जमशेदपुर : लोगों ने सड़क बनाने का काम रोका, घटिया सामान उपयोग का आरोप

NewsCode Jharkhand | 16 April, 2018 9:30 PM

जमशेदपुर : लोगों ने सड़क बनाने का काम रोका, घटिया सामान उपयोग का आरोप

विधायक निधि से बन रहा है पीसीसी पथ

जमशेदपुर। बागबेड़ा थाना अंतर्गत कीताडीह स्थित माझी बागान में विधायक निधि से पीसीसी सड़क बन रही है। 500 फीट पीसीसी सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने के विरोध में स्थानीय वार्ड सदस्य के नेतृत्व में लोगों ने धरना दिया। वार्ड सदस्य जितेंद्र यादव ने कहा कि पथ निर्माण विभाग के जेई दिलीप मिश्रा सड़क निर्माण में घटिया काम करा रहे हैं।

वार्ड पार्षद से आरोप लगाया कि दिलीप मिश्रा का कहना है जिससे शिकायत करना है कर सकते हैं।  विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंच है। कोई मेरा कोई बिगाड़ नहीं सकता।  इस तरह से बर्ताव करने के बाद वहां के स्थानीय लोगों ने वार्ड सदस्य के साथ धरना में बैठ गए।

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स्थानीय लोगों ने अधिकारी के विरोध में नारेबाजी के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है अगर मांग नहीं मानी जाएगी तो पंचायत के सभी सदस्य मिलकर उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। साथ ही उपायुक्त से कार्रवाई करने की मांग करेंगे।

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जमशेदपुर : गर्मी में बिजली से शुरू की आंख मिचौली, लोगों ने किया प्रदर्शन

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:09 PM

जमशेदपुर : गर्मी में बिजली से शुरू की आंख मिचौली, लोगों ने किया प्रदर्शन

चरमरा गयी है बिजली व्यवस्था

जमशेदपुर। प्रखंड इलाके में इन दिनों बिजली की स्थिति चरमराई हुई है। खासकर बाग़बेड़ा क्षेत्र में इन दिनों बिजली की समस्या गंभीर है। इसे दूर किये जाने की मांग को लेकर झामुमो प्रखंड कमिटी ने करणडीह स्थित विद्दुत विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एक सप्ताह के भीतर समस्या सुलझाने को कहा।

झामुमो नेता बहादुर किस्को ने कहा कि क्षेत्र में बिजली की घोर समस्या है। बिजली के खम्बे कई क्षेत्रों में है ही नहीं। लकड़ी के बांस पर बिजली के तार लटके रहते हैं। भीषण गर्मी में क्षेत्र के लोगों को बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है। लोग उबल रहे हैं।

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पूर्व में भी इसपर ध्यान देने की अपील की गई है, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में आंधी और तूफान का दौर शुरू होगा और इस दौरान बांस के सहारे लटके बिजली के तार टूटेंगे। इसे हादसा होने की संभावना है।

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जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:03 PM

जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

जिला मुख्यालय वनाधिकार मंच का प्रदर्शन

जमशेदपुर। झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी ने वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू करने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिले के उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। साल 2006 का वन अधिकार कानून को पालन कराने पर जोर दिया गया है।

आपको बता दें की वर्ष 2006 में वन अधिकार कानून लाया गया था, और इसी को सख्ती से पालन किये जाने की मांग उठाई गई है।  प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वन क्षेत्र में जो भी लोग निवास करते है उन्हें इस कानून के तहत अधिकार है कि वो वन का संरक्षण करें और वन संसाधनों का उपयोग कर अपनी आजीविका चलायें। इसका पालन नहीं किया जा रहा है।  वन क्षेत्र में अगर कोई भी निर्माण कार्य किया जाये तो वहां के ग्रामसभा से इसे पारित करवाना होगा। लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है।

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झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी के प्रतिनिधि ने कहा कि ये सभी चीजें तभी हो सकती है जब वनाधिकार अधिनियम को जिले में सख्ती से लागू करवाया जाये।  मांग पत्र के माध्यम कहा गया है कि वन क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार मिले और वनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।

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जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 9:55 PM

जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

प्रबंधन पर धमकाने का आरोप

जमशेदपुर। टाटा मोटर्स कानवाई चालकों ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कई बार प्रदर्शन व अनशन के बाद इन्हें अब तक आश्वाशन ही मिला रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी आदेश के बाद भी कंपनी प्रबंधन द्वारा इन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।

पिछले तीन वर्षों से कानवाई चालक प्रदर्शन, अनशन करते रहे लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। कंपनी प्रबंधन को सरकारी तौर पर न्यूनतम मजदूरी दिए जाने का सरकारी आदेश भी जारी हुआ। चालक कहते हैं कि इस आदेश को अब एक वर्ष बीत गए लेकिन कंपनी है कि न्यूनतम मजदूरी देने का नाम ही नहीं ले रही है।

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चालकों के अनुसार चालकों को प्रताड़ित किया जाता है। कोई आदेश का अवहेलना करता है तो उनपर मुकदमा चलाया जाता है।  उपायुक्त से मांग की गयी कि टाटा मोटर्स प्रबंधन के खिलाफ सरकारी आदेश को नहीं माने जाने का मामला दर्ज करें और उनपर कार्रवाई करें।

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