सऊदी अरब का दावा, 2016 जेद्दाह में हुए बम ब्लास्ट में शामिल था भारतीय आतंकी

NewsCode | 1 May, 2018 11:30 AM

सऊदी अरब का दावा, 2016 जेद्दाह में हुए बम ब्लास्ट में शामिल था भारतीय आतंकी

नई दिल्ली। सऊदी अरब ने डीएनए टेस्ट के आधार पर इस बात की पुष्टि की है कि 2 साल पहले सऊदी अरब के जेद्दाह में अमेरिका के वाणिज्य दूतावास के पास हुए आत्मघाती बम धमाके के पीछे भारतीय नागरिक फैयाज कागजी था। कागजी कथित रूप से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था।

एक अंग्रेजी अखबार ने भारत में कुछ वरिष्ठ सुरक्षा सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। एक अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘सऊदी प्रशासन के अधिकारियों ने इस बात को पुष्ट किया है कि पिछले साल हमने कागजी के डीएनए के जो नमूने भेजे थे उसका सऊदी के हमलावर से मिलान हो गया है।’

जेद्दा में हुए विस्‍फोट के बाद सऊदी अरब ने हमलावर की तस्‍वीर जब जारी की तो उसकी शक्‍ल कागजी से मिलने के कारण महाराष्‍ट्र एटीएस और एनआईए से इसकी पुष्टि के लिए संपर्क किया गया। उसी कड़ी में पिछले साल अगस्‍त में कागजी का डीएनए सैंपल सऊदी अरब भेजा गया। वहां पर डीएनए मिलने के बाद सऊदी अरब ने पुष्टि की है कि वह आत्‍मघाती हमलवार कागजी ही था।

कब हुआ बिस्फोट ?

4 जुलाई, 2016 को जेद्दाह में एक बम विस्फोट हुआ था, जिसमे दो सुरक्षा अधिकारी घायल हो गए थे। उस दिन राज्य पर हमला करने वाले तीन हमलों में से पहला था। अन्य दो कतिफ में शिया मस्जिद के पास और मदीना में मस्जिद-ए-नब्वी के बाहर विस्फोट के रूप में भी थे।

कौन है फयाज कागजी?

फयाज कागजी आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयबा का सदस्‍य था। महाराष्ट्र के बीड़ का रहने वाला फैयाज कागजी साल 2006 में औरंगाबाद से हथियारों का जखीरा पकड़े जाने के बाद से फरार था. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, वह बांग्लादेश होते हुए पाकिस्तान भाग गया था।

भारतीय कृषि उत्पादों के लिए चीन संभावित बड़ा बाजार!

जांच एजेंसियों का मानना है कि कागजी पुणे में साल 2010 में हुए जर्मन बेकरी और 2012 में हुए जेएम रोड विस्फोट का भी ‘मास्टरमाइंड’ और ‘फाइनेंसर’ था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि एनआईए ने आतंकी मामलों से जुड़े केसों की सुनवाई कर रही दिल्‍ली की स्‍पेशल कोर्ट को भी सूचित किया है कि फयाज कागजी की मौत हो चुकी है।

केंद्र सरकार के खजाने में बैंकिंग व वित्तीय कर से आए 42 हजार करोड़!

केरल के बाद हिमाचल में निपाह वायरस की आशंका, स्कूल में मरे मिले कई चमगादड़

NewsCode | 24 May, 2018 1:01 PM

केरल के बाद हिमाचल में निपाह वायरस की आशंका, स्कूल में मरे मिले कई चमगादड़

नाहन। केरल में निपाह वायरस से 11 से ज्यादा लोगों की मौत होने के बाद केरल समेत पूरे देश में ‘निपाह वायरस’ को लेकर भय बना हुआ है। नीपाह वायरस को लेकर दिल्ली-एनसीआर समेत जम्मू-कश्मीर, गोवा, राजस्थान, गुजरात और तेलंगाना में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं अब हिमाचल प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा मरे हुए चमगादड़ मिलने से सनसनी मच गई है।

खबर है कि हिमाचल के नाहन की पंचायत बर्मापापड़ी के एक सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रांगण में 18 चमगादड़ मरे हुए पाए गए हैं, बताया जा रहा है कि ये चमगादड़ बीते काफी सालों से यहां के पेड़ों पर रहते थे, ये कभी किसी को परेशान नहीं करते थे लेकिन अचानक से बुधवार को यहां डेढ़ दर्जन चमगादड़ों की मौत हो गई, जिसे देखकर लोग भयभीत हो गए।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पशुपालन विभाग और वन विभाग की टीम ने मृतक चमगादड़ों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह का खुलासा हो पाएगा।

जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी संजय शर्मा ने कहा, हर साल इस इलाके में बड़ी संख्या में चमगादड़ दिखते हैं. वैसे इस बार इनकी संख्या कुछ ज्यादा ही थी। उन्होंने कहा, स्कूल के प्रिंसिपल और छात्रों ने बताया कि हर साल चमगादड़ आते हैं और इस तरह की घटना भी हर साल ही होती है. हालांकि, इस साल उनकी संख्या काफी ज्यादा है।

उन्होंने आगे कहा, हमने स्कूल के टीचर और छात्रों को वायरस के बारे में जानकारी दे दी है। हमने किसी भी तरह के फिजिकल कॉन्टेक्ट से उन्हें स्पष्ट मना कर दिया है। स्कूल की प्रिंसिपल सुपर्णा भारद्वाज ने कहा, निपाह वायरस की वजह से इस पूरे मामले में लोग डर गए थे। छात्रों को निपाह वायरस के बारे में पूरी जानकारी दे दी गई है।

तूतीकोरिन में प्लांट ठप होने से 32,500 कामगारों पर संकट, इंटरनेट बंद, धारा 144 लागू

लोगों के दहशत को देखते हुए वन विभाग के डीसी ललित जैन ने लोगों से अपील की वो परेशान या भयभीत ना हो क्योंकि चमगादड़ों की मौत के बाद इस क्षेत्र में ‘निपाह वायरस’ के फैलने की संभावना ना के बराबर है क्योंकि चमगादड़ों के मरने के बाद संक्रमण फैलने की संभावना नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि गर्मी के कारण चमागादड़ों की मौत हुई हो।

पत्थरबाज को जीप पर बांधकर घुमाने वाले मेजर गोगोई नाबालिग लड़की समेत हिरासत में लिए गए

Read Also

तूतीकोरिन में प्लांट ठप होने से 32,500 कामगारों पर संकट, इंटरनेट बंद, धारा 144 लागू

NewsCode | 24 May, 2018 12:02 PM

तूतीकोरिन में प्लांट ठप होने से 32,500 कामगारों पर संकट, इंटरनेट बंद, धारा 144 लागू

तूतीकोरिन। तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता यूनिट की कॉपर प्लांट के विरोध-प्रदर्शन के कारण स्टरलाइट कॉपर प्लांट बंद होने से 32 हजार 500 नौकरियों पर असर पड़ा है। इनमें 3 हजार 5 सौ लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है, जबकि 30 से 40 हजार नौकरियों पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ा है। वहीं, अफवाहें फैलने के चलते तमिलनाडु सरकार ने तुतीकोरिन में 5 दिनों तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी है।

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का लाइसेंस रिन्यू करने से इनकार

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्लांट का लाइसेंस रिन्यू करने से इनकार कर दिया है, बोर्ड ने अप्रैल के बाद से तीन मुख्य प्रावधानों के उल्लंघन का जिक्र किया है। बोर्ड ने पाया कि स्टरलाइट ने धातुमल को नदियों में बहाते हुए पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया है। साथ ही प्लांट के नजदीकी नलकूपों के पानी को लेकर प्लांट ने बोर्ड को रिपोर्ट नहीं दी है।

धारा 144 लागू

सोशल मीडिया के जरिए लोगों में बढ़ते गुस्से को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। तूतीकोरिन में वेदांता स्टरलाइट कॉपर यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इलाके में धारा 144 लागू है। इसके अलावा इससे सटे तिरुनेलवेलि और कन्याकुमारी जिले में भी इंटरनेट सुविधाएं बंद रहेंगी। अब तक इस मामले में 67 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

एनएचआरसी ने तमिलनाडु सरकार को जारी किया नोटिस

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में दो सप्‍ताह के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है. एनएचआरसी ने नोटिस में बताया है कि उन्‍हें मीडिया से खबर मिली है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में पुलिस ने लाठीचार्ज और गोलीबारी की. पुलिस के इस बर्ताव से प्रदर्शन हिंसक हो गया और 11 लोगों की जान चली गई।

जांच कमेटी गठित

तमिलनाडु सरकार ने पूरे मामले में रिटायर्ड जज अरुण जगदीशन की एक सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच करने का आदेश दिया है. वहीं मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने स्टरलाइट प्लांट के नए कॉपर स्मेल्टर (तांबा गलाने वाली यूनिट) के निर्माण पर रोक लगा दी है।

पत्थरबाज को जीप पर बांधकर घुमाने वाले मेजर गोगोई नाबालिग लड़की समेत हिरासत में लिए गए

जयललिता ने दिया था प्लांट बंद करने का आदेश

वेदांता समूह की इकाई स्टरलाइट इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड का प्लांट तूतीकोरिन में पिछले 20 साल से चल रहा है। मार्च 2013 में प्लांट में गैस रिसाव के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता ने इसे बंद करने का आदेश दिया था। इसके बाद कंपनी एनजीटी में चली गई। एनजीटी ने राज्य सरकार का फैसला उलट दिया। राज्य सरकार इस पर सुप्रीम कोर्ट में चली गई और अब याचिका शीर्ष अदालत में लंबित है।

वित्तीय संकट से जूझ रही कांग्रेस, 2019 में कैसे करेगी मोदी से मुकाबला?

पत्थरबाज को जीप पर बांधकर घुमाने वाले मेजर गोगोई नाबालिग लड़की समेत हिरासत में लिए गए

NewsCode | 24 May, 2018 11:21 AM

पत्थरबाज को जीप पर बांधकर घुमाने वाले मेजर गोगोई नाबालिग लड़की समेत हिरासत में लिए गए

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने सेना के चर्चित अधिकारी मेजर लीतुल गोगोई को बुधवार को हिरासत में लिया। ख़बर है कि मेजर गोगोई को श्रीनगर के एक होटल से एक लड़की के साथ हिरासत में लिया गया। मेजर गोगोई पिछले साल तब चर्चाओं में आए थे, जब उन्होंने एक कश्मीरी, फारूक अहमद दार को अपनी जीप के बोनट पर बांधकर बडगाम में घुमाया था।

खबर के मुताबिक, होटल के स्टाफ ने मेजर को लड़की के साथ एंट्री नहीं दी। इसपर मेजर गोगोई का होटल के स्टाफ के साथ झगड़ा हो गया। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया।

श्रीनगर पुलिस के मुताबिक बुधवार की सुबह यहां के होटल ममता से फोन आया कि होटल में एक सैन्य अफसर से मिलने आए युवती व एक अन्य व्यक्ति को रोके जाने पर वे विवाद कर रहे हैं। इस पर पुलिस पार्टी को मौके पर भेजा गया।

पुलिस को पता चला कि युवती व अन्य व्यक्ति मेजर से मिलने के लिए आए थे, लेकिन होटल के रिसेप्शन से उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इस पर युवती के साथ आए व्यक्ति ने हंगामा खड़ा कर दिया। इतने में होटल मैनेजर ने पुलिस को फोन कर दिया।

वित्तीय संकट से जूझ रही कांग्रेस, 2019 में कैसे करेगी मोदी से मुकाबला?

यह व्यक्ति मेजर गोगई का ड्राइवर बताया जा रहा है और बडगाम का रहने वाला है। पुलिस तुरंत होटल ममता पहुंची। मेजर समेत सभी को थाने लाया गया। पुलिस के अनुसार मेजर गोगई का बयान दर्ज करने के बाद उन्हें संबंधित यूनिट में भेज दिया गया।

बिछड़ी बहनों की तरह मिलीं सोनिया-मायावती, बढ़ेगी बीजेपी की बेचैनी !

X

अपना जिला चुने