जमशेदपुर : छात्र संगठन ने एक या दाेे नंबर से फेल छात्रों का कॉपी जांच की मांग की

NewsCode Jharkhand | 11 June, 2018 3:55 PM
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शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

जमशेदपुर। झारखंड अधिविध परिषद (जैक) द्वारा इंटर साइंस व कॉमर्स परीक्षा परिणाम में एक या दो नंबर से हजारों छात्रों को फेल कर दिए जाने का मामला उजागर होने के बाद छात्र संगठन ने जैक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

इसी क्रम में अखिल झारखंड छात्र संघ उपायुक्त के माध्यम से शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर एक दो नंबर से फेल हुए विद्यार्थियों को उत्तीर्ण करने और उनके कॉपियों को बिना शुल्क लिये पुनः जांच करवाने की मांग की है।

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अखिल झारखंड छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि 5 नवंबर तक के अंतर से जो भी छात्र अनुत्तीर्ण हुए है उन्हें कृपान देकर उत्तीर्ण किया जाए। लगातार इंटर साइंस रिजल्ट का स्तर गिरता जा रहा है। इसलिए इन प्रयोगों को बंद किया जाए।

परीक्षा परिणाम की समीक्षा कर परिणाम को सुधार करने के प्रयास किया जाया। झारखंड एकेडमिक काउंसिल के चेयरमैन एवं परीक्षा नियंत्रक पर कार्रवाई करने की मांग समेत 7 सूत्री मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

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धनबाद : आइआइटी-आइएसएम के तीन छात्रों पर युवती ने लगाया छेड़खानी का आरोप

NewsCode Jharkhand | 20 September, 2018 9:27 PM
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पुलिस तीनों को हिरासत में लेकर कर रही है पूछताछ

धनबाद। आइआइटी-आइएसएम के तीन छात्रों को शहर के सिटी सेंटर में छेड़खानी करते के आरोप में पुलिस ने गुरुवार की शाम हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाते समय तीनों नशे में धुत्‍त थे।

सिंटी सेंटर स्थित एक बार रेस्टोरेंट में बीयर  पीने के बाद एक युवती से छेड़खानी की। युवती ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूप को दी। खबर पाते ही पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी सिटी सेंटर पहुंचकर तीनों को हिरासत में ले लिया।

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छात्रों के नाम यशस्वी यादव, सिदेश धाकड़ और मनीष परिहार है। पुलिस तीनों से धनबाद थाने में पूछताछ कर रही है। छात्रों ने पुलिस के समक्ष छेड़खानी के आरोप से इंकार किया है। हालांकि बीयर पीने की बात स्‍वीकार की है। तीनों ने कहा है कि रेस्टोरेंट में और भी आइएसएम के छात्र थे। उन छात्रों ने छेड़खानी की होगी।

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टुण्डी : अखाड़ा दल के सदस्यों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:22 PM
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टुण्डी (धनबाद)। मोहर्रम के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर अखाड़ा दल के सदस्यों द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए। कमारडीह के मुहर्रम जुलूस में शामिल होने पहुंचे पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व विधायक डॉ. सबा अहमद, झाविमो जिला अध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा उपस्थित अतिथियों का पगड़ी पहना कर स्वागत किया गया।

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मौके पर डीसीपी गोपाल कालुंडीया, थाना प्रभारी केश्वर साहू, फिरोज दत्ता, ऐनुल अंसारी आदि उपस्थित थे। वहीं  गेठिबेडा में उपस्थित जिप सदस्य सुनील कुमार मुर्मू ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह त्योहार आपसी भाईचारे को बढ़ाता है। इसके अलावा फतेहपुर एवं लटानी में भी खिलाड़ियों ने करतब दिखाए।

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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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