Karnataka Results: कर्नाटक में खिचड़ी जनादेश, अब गवर्नर के भरोसे बीजेपी, कांग्रेस-जेडीएस

कुमारस्वामी से पहले राज्यपाल से मिले येदियुरप्पा, बहुमत साबित करने के लिए मांगे 48 घंटे

NewsCode | 15 May, 2018 7:00 PM

Karnataka Results: कर्नाटक में खिचड़ी जनादेश, अब गवर्नर के भरोसे बीजेपी, कांग्रेस-जेडीएस

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। नतीजों में भाजपा राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। पार्टी के खाते में 104 सीटें आई हैं। उधर कांग्रेस पार्टी 78 सीटों पर सिमट गयी है। चुनाव की तीसरी प्रमुख पार्टी जेडी(एस) को भी 38 सीटें हासिल हुई हैं।

लेकिन बीजेपी को सरकार बनाने से रोकने के लिए कांग्रेस ने नया दांव खेला और तीसरी बड़ी पार्टी जेडीएस को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। जेडीएस ने भी समर्थन स्वीकार कर लिया है और राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। दूसरी ओर बीजेपी के सीएम उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने भी राज्यपाल से मुलाकात की है और सरकार बनाने का दावा ठोक दिया है। उन्होंने बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल से दो दिन का समय मांगा है।

इसके बाद जेडीएस नेता कुमारस्वामी राज्यपाल से मुलाकात करने पहुंचे हैं, जेडीएस के सपोर्ट में कांग्रेस नेता सिद्धारमैया भी राजभवन पहुंचे। इससे पहले सिद्धारमैया इस्तीफा देने अपने साथी नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। उनके साथ दिनेश राव गुंडू, रिजवान अरशद और जी. परमेश्वर भी मौजूद रहे। कर्नाटक के सरकार में मंत्री रहे डीके शिवकुमार भी दो निर्दलीय विधायकों के साथ राज्यपाल भवन पहुंचे। कर्नाटक के सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रहे डीके शिवकुमार भी दो निर्दलीय विधायकों के साथ राज्यपाल भवन पहुंचे।

आपको बता दें कि मंगलवार की दोपहर सिद्धारमैया के साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी फोन पर देवगौड़ा और कुमारस्वामी के साथ बात हुई है और उन्होंने सैद्धांतिक स्तर पर सहमति जताई है। जेडी(एस) सरकार का नेतृत्व करेगी और दोनों पार्टियां एक साथ राज्यपाल से मुलाकात करेंगी।

सिद्धारमैया ने कहा कि मैं शाम को राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे और जेडीएस सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि हम जेडीएस को बाहर से समर्थन देंगे। बता दें कि सिद्धारमैया सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे डीके शिवकुमार ने मुलबगल से निर्दलीय विधायक एच. नागेश को समर्थन किया है, जिसके बाद नागेश कांग्रेस को समर्थन देने को तैयार हो गए हैं।

आजाद ने कहा कि हम सीधे तौर पर राज्यपाल से मिलने जाएंगे, अब एचडी देवगौड़ा से मिलने की जरूरत नहीं है। गवर्नर हाउस में ही दोनों पार्टियों की मुलाकात होगी। दोनों पार्टियां सेकुलर मूल्यों वाली हैं और जेडीएस कभी सांप्रदायिक बीजेपी के साथ नहीं जाना चाहेगी।

 गौरतलब है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कर्नाटक में मौजूद गुलाम नबी आजाद से बात की थी और जनता दल (एस) के नेता कुमार स्वामी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए देवगौड़ा से बात करने को कहा था।

हालांकि, अभी कुछ और चरणों की मतगणना बाकी है, लेकिन रुझानों से लग रहा है कि भाजपा अपने बूते राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में फिलहाल नजर नहीं आ रही है।

मतगणना में जो सबसे दिलचस्प बात निकल कर सामने आयी है वो यह है कि चुनाव आयोग की ओर से जारी आकड़ों के मुताबिक अभी तक कांग्रेस पार्टी को भारतीय जनता पार्टी से ज़्यादा वोट मिले हैं। लेकिन दोनों पार्टियों के बीच 30 सीटों से ज्यादा का अंतर नजर आ रहा है।

पिछले पांच सालों से कर्नाटक की सत्ता संभाल रही कांग्रेस इस बार काफी पीछे है। रुझानों में कांग्रेस को 76 सीटें मिली हैं। साल 2013 में कांग्रेस को 122 सीटों पर जीत मिली थी और उसने अकेले बहुमत में सरकार बनाई थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं लग रहा है। वहीं एचडी देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस 42 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं अन्य को 2 सीटें मिली हैं।

बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदियुरप्पा शिकारीपुरा से चुनाव जीत गए हैं। येदियुरप्पा ने लगभग 35,000 वोटों से चुनाव में जीत दर्ज की।

                           पार्टी                नतीजे/रूझान
                          बीजेपी                    104
                          कांग्रेस                     78
                         जेडीएस                     38
                          अन्य                       2

पिछले चुनावों में क्या रही थी जेडीएस की स्थिति

कर्नाटक में जेडीएस, कांग्रेस और बीजेपी दोनों के साथ मिलकर सरकार बना चुकी है। 1999 के विधानसभा चुनाव में जेडीएस को 10 सीटें, जबकि 10.42 फीसदी वोट हासिल हुए थे। 2004 में उसे 59 सीट और 20.77 फीसदी वोट मिले। वहीं 2008 में पार्टी को 28 सीट और 18.96 फीसदी वोट प्राप्त हुए थे और 2013 में 40 सीट और 20.09 फीसदी वोट हासिल हुए थे।

बीजेपी के साथ भी कर्नाटक में बनाई थी सरकार

देवगौड़ा के बेटे एचडी कुमारस्वामी राज्य में बीजेपी के समर्थन से भी सरकार चला चुके हैं। 2004 के चुनाव के बाद कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर सरकार बनाई थी और कांग्रेस के धरम सिंह मुख्यमंत्री बने। लेकिन 2006 में जेडीएस गठबंधन सरकार से अलग हो गई। फिर बीजेपी के साथ बारी-बारी से सत्ता संभालने के समझौते के तहत कुमारस्वामी जनवरी 2006 में सीएम की कुर्सी पर बैठे।

लेकिन अगले साल सत्ता बीजेपी को सौंपने की जगह कुमारस्वामी ने अक्टूबर 2007 में राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया, जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा। हालांकि, बाद में जेडीएस ने बीजेपी को समर्थन का ऐलान किया। इस समझौते के तहत 12 नवंबर 2007 को बी. एस. येदियुरप्पा 7 दिन के लिए सीएम बने थे। देखा जाए तो बीजेपी के साथ जेडीएस का गठजोड़ कभी मजबूत नहीं हो पाया।

कांग्रेस के करीब क्यों जेडीएस?

चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के बीच बयानों के तीखे तीर भले ही चले, लेकिन दोनों दल स्वाभाविक सहयोगी नजर आते हैं। जेडीएस की स्थापना एचडी देवगौड़ा ने 1999 में जनता दल से अलग होने के बाद की थी। जनता दल की जड़ें 1977 में कांग्रेस के खिलाफ बनी जनता पार्टी से शुरू होती हैं। इसी में से कई दल और नेताओं ने बाद में जनता दल बनाई। कर्नाटक में जनता दल की कमान देवगौड़ा के हाथों में थी। उन्हीं के नेतृत्व में जनता दल ने 1994 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई और देवगौड़ा मुख्यमंत्री बने।

कांग्रेस से ही शुरू हुई थी देवगौड़ा की सियासत

दो साल के बाद 1996 में जनता दल के नेता के रूप में कांग्रेस के समर्थन से एचडी देवगौड़ा 10 महीने तक देश के प्रधानमंत्री रहे। इतिहास के पन्नों को थोड़ा और पलटें तो 1953 में देवगौड़ा ने अपनी सियासत की शुरुआत भी कांग्रेस नेता के रूप में ही की थी, लेकिन पहली बार वो निर्दलीय के तौर पर विधायक बने थे। फिर इमरजेंसी के दौरान जेपी आंदोलन से जुड़े और जनता दल में आ गए।

सत्तारूढ़ कांग्रेस राज्य की 220, भाजपा 222, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल (सेक्युलर) 199 और गठबंधन की साझेदार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 18 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) 18, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) दो, स्वराज इंडिया पार्टी 11, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा, कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) तीनों पार्टियां ही सरकार बनाने का दावा कर रही हैं। राज्य में 12 मई को हुए विधानसभा चुनाव में करीब 72.36 प्रतिशत मतदान हुआ था।

कांग्रेस की हार पर उमर का ट्वीटनेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कर्नाटक में कांग्रेस की हार पर जूलियस सीजर का एक फ्रेज इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने ट्वीट में ‘Et tu #Karnataka’ लिखा। जिसका मतलब है, कर्नाटक तुम भी। यानी कर्नाटक में भी कांग्रेस की हार।

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धनबाद : 11 सूत्री मांग को लेकर स्वंय सेवक संघ मुख्यमंत्री आवास का करेंगे घेराव

NewsCode Jharkhand | 27 May, 2018 10:06 PM

धनबाद : 11 सूत्री मांग को लेकर स्वंय सेवक संघ मुख्यमंत्री आवास का करेंगे घेराव

पांच जून को मुख्यमंत्री आवास घेरने का स्वंय सेवक संघ ने लिया निर्णय

धनबाद। प्रोत्साहन राशि के बजाय मानदेय देने, स्वंय सेवकों की सेवा अवधि 60 वर्ष करने, स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाने समेत 11 सूत्री मांग को लेकर राज्य भर के स्वंय सेवक ने 5 जून को रांची में मुख्यमंत्री आवास घेरने का निर्णय लिया है।

रविवार को गोल्फ ग्राउंड में जिला स्तरीय पंचायत सचिवालय स्वंय सेवक संघ की एक बैठक हुई। झारखंण्ड प्रदेश स्वंय सेवक संघ के आह्वाहन पर जिले के सभी 10 प्रखंडों के स्वंय सेवक ने भी आंदोलन में भागेदारी देने का निर्णय लिया है।

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संघ के अध्यक्ष तरुण कुमार मुर्मू ने कहा कि शहीद हुए स्वंय सेवको के आश्रित परिवारों को पांच लाख का मुआवजा सरकार को देना चाहिए। सरकार के द्वारा चलायी जा रही सभी तरह की योजनाओं में स्वंय सेवको को शामिल किया जाना चाहिए। स्वंय सेवको के लिए डिजिटल पहचान पत्र जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैठक में प्रखंड कोर कमिटी तथा महिला कोर कमिटी का गठन किया गया है।

बैठक का संचालन प्रदीप मंडल तथा सूरज दे ने किया। बैठक में राधेश्याम, नित्यानंद रॉय, मनोज सेन, सुरेश रविदास, राधिका कुमारी, नवीन राम आदि उपस्थित थे।

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देवघर : बीजेपी नेता दे रहा था जबरन शादी का दबाव, युवती ने की आत्‍महत्‍या

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देवघर : बीजेपी नेता दे रहा था जबरन शादी का दबाव, युवती ने की आत्‍महत्‍या

पुलिस ने बीजेपी नेता विष्णुकांत झा को किया गिरफ्तार

देवघर। देवघर नगर थाना के बम्पास टाउन मुहल्ले में एक 20 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली। पुलिस के अनुसार युवती के इस कदम के पीछे की वजह एक बीजेपी नेता था, जो उस पर लगातार शादी करने का दबाव बना रहा था। वह इससे परेशान चल रही थी। युवती ने घर में अकेली पा कर फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली। आरोपी बीजेपी नेता विष्णुकांत झा को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक मृतक खुशबू कुमारी के पिता श्‍यामसुंदर दास जो की बिहार के चांदन में मध्यविद्यालय के हेडमास्टर हैं। वे देवघर के बम्पास टॉउन में किराए के मकान में रहते हैं।

मृतक के पिता श्यामसुंदर दास ने कहा कि विष्णुकांत झा जो बीजेपी के नेता है। इनका दो बच्चा भी है। जो मेरी बेटी खुशबू कुमारी के पास कुछ दिनों से ट्यूशन पढ़ाने के लिए लाते ओर ले जाते थे। कुछ दिन बीत जाने के बाद बिष्णुकांत झा अपने बच्चों और मृतक खुशबू के साथ ट्यूशन के समय बैठ जाता था और खुशबू पर शादी के लिए जबरन दबाव बनाता था।

मृतक के पिता श्यामसुंदर दास के अनुसार बीजेपी नेता कहता था कि अगर तुम कहीं शादी करोगी तो तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे। इसकी शिकायत जब खुशबू द्वारा अपने परिजनों को दी गयी तो परिजनों ने विष्णुकांत झा के बच्चों को पढ़ाने से मना कर दिया गया। जिसके बाद खुशबू ने विष्णुकांत झा के बच्चों को पढ़ाना बंद कर दिया।

वहीं कल शाम में खुशबू के माता-पिता बाजार गए थे, तभी विष्णुकांत झा खुशबू के घर पर आए और खुशबू के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। अपनी आबरू बचाने के लिए खुशबू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना के बाद पूरा परिवार सहमा हुआ है। नगर थाना इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि यह मामला आत्महत्या और उत्पीड़न का है। नामजद अभियुक्त बिष्णुकांत झा हैं, जिसके दो बच्चे है। मृतक खुशबू ट्यूशन पढ़ाती थी और विष्णुकांत झा शादी के लिये दवाब दे रहा था। इससे लड़की काफी क्षुब्ध थी, इसके साथ छेड़खानी भी की गई थी जैसा की आरोप लगाया गया है।

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मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी विष्णुकांत झा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि विष्णुकांत झा पूर्व में भी एक प्राइवेट स्कूल में गार्ड के साथ मारपीट के मामले में आरोपी हैं। इस कांड में भी विष्णुकांत झा को रिमांड किया जा रहा है।

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टुंडी : किसान नेता ने किया ट्रांसफार्मर का उद्घाटन, ग्रामीणों में खुशी

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टुंडी : किसान नेता ने किया ट्रांसफार्मर का उद्घाटन, ग्रामीणों में खुशी

टुंडी (धनबाद)। टुंडी प्रखंड के जीतपुर पंचायत अंतर्गत बंगारो गांव में एक माह से ट्रांसफार्मर खराब होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही थी। इसी को देखते हुए किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह यूथ फोर्स के प्रधान संयोजक दीपनारायण सिंह ने विद्युत महाप्रबंधक से मुलाकात की।

इस दौरान उन्‍होंने 25 kv ट्रांसफार्मर के जगह पर 63 kv का ट्रांसफार्मर लगाने का अनुरोध किया और मांग पत्र सौंपा था। जिसे गंभीरता से लेते हुए अबिलम्ब नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया।

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माननीय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण रविवार को दीपनारायण सिंह के द्वारा ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया गया। इससे पूर्व ग्रामीणों ने उत्साह के साथ दीपनारायण सिंह का स्वागत किया। मौके में दीपक महतो, भागवत पांडेय, प्रिंस कुमार आदि दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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