JAC 10th Result : 488 अंक लाकर नेतरहाट के तुषार रंजन बने टॉपर

NewsCode Jharkhand | 12 June, 2018 4:43 PM
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59.48% प‍रि‍क्षार्थी सफल

रांची। झारखंड अधिविद्य परिषद, जैक द्वारा संचालित मैट्रिक परीक्षा का परिणाम आज जारी कर दिया गया। इस परीक्षा में 59.48 प्रतिषत परीक्षार्थी सफल घोषित हुए हैं। नेतरहाट के तुषार रंजन ने सबसे अधिक 488 अंक लाकर टॉप किया है। वहीं दूसरे स्‍थान पर 487 अंक लाकर नेतरहाट के ही बिरेंद्र कुमार बर्णवाल रहे।

हजारीबाग जिला ने किया सबसे बेहतर प्रदर्शन

जैक के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने परीक्षा परिणाम जारी करते हुए बताया कि सबसे अच्छा प्रदर्शन हजारीबाग जिले का रहा, जहां 74.57 प्रतिषत परीक्षार्थी सफल घोषित हुए। इस परीक्षा में कुल 428300 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसमें से 2.54 लाख परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित हुए है।

जैक अध्यक्ष ने बताया कि इस बार बोर्ड की दसवीं परीक्षा में छात्रों से अधिक छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हुई थी, लेकिन परीक्षा में प्रदर्शन में छात्रों का प्रदर्शन छात्राओं के बजाय बेहतर रहा। उन्होंने बताया कि कुल 4.28 लाख में से कुल 2.08 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे थे, जिसमें से 128959 छात्र सफल रहे, सफल होने वाले छात्रों का प्रतिशत 61.79 रहा, वहीं इस परीक्षा में 219688 छात्राएं परीक्षा में बैठी थी, जिसमें से 125871 छात्राएं सफल रही। इस तरह से सफल रहने वाली छात्राओं का प्रतिशत 57.29  रहा।

जिलावार प्रतिशत 

मैट्रिक परीक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन हजारीबाग जिले का रहा, जहां 74.75 प्रतिशत रहा। जबकि रांची दूसरे स्थान पर रहा, यहां 72.93 प्रतिशत रहा। जबकि सबसे फिसड्डी जिला लातेहार रहा, 38.19 प्रतिशत परीक्षार्थी ही सफल रहे।

पूर्वी सिंहभूम के 68.22 फीसदी छात्र,  खूंटी जिले के 66.92 फीसदी छात्र,  साहेबगंज जिले के 64.01 फीसदी छात्र, गिरिडीह जिले के 63.15 फीसदी छात्र, धनबाद जिले के 61.89 फीसदी छात्र, रामगढ़ जिले के 61.73 फीसदी छात्र, दुमका जिले के 61.31 फीसदी छात्र, पलामू जिले के 61.18 फीसदी छात्र, देवघर जिले के 60.70 फीसदी छात्र, कोडरमा जिले के 59.88 फीसदी छात्र, सराईकेला जिले के 57.55 फीसदी छात्र, गुमला जिले के 56.62 फीसदी छात्र, पश्चिमी सिंहभूम जिले के 56.05 फीसदी छात्र, सिमडेगा जिले के 54.05 फीसदी छात्र, बोकारो जिले के 53.14 फीसदी छात्र, लोहरदगा जिले के 52.41 फीसदी छात्र, जामताड़ा जिले के 52.11 फीसदी छात्र, गोड्डा  जिले के 50.67 फीसदी छात्र, पाकुड़ जिले के 49.93 फीसदी छात्र, चतरा जिले के 42.59 फीसदी छात्र, गढ़वा जिले के 40.21 फीसदी छात्र और लातेहार जिले के 38.19 फीसदी छात्र सफल रहे।

बड़े-बड़े दावे करने वाले झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की वेबसाइट

वेबसाइट https://jac.jharkhand.gov.in/en/result/ लगभग ठप है। आमतौर पर रिजल्ट जारी होने के बाद कोई भी वेबसाइट क्रैश करती है, लेकिन जैक की वेबसाइट पहले ही पहुंच से दूर हो गयी है। वेबसाइट (https://jac.nic.in/) अंडर कंस्ट्रक्शन है। यह साइट खुलेगी, लेकिन रिजल्ट के ऑप्शन पर जाते ही एक मैसेज आयेगा : दिस साइट कैन नॉट बी रीच्ड (This site can’t be reached)।

जैक का टोल फ्री नंबर 18003456523 भी काम नहीं कर रहा है। इस नंबर पर डायल करेंगे, तो बतायेगा : यह नंबर अस्थायी रूप से खराब है. कृपया थोड़ी देर बाद डायल करें। वहीं, लैंडलाइन नंबर 06521-6453342 भी काम नहीं कर रहा है। इस नंबर पर फोन करने पर आपको बताया जायेगा कि आपने जो नंबर डायल किया है, वह गलत है। कृपया नंबर जांच लें।

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बोकारो : स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण में चास को देशभर में 19वां व राज्‍य में पहला स्‍थान प्राप्‍त

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:18 PM
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पीएम ने जारी किया स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड

बोकारो। भारत सरकार की शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छ्ता सर्वेक्षण में चास नगर निगम को झारखंड में पहला स्थान प्राप्त हुआ। वहीं नगर परिषद फुसरो को राज्य में चौथा स्थान मिला है। भारत सरकार की शहरी विकास मंत्रालय ने देश भर में हुई स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड जारी किया।

जबकि देशभर में स्वच्छता सर्वेक्षण में चास नगर निगम को 19वां स्थान प्राप्त हुआ। फुसरो नगर परिषद को देश में 29वां स्थान मिला और झारखंड में चौथा स्‍थान।  रैंक जारी होने पर बधाईयों का तांता लगा रहा।

चास : लोगों का सपना हुआ पूरा, अमृत योजना के रूप में मिला ये उपहार

उपायुक्त  मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने दोनों कार्यपालक पदाधिकारियों को बधाई देते दोनों क्षेत्रों के जनता को भी शुभकामनाएं दी और भविष्य में और भी बेहतर की उम्मीद जताई। गौरतलब है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में रिपोर्ट जारी किया है।

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टुण्डी : पारा शिक्षकों ने सरकार से की राज्‍य में छत्तीसगढ़ नियमावली की मांग  

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:49 PM
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टुण्डी (धनबाद)। झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघ की बैठक प्रखंड अध्यक्ष नवीन चन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन प्रखंड सचिव महमुद आलम ने किया।

बैठक में मुख्य रूप से चर्चा का विषय था कि बीजेपी  की सरकार जिस प्रकार पारा शिक्षकों के कल्याण के लिए कमेटी गठित किया और छह राज्यों से नियमावली मंगवाने के लिए अपने राज्यकर्मी को भेजा है। पारा शिक्षक भी सरकार से उम्मीद की है कि यहां की सरकार छत्तीसगढ़ नियमावली झारखंड के पारा शिक्षकों पर लागू किया जाए।

बेंगाबाद: पारा शिक्षकों ने किया गुरुगोष्ठी का बहिष्कार, बकाया मानदेय के भुगतान की मांग

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सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न

NewsCode | 24 June, 2018 1:21 PM
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नई दिल्ली। सऊदी अरब में आज रविवार से महिलाओं को आधिकारिक तौर पर सड़कों पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिल गई है। इसी के साथ सऊदी अरब महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का आखिरी देश बन गया है। मालूम हो कि सऊदी अरब दुनिया का अकेला देश था जहां महिलाओं को ड्राइव करने की आजादी नहीं थी।

राजधानी जेद्दा में आधी रात से ही सड़कों पर इस आजादी का जश्न देखने को मिला, जहां कई महिलाएं स्टियरिंग थामें नजर आईं और हर कुछ दूरी पर खड़े कई लोग उन्हें बधाई देते दिख रहे थे। इस देश के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि 60 से अधिक वर्षों से महिलाएं सिर्फ यात्री सीट पर ही बैठती थीं यानी खुद गाड़ी नहीं चला सकती थीं। गाड़ी चलाने पर लगा बैन हटने से खाड़ी देश में 1.51 करोड़ महिलाएं पहली बार सड़कों पर गाड़ी लेकर उतरने में सक्षम हो सकेंगी।

बता दें कि सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था। यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि अर्थव्यवस्था को तेल से अलग कर सऊदी समाज को खोला जा सके। उन्होंने जून 2018 तक इस आदेश को लागू करने की बात कही थी। सऊदी के शासक सलमान के इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हुई।

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न Ban on Women driving ends in Saudi Arabia | NewsCode - Hindi News

जेद्दाह की एक महिला हम्सा अल-सोनोसी ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी जिंदगी में इस दिन को देख पाउंगी। जेद्दाह महिलाओं को लाइसेंस देने वाला देश का दूसरा शहर है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब की गिनती कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए कई पाबंदियां और सख्तियां हैं। उन्हें अभी तक वो अधिकार भी नहीं मिले हैं, जो दुनिया के बाकी देशों की महिलाओं को हैं। यहां महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। कई महिलाओं को तो नियम तोड़ने के लिए सजा तक दी गई।

कई महिलाएं ब्रिटेन, कनाडा या लेबनान जैसे देशों में जा कर अपने लिए अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया करती थीं। इनमें से कुछ ने सोमवार को एक छोटा सा ड्राइविंग टेस्ट दिया, जिसके बाद इन्हें सऊदी अरब के नए लाइसेंस दिए गए।

ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाली पहली महिलाओं में से एक रेमा जवदात का कहना है, “सऊदी अरब में ड्राइव करने का मेरा सपना पूरा होने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए ड्राइविंग का मतलब है अपनी पसंद से कुछ करना, आजाद होना। अब हमारे पास विकल्प हैं।”

सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति

– सऊदी अरब में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। एक स्टडी में यहां के 53 फीसदी पुरुषों ने माना था कि उन्होंने घरेलू हिंसा की है। वहीं, 32 फीसदी ने यह भी माना कि उन्होंने अपनी पत्नी को बुरी तरह चोट पहुंचाया।

– सऊदी में महिलाएं अकेले प्रॉपर्टी भी नहीं खरीद सकतीं। यहां एक महिला के तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए दो पुरुष गवाह जरूरी हैं।

– पुरुष गवाह के बिना महिलाओं की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकती। इसके साथ ही उन दो पुरुषों की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए चार और पुरुष गवाहों की जरूरत होती है।

– सऊदी अरब में पुरुषों की तरह महिलाओं को कानूनी तौर पर बराबरी हासिल नहीं है। ऐसे कई काम जिन्हें पुरुष कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए वो काम प्रतिबंधित हैं।

– यहां महिलाएं विदेश यात्रा नहीं कर सकतीं। पसंदीदा रहने की जगह नहीं चुन सकतीं। पासपोर्ट या फिर नेशनल आईडी कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं।

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