लोहरदगा : इंटर कॉलेज में महान गणितज्ञ भारत रत्न रामानुजन की जयंती मनाई गई

NewsCode Jharkhand | 22 December, 2017 7:50 PM
newscode-image

लोहरदगा। मनोहर लाल अग्रवाल एसवीएम इंटर कॉलेज में शुक्रवार को महान गणितज्ञ भारत रत्न रामानुजन की जयंती मनाई गई। महाविद्यालय सभाकक्ष में रामानुजन के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मुख्य वक्ता के रूप में गणित शिक्षिका पूनम कुमारी ने विद्यार्थियों को रामानुजन की जीवनी और उपलब्धियां बताई।

उन्होंने कहा कि रामानुजन सबसे कम उम्र के भारतीय गणितज्ञ थे। महज 33 साल के अपने जीवन में उन्होंने 3900 प्रमेय सिद्ध किए। आरंभिक जीवन में पढ़ाई लिखाई में औसत रामानुजन ने आगे चलकर सफलता का बड़ा मुकाम हासिल किया। उनके शोध का उपयोग आज कैंसर के उपचार में भी होता है।

गूगल में भी उनकी 125 वीं जयंती पर उन्‍हें अपने होम पेज पर स्थान दिया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्राचार्य उत्तम मुखर्जी ने कहा कि हमें ऐसे महापुरुषों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को भी अनुकरणीय और उल्लेखनीय मुकाम देने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन जीव विज्ञान की व्याख्याता सीमा कुमारी और धन्यवाद ज्ञापन और राजनीति शास्त्र की व्याख्याता छवि कुमारी ने किया।

मौके पर उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं में प्रीति कुमारी गुप्ता, कुमार निर्भय सिंह, नीति भारतीय, रश्मि कुमारी, सौमिता दास आदमी भी शामिल थी।

घाटशिला : 65 लाभुकों के बीच किया गया एलपीजी गैस सिलेंडर एवं चूल्हेे का वितरण

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 4:56 PM
newscode-image

घाटशिला। आज गुड़ाबांदा प्रखंड के भालकी पंचायत अंतर्गत भालकी पंचायत भवन में प्रधानमंत्री उज्जला योजना के 65 लाभुकों के बीच एलपीजी गैस सिलेंडर एवं गैस चूल्हेे का वितरण किया गया।

गरीब परिवार की महिलाओं को पर्यावरण सुरक्षा एवं धुँए से होने वाली बीमारी से मुक्त कराने मुफ्त में बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति सदस्य गौर चन्द्र पात्र, मुखिया कुनु राम मांझी के हाथों से लाभुकों को प्रदान किया गया।

एचपी गैस गोएल एजेंसी के वितरक आनंद अग्रवाल द्वारा वितरण किया गया।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

टुण्डी : अखाड़ा दल के सदस्यों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:22 PM
newscode-image

टुण्डी (धनबाद)। मोहर्रम के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर अखाड़ा दल के सदस्यों द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए। कमारडीह के मुहर्रम जुलूस में शामिल होने पहुंचे पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व विधायक डॉ. सबा अहमद, झाविमो जिला अध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा उपस्थित अतिथियों का पगड़ी पहना कर स्वागत किया गया।

बोकारो : प्रशिक्षुओं के एक नये जीवन की है शुरुआत- बैंक ऑफ इंडिया

मौके पर डीसीपी गोपाल कालुंडीया, थाना प्रभारी केश्वर साहू, फिरोज दत्ता, ऐनुल अंसारी आदि उपस्थित थे। वहीं  गेठिबेडा में उपस्थित जिप सदस्य सुनील कुमार मुर्मू ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह त्योहार आपसी भाईचारे को बढ़ाता है। इसके अलावा फतेहपुर एवं लटानी में भी खिलाड़ियों ने करतब दिखाए।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
newscode-image

बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

More Story

more-story-image

गुमला : कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई

more-story-image

लोहरदगा : करमा पूजा धूमधाम से संपन्‍न, सुखदेव भगत ने...