लोहरदगा : नशे में की ऐसी हरकत या थी कोई वजह?

NewsCode Jharkhand | 22 February, 2018 2:33 PM
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युवक ने फांसी लगा कर की आत्महत्या

लोहरदगा। सदर थाना क्षेत्र के मनहों सिया डोली गांव में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि मनहों सियाटोली गांव निवासी अमृत उरांव के घर में शादी थी। जिसमें कई लोग शामिल हुए। इसी बीच खाना-खाने के बाद अमृत अपने कमरे में सोने चला गया।

परिवार के लोगों ने समझा कि अमृत सोने चला गया है। अचानक गांव की एक महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला ने ग्रामीणों को बताया कि अमृत में घर के समीप पीपल के पेड़ से फांसी लगा ली है। जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा अमृत को पेड़ से नीचे उतारा गया। साथ ही पुलिस को मामले की सूचना दी गई।

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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की है। परिजनों का कहना है कि अमृत काफी शराब पीता था। घटना के समय भी वह शराब के नशे में धुत था। इसी चक्कर में उसने फांसी लगा ली है। उसके साथ किसी प्रकार की मानसिक परेशानी नहीं थी। पुलिस पूरे मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

लोहरदगा : बेटे की मौत से नहीं उबर पायी मां, फांसी लगाकर दे दी जान

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 4:43 PM
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लोहरदगा। जिले के बराठपुर गांव निवासी राजेंद्र मुंडा की पत्नी रानी मुंडा (32 वर्ष) ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। सदर थाना की पुलिस मामले की जांच कर रही है। रानी मुंडा का पति राजेंद्र मुंडा ऑटो चालक है। उनके पुत्र की विगत आठ फरवरी को दुर्घटना में मौत हो गई थी। बेटे की मौत से उसे गहरा सदमा लगा था। इसके बाद से ही रानी मुंडा मानसिक तनाव में रह रही थी। गुरूवार सुबह से वह अपने बेटे के वापस आने को लेकर बड़बड़ा रही थी। वह कह रही थी कि आज करमा है, उनका बेटा आज जरूर आएगा।

गुरूवार की शाम घर के सभी सदस्य करमा पूजा में गए हुए थे। इसी दौरान रानी ने घर के छप्पर में रस्सी के सहारे फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। जब रानी का देवर संतु मिंज घर पहुंचा तो उसने रानी को फांसी के फंदे से झूलता पाया। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों की सहायता से शव को नीचे उतार कर सदर अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सक ने रानी को मृत घोषित कर दिया।

लोहरदगा : करंट लगने से महिला की मौत, कपड़ा सुखाने के दौरान हुआ हादसा

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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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गुमला : कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:08 PM
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गुमला। झारखंड के राजकीय पर्व करमा के अवसर पर केशरवानी वैश्य समाज के तत्वावधान में डीएसपी रोड स्थित बजरंग केशरी के आवास में गोत्राचार्य कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत गोत्राचार्य कश्यप मुनि के चित्र पर माल्यार्पण कर के किया गया। मौके पर झारखंड प्रदेश केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. प्रेम प्रसाद केशरी ने गोत्र गुरु कश्यप मुनि की उत्पत्ति से लेकर उनके जीवनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इन्होंने कहा कि गोत्राचार्य कश्यप ऋषि के आशीर्वाद से ही केशरवनियों का सर्वागिण विकास हो रहा है एवं होता रहेगा। महर्षि कश्यप की प्रत्येक घर में पूजा अर्चना होनी चाहिए।

पाकुड़ : वन कर्मियों ने पौधा लगाकर करम महोत्‍सव मनाया

संरक्षक हरिओम लाल केशरी, बजरंग केशरी,रमेश केशरी दुर्गा केशरी ,राधा कृष्ण प्रसाद केशरी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रदेश महिला सभा की मंजू केशरी ने भी अपना विचार रखा।

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