कुंडहित : पांच दिवसीय नॉक आउट क्रिकेट टूर्नामेंट संपन्न,छत्तीसगढ़ा टीम विजेता

NewsCode Jharkhand | 20 February, 2018 12:42 PM

विजेता टीम को 15 हजार रुपए एवं ट्रॉफी मिला

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कुंडहित (जामताड़ा)। प्रखंड के सियारसुली गांधी संघ की ओर से चल रहे पांच दिवसीय नॉक आउट क्रिकेट टूर्नामेंट संपन्न। फाइनल मैच छत्तीसगढा बनाम कमलपुर के बीच खेला गया। छत्तीसगढ़ा टीम ने कमलपुर टीम को पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया।

विजयी टीम को मुख्य अतिथि पूर्व कृषि मंत्री सत्यानन्द झा बाटुल ने 15,000 हजार रुपये एवं ट्रॉफी तथा उप विजेता टीम को 10,000 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। वहीं मैन ऑफ द सीरीज को एक रेंजर साइकिल तथा मैन आफॅ द मैच को एक हजार रुपये पुरस्कार के तौर पर दिया गया।

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मौके पर वासुदेव माजि, प्रदीप माजि, सचिव सबुज घोष, पिंटु वाद्यकर, यादव माजि, प्रदीप माजि, सुन्दर राउत आदि उपस्थित थे।

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ऱांची: आदिवासी की  अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए- बारला

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 8:22 PM
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रांची। पांचवी अनुसूची एवं आदिवासी की  अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए इन सब मांगों को लेकर  राजभवन के समक्ष धरना दयामनी बारला के नेतृत्व में दिया गया दिया  ।
20 मांगों के साथ राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बरला के नेतृत्व में दिया गया । इस मौके पर दयामणि बारला  ने कहा रघुवर सरकार संविधान का उल्लंघन करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं भारतीय संविधान में हम आदिवासी मूल वासी ग्रामीण किसान समुदाय को पांचवी अनुसूची क्षेत्र में गांव के सीमा के भीतर गांव के बाद जंगल जार बालू की तीव्रता एक-एक इंच जमीन पर ग्रामीणों को मालिकाना हक दिया है ।
यहां के  माइनर मिनिरल्स माइनर फॉरेस्ट प्रोडक्ट पर भी ग्रामसभा का अधिकार है ।इसी पांचवी अनुसूची में पेशा कानून 1996 वन अधिकार कानून 2006 का प्रावधान है ।यही मानकी मुंडा पड़हा व्यवस्था मांझी – परगना खुटकटी अधिकार भी है।
लेकिन राज्य सरकार इंसानों को अनदेखा करके आदिवासी समाज को प्रताड़ित करने का काम कर रही  है। राज्य सरकार अभी तक कुल 4 मोमेंटम झारखंड का आयोजन कर हजारों कारपोरेट कंपनियों तथा पूंजी पतियों के साथ झारखंड के आदिवासी निवासी किसानों के जल जंगल जमीन को उनके हाथ देने का समझौता कर लिया है ।जो पूरी तरह से पांचवी अनुसूची तथा पेसा कानून के प्रावधानों पर ग्रामीणों के अधिकारों पर हमला ही माना जाएगा । वर्तमान में चल रहे रिवीजन सर्वे  जिसके पूर्ण होते ही जिसके आधार पर नया खतियान बनेगा । इसके साथ ही 1932 का खतियान स्वतः निरस्त हो जाएगा। जिससे यहां का आदिवासी मूल राशि किसानों सभी समुदाय के परंपरागत अधिकार समाप्त हो जाएंगे

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रांची : मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने किया कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का शुभारंभ

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:38 PM
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रांची। राज्य के जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने आज मोरहाबादी स्थित पार्क प्लाजा के दूसरे तल्ले में कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने आशा जतायी कि यह सर्विसेज आम जनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

कंफर्ट लाइव सर्विसेज में फ्लैट खरीद- बिक्री, स्वास्थ्य बीमा, अवधि बीमा, म्युचुअल फंड, एसआईपी एवं वाहनों की बीमा आदि की सुविधा लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

शुभारंभ के मौके पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, चंद्रशेखर महतो, संचालक राजेश कुमार, रंजना चौधरी, गीता महतो, कल्पना मुखिया, संतोष  मुखिया, अमित साव एवं अजय श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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भोगनाडीह : झामुमो ने संथाल को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:36 PM
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भोगनाडीह  में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए

भोगनाडीह। राज्य को संथाल परगना ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से तीन तीन मुख्यमंत्री दिये,  लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया वो गरीब आदिवासी, वंचित दलित की अनदेखी कर अर्थपेटी और मतपेटी भरने का कार्य किया।

साथ ही संथाल परगना को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया। सबसे ज्यादा आदिवासियों की जमीन लूटने का काम सोरेन परिवार ने किया है। आज सीएनटी-एस पीटी एक्ट के उल्लंघन कर विभिन्न शहरों में आदिवासियों की जमीन ले ली।

जबकि संथाल परगना समेत राज्य भर में यह कह कर गुमराह किया गया कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आएगी तो आदिवासी की जमीन लूट लेगी। क्या 4 साल सरकार द्वारा किसी आदिवासी की जमीन लूटी गई नहीं। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही।

बरहेट का प्रतिनिधित्व करने वाला कभी विधानसभा में सवाल नहीं उठाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहेट का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले ने कभी भी विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर प्रश्न नहीं रखा, क्योंकि उसे पता ही नहीं है कि क्षेत्र की समस्या क्या है ऐसे में विकास के कार्य कैसे सम्पन्न होंगे।

लोगों को यह सोचना चाहिए और स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देनी चाहिए। चाहे वोकिसी पार्टी का हो।

कार्यकर्ता पार्टी का प्राण, पार्टी के लिए राष्ट्र पहले

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के प्राण हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जहां वंशवाद और परिवार नहीं। एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री और मजदूर मुख्यमंत्री बन सकता है। मैं भी बूथ स्तर का कार्यकर्ता था।

पार्टी के लिए समर्पण भाव से कार्य करते हुए 1995 में विधायक बना और अब मुख्यमंत्री हूं। आप भी ईमानदारी से कार्य करें। सरकार की योजनाओं को जन जन पहुंचाये। पार्टी के वविभिन्न मोर्चा के लोग इस कार्य में लगे। क्योंकि पार्टी के लिए राष्ट्र पहले है।

इस राष्ट्र को और मजबूत करने के लिए वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना चुके प्रधानमंत्री  के हाथों को मजबूत करें। इस अवसर पर अनंत ओझा,  धर्मपाल सिंह, हेमलाल मुर्मू समेत अन्य मौजूद थे।

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