जामताड़ा : आठ सूत्री मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी

NewsCode Jharkhand | 15 February, 2018 9:07 PM
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जामताड़ा। कोल समाज को जनजाति का दर्जा देने समेत आठ सूत्री मांग को ले गुरूवार को स्थानीय गांधी मैदान में भारत प्राचीन अदिवासी कोल जाति कल्याण समिति के तत्वावधान में आदिवासी व कोल समाज के लोगों की भारी भीड़ उमडा। संपन्न 31 वें वार्षिक महासम्मेलन में झारखंड समेत बिहार पश्चिम बंगाल,उत्तर प्रदेश,मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के समाज के प्रतिनिधियों व नेताओं ने भाग लिया। महासम्मेलन मे कोल आदिवासियों की बिगड़ती हुई आर्थिक, समाजिक एव शैक्षणिक पस्थिति पर विचार किया गया। साथ ही महामहिम राष्ट्रपति महोदय को आठ सूत्री प्रस्ताव सोंपने का निर्णय लिया गया।

समिति के केंद्रीय महासचिव अनिल कुमार टुडू कोल ने गांधी मैदान में झंडोतोलन कर महासम्मेलन की शरुआत की। इसके बाद केंद्रीय महा सचिव अनिल कोल, महामंत्री प्रभु कोल,केंद्रीय प्रवक्ता हरि किशोर कोल,केंद्रीय संगठन मंत्री छोटू कोल आदि केंद्रीय व राज्य स्तरीय समिति के प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा की कोल समाज के लोग अपने अधिकार को सहजता पूर्वक प्राप्त करना चाहते है ओर समाजिक विकास का सपना देख रहें है तो  सपना को साकार करने के लिए सबसे पहले परिवार में शिक्षा का वातावरण तैयार को प्राथमिकता दें। कोल जाति अदिम जनजाति का दर्जा देने की मांग की गयी। कहा गया कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
शहर में जुलूस भ्रमण कर सम्मेलन को आगाज किया : कोल महासम्मेलन में शामिल होने को विभिन्न राज्य व जिले से पहुंचे लोगों ने गांधी मैदान से रैली आरंभ कर मुख्य बाजार,इंदिरा चौक,स्टेशन रोड़,बीर कूवंर सिंह चौक होते हुए गांधी मैदान में सभा में परिवर्तित किया।

जामताड़ा : 22 को गांधी मैदान में आदिवासी संगठनों की महारैली, लिये ये निर्णय

मुख्य मांग इस प्रकार : महासम्मेलन में  कोल जाति को आदिम जाति का दर्जा दो एवं झारखंड में पूर्णत: नशाबंदी घोषण किया जाय,लुप्त हो रहे कोल जनजाति का सर्वे किया जाय साथ ही कोल परिवार की हड़पी जमीन को वापस किया जाय, अधिकार कानून पांच एवं छठी अनुसूची शक्ति से लागु किया जाय, सीएनटी व एक्ट को छेड छाड़ से दूर रखा जाय।

केंद्रीय सचिव अनिल कोल, केंद्रीय महामंत्री प्रभु कोल, केंद्रीय प्रवक्ता हरिकिशोर कोल, केंद्रीय कोषाध्यक्ष पशुपति कोल, केंद्रीय संगठन मंत्री छट्टू कोल, पर्यवेक्षक नरेश कोल, जिला अध्यक्ष जितन कोल, जिला सचिव अरुण कोल, उपाध्यक्ष दिलीप कोल, भोलु कोल, सावित्री कोल, कोषाध्यक्ष बबलू कोल, रामकिशोर काेल, छोटेलाल कोल समेत आदि प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।

रांची : सरकार के खिलाफ संयुक्त विपक्ष ने राजभवन के लिए निकाला विरोध मार्च 

NewsCode Jharkhand | 21 July, 2018 4:15 PM
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रांची। राज्य सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति और स्वामी अग्निवेश के हमले के विरोध में, संयुक्त विपक्ष के तत्वाधान में मोराहबादी से लेकर राजभवन तक मार्च किया गया। इसमें विशेष रूप से विपक्ष की एकजुटता दिखाई दी।

राज्य सरकार पर हमला करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि रघुवर सरकार गरीबों की नहीं पूंजीपतियों की सरकार है। गरीबों के लिए झारखंड राज्य में स्थिति विकट है। यहां की सरकार आदिवासी मूलवासियों की जमीन को छीन कर पूंजीपतियों को देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पत्थलगड़ी के नाम पर ग्रामीणों को पीटा जा रहा है। जनता इन सब बातों का 2019 के आम चुनाव में जरूर बदला लेगी।

रांची : झारखण्ड विधानसभा के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन भी हंगामा

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राफेल पर राहुल ने मोदी को घेरा, कहा- विमान सौदे से आ रही है घोटाले की बू

NewsCode | 23 July, 2018 12:58 AM
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से राफेल डील को लेकर पीएम मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि इस डील को लेकर पर्दे के पीछे कुछ खेल जरूर हुआ है, और उसे दबाने के लिए रक्षामंत्री किसी के दबाव में काम कर रही हैं।

दरअसल, रविवार को राफेल डील को लेकर राहुल ने ट्वीट के जरिये पीएम मोदी पर निशाना साधा, उन्होंने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में कही बात दोहराई। राहुल की मानें तो रक्षामंत्री किसी के दबाव राफेल डील को लेकर सही बातें नहीं रख पा रही हैं। जबकि पीएम मोदी को लेकर ट्वीट में लिखा है कि उनकी संसद में मुस्कुराहट के पीछे एक घबराहट नजर आई, इसलिए वो मेरी तरफ नहीं देख पा रहे थे। निश्चित तौर पर राफेल सौदे में अब घोटाले का शक गहराता जा रहा है। राफेल का दाम पूछने पर पीएम असहज हो जाते हैं।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

वहीं भारतीय जनता पार्टी राफेल डील पर राहुल के दिए बयान को लेकर पलटवार की तैयारी में है। बीजेपी के चार सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ ‘गलत’ आरोप लगाकर संसद को गुमराह किया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है।

बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार किसी सदस्य के खिलाफ आरोप लगाने से पहले गांधी को नोटिस देना चाहिए था, उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को आरोपों के समर्थन में सामग्री सौंपनी चाहिए थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि फ्रांस के साथ हुए राफेल सौदा मामले में भारत गोपनीयता शर्तों से बंधा हुआ है।

संसद में राहुल ने उठाया था राफेल का मुद्दा

गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर राफेल सौदे के ब्यौरे साझा करने के मुद्दे पर देश से ‘‘झूठ’’ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित भ्रष्टाचार के मामलों में ‘‘भागीदार’’ हैं, ‘‘चौकीदार’’ नहीं। लोकसभा में राजग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने अपने भाषण में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने एक बैठक के दौरान उनसे साफ साफ कहा था कि 58,000 करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान से संबंधित ब्यौरे साझा करने में कोई दिक्कत नहीं है।

राहुल गांधी की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ 2008 में किया गया सुरक्षा समझौता गोपनीय है और दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों की संचालन क्षमताओं के संबंध में इस गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या समझौते के प्रावधान भारत सरकार को राफेल सौदे से जुड़े कीमत के ब्यौरे का खुलासा करने से रोकते हैं।

कांग्रेस राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही है और उपकरण एवं हथियारों की कीमत सहित उससे जुड़े ब्यौरे मांगती रही है लेकिन सरकार फ्रांस के साथ गोपनीय समझौते का हवाला देते हुए ब्यौरे साझा करने से इनकार करती रही है।

राहुल ने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर करारा हमला करते हुए मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें मुस्कुराते देख सकता हूं, घबराहट की झलक है। वह दूर देख रहे हैं, मेरी आंखों में नहीं देख रहे।’ राहुल की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से विरोध तेज हो गया जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट से खड़े होकर उनका सामना किया।

आपको याद दिला दें कि राहुल संसद में कहा था कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री के दबाव में देश से झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसकी मदद की जा रही है, क्यों की जा रही है, निर्मलाजी, प्रधानमंत्री देश को बताएं।

हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस आरोप को पूरी तरह गलत करार दिया कि राफेल विमान सौदे के संदर्भ में फ्रांस और भारत के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है। सीतारमण ने कहा कि लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत और फ्रांस के बीच 2008 में समझौता हुआ था।

संसद में पीएम मोदी की जीत, विपक्ष के समर्थन में पड़े 126 वोट जबकि विरोध में 325 वोट पड़े

गाजियाबाद में धराशायी हुई पांच मंजिला इमारत, योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

NewsCode | 22 July, 2018 11:02 PM
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गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रविवार को 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई है। इसमें एक व्यक्ति की हताहत होने की खबर है जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इमारत के मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह बिल्डिंग गिरी है, वह पूरी तरह से अवैध रूप से बसाई गई है।

खबरों के मुताबिक प्रसन्नजीत गौतम नाम के शख्स की ज़मीन है। बिल्डर मनीष गोयल नाम का शख्स है। दोनों ही अभी पुलिस की पंहुच से दूर हैं। इन दोनों के परिवार वालों पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है।

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के एसएसपी को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सीएम की सख्ती के बाद दोषियों की गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गयी है। याद रहे कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस इमारत में चार लोग हिस्सेदार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेसमेंट मिलाकर पांच तल वाली बिल्डिंग में 17 मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर पौने तीन बजे इमारत भरभराकर गिर गई और उसमें काम कर रहे सभी मजदूर मलबे में दब गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दो मजदूरों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने देर शाम तक मलबे से छह मजदूरों को निकाला। इनमें से एक को संयुक्त अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

सामने आई बिल्डर की लापरवाही

गाजियाबाद इमारत हादसे में बिल्डर की बड़ी लापरवाही भी सामने आई हैै। घटनास्थल पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि बिल्डिंग के एक हिस्से में दरार आ गई थी, जिसके बारे में बिल्डर को जानकारी थी। बिल्डर ने मजदूरों को इस दरार को भरने को कहा और इमारत में जबरदस्ती काम जारी रखा।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच चुकी है राहत और बचाव का कार्य जारी है। बचाव के कार्य में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के गिरते उमसें कई मजदूर मौजूद थे। हादसे में घायल महिला गुलाबरानी (47), शिवा (8) व देवेन्द्र (5) साल की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों को जिला संयुक्त अस्पताल से जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया है।

कभी भी गिर सकती है ग्रेटर नोएडा की 13 मंजिला इमारत

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर बीटा-2 में नई बिल्डिंग बनाने के लिए की गई गहरी खुदाई और उसमें जमे पानी की वजह से पास की 13 मंजिला बिल्डिंग पर खतरा मंडराने लगा है। इमारत की दीवार में दरारें आ गई हैं। 13 मंजिला बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है।

बारिश के पानी और बिल्डर की मनमानी से 180 परिवारों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 की स्पार्क डिवाइन में रहनेवाले लोगों की नींद सोसाइटी के ठीक बगल में खोदे गए 25 फीट गहरे गड्ढे के कारण गायब हो गई है। ऐसे में यहां के 20 परिवार अपना फ्लैट खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।

बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है। थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन मोड में आया है। पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया। गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया

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