Moto E5 Plus और Moto E5 भारत में लॉन्च, जानिए कीमत और फीचर्स

NewsCode | 10 July, 2018 6:52 PM
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नई दिल्ली। मोटोरोला ने भारत में अपने मोटो E5 और मोटो E5प्लस को लॉन्च कर दिया है। इन दोनों मोबाइल में 18:9 डिस्पले और बड़ी बैटरी दी गई है। 11,999 रुपए का मोटो E5 प्लस खासतौर पर आज रात से सिर्फ एमेजन पर ही मिलेगा। वहीं मोटो E5 सिर्फ मोटो हब पर मिलेगा इसकी कीमत 9,999 रखी गई है। मोटो E5 को अप्रैल में मोटो E5 प्लस के साथ लॉन्च किया गया था।

Moto E5 Plus में 5000 एमएएच की बड़ी बैटरी है। वहीं, Moto E5 हैंडसेट 4000 एमएएच बैटरी से लैस है। दोनों ही स्मार्टफोन मोटो डिस्प्ले और मोटो एक्शन्स फीचर के साथ आएंगे। पहले ये फीचर मोटोरोला के प्रीमियम स्मार्टफोन का हिस्सा रहे हैं। दोनों ही फोन पानी के मामूली छीटों से सुरक्षित रहेंगे और इनमें 18:9 आस्पेक्ट रेशियो वाले डिस्प्ले भी हैं।

मोटो ई5 प्लस की खूबियां

मोटो ई5 प्लस में 6 इंच का HD+ आईपीएस एलसीडी डिस्प्ले है जिसका रेजॉलूशन 1440×720 पिक्सल है। फोन में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 435 प्रोसेसर, 3 GB रैम व 32 GB का इंटरनल स्टोरेज है। इस फोन के स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 128 GB तक बढ़ाया जा सकता है।

स्मार्टफोन में 12 मेगापिक्सल कैमरा है, जो एफ/2.0 अपर्चर से लैस होकर आया है। इसमें लेज़र ऑटोफोकस और फेस डिटेक्शन ऑटोफोक्स फीचर है। हैंडसेट में 5 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है, जो एफ/2.2 अपर्चर से लैस है।

कंपनी द्वारा दावा किया गया है कि 15 मिनट में फोन 6 घंटे काम करने लायक चार्ज हो जाएगा। फोन स्टॉक एंड्रॉयड 8.0 ओरियो पर काम करेगा। इसमें 1.4 गीगाहर्ट्ज़ स्नैपड्रैगन 430 प्रोसेसर है, जिसकी जुगलबंदी में दिए गए हैं 3 जीबी रैम। पानी व अन्य तरल पदार्थों से सुरक्षा के लिए इसमें स्प्लैश रेसिस्टेंट कोटिंग दी गई है।

मोटो ई5 की खूबियां

मोटो E5 एंट्री लेवल का मोबाइल है। इस मोबाइल में एचडी+आईपीएस एलसीडी डिस्पले की 6 इंच स्क्रीन दी गई है जिसमें 720×1440 पिक्सल का रिजोल्यूशन दिया गया है। मोबाइल में 18:9 आस्पेक्ट रेशियो का डिस्पले दिया गया है। इसके अलावा मोबाइल में रियर माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ ही यूएसबी टाइप 2.0 चार्जिंग पोर्ट दिया गया है।

Moto E5 में 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है। वहीं, फ्रंट पैनल पर सेल्फी लाइट के साथ 5 मेगापिक्सल का सेंसर है। स्मार्टफोन की इनबिल्ट स्टोरेज 16 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 128 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल करना संभव है।

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मोटो E5 प्लस में 430 स्नैपड्रैगन का प्रोसेसर दिया गया है। यह फोन 3 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज के साथ मिलेगा जिसे बढ़ाकर 128 जीबी किया जा सकता है। मोबाइल में जल्दी चार्जिंग के लिए टर्बोचार्जिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है ताकि जल्दी चार्जिंग हो। यह प्लास्टिक बॉडी वाला फोन है।

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जानिये कब लॉन्च होगी मासेराती लेवांते जीटीएस पेट्रोल

NewsCode | 21 July, 2018 4:47 PM
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मासेराती लेवांते का पेट्रोल वेरिएंट जीटीएस भारत में दस्तक देने के लिए तैयार है। जानकारी मिली है कि लेवांते जीटीएस पेट्रोल को 2018 की चौथी तिमाही में भारत में लॉन्च किया जाएगा।

लेवांते जीटीएस पेट्रोल में 3.8 लीटर का वी8 इंजन मिलेगा, जो 550 पीएस की पावर देगा। 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पाने में इसे 4.2 सेकंड का समय लगेगा।

भारत में उपलब्ध लेवांते डीज़ल से तुलना करें तो पेट्रोल वेरिएंट ज्यादा पावरफुल और ज्यादा फुर्तिला है। डीज़ल वेरिएंट में 3.0 लीटर का वी6 डीज़ल लगा है, जो 275 पीएस की पावर देता है। 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पाने में इसे 6.9 सेकंड का समय लगता है। इस मामले में पेट्रोल वेरिएंट 2.7 सेकंड तेज है।

लेवांते डीज़ल तीन वेरिएंट स्टैंडर्ड, ग्रां स्पोर्ट और ग्रां लूस्सो में उपलब्ध है। इसकी कीमत 1.45 करोड़ रूपए है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जीटीएस पेट्रोल वेरिएंट की कीमत डीज़ल वेरिएंट से ज्यादा हो सकती है।

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राफेल पर राहुल ने मोदी को घेरा, कहा- विमान सौदे से आ रही है घोटाले की बू

NewsCode | 23 July, 2018 12:58 AM
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से राफेल डील को लेकर पीएम मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि इस डील को लेकर पर्दे के पीछे कुछ खेल जरूर हुआ है, और उसे दबाने के लिए रक्षामंत्री किसी के दबाव में काम कर रही हैं।

दरअसल, रविवार को राफेल डील को लेकर राहुल ने ट्वीट के जरिये पीएम मोदी पर निशाना साधा, उन्होंने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में कही बात दोहराई। राहुल की मानें तो रक्षामंत्री किसी के दबाव राफेल डील को लेकर सही बातें नहीं रख पा रही हैं। जबकि पीएम मोदी को लेकर ट्वीट में लिखा है कि उनकी संसद में मुस्कुराहट के पीछे एक घबराहट नजर आई, इसलिए वो मेरी तरफ नहीं देख पा रहे थे। निश्चित तौर पर राफेल सौदे में अब घोटाले का शक गहराता जा रहा है। राफेल का दाम पूछने पर पीएम असहज हो जाते हैं।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

वहीं भारतीय जनता पार्टी राफेल डील पर राहुल के दिए बयान को लेकर पलटवार की तैयारी में है। बीजेपी के चार सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ ‘गलत’ आरोप लगाकर संसद को गुमराह किया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है।

बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार किसी सदस्य के खिलाफ आरोप लगाने से पहले गांधी को नोटिस देना चाहिए था, उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को आरोपों के समर्थन में सामग्री सौंपनी चाहिए थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि फ्रांस के साथ हुए राफेल सौदा मामले में भारत गोपनीयता शर्तों से बंधा हुआ है।

संसद में राहुल ने उठाया था राफेल का मुद्दा

गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर राफेल सौदे के ब्यौरे साझा करने के मुद्दे पर देश से ‘‘झूठ’’ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित भ्रष्टाचार के मामलों में ‘‘भागीदार’’ हैं, ‘‘चौकीदार’’ नहीं। लोकसभा में राजग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने अपने भाषण में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने एक बैठक के दौरान उनसे साफ साफ कहा था कि 58,000 करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान से संबंधित ब्यौरे साझा करने में कोई दिक्कत नहीं है।

राहुल गांधी की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ 2008 में किया गया सुरक्षा समझौता गोपनीय है और दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों की संचालन क्षमताओं के संबंध में इस गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या समझौते के प्रावधान भारत सरकार को राफेल सौदे से जुड़े कीमत के ब्यौरे का खुलासा करने से रोकते हैं।

कांग्रेस राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही है और उपकरण एवं हथियारों की कीमत सहित उससे जुड़े ब्यौरे मांगती रही है लेकिन सरकार फ्रांस के साथ गोपनीय समझौते का हवाला देते हुए ब्यौरे साझा करने से इनकार करती रही है।

राहुल ने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर करारा हमला करते हुए मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें मुस्कुराते देख सकता हूं, घबराहट की झलक है। वह दूर देख रहे हैं, मेरी आंखों में नहीं देख रहे।’ राहुल की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से विरोध तेज हो गया जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट से खड़े होकर उनका सामना किया।

आपको याद दिला दें कि राहुल संसद में कहा था कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री के दबाव में देश से झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसकी मदद की जा रही है, क्यों की जा रही है, निर्मलाजी, प्रधानमंत्री देश को बताएं।

हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस आरोप को पूरी तरह गलत करार दिया कि राफेल विमान सौदे के संदर्भ में फ्रांस और भारत के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है। सीतारमण ने कहा कि लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत और फ्रांस के बीच 2008 में समझौता हुआ था।

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गाजियाबाद में धराशायी हुई पांच मंजिला इमारत, योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

NewsCode | 22 July, 2018 11:02 PM
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गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रविवार को 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई है। इसमें एक व्यक्ति की हताहत होने की खबर है जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इमारत के मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह बिल्डिंग गिरी है, वह पूरी तरह से अवैध रूप से बसाई गई है।

खबरों के मुताबिक प्रसन्नजीत गौतम नाम के शख्स की ज़मीन है। बिल्डर मनीष गोयल नाम का शख्स है। दोनों ही अभी पुलिस की पंहुच से दूर हैं। इन दोनों के परिवार वालों पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है।

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के एसएसपी को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सीएम की सख्ती के बाद दोषियों की गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गयी है। याद रहे कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस इमारत में चार लोग हिस्सेदार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेसमेंट मिलाकर पांच तल वाली बिल्डिंग में 17 मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर पौने तीन बजे इमारत भरभराकर गिर गई और उसमें काम कर रहे सभी मजदूर मलबे में दब गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दो मजदूरों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने देर शाम तक मलबे से छह मजदूरों को निकाला। इनमें से एक को संयुक्त अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

सामने आई बिल्डर की लापरवाही

गाजियाबाद इमारत हादसे में बिल्डर की बड़ी लापरवाही भी सामने आई हैै। घटनास्थल पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि बिल्डिंग के एक हिस्से में दरार आ गई थी, जिसके बारे में बिल्डर को जानकारी थी। बिल्डर ने मजदूरों को इस दरार को भरने को कहा और इमारत में जबरदस्ती काम जारी रखा।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच चुकी है राहत और बचाव का कार्य जारी है। बचाव के कार्य में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के गिरते उमसें कई मजदूर मौजूद थे। हादसे में घायल महिला गुलाबरानी (47), शिवा (8) व देवेन्द्र (5) साल की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों को जिला संयुक्त अस्पताल से जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया है।

कभी भी गिर सकती है ग्रेटर नोएडा की 13 मंजिला इमारत

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर बीटा-2 में नई बिल्डिंग बनाने के लिए की गई गहरी खुदाई और उसमें जमे पानी की वजह से पास की 13 मंजिला बिल्डिंग पर खतरा मंडराने लगा है। इमारत की दीवार में दरारें आ गई हैं। 13 मंजिला बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है।

बारिश के पानी और बिल्डर की मनमानी से 180 परिवारों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 की स्पार्क डिवाइन में रहनेवाले लोगों की नींद सोसाइटी के ठीक बगल में खोदे गए 25 फीट गहरे गड्ढे के कारण गायब हो गई है। ऐसे में यहां के 20 परिवार अपना फ्लैट खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।

बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है। थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन मोड में आया है। पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया। गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया

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