कोडरमा : एससी-एसटी एक्ट में छेड़छाड़ को लेकर आंदोलन पर बनी रणनीति

2 अप्रैल को आयोजित देशव्यापी बंदी को सफल बनाने का निर्णय

NewsCode Jharkhand | 1 April, 2018 3:11 PM

कोडरमा : एससी-एसटी एक्ट में छेड़छाड़ को लेकर आंदोलन पर बनी रणनीति

कोडरमा। एससी-एसटी एक्ट में छेड़छाड़ किये जाने के विरोध में दलित समाज के लोगों ने जयनगर पावर हाउस डंडाडीह एवं गोहाल में बैठक की। बैठक में अगामी 2 अप्रैल को आयोजित देशव्यापी बंदी को सफल बनाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में प्रखंड स्तरीय दलित उत्पीड़न संघर्ष समिति एवं भीम आर्मी का गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से दलित उत्पीड़न संघर्ष समिति के अध्यक्ष खगेन्द्र राम, उपाध्यक्ष राजेन्द्र दास, महासचिव जनकदेव राम, सचिव महेन्द्र दास, सह सचिव त्रिभुवन रजक, कोषाध्यक्ष रामप्रसाद धोबी का चयन किया गया।

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वहीं भीम आर्मी में सर्वसम्मति से अध्यक्ष मनोज रजक, उपाध्यक्ष सुनील राम, सुजीत कुमार, सचिव मुकेश पासवान, उप सचिव बसंत कुमार, नारायण पासवान, कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, मीडिया प्रभारी राजन कुमार का चयन किया गया। मौके पर राजकुमार पासवान, बालगोविंद रविदास, रामदेव राम, देवेन्द्र कुमार, सुमित कुमार, शारदा देवी, राजेश पासवान सहित कई लोग मौजूद थे।

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जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:03 PM

जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

जिला मुख्यालय वनाधिकार मंच का प्रदर्शन

जमशेदपुर। झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी ने वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू करने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिले के उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। साल 2006 का वन अधिकार कानून को पालन कराने पर जोर दिया गया है।

आपको बता दें की वर्ष 2006 में वन अधिकार कानून लाया गया था, और इसी को सख्ती से पालन किये जाने की मांग उठाई गई है।  प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वन क्षेत्र में जो भी लोग निवास करते है उन्हें इस कानून के तहत अधिकार है कि वो वन का संरक्षण करें और वन संसाधनों का उपयोग कर अपनी आजीविका चलायें। इसका पालन नहीं किया जा रहा है।  वन क्षेत्र में अगर कोई भी निर्माण कार्य किया जाये तो वहां के ग्रामसभा से इसे पारित करवाना होगा। लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है।

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झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी के प्रतिनिधि ने कहा कि ये सभी चीजें तभी हो सकती है जब वनाधिकार अधिनियम को जिले में सख्ती से लागू करवाया जाये।  मांग पत्र के माध्यम कहा गया है कि वन क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार मिले और वनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।

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जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 9:55 PM

जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

प्रबंधन पर धमकाने का आरोप

जमशेदपुर। टाटा मोटर्स कानवाई चालकों ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कई बार प्रदर्शन व अनशन के बाद इन्हें अब तक आश्वाशन ही मिला रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी आदेश के बाद भी कंपनी प्रबंधन द्वारा इन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।

पिछले तीन वर्षों से कानवाई चालक प्रदर्शन, अनशन करते रहे लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। कंपनी प्रबंधन को सरकारी तौर पर न्यूनतम मजदूरी दिए जाने का सरकारी आदेश भी जारी हुआ। चालक कहते हैं कि इस आदेश को अब एक वर्ष बीत गए लेकिन कंपनी है कि न्यूनतम मजदूरी देने का नाम ही नहीं ले रही है।

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चालकों के अनुसार चालकों को प्रताड़ित किया जाता है। कोई आदेश का अवहेलना करता है तो उनपर मुकदमा चलाया जाता है।  उपायुक्त से मांग की गयी कि टाटा मोटर्स प्रबंधन के खिलाफ सरकारी आदेश को नहीं माने जाने का मामला दर्ज करें और उनपर कार्रवाई करें।

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जमशेदपुर : सदर अस्पताल में व्यवस्था बदहाल, धरने पर बैठे ग्रामीण

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 8:52 PM

जमशेदपुर : सदर अस्पताल में व्यवस्था बदहाल, धरने पर बैठे ग्रामीण

मरीजों को भेज दिया जाता है एमजीएम

जमशेदपुर। खासमहल स्थित सदर अस्पताल में व्याप्त बदहाल व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो चुका है। अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के विरोध में यूथ डिबेट सोसाइटी के साथ सैकड़ों ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया।

खासमहल में सदर अस्पताल शुरू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को लगा था कि उनकी समस्याओं का समाधान अस्पताल में होगा, लेकिन उन्हें एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।

सदर अस्पताल में ज्यादातर मरीजों को एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जिससे गरीब तबके के मरीजों को मुश्किलों से दो-चार होना पड़ रहा है। सामाजिक संस्था यूथ डिबेट सोसाइटी स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन शुरु कर दिया है।

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प्रमुख मांगें हैं

पैथोलॉजी लैब के निजीकरण का विरोध, अस्पताल एवं जन औषधि केंद्र में दवा का अभाव दूर करना, ब्लड बैंक का निर्माण करने, इमरजेंसी सुविधा व ममता वाहन की सुविधा पूर्ण रुप से बहाल करने की मांग की गयी है।  पोस्टमार्टम हाउस निर्माण करने को भी कहा गया है।

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