‘रेपिस्तान’ वाले ट्वीट पर कश्मीर के पहले IAS टॉपर शाह फैसल के खिलाफ कार्रवाई, ‘बॉस से मिला प्रेम पत्र’

NewsCode | 11 July, 2018 11:15 AM
newscode-image

नई दिल्ली। तेजी से बढ़ती बलात्कार की घटनाओं के संबंध में ट्वीट करने वाले 2010 बैच के यूपीएससी परीक्षा के टॉपर शाह फैसल के खिलाफ जम्मू-कश्मीर सरकार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। शाह कश्मीर से पहले आईएस टॉपर भी हैं।

फैसल को भेजे गए एक नोटिस में सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है, आप कथित रूप से आधिकारिक कर्तव्य निभाने के दौरान पूर्ण ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का पालन करने में असफल रहे हैं, जो एक लोक सेवक के लिए उचित व्यवहार नहीं है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर सरकार को फैसल के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

कुछ दिन पहले शाह ने रेप की बढ़ती घटनाओं पर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था- ‘पितृसत्ता + जनसंख्या + निरक्षरता + शराब + पोर्न + टेक्नालॉजी + अराजकता = रेपिस्तान!’

नोटिस मिलने के बाद ट्वीट करते हुए फैसल ने लिखा है , दक्षिण एशिया में बलात्कार के चलन के खिलाफ मेरे व्यंग्यात्मक ट्वीट के एवज में मुझे मेरे बॉस से प्रेम पत्र (नोटिस) मिला।

 

ये भी पढ़ें:

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस लिस्‍ट में टॉप पर आया आंध्र प्रदेश, झारखंड की रैंकिग में सुधार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, संवैधानिक रूप से आधार वैध है

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 12:33 PM
newscode-image

लेकिन बैंक और मोबाइल से लिंक करना जरूरी नहीं

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम फैसला लिया। केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया है, लेकिन कोर्ट ने यह भी कहा कि आधार को बैंकों और मोबाइल से लिंक करना जरूरी नहीं है। स्कूलों में दाखिले के लिए भी आधार जरूरी नहीं है।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनोखा होना बेहतर है। न्यायमूर्ति ए के सीकरी ने प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और अपनी ओर से फैसला सुनाते हुये कहा कि आधार के खिलाफ याचिकाकर्ताओं के आरोप संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर आधारित है, जिनके कारण राष्ट्र शासकीय निगरानी वाले राज्य में बदल जायेगा।

न्यायालय ने कहा कि आधार के लिए यूआईडीएआई ने न्यूनतम जनांकीकीय और बायोमेट्रिक आंकड़े एकत्र किये है। पीठ ने कहा कि आधार समाज के वंचित तबके को सशक्त बनाता है और उन्हें पहचान देता है। न्यायमूर्ति सीकरी ने फैसले में कहा, डुप्लीकेट आधार कार्ड प्राप्त करने की कोई संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा कि फैसले में मानव सम्मान के विचार को विस्तार दिया गया है। न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा कि आधार योजना के सत्यापन के लिए पर्याप्त रक्षा प्रणाली है। जितनी जल्दी संभव हो आंकड़ों की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाया जाये। पीठ ने निजी कंपनियों को आधार के आंकड़े एकत्र करने की अनुमति देने वाले आधार कानून के प्रावधान 57 को रद्द कर दिया है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

जमशेदपुर : छुुुुट्टी मांगी, न‍हीं मिली, गर्भावस्‍था के पांंचवें माह में ड्यूूटी करने को मजबूर सुरक्षाकर्मी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:58 PM
newscode-image

एमजीएम अस्पताल की संवेदनहीनता

जमशेदपुर। जमशेदपुर का एमजीएम अस्पताल इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। वैसे इस बार यह अस्पताल अलग ही तरह के कारनामों को लेकर सुर्खियों में है।

इस अस्पताल की लापरवाही की खबरें तो आम बात है, लेकिन इस बार इस अस्पताल में काम कर रही महिला सुरक्षाकर्मियों की क्या स्थिति है, यह बता रहे हैं।

किस तरह 8 महीने की गर्भवती महिला सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करने को मजबूर है। ऐसा नहीं है कि उस महिला कर्मी ने छुट्टी के लिए गुहार नहीं लगाई थी।

इस महिला ने प्रेगनेंसी लीव का आवेदन दिया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन या होमगार्ड  के वरीय अधिकारी इस महिला के आवेदन को निरस्त करते हुए इतना ही कहा कि जब तुम्हें परेशानी होगी तो तुम्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही महिला ड्यूूटी करने को मजबूर

अब सवाल यह उठता है कि आखिर 8 महीने की गर्भवती महिला को क्या परेशानी नहीं हो रही होगी ?  क्या एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और झारखंड सरकार का गृह रक्षा वाहिनी विभाग इतना संवेदनहीन हो गया है कि जो महिला अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही, उसे अस्पताल की सुरक्षा में लगा दिया गया।

वैसे यह कोई पहली महिला नहीं है, जो गर्भवती होने के बाद भी ड्यूटी बजा रही है, बल्कि इनकी जैसी और भी एक महिला सुरक्षाकर्मी यहां ड्यूटी पर तैनात है।

पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का है प्रावधान

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी योजना जिसके तहत महिलाओं को पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का प्रावधान है, उसका उल्‍लंघन हो रहा है। यदि महिला होमगार्ड की जवान के साथ कुछ अनहोनी हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेवार होगा।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:19 PM
newscode-image

लोहरदगा। शहर के बड़ा तालाब, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान में लोहरदगा सदर अंचलाधिकारी परमेश्वर कुशवाहा, सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक शैलेश प्रसाद, नगर परिषद के सिटी मैनेजर आफताब आलम सहित कई अधिकारी और पुलिस बल के जवान मौजूद थे। अतिक्रमण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। अतिक्रमण का दोषी पाए जाने पर, ऑन द स्‍पॉट कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया। नगर परिषद के इस अभियान से दुकानदारों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है।

लोहरदगा : अतिक्रमण हटाओ अभियान से दुकानदारों में हड़कंप

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अतिक्रमण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाने के बाद से नगर परिषद अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चला रहा है। इस दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आने पर, अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले नगर परिषद ने कई बार दुकानदारों को चेतावनी देते हुए अतिक्रमण नहीं करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अतिक्रमण होने की वजह से सड़कें संकरी हो गई थी और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थी। जिसकी वजह से नगर परिषद और अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर जोरदार अभियान चलाया।

लोहरदगा : टेबल-कुर्सी ही संभालते हैं कार्यालय, मत्स्य अधिकारी रहते हैं गायब 

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

More Story

more-story-image

चाईबासा : शहर का होगा सौंदर्यीकरण, मनोरंजन से लेकर खेल-कूद...

more-story-image

चाईबासा : स्वच्छता ही स्वस्थ्य जीवन का मूल मंत्र है-रामनारायण...