‘सुपर 30’ पर बनने वाली फिल्म गणितज्ञ रामानुजन को समर्पित : आनंद कुमार

NewsCode | 22 December, 2017 5:06 PM

श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के एक गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

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पटना। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए चर्चित संस्थान ‘सुपर 30’ के संस्थापक आनंद कुमार ने कहा कि उनकी जीवनी और सुपर 30 पर बनने वाली फिल्म महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को समर्पित होगी। फिल्म में ऋतिक रोशन को आनंद कुमार की भूमिका में देखा जाएगा।

पटना के सुपर 30 परिसर में महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के मौके पर शुक्रवार को अयोजित समारोह को संबोधित करते हुए आनंद ने कहा, “भले ही मैंने महान गणितज्ञ रामानुजन से औपचारिक शिक्षा ग्रहण नहीं की, लेकिन वे मेरे लिए सदैव प्रेरणा रहे। यही कारण है कि चर्चित विकास बहल द्वारा मेरी जीवनी पर आधारित फिल्म रामानुजन को समर्पित होगी, जो मेरी ओर से उनको एक छोटी सी श्रद्धांजलि होगी।”

23 नवंबर 2018 को रिलीज होगी फिल्म 

आनंद ने कहा कि 23 नवंबर 2018 को रिलीज होने वाली इस फिल्म में गणित के प्रति छात्रों को आकर्षित करने के लिए भी कई कहानियों का समावेश होगा, जो छात्रों को आकर्षित करेगी।

गणितज्ञ आनंद ने कहा कि कम उम्र में ही छात्रों को गणित विषय में दिलचस्पी पैदा करने के लिए एक आंदोलन की जरूरत है। गणित के शिक्षकों को इसके लिए आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि गणित प्रकृति के काफी करीब है। छात्रों में गणित के प्रति रूचि बढ़ाने के लिए प्रारंभिक स्तर से ही प्रयास शुरू किए जाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि गणित रटने का विषय नहीं है, इसे दिलचस्प बनाकर ही सीखा या सिखाया जा सकता है। इसके लिए छात्रों के प्रोत्साहित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गणित में बीज गणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति को अलग तरीके से भी बच्चों को समझाया जा सकता है, जिससे छात्रों का गणित के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।

श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को तमिलनाडु के एक गरीब ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता श्रीनिवास अयंगर एक साड़ी की दुकान में मुंशी का काम किया करते थे और उनकी मां घर संभालती थे।

'सुपर 30' पर बनने वाली फिल्म गणितज्ञ रामानुजन को समर्पित : आनंद कुमार
गरीब परिवार में जन्मे रामानुजम को शिक्षाग्रहण के दौरान कई पुरस्कारों से नवाजा गया था।

आईएएनएस

पितृ पक्ष 2018: श्राद्ध क्रिया में इन खास बातों का रखें ख्याल

NewsCode | 23 September, 2018 5:27 PM
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हिंदू कर्मकांड में श्रद्धा और मंत्र के मेल से पूर्वपुरुषों (पितरों) की आत्मा की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे श्राद्ध कहते हैं। हमारे जिन सगे-संबंधियों का देहांत हो गया है, वे पितृलोक में या यत्र-तत्र विचरण करते हैं, उनके लिए पिंडदान किया जाता है। बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिंडदान नहीं किया जाता। गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के बाद शुरू होते हैं श्राद्ध। हर साल श्राद्ध भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक चलते हैं।

अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने दोनों हाथ ऊपर करके ये बोलें : “हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दें) को आप संतुष्ट/सुखी रखें। इस निमित्त मैं आपको अर्घ्य व भोजन करता हूं।” इसके पश्चात् आप भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और भोग लगायें।

 इन बातों का रखें खास ख्याल –

– श्राद्ध में कपड़े और अनाज दान करना ना भूलें। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

– बताया जाता है कि श्राद्ध दोपहर उपरांत ही किया जाना चाहिए। जानकारों के अनुसार जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे तो श्राद्ध का समय हो जाता है। दोपहर या सुबह में किये गए श्राद्ध का कोई मतलब नहीं होता है।

– जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही उत्तम ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दें। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।  ब्राह्मण भोज के वक्त खाना दोनों हाथों से परोसें, एक हाथ से खाने को पकड़ना अशुभ माना जाता है।

– श्राद्ध के दिन घर में सात्विक भोजन ही बनना चाहिए। इस दिन खाने में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल  नहीं होना चाहिए। गौर करने वाली बात यह भी है कि पितरों को जमीन के नीचे पैदा होने वाली सब्जियां नहीं चढ़ाई जाती हैं। इनमें अरबी, आलू, मूली, बैंगन और अन्य कई सब्जियों शामिल हैं।

– पूरे विधान में मंत्र का बड़ा महत्व है। श्राद्धकर्म में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी बेशकीमती क्यों न हो, आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम व्यर्थ हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।

– श्राद्ध के दिन अपने पितरों के नाम से ज्यादा से ज्यादा गरीबों को दान करें।

– पिंडदान करते वक्त जनेऊ हमेशा दाएं कंधे पर रखें।

 पिंडदान करते वक्त तुलसी जरूर रखें।

– कभी भी स्टील के पात्र से पिंडदान ना करें, बल्कि कांसे या तांबे या फिर चांदी की पत्तल इस्तेमाल करें।

– पिंडदान हमेशा दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके ही करें।

– पिता का श्राद्ध बेटा ही करे या फिर बहू करे। पोते या पोतियों से पिंडदान ना कराएं।

– श्राद्ध करने वाला व्यक्ति श्राद्ध के 16 दिनों में मन को शांत रखें।

– श्राद्ध हमेशा अपने घर या फिर सार्वजनिक भूमि पर ही करे। किसी और के घर पर श्राद्ध ना करें।


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सरायकेलाः जिला पुलिस को मिली कामयाबी, चोर गिरोह के पांच सदस्य रंगे हाथ गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 23 September, 2018 9:43 PM
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सरायकेला ।  आदित्यपुर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक घर में चोरी की नीयत से घुसे 5 लोगों को पुलिस ने रंगे हाथों धर दबोचा है।

बताया जा रहा है कि आदित्यपुर थाना क्षेत्र के आवासीय कॉलोनी रोड नंबर 11 में शनिवार शाम एक घर में चोरी की नीयत से घुसे पांच युवकों को पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर घेरकर पकड़ लिया।

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वहीं घटना की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि इस गिरोह के सदस्यों द्वारा दिनदहाड़े घरों में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया जाता है।

वहीं कल भी इसी फिराक में इस गिरोह द्वारा रोड नंबर 11 के एक घर में चोरी का प्रयास किया जा रहा था। इसी बीच घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में सभी आरोपियों की तस्वीरें कैद हो गई जिसके बाद पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए मौके से चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

जबकि एक युवक भागने में सफल रहा हालांकि टाईगर मोबाईल के जवानों ने घेरकर पकड़ लिया।हालांकि इससे पूर्व इस गिरोह द्वारा किन स्थानों पर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

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चंदनकियारी : पीएम मोदी की सोच है स्वास्थ्य का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे- नोडल पदाधिकारी

NewsCode Jharkhand | 23 September, 2018 9:41 PM
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चंदनकियारी(बोकारो)। चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत बरमसिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को झारखंड सरकार की ओर से आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में चयन किया गया है। जिसकी विधिवत उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑनलाईन द्वारा किया।

पीएम मोदी द्वारा लेपटॉप के के बटन दबाते ही बरमसिया स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित लोगों के तालियों  की गड़गड़ाहट से बरमसिया गुंजायमान हो उठा। मौके पर जिप अध्यक्ष सुषमा देवी ने कहा कि सौभाग्य कि बात है कि बरमसिया व राधानगर को चुना गया है। गरीब जो आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज नहीं कर पाते थे वो भी अब मुफ्त में पांच लाख तक का इलाज करा सकेंगे।

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प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रीनाथ- अतिरिक्त को उत्क्रमित कर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का नाम दिया गया है। विस्तृत परिमाण पर कार्यक्रम चलाया जाएगा। अब 12 बीमारियों का जांच एवं निदान किया जाएगा। यह प्रतिदिन योग प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। कोई भी ग्रामीण यह प्रशिक्षण ले सकते है। लाल और पिला कार्ड धरियो को एक साल में पांच लाख तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ ले सकेंगे।

चंदनकियारी : पीएम मोदी की सोच है स्वास्थ्य का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे- नोडल पदाधिकारी

गोल्डेन कार्ड मिलने पर भारतवर्ष के सभी निबंधित अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा के साथ-साथ दवा भी मुफ्त मिलेगा। रविवार को 6 लोगों को गोल्डेन कार्ड दिया गया। अगले एक माह आधी जनसंख्या को गोल्डेन कार्ड वितरण किया जाएगा। जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. बीपी गुप्ता ने कहा कि रांची में प्रधानमंत्री राज्य के 10 अस्पताल एवं पीएचसी का ऑनलाइन शिलान्यास करेंगे।

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प्रधानमंत्री जी का सोच है स्वास्थ्य सेवा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे । ग्रामीण स्वास्थ्य रहे तो तो उनके पारिवारिक जीवन रूप से निश्चित रूप से परिवर्तन होगा। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने प्रखंड के विश्वनाथ महतो, चपला देवी, राखोहरी बनर्जी, अधीर डोम, टिंकू लोहार समेत छह लोगों को गोल्डेन कार्ड दिया।

कार्यक्रम में मंत्री के निजी सचिव सुशांत मुख़र्जी, लोकेश साहनी, बीडीओ रविन्द्र कुमार गुप्ता, सीओ डॉ प्रमोद राम, प्रमुख हाशिरता रजवार, उपप्रमुख चंचला देवी, मुखिया संघ के अध्यक्ष देवाशीष सिंह, स्वास्थ्य कर्मी, सहिया, जनप्रतिनिधि, मौजूद थे।

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