लोहरदगा : जेल की सुरक्षा छोड़कर डीसी के पास पहुंचे सुरक्षाकर्मी

NewsCode Jharkhand | 6 June, 2018 2:53 PM
newscode-image

लगाई फरियाद, नहीं मिल रहा है मानदेय

लोहरदगा। लोहरदगा मंडल कारा में कई हार्डकोर नक्सली और नक्सली संगठनों के नेता बंद है। अपराधियों की संख्या अनगिनत है। इनकी सुरक्षा की जिम्मेवारी भूतपूर्व सैनिकों, होमगार्ड के जवानों पर टिकी है। फिर भी सुरक्षा व्यवस्था को छोड़कर मंडल कारा लोहरदगा के 40 सुरक्षाकर्मी डीसी विनोद कुमार के पास फरियाद लगाने पहुंच गए। सुरक्षाकर्मियों ने डीसी से मुलाकात कर फरियाद लगाई।

हमें चार माह से मानदेय नहीं मिला हुजूर

मंडल कारा लोहरदगा के 40 सुरक्षाकर्मियों ने उपायुक्त विनोद कुमार से मुलाकात करते हुए कहा कि उन्हें 4 माह से मानदेय नहीं मिला है। जिसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई, घर की बीमारी, घर के अन्य खर्चों को चला पाना काफी मुश्किल हो रहा है। एक-दो महीने तो किसी तरह से गुजर गए, पर 4 महीने तक मानदेय नहीं मिलने से उनके परिवारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस मामले में मंडलकारा प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा। जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि उन्हें जल्द मानदेय नहीं मिला तो उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो जाएगी।

डीसी ने दिया भरोसा जल्द होगा भुगतान

मंडल कारा लोहरदगा के सुरक्षाकर्मियों को डीसी विनोद कुमार ने जल्द ही भुगतान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस दिशा में पहल करेंगे। मंडल कारा के सुरक्षाकर्मियों को मानदेय का भुगतान दिलाने का भरोसा देते हुए डीसी ने कहा कि सरकार के प्रावधान के अनुसार उन से काम लिया जा रहा है।

रांची : जगन्नाथ रथ मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन

NewsCode Jharkhand | 22 July, 2018 9:55 PM
newscode-image

रांची। ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला में जिला सूचना एवं जनसंपर्क इकाई द्वारा 10 दिवसीय विभागीय सांस्कृतिक मंच पर पंजीकृत दल नागपुरी सांस्कृतिक दल एवं न्यू झारखंड कला संगीत सृजन केंद्र के स्थानीय कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। विभागीय मंच पर इन कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया।

रांची : जदयू का झारखंड में किसी पार्टी से कोई तालमेल नहीं- अरुण सिंह

साथ ही पंजीकृत कला दलों के कलाकारों के द्वारा नुक्कड़-नाटक के माध्यम से लोगों को सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी एवं योजनाओं के प्रति जागरुक किया। 10 दिवसीय विभागीय सांस्कृतिक स्टॉल पर लगातार कार्यालय के कर्मचारी एवं जन संवाद केन्द्र के प्रतिनिधि द्वारा सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी लोगो को दी जा रही है एवं योजनाओं के प्रति जागरुक किया जा रहा है।

साथ ही एलईडी प्रचार वाहन के माध्यम से जगन्नाथपुर रथ मेला में सरकार की योजनाओं से संबंधित विडियो क्लिप दिखाकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इसमें मुख्यता 1 रुपए में रजिस्ट्री, ग्राम स्वराज अभियान, मीजल्स रुबेला, फसल बीमा योजना, ट्रैफिक के नियमों का पालन,   वज्रपात से बचाव, सौभाग्य योजना, उज्ज्वला योजना, उजाला योजना, जैसी अनेक विषयों पर लगातार आम जनों को एलईडी वाहन, नुक्कड़ नाटक, एवम् गीत संगीत के माध्यम से जागरुक किया जा रहा है। साथ योजनाओं से संबंधित पम्पलेट, पोस्टर एवं विभागीय पुस्तक का भी वितरण किया जा रहा है।

जन संवाद के कर्मी द्वारा लगातार 181 के बारे में स्टॉल पर आए लोगों को लगातार जानकारी दी जा रही है। विदित हो यह जन संपर्क इकाई, रांची का वृहद कार्यक्रम है जिसमें अब तक स्टॉल में आए करीब बीस हजार से ऊपर व्यक्तियों को सरकार की अनेक योजनाओं बारे में जानकारी दी जा चुकी है।

सोमवार को स्टॉल का समापन है। जिसमें मुख्य रुप से प्रज्वलित बिहार, पांच परगना छाऊ नृत्य पार्टी एवम् न्यू झारखंड कला संगीत सृजन केंद्र के द्वारा नागपुरी, छाऊ, उरांव, एवम् अन्य कला के द्वारा लोगों को गीत संगीत के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

sun

320C

Clear

क?रिकेट

Jara Hatke

Read Also

राफेल पर राहुल ने मोदी को घेरा, कहा- विमान सौदे से आ रही है घोटाले की बू

NewsCode | 23 July, 2018 12:58 AM
newscode-image

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से राफेल डील को लेकर पीएम मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि इस डील को लेकर पर्दे के पीछे कुछ खेल जरूर हुआ है, और उसे दबाने के लिए रक्षामंत्री किसी के दबाव में काम कर रही हैं।

दरअसल, रविवार को राफेल डील को लेकर राहुल ने ट्वीट के जरिये पीएम मोदी पर निशाना साधा, उन्होंने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में कही बात दोहराई। राहुल की मानें तो रक्षामंत्री किसी के दबाव राफेल डील को लेकर सही बातें नहीं रख पा रही हैं। जबकि पीएम मोदी को लेकर ट्वीट में लिखा है कि उनकी संसद में मुस्कुराहट के पीछे एक घबराहट नजर आई, इसलिए वो मेरी तरफ नहीं देख पा रहे थे। निश्चित तौर पर राफेल सौदे में अब घोटाले का शक गहराता जा रहा है। राफेल का दाम पूछने पर पीएम असहज हो जाते हैं।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

वहीं भारतीय जनता पार्टी राफेल डील पर राहुल के दिए बयान को लेकर पलटवार की तैयारी में है। बीजेपी के चार सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ ‘गलत’ आरोप लगाकर संसद को गुमराह किया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है।

बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार किसी सदस्य के खिलाफ आरोप लगाने से पहले गांधी को नोटिस देना चाहिए था, उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को आरोपों के समर्थन में सामग्री सौंपनी चाहिए थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि फ्रांस के साथ हुए राफेल सौदा मामले में भारत गोपनीयता शर्तों से बंधा हुआ है।

संसद में राहुल ने उठाया था राफेल का मुद्दा

गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर राफेल सौदे के ब्यौरे साझा करने के मुद्दे पर देश से ‘‘झूठ’’ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित भ्रष्टाचार के मामलों में ‘‘भागीदार’’ हैं, ‘‘चौकीदार’’ नहीं। लोकसभा में राजग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने अपने भाषण में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने एक बैठक के दौरान उनसे साफ साफ कहा था कि 58,000 करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान से संबंधित ब्यौरे साझा करने में कोई दिक्कत नहीं है।

राहुल गांधी की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ 2008 में किया गया सुरक्षा समझौता गोपनीय है और दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों की संचालन क्षमताओं के संबंध में इस गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या समझौते के प्रावधान भारत सरकार को राफेल सौदे से जुड़े कीमत के ब्यौरे का खुलासा करने से रोकते हैं।

कांग्रेस राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही है और उपकरण एवं हथियारों की कीमत सहित उससे जुड़े ब्यौरे मांगती रही है लेकिन सरकार फ्रांस के साथ गोपनीय समझौते का हवाला देते हुए ब्यौरे साझा करने से इनकार करती रही है।

राहुल ने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर करारा हमला करते हुए मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें मुस्कुराते देख सकता हूं, घबराहट की झलक है। वह दूर देख रहे हैं, मेरी आंखों में नहीं देख रहे।’ राहुल की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से विरोध तेज हो गया जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट से खड़े होकर उनका सामना किया।

आपको याद दिला दें कि राहुल संसद में कहा था कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री के दबाव में देश से झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसकी मदद की जा रही है, क्यों की जा रही है, निर्मलाजी, प्रधानमंत्री देश को बताएं।

हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस आरोप को पूरी तरह गलत करार दिया कि राफेल विमान सौदे के संदर्भ में फ्रांस और भारत के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है। सीतारमण ने कहा कि लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत और फ्रांस के बीच 2008 में समझौता हुआ था।

संसद में पीएम मोदी की जीत, विपक्ष के समर्थन में पड़े 126 वोट जबकि विरोध में 325 वोट पड़े

गाजियाबाद में धराशायी हुई पांच मंजिला इमारत, योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

NewsCode | 22 July, 2018 11:02 PM
newscode-image

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रविवार को 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई है। इसमें एक व्यक्ति की हताहत होने की खबर है जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इमारत के मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह बिल्डिंग गिरी है, वह पूरी तरह से अवैध रूप से बसाई गई है।

खबरों के मुताबिक प्रसन्नजीत गौतम नाम के शख्स की ज़मीन है। बिल्डर मनीष गोयल नाम का शख्स है। दोनों ही अभी पुलिस की पंहुच से दूर हैं। इन दोनों के परिवार वालों पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है।

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के एसएसपी को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सीएम की सख्ती के बाद दोषियों की गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गयी है। याद रहे कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस इमारत में चार लोग हिस्सेदार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेसमेंट मिलाकर पांच तल वाली बिल्डिंग में 17 मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर पौने तीन बजे इमारत भरभराकर गिर गई और उसमें काम कर रहे सभी मजदूर मलबे में दब गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दो मजदूरों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने देर शाम तक मलबे से छह मजदूरों को निकाला। इनमें से एक को संयुक्त अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

सामने आई बिल्डर की लापरवाही

गाजियाबाद इमारत हादसे में बिल्डर की बड़ी लापरवाही भी सामने आई हैै। घटनास्थल पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि बिल्डिंग के एक हिस्से में दरार आ गई थी, जिसके बारे में बिल्डर को जानकारी थी। बिल्डर ने मजदूरों को इस दरार को भरने को कहा और इमारत में जबरदस्ती काम जारी रखा।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच चुकी है राहत और बचाव का कार्य जारी है। बचाव के कार्य में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के गिरते उमसें कई मजदूर मौजूद थे। हादसे में घायल महिला गुलाबरानी (47), शिवा (8) व देवेन्द्र (5) साल की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों को जिला संयुक्त अस्पताल से जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया है।

कभी भी गिर सकती है ग्रेटर नोएडा की 13 मंजिला इमारत

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर बीटा-2 में नई बिल्डिंग बनाने के लिए की गई गहरी खुदाई और उसमें जमे पानी की वजह से पास की 13 मंजिला बिल्डिंग पर खतरा मंडराने लगा है। इमारत की दीवार में दरारें आ गई हैं। 13 मंजिला बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है।

बारिश के पानी और बिल्डर की मनमानी से 180 परिवारों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 की स्पार्क डिवाइन में रहनेवाले लोगों की नींद सोसाइटी के ठीक बगल में खोदे गए 25 फीट गहरे गड्ढे के कारण गायब हो गई है। ऐसे में यहां के 20 परिवार अपना फ्लैट खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।

बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है। थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन मोड में आया है। पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया। गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया

ग्रेटर नोएडा में इमारत पर गिरी निर्माणाधीन बिल्डिंग, 3 की मौत, बिल्डर समेत 3 गिरफ्तार

नोएडा सेक्‍टर 63 में निर्माणाधीन बिल्‍डिंग गिरी, 1 बच्चे की मौत, 3 घायल

More Story

more-story-image

मॉब लिंचिंग पर शशि थरूर का विवादित लेख, 'देश में...

more-story-image

दुमका : रमेश कुमार पर वनविभाग ने प्राथमिकी दर्ज कराई