वर्ल्ड रेड क्रॉस डे विशेष : क्यों इसे ‘अन्तर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस’ के रूप में भी मनाया जाता है, जानिये…

NewsCode Jharkhand | 8 May, 2018 12:23 PM
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रांची। विश्व रेडक्रॉस दिवस अन्तर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस के रूप में मनाया जाता है। लगभग 150 वर्षों से पूरे विश्व में रेडक्रॉस के स्वयंसेवक असहाय एवं पीड़ित मानव को चिकित्सा के दौरान खून देकर (ब्लड डोनेट) सहायता के लिए काम करते आ रहे हैं। भारत में वर्ष 1920 में पार्लियामेंट्री एक्ट के तहत भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी का गठन हुआ जो निरंतर अक्षम लोगों को  कर रहा है।

विश्व का पहला ब्लड बैंक ‘रेडक्रॉस’

इस संस्था की पहचान के लिए सफेद पट्टी पर लाल रंग के क्रॉस चिह्न को मान्यता दी गई। आज यह चिह्न पूरे विश्व में पीड़ित मानव की सेवा का प्रतीक बन गया है। इसके साथ यह भी अति महत्त्वपूर्ण है कि विश्व का पहला ब्लड बैंक रेडक्रॉस की पहल पर अमेरिका में 1937 में खुला।

आज विश्व के अधिकांश ब्लड बैंकों का संचालन रेडक्रॉस एवं उसकी सहयोगी संस्थाओं के द्वारा किया जाता है। रेडक्रॉस द्वारा चलाए गए रक्तदान जागरूकता अभियान के कारण ही आज थैलेसिमिया कैंसर, एनीमिया (खून की कमी) जैसी अनेक जानलेवा बीमारियों से हजारों लोगों की जान बच रही है।

‘Memorable smiles from around the world’

रेडक्रॉस के स्वंय सेवक विभिन्न प्रकार के आपदाओं में निरंतर निस्वार्थ भावना से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस का ‘Memorable smiles from around the world’ का थीम है। विश्व के लगभग दो सौ देश किसी एक विचार पर सहमत हैं तो वह है रेडक्रॉस का विचार। युद्ध के मैदान में घायल सैनिकों की चिकित्सा के साथ प्रकृति के महाविनाश के बीच फंसे लोगों की मदद के लिए हमेशा डटा रहता है रेडक्रॉस।

हेनरी ने दिया योगदान

बिना भेदभाव के पीड़ित मानव की सेवा करने का विचार देने वाले तथा रेडक्रॉस अभियान को जन्म देने वाले महान मानवता के प्रेमी हेनरी डयूनेन्ट का जन्म 8 मई, 1828 में हुआ था। वह एक स्विस बिजनेसमैन और महान समाज सेवक थे। उनके जन्म दिन 8 मई को ही विश्व रेडक्रॉस दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है। इसे हम अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस के रूप में मनाते हैं।

हेनरी ने समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया और पूरे विश्व के लोगों को मानवतावादी सेवक के रूप में स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मानव सेवा के लिए लोगों के दिलों में संवेदना पैदा की। इसके लिए उन्होंने कई तरह के अभियान को भी छेड़ा।

सेवा कार्य के लिए उनके द्वारा गठित सोसायटी को रेडक्रॉस का नाम दिया गया। हेनरी के इसी असाधारण योगदान को देखते हुए वर्ष 1901 में उन्हें मानव सेवा के कार्यों के लिए पहला नोबेल शांति पुरस्कार भी मिला।

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दुमका : अंतिम सोमवारी को 1 लाख से अधिक श्रद्धालुयों ने किया बाबा बासुकीनाथ में जलार्पण

NewsCode Jharkhand | 20 August, 2018 10:07 PM
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अंतिम सोमवारी को 5 हजार से अधिक डाक बम ने किया जलाभिषेक

दुमका। सावन की आखरी सोमवारी को बाबा बासुकीनाथ को जलार्पण को लेकर श्रद्धालु उमड़े पड़े हैं। मंदिर के आस-पास जहां तक नजर जा रही थी सिर्फ श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। श्रावणी मेला के 24 वां दिन पर शाम 4 बजे तक दर्शनार्थीयों की कुल संख्या 92,432 रही। दर्शनार्थी 75605 जलार्पण कांउटर से 11555 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया और डाक बम की संख्या 5272 रहा।
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शीघ्र दर्शनम से 643 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। गोलक से 1,54,250 रूपये और जलार्पण काउंटर से 26,125 रूपये मिला है। अन्य स्रोत से 9,859 रूपये मिले हैं, चांदी का सिक्का 5 ग्राम 9, चांदी का सिक्का 10 ग्राम 4 मिला है और साथ ही चांदी का द्रव्य 108 ग्राम प्राप्त हुआ है।

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गुमला :  नक्‍सलियों का उत्‍पात, फूंके एक जेसीबी और तीन ट्रक, लोगों में दहशत

NewsCode Jharkhand | 20 August, 2018 10:09 PM
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गुमला। गुमला  बिशनपुर थाना क्षेत्र के जालिम तीन नंबर कोलियरी में लगभग 30 की संख्या में आए भाकपा माओवादियों  ने एक जेसीबी मशीन व तीन बॉक्साइट ट्रक को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद  तीन ट्रक ड्राइवरों की पिटाई भी की। इस घटना को भाकपा माओवादी रविन्द्र गंझू के दस्ते ने अंजाम दिया है। माओवादियों ने ठेकेदार को अपने कब्जे में लेकर पहले उसकी पिटाई की और काम करने से मना किया। जाते-जाते उन्‍होंने 10 राउंड हवाई फायरिंग भी की जिसके बाद बॉक्साइट ट्रक में काम करने वाले ड्राइवर, खलासी और मजदूर वहां से जान बचाकर  भाग निकले। इस घटना से क्षेत्र में दहशत है। लोग इस बारे में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।

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धनबाद : भाजयुमो ने बाढ़ प्रभावितों के लिए मांगी सहायता

NewsCode Jharkhand | 20 August, 2018 10:09 PM
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धनबाद। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने केरल में आई विनाशकारी बाढ़ प्रभावितों को सहयोग पहुंचाने के लिए रणधीर वर्मा चौक के आसपास के आसपास दुकानदारों से सहायता मांगी  तथा लोगों से सहयोग देने की अपील की। लोगों से प्राप्‍त सहयोग राशि को उपायुक्‍त के जरिए केरल भेज दिया जाएगा।

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