं धनबाद के एसएसपी चोथे मनोज रतन को एसपी सीआईडी, सीआईडी के एसपी वाईएस रमेश को एसपी दुमका, विशेष शाखा के एसपी आलोक को खूंटी का एसपी, खूंटी के एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा को गुमला का एसपी, राज्यपाल के परिसहाय चंदन कुमार झा को चाईबासा का एसपी, जामताड़ा की एसपी जया राय को सीआईडी का एसपी, दुमका के एसपी किशोर कौशल को धनबाद का एसएसपी, एसटीएफ के एसपी अंजनी कुमार झा को विशेष शाखा का एसपी, गुमला के एसपी अंशुमन कुमार को राज्यपाल का परिसहाय, रांची के सिटी एसपी अमन कुमार को ग्रामीण एसपी धनबाद, जैप-5 की समादेष्टा सुजाता कुमारी वीणापानी को रांची का सिटी एसपी, धनबाद के ग्रामीण एसपी आशुतोष शेखर को रांची का ग्रामणी एसपी और रांची के ग्रामीण एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को रांची यातायात का एसपी बनाया गया है।

 

रांची: अन्तराष्ट्रीय व्यापार मेले में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा बढ़ा रही है कौतुहल

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 2:07 PM
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रांची।भगवन बिरसा मुंडा धरती आबा देश के प्रथम स्वतंत्रता सेनानियों में माने जाते हैं। झारखण्ड प्रदेश में भगवान माने जाने वाले इस महान पुरुष को भारतीय जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी धार्मिक पुरुष और लोक नायक के रूप में मान्यता प्राप्त है।जिनका जन्म झारखण्ड के खूँटी ज़िले में 15 नवम्बर 1875 को हुआ था। 19 के दशक के शुरूआती सालो में ही अपनी युवा अवस्था 25 वर्ष में उन्होंने ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध जो आंदोलन बनाया उसको जनजातीय प्रजातियों में सबसे महत्त्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने अपने समूदाय के लोगो को धार्मिक क्रिया की तरह सोचने को तैयार किया और अपने अधिकारों को मांगने के लिए ब्रिटिश सरकार से लडे। भगवान् बिरसा मुंडा झारखण्ड प्रदेश में किसी भी काम के पहले याद किये जाते हैं। जिस कड़ी में 38वें भारतीय अन्तराष्ट्रीय मेले के झारखण्ड पवेलियन में उनकी विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। मेले में आने वाले लोग इस प्रतिमा को देख उत्सुकता से इनके विषय और कार्य की चर्चा कर रहे है। भगवान बिरसा मुंडा पर देश ही नहीं दुनिया को भी गर्व होता है। उनके जीवन पर कई साहित्य और फिल्मे भी बनाई जा चुकी हैं।

झारखण्ड पवेलियन में उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक श्री अलोक कुमार ने बताया कि मेले में झारखण्ड पवेलियन 22 नवम्बर को प्रगति मैदान स्थित हंसध्वनी थिएटर में झारखण्ड दिवस का आयोजन करेगा जिसमें झारखण्ड के लोक नृत्य कला एवं संस्कृति प्रदर्शित किया जायगा इस अवसर पर झारखण्ड प्रदेश के राजस्व और भूमि सुधार ए कला संस्कृति खेल और युवा मंत्री श्री अमर कुमार बाऊरी उपस्थित रहेंगे साथ ही उद्योग विभाग के अन्य पदाधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे

इसके अलावा झारखण्ड पवेलियन से निकले के बाद लोग हॉल नं 7 के सामने लगे फ़ूड स्टाल में झारखण्ड के फ़ूड स्टाल में झारखण्ड के व्यंजन का भी लुफ्त उठा रहे हैं लोगों को लिट्टी चोखा मालपुआ एवं कुल्हड़ चाय काफी पसंद आ रहे हैं स्टाल के संचालक राजेश तिवारी ने बताया कि लोगों की भारी भीड़ झारखण्ड के व्यंजन को पसंद कर रहे है

 

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