जमशेदपुर : दो दिवसीय नेशनल गोजु रयु कराटे प्रशिक्षण शिविर का आगाज आज से

NewsCode Jharkhand | 12 June, 2018 1:01 PM

जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के न्यू बैडमिंटन हॉल इंडोर स्टेडियम में होगा आयोजन

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जमशेदपुर । दो दिवसीय नेशनल गोजु रयु कराटे प्रशिक्षण शिविर का आगाज आज से जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के न्यू बैडमिंटन हॉल इंडोर स्टेडियम में होगा। झारखंड स्टेट कराटे डू एसोसिएशन द्वारा आयोजित होने वाले इस शिविर में देश के 12 प्रान्तों से 200 कराटेकार हिस्सा लेंगे। इसकी जानकारी एसोसिएशन के मानद सचिव एल. नागेश्वर राव ने मीडिया को दी।

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उन्होंने कहा कि शिविर में ऑस्ट्रेलिया से आये विश्व विख्यात कराटे प्रशिक्षक और पूर्व कराटे विश्व विजेता क्योशी ग्लेन स्टीफेन्सन शिविर में भाग लेने वाले उदीयमान कराटेकारों को हुनर सिखाएंगे। दो दिवसीय शिविर के अंतिम दिन 13 जून को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू कराटे प्रशिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगी। शिविर के आयोजन को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

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देवघर : अनोखा कद्दू लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र, सब्‍जी बनते ही रंग काला हो जाता

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 2:18 PM
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10 साल पूर्व लगाया गया था पौधा

देवघर। आप कद्दू तो जरूर देखे होंगे लेकिन एक कद्दू ऐसा भी है जिसे देखकर आप दंग रह जाएंगे। यह ऐसा कद्दू हो जो पेड़ में फला हुआ देखा गया। सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन ये हकीकत है। यह फला हुआ कद्दू लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र है।

देवीपुर प्रखंड के शंकरपुर स्थित भोजपुर गांव में एक  अनोखा कद्दू का पेड़ है। इस कददू के पेड़ में कई सारे कददू निकलते है। देखने में बिल्कुल हरा ओर गोल आकार का है जो बिल्कुल आम कददू की तरह है।

पेड़ में निकले इस अनोखे कददू को आस पड़ोस के लोग भी तोड़ कर ले जाते है। उमा देवी बताती है कि इस कददू का सब्जी आम कददू की तरह ही बनाया जाता है लेकिन स्वाद में थोड़ा तितापन होता है और सब्जी बनते ही काला हो जाता है। 10 वर्ष पूर्व इस पेड़ को लगाई थी।

ऐसा कद्दू कहीं भी बाजार में नहीं मिलता है। वहीं पड़ोसी महिला बताती है जब इसको काटा जाता है तो पनीर की तरह रहता है और इसमें बीज नहीं होता है। बनाने के इसका रंग काला हो जाता है और खाने में थोड़ा तितापन रहता है।

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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

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सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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गुमला : कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:08 PM
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गुमला। झारखंड के राजकीय पर्व करमा के अवसर पर केशरवानी वैश्य समाज के तत्वावधान में डीएसपी रोड स्थित बजरंग केशरी के आवास में गोत्राचार्य कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत गोत्राचार्य कश्यप मुनि के चित्र पर माल्यार्पण कर के किया गया। मौके पर झारखंड प्रदेश केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. प्रेम प्रसाद केशरी ने गोत्र गुरु कश्यप मुनि की उत्पत्ति से लेकर उनके जीवनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इन्होंने कहा कि गोत्राचार्य कश्यप ऋषि के आशीर्वाद से ही केशरवनियों का सर्वागिण विकास हो रहा है एवं होता रहेगा। महर्षि कश्यप की प्रत्येक घर में पूजा अर्चना होनी चाहिए।

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संरक्षक हरिओम लाल केशरी, बजरंग केशरी,रमेश केशरी दुर्गा केशरी ,राधा कृष्ण प्रसाद केशरी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रदेश महिला सभा की मंजू केशरी ने भी अपना विचार रखा।

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