कटकमसांडी : जंगल में बन रहा तालाब, विभाग मौन, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

NewsCode Jharkhand | 22 May, 2018 2:56 PM
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जेसीबी मशीन से उखाड़ डाले सैकड़ों पेड़-पौधे

कटकमसांडी (हजारीबाग)वन विभाग की नाकामी से कटकमसांडी प्रखंड मुख्यालय से महज दो किमी. दूर उलांज गांव अधीनस्थ वन भूमि में लघु सिंचाई विभाग से हो रहे तालाब निर्माण का ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध करते हुए पश्चिमी वन प्रमंडल, हजारीबाग के डीएफओ राजीव रंजन को लिखित आवेदन देकर संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। करीब चार एकड़ वन भूमि में लगे पेड़ पौधों को जेसीबी मशीन से उखाड़ दिया गया है।

कटकमसांडी : सदर विधायक ने कटकमदाग प्रखंड के लोगों की सुनी समस्या

ग्रामीणों का कहना है कि एक माह पूर्व इसकी जानकारी वनबीट कार्यालय कटकमसांडी को देने के बावजूद वन प्रक्षेत्र में बन रहे तालाब निर्माण कार्य को नहीं रोके जाने के बाद मजबूरन डीएफओ को लिखित शिकायत कर संवेदकों पर  कार्रवाई की मांग की है।

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जमशेदपुर : शहर को अव्वल बनाने में लोगों के साथ आला अधिकारियों ने दिया जोर

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 4:55 PM
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स्लम एरिया में की गई साफ-सफाई

जमशेदपुर। पीएम मोदी के आह्रवान पर देश भर में मनाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़ा के तहत सफाई अभियान में जमशेदपुर को अवल्ल बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने सघन अभियान चला रखा है। जिसकी कमान खुद अमित कुमार ने संभाल रखी है।

उपायुक्त स्वयं स्थानीय बस्तीवासियों को साथ लेकर स्लम एरिया में लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने में लगे है, ताकि स्वच्छता में शहर को अव्वल बनाया जा सके।

यह तस्वीर है लौहनगरी जमशेदपुर के स्लम क्षेत्र वाला इलाका छाया नगर और चंडीनगर का। कचरे का ढेर यहां की बस्तियों से गुजरने वाली सड़कें और गली-मुहल्लों में सहज ही देखी जा सकती है। यही वजह है कि स्वच्छता पखवाड़े को लेकर जिला उपायुक्त ने बस्तीवासियों के सहयोग से बृहद पैमाने पर अभियान चलाया।

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उपायुक्‍त अमित कुमा ने अपील की है कि एक ऐसा शहर बनाना जहां गंदगी का नामो निशान न हो, लोग स्वस्थ रहे, साफ-सफाई को, अपने दिनचर्या में अपने शहर को रोल मॉडल बनाने में योगदान दें।

ऐसे में स्वच्छता को लेकर चलाये जा रहे अभियान में जिले के आला अधिकारियों द्वारा पहल किये जाने से स्थानीय बस्तीवासियों में भी स्वच्छता के प्रति जुनून देखा गया।

यहां के लोग कहते है कि सरकार और उनके मातहत अधिकारियों द्वारा साफ-सफाई को लेकर किये जा रहे कार्य से उन्हें स्वच्छता के प्रति प्रेरणा मिली है। साफ-सफाई से गंभीर बीमारियों से छुटकारा मिल सकेगा।

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टुण्डी : अखाड़ा दल के सदस्यों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:22 PM
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टुण्डी (धनबाद)। मोहर्रम के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर अखाड़ा दल के सदस्यों द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए। कमारडीह के मुहर्रम जुलूस में शामिल होने पहुंचे पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व विधायक डॉ. सबा अहमद, झाविमो जिला अध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा उपस्थित अतिथियों का पगड़ी पहना कर स्वागत किया गया।

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मौके पर डीसीपी गोपाल कालुंडीया, थाना प्रभारी केश्वर साहू, फिरोज दत्ता, ऐनुल अंसारी आदि उपस्थित थे। वहीं  गेठिबेडा में उपस्थित जिप सदस्य सुनील कुमार मुर्मू ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह त्योहार आपसी भाईचारे को बढ़ाता है। इसके अलावा फतेहपुर एवं लटानी में भी खिलाड़ियों ने करतब दिखाए।

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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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