जमशेदपुर : बेरोज़गार युवाओं के लिए Gulf Training Institute एक वरदान

NewsCode Jharkhand | 12 May, 2018 3:44 PM
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जमशेदपुर। बेरोज़गार युवाओं के लिए जमशेदपुर स्थित गल्फ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट वरदान सिद्ध हुआ है। मात्र 3-4 माह की शिक्षा के बाद नौकरी की राह गल्फ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट आसान बना रही है। गल्फ ट्रेनिग इंस्टीट्यूट पिछले 19 वर्षों से लगातार अशिक्षित और बेरोज़गार युवाओं का मार्गदर्शन करता आ रहा है।

इंस्टीट्यूट, झारखण्ड और उसके बहार से आये छात्रों को टेक्नीकल ट्रेड (सेफ्टी ऑफिसर, एसी टेक्नीशियन, क्वालिटी कंट्रोलर इंस्पेक्टर, लैंड सर्वेयर, कार ड्राईविंग) ऑपरेटिंग ट्रेड में (मोबाइल क्रेन, एक्सकवेटर, जेसीबी, फर्क लिफ्ट, ग्रेडर, लोडर ऑपरेटर, हैवी ड्राईविंग, कार ड्राईविंग), वेल्डिंग गैस कटिंग, ऑटो कैड, बेसिक कंप्यूटर जैसे करियर बनाने वाले कोर्सेस में ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार के क्षेत्र में अग्रसर कर रहा है।

हैवी ड्राइविंग एवं कार ड्राइविंग मुफ्त में

छात्रों को नौकरी के लिये योग्य बनाने हेतु इंस्टीट्यूट द्वारा स्पोकन इंगलिश, हैवी ड्राइविंग एवं कार ड्राइविंग मुफ्त में सिखाया जाता है। इंस्टीच्यूट ने छात्रों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुये कई तरह के मल्टी/डबल कोर्स का आरंभ किया है जिससे कि छात्र आज के चुनौतिपूर्ण समय में कम खर्च में ज्यादा हुनरमंद हो सकें।

जमशेदपुर : बेरोज़गार युवाओं के लिए गल्फ ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एक वरदान

शिक्षित युवाओं को भी रोजगार दिलाने में ये संस्थान काबिल बनाया है। ये संस्थान झारखंड राज्य में जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) के मानगो में स्थित है। गौरवपूर्ण बात है कि इस इंस्टीट्यूट को उच्चतम प्रशिक्षण के संपादन के लिये वर्ष 2007 में एक्सीलेंस अवार्ड (दिल्ली), 2017 में इंटरनेशनल ट्रेनिंग अवार्ड, ग्लोबल अचीवर्स फाउंडेशन (थाईलैंड) एवं 2017 में इंटरनेशनल एक्सीलेंस अवार्ड (गोआ) से सम्मानित किया गया है।

‘मेहनत…सफलता शोर मचा दे’

संस्था के निदेशक हाजी शेख फरिदुल्लाह आज के युवाओं को सफलता की टिप्स देते हुये कहते हैं कि मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे उच्चतम् श्रेणी की ट्रेनिंग प्रदान करने के लिये संस्थान के पास पर तरह की लेटेस्ट मशीनें, डिजिटल लैब और पारंगत शिक्षक उपलब्ध हैं।

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संस्थान ने वर्ष 2017-18 में पूरे देश से आये हुये 418 छात्रों को प्रशिक्षित करके तकरीबन 233 छात्रों को देश और विदेश में रोजगार दिलाया है।

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 बड़कागांव : “न्यूज़कोड” के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 10:30 AM
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बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड के प्लस टू हाई स्कूल के  प्राचार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. बालेश्वर राम एवं इंदिरा गांधी मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक संजय सागर  को शिक्षा योगदान  में “न्यूज़कोड” की तरफ से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

 बड़कागांव : "न्यूज़कोड" के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

वहीं प्राचार्य डॉ. बालेश्वर राम ने बताया कि मैं  बच्चों को शिक्षा देने में भरपूर सहयोग करते हैं और करते रहेंगे। शिक्षा एक ऐसा गुण हैं जो लोगों को अपने मंजिल तक पहुंचाता है। वहीं इंदिरा गांधी मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक संजय सागर ने कहां की शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा मानव के लिए बेहतर से बेहतर कार्य करने में अहम भूमिका निभाती है।

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जमशेदपुर : छुुुुट्टी मांगी, न‍हीं मिली, गर्भावस्‍था के पांंचवें माह में ड्यूूटी करने को मजबूर सुरक्षाकर्मी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:58 PM
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एमजीएम अस्पताल की संवेदनहीनता

जमशेदपुर। जमशेदपुर का एमजीएम अस्पताल इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। वैसे इस बार यह अस्पताल अलग ही तरह के कारनामों को लेकर सुर्खियों में है।

इस अस्पताल की लापरवाही की खबरें तो आम बात है, लेकिन इस बार इस अस्पताल में काम कर रही महिला सुरक्षाकर्मियों की क्या स्थिति है, यह बता रहे हैं।

किस तरह 8 महीने की गर्भवती महिला सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करने को मजबूर है। ऐसा नहीं है कि उस महिला कर्मी ने छुट्टी के लिए गुहार नहीं लगाई थी।

इस महिला ने प्रेगनेंसी लीव का आवेदन दिया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन या होमगार्ड  के वरीय अधिकारी इस महिला के आवेदन को निरस्त करते हुए इतना ही कहा कि जब तुम्हें परेशानी होगी तो तुम्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही महिला ड्यूूटी करने को मजबूर

अब सवाल यह उठता है कि आखिर 8 महीने की गर्भवती महिला को क्या परेशानी नहीं हो रही होगी ?  क्या एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और झारखंड सरकार का गृह रक्षा वाहिनी विभाग इतना संवेदनहीन हो गया है कि जो महिला अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही, उसे अस्पताल की सुरक्षा में लगा दिया गया।

वैसे यह कोई पहली महिला नहीं है, जो गर्भवती होने के बाद भी ड्यूटी बजा रही है, बल्कि इनकी जैसी और भी एक महिला सुरक्षाकर्मी यहां ड्यूटी पर तैनात है।

पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का है प्रावधान

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी योजना जिसके तहत महिलाओं को पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का प्रावधान है, उसका उल्‍लंघन हो रहा है। यदि महिला होमगार्ड की जवान के साथ कुछ अनहोनी हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेवार होगा।

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NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:19 PM
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लोहरदगा। शहर के बड़ा तालाब, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान में लोहरदगा सदर अंचलाधिकारी परमेश्वर कुशवाहा, सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक शैलेश प्रसाद, नगर परिषद के सिटी मैनेजर आफताब आलम सहित कई अधिकारी और पुलिस बल के जवान मौजूद थे। अतिक्रमण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। अतिक्रमण का दोषी पाए जाने पर, ऑन द स्‍पॉट कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया। नगर परिषद के इस अभियान से दुकानदारों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है।

लोहरदगा : अतिक्रमण हटाओ अभियान से दुकानदारों में हड़कंप

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अतिक्रमण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाने के बाद से नगर परिषद अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चला रहा है। इस दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आने पर, अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले नगर परिषद ने कई बार दुकानदारों को चेतावनी देते हुए अतिक्रमण नहीं करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अतिक्रमण होने की वजह से सड़कें संकरी हो गई थी और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थी। जिसकी वजह से नगर परिषद और अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर जोरदार अभियान चलाया।

लोहरदगा : टेबल-कुर्सी ही संभालते हैं कार्यालय, मत्स्य अधिकारी रहते हैं गायब 

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