झरिया : गर्मी की छुट्टी के साथ ही शहर में शुरू हुआ समर कैंप, बच्‍चों ने मचाया धमाल

NewsCode Jharkhand | 16 May, 2018 5:39 PM

झरिया : गर्मी की छुट्टी के साथ ही शहर में शुरू हुआ समर कैंप, बच्‍चों ने मचाया धमाल

फुटबॉल, क्रिकेट सहित कई खेलों को किया शामिल

झरिया (धनबाद)। टाटा के झरिया डिवीजन के डिगवाडीह ग्राउंड में आज 16 मई से  25 मई तक समर कैंप लगाया गया है। इस समर कैंप में आस-पास के सभी स्कूली बच्चे और स्थानीय ग्रामीण बच्चे भी भाग लिए हैं। इस बीच बच्‍चों ने खूब मस्‍ती की।

समर  कैंप में कुल 325 बच्चे शामिल है। समर कैंप में आर्चरी, फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स जैसे खेलों शामिल किया गया है। ये समर कैंप 2013 से टाटा डिवीजन की ओर से लगाया जा रहा है।

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बच्चे गर्मी की छुट्टी में समर कैंप का भरपूर आनंद लेते हैं। वहीं जीएम संजय सिंह का मानना है कि‍ इस कैंप में बच्चों के आने से सबसे ज्यादा फायदा यह होता है की बच्चे मोबाइल से दूर रहते हैं और खेल पर ध्यान देते हैं।

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देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:43 PM

देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

देवघर फिल्म निर्माण के लिए अच्छा लोकेशन

देवघर। रघुवर सरकार के झारखंड में फिल्म नीति की घोषणा और फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी दिए जाने की पहल के बाद झारखंड में जहां निर्माता-निर्देशकों का फिल्म बनाने के प्रति रुझान बढ़ा है। वहीं देव नगरी देवघर में भी फिल्मों के प्रति निर्माता-निर्देशकों का आकर्षण बढ़ने लगा है।

मनोरम प्राकृतिक छटाओं के बीच स्थित देवघर फिल्म निर्माताओं के अच्छे लोकेशन के लिए एक बेहतर जगह मानी जा रही है देवघर की बात करें तो यहां आधे दर्जन से ज्यादा सिनेमा हॉल थे लेकिन फिल्म नीति की घोषणा नहीं होने और महंगी फिल्मों के कारण लगातार एक के बाद एक सिनेमा हॉल बंद होते गए और आज स्थिति यह है कि देवघर में महज 2 सिनेमा घर ही चल रहे हैं।

जबकि फिल्म नीति की घोषणा होने के बाद ट्रेंड बदला और देवघर में रिलैक्स जैसे मल्टीप्लैक्स खुलने लगे हैं। रघुवर सरकार की फिल्म नीति की घोषणा और सब्सिडी के बाद देवघर फिल्म निर्माताओं के लिए सबसे सस्ती और मनोरम जगह साबित हो रही है, जिसके कारण निर्माता देवघर में भी फिल्में बना रहे हैं।

देवघर : सब्सिडी की पहल के बाद झारखंड में निर्माता-निर्देशकों का बढ़ा रुझान

1999 और 2000 के सालों में सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ लगा करती थी। शो समाप्त होने के बाद सड़कों पर लोगों की भीड़ देखकर लोग अंदाजा लगा लेते थे कि शायद किसी सिनेमा हॉल का कोई शो खत्म हुआ है।

आज हालात यह है कि पिछले 14 सालों में एक के बाद एक सिनेमा हॉल बंद होते गए और आज यह खंडहर में तब्दील हो गए है, लेकिन रघुवर सरकार बनने के बाद फिल्म नीति की घोषणा हुई और निर्माताओं को फिल्म बनाने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाने लगी। साथ ही इन्हें सब्सिडी भी दी जाने लगी जिसके बाद निर्माता-निर्देशकों की पहली पसंद है।

झारखंड फिल्म एडवाइजरी कमेटी की सदस्य पायल कश्यप जो झारखंड की पहली महिला निर्देशिका हैं, उनका कहना है कि रघुवर सरकार के फिल्म नीति के बाद बॉलीवुड का रुझान भी झारखंड की तरफ बढ़ा है। देवघर एक पर्यटक स्थल भी है और इसकी पहचान भारतवर्ष में है। ऐसे में यहां के मनोरम दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं लिहाजा आज यहां लगातार दो फिल्मों की शूटिंग होने जा रही है, जिसका मुहूर्त भी हो चुका है और वह समय दूर नहीं जब देवघर बॉलीवुड की पहली पसंद बनेगी।

संथाल परगना का पहला मल्टीप्लैक्स OLX

देवघर के खंडहर में तब्दील हो चुके यह सिनेमाघर के दिन फिर से वापस आने वाले हैं जिसकी शुरुआत मल्टीप्लेक्स खोले जाने से शुरू हो चुकी है। आज देवघर में संथाल परगना का पहला मल्टीप्लैक्स OLX खुल चुका है।

वहीं दूसरी तरफ कई सिनेमाघर मालिक भी अपने सिनेमाघरों को फिर से शुरू करने की कवायद शुरू कर चुके हैं। श्रम मंत्री राज पलिवार ने कहा कि रघुवर सरकार के फिल्म नीति लागू किए जाने के बाद फिल्मों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है और सिनेमाघरों के पुराने दिन फिर से वापस आने वाले हैं

देवघर में फिल्मों के निर्माण होने से स्थानीय कलाकार उत्साहित

देवघर में फिल्मों के निर्माण होने से ना सिर्फ निर्माता-निर्देशक उत्साहित है बल्कि यहां के स्थानीय कलाकार भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड के कई कलाकार यहां अपना मुहूर्त कर रहे हैं।  ऐसे में भोजपुरी फिल्मों का क्रेज और फिल्मों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है।

कलाकार भी कहते हैं कि उनकी हैसियत नहीं है कि वह मुंबई जैसे शहरों में जाकर स्ट्रगल करें। ऐसे में देवघर में ही उन्हें मौका मिल रहा है जबकि लेडी सिंघम जैसे फिल्मों के निर्देशक कहते हैं कि देवघर का लोकेशन बहुत अच्छा है और लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है।

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वही बॉलीवुड की अदाकारा ऐश्वर्या भी कहती है कि इन्हें देवघर आकर अच्छा लगा और यहां के लोकेशन और लोगों का व्यवहार भी इतना पसंद आया कि यह बार-बार यहां फिल्म शूटिंग के लिए आना चाहते हैं

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रांची : सेंट्रल लाईब्रेरी में वाई-फाई की सुविधा देने का नितिन कुलकर्णी ने दिया निर्देश

NewsCode Jharkhand | 22 May, 2018 9:55 PM

रांची : सेंट्रल लाईब्रेरी में वाई-फाई की सुविधा देने का नितिन कुलकर्णी ने दिया निर्देश

रांची। राज्यपाल के प्रधान सचिव डा. नितिन कुलकर्णी आज सेन्ट्रल लाइब्रेरी और रांची विवि का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश पाण्डेय से कहा कि सेन्ट्रल लाइब्रेरी में पढ़ाई का बेहतर व अनुकूल वातावरण स्थापित करने हेतु हर संभव प्रयास करें।

उन्होंने पुस्तकालय में अधिक-से-अधिक पुस्तकों के साथ-साथ आधुनिक जर्नल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा ताकि बच्चों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी हेतु बेहतर मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

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उन्होंने सेन्ट्रल लाइब्रेरी में शीघ्र ही वाई-फाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही पुस्तकालय में एलईडी लाइट तथा एसी लगाने को भी कहा। प्रधान सचिव ने कहा कि विवि को सेन्ट्रल लाइब्रेरी में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्‍यकता है।

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कोडरमा : शिक्षा समस्या को लेकर आरती किशोरी समूह की ग्रामीणों के साथ बैठक

NewsCode Jharkhand | 22 May, 2018 9:48 PM

कोडरमा : शिक्षा समस्या को लेकर आरती किशोरी समूह की ग्रामीणों के साथ बैठक

कोडरमा। बंगाखलार पंचायत के झण्डा चौक की आरती किशोरी समूह की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता करीना कुमारी ने की। बैठक में सभी किशोरियों ने शिक्षा विभाग पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि विद्यालय द्वारा किशोरियों का कस्तूरबा गांधी उच्च विद्यालय में नामांकन हेतु चिन्हित किया गया था लेकिन अभी तक नामांकन को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं।

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मौके में उपस्थ्ति स्थानीय मुखिया बिशनी देवी ने कहा कि हमारे पंचायत में उच्च विद्यालय नहीं हैं, जिससे बच्चों का आठवीं के बाद की शिक्षा बाधित हो रही हैं। उन्होनें इस समस्या को लेकर शिक्षा पदाधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया।

बैठक में उपस्थित सर्मपण के शंकरलाल राणा ने कहा कि पंचायत में बाल मजदूरी, बाल पलायन, बाल विवाह का मुख्य कारण अशिक्षा व उच्च शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं का अभाव हैं। किशोरियों ने निर्णय लिया कि वे सामुहिक रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस समस्या को लेकर ज्ञापन सौपेगीं। बैठक में बंसती देवी, कुन्दन कुमार, कांति कुमारी, द्रौपदी, दयावती, काजल, चांदनी, जीरा, रून्ना कुमारी आदि उपस्थ्ति थे।

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