ईरान ने भारत को चेताया- अमेरिका की बात मानी तो भुगतना पड़ेगा खामियाजा

NewsCode | 12 July, 2018 12:23 PM
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नई दिल्ली। ईरान ने चाबहार बंदरगाह में वादे के मुताबिक निवेश ना करने और तेल के आयात में  कमी को लेकर भारत को चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि अगर भारत अमेरिकी दबाव में आकर तेल के आयात में कटौती  करता है तो फिर वह भारत को दिए गए विशेषाधिकार वापस छीन लेगा। ईरान के उप राजदूत मसूद रजवानियन रहागी ने कहा ने कहा कि अगर भारत ईरान से आयात किए जाने वाले तेल में कटौती करने के लिए सऊदी अरब, रूस, ईराक और यूएस व अन्य देशों का रुख करता है तो ईरान भारत को दिए विशेषाधिकार खत्म कर देगा।

उन्होंने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चाबहार बंदरगाह के विस्तार के लिए भारत वादे के मुताबिक निवेश करने में असफल रहा है। भारत से उम्मीद की जाती है कि वह इस संबंध में जरूरी कदम उठाएगा क्योंकि चाबहार बंदरगाह में उसका सहयोग और भागीदारी सामरिक रूप से अहम है। रहागी एक सेमिनार में ‘वैश्विक राजनीति में उभरती चुनौतियां-अवसर और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर असर’ विषय पर बोल रहे थे।

यूएस के ईरान से तेल आयात करने को लेकर लगाए गए प्रतिबंध की तरफ इशारा करते हुए रहागी ने कहा कि उनका देश भारत का विश्वसनीय ऊर्जा साझेदार रहा है और ईरान ने हमेशा से उपभोक्ताओं और आपूर्तिकर्ताओं के हितों के ध्यान में रखते हुए उचित कीमत में तेल की आपूर्ति की है।

रहागी ने कहा, ‘अगर भारत तेल आपूर्ति के लिए ईरान को सऊदी अरब, रूस, ईराक और यूएस से रिप्लेस करने की कोशिश करता है तो फिर उसे डॉलर से आयात करना होगा जिसका मतलब होगा कि भारत का चालू अकाउंट घाटा बढ़ेगा। इसके अलावा ईरान ने भारत को जो विशेष लाभ दिए हैं, वह भी वापस ले लेगा।

चाबहार बंदरगाह भारत के लिए बेहद अहम

‘ईरान के वरिष्ठ राजदूत ने कहा कि दोनों देशों को रिश्ते को मजबूत करने के लिए कोशिश करनी होगी और इसके लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत होगी। बता दें कि चाबहार बंदरगाह भारत के लिए कारोबार से लेकर रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है। ओमान की खाड़ी के इस बंदरगाह की मदद से भारत पाकिस्तान का रास्ता बचा कर ईरान और अफगानिस्तान के साथ व्यापार कर सकता है।

इतना ही नहीं, ईरान के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है। इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता देश है। वित्त वर्ष 2017-18 के पहले 10 महीनों में ईरान ने भारत को 1.84 करोड़ टन कच्चा तेल दिया था। यह आंकड़ा अप्रैल, 2017 से जनवरी 2018 के बीच का है।

ईरान परमाणु समझौता : भारत का रचनात्मक आदान-प्रदान का आह्वान

गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत समेत अन्य देशों से 4 नवंबर 2018 तक ईरान से तेल का आयात बंद करने के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने पर अमेरिका ने प्रतिबंध झेलने की चेतावनी दी है। खबर एजेंसी के मुताबिक, यूएस के ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद से जून महीने में भारत के ईरान से तेल आयात में 15.9 फीसदी की कमी आई है।

जून महीने में भारत ने ईरान से प्रतिदिन 592800 बैरल तेल का आयात किया जबकि मई महीने में यह 705,200 बैरल प्रतिदिन था। भारत के बाद चीन ईरान का सबसे बड़ा ग्राहक है। भारत ने रिफाइनरियों से तेहरान से तेल आयात में कटौती के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करने के लिए कहा है।

ईरान की चाबहार बंदरगाह का उद्घाटन, भारत के लिए खुला यूरोप जाने का नया रास्ता

ईरानी राजदूत ने कहा, ‘भारत से उम्मीद की जाती है कि वह यूएस को चाबहार बंदरगाह की अहमियत समझाए। चाबहार अफगानिस्तान में व्यापार का प्रमुख लिंक हो सकता है। अपने स्वार्थ में यूएस पूरे विश्व को टारगेट कर रहा है, चाहे उसके दोस्त हों या दुश्मन. यूएस को डरा-धमकाकर या ताकत का इस्तेमाल करने की नीति छोड़ देनी चाहिए।’

उल्लेखनीय है कि चाबहार बंदरगाह भारत-ईरान की मजबूत आर्थिक साझेदारी का प्रतीक है। इस बंदरगाह से भारत की अफगानिस्तान तक पहुंच हो जाएगी। चाबहार बंदरगाह से भारत ईरान से प्राकृतिक गैस का आयात भी करेगा। भारत के रणनीतिकार चाबहार बंदरगाह को चीन के पाकिस्तान में ग्वादर बंदरगाह के जवाब के तौर पर भी देखते हैं।

इसके अलावा भारत अपनी मुद्रा रुपए में ईरान से तेल का आयात करता है। ईरान-भारत के बीच रुपए-रियाल व्यापार व्यवस्था है। इस लिहाज से ईरान भारत के लिए काफी अहमियत रखता है।

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रांची : बीजेपी पर बरसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, लगाए कई आरोप

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 8:46 PM
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रांचीआयुष्मान भारत का उद्घाटन करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 सितंबर को झारखंड आ रहे हैं । इसके लिए तैयारियां जोरो-शोरो से चल रही हैं । वहीं दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रेस को संबोधित करते हुए डॉक्टर अजय ने कहा कि आयुष्मान भारत का उद्घाटन 13 अप्रैल 2018 को छत्तीसगढ़ में हो चुका है, तो फिर दोबारा उसका उद्घाटन 23 अप्रैल 2018 को झारखंड से कैसे करेंगे प्रधानमंत्री?

आयुष्मान भारत और कुछ नहीं बल्कि भाजपा सरकार की आयु बढ़ाने वाली योजना है। चुनाव का मौसम है।  चुनाव सर पर है और इलेक्शन से ठीक 7 महीने पहले ऐसी योजनाओं को लाना जाहिर तौर पर चुनावी हथकंडा है।

भोले- भाले जनता को गुमराह कर रही है सरकार 

ऐसी बहुत सारी योजना है जो मोदी सरकार ने भोली भाली जनता को गुमराह  करने के लिए बनाई है। इसका कुछ उदाहरण मैं आपको देता हूं।  2016 में जेटली जी ने संसद में कहा था कि 10 करोड़ परिवार को 1 लाख देंगे  पर  यह  स्कीम सिर्फ 40 हजार लोगों तक हीं  पहुंचा।

दूसरा, आवासीय योजना में 5 करोड़ मकान देने का वादा था जबकि सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अभी तक सिर्फ 3 लाख 90 हजार ही मकान बन पाए हैं। तीसरा,सरकार एक प्राइमरी सेंटर बनाने के लिए 80  हजार खर्च कर रही है, मैं पूछना चाहता हूं कि 4 हजार स्क्वायर फिट का प्राइमरी सेंटर 80 हजार में कैसे बनेगा?

उसी तरह अटल पेंशन योजना में दो करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाना था जबकि अभी तक सिर्फ 8% लोगों को इसका लाभ मिल पाया है। स्वच्छ भारत की आप बात ही छोड़ दें। स्मार्ट सिटी को लेकर केवल दो परसेंट तक ही काम हो पाया है।

नमामि गंगे पर हुआ है  0% काम

अभी तक,  नमामि गंगे में 0% काम हुआ है। सरकार केवल स्कीम पर स्कीम ला रही है लेकिन धरातल पर अभी तक इनका काम शून्य है।

अगर मैं अपराध की बात करूं तो राज्यभर में बलात्कार, मर्डर ,लूट ,डकैती, चेन स्नेचिंग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। प्रशासन  की ओर से अभी तक कोई गिरफ्तारी या  कार्रवाई  नहीं हुई है। सरकार इसका जवाब दें क्योंकि डीजीपी साहब तो सिर्फ कोर्ट की फटकार खाने और CM हाउस के चक्कर लगाने में व्यस्त हैं।

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धनबाद : डीसी कार्यालय के सामने दो पक्षों में हुई नोंक-झोंक

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 10:03 PM
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धनबाद। डीसी कार्यालय के समक्ष दो पक्षों के बीच बुधवार को जमकर नोंक-झोंक हुई। लड़की से मिलने नहीं देने तथा उन्हें बताये बगैर न्यायालय में लड़की का बयान दर्ज कराए जाने को लेकर लड़की के परिजन हंगामे पर उतारू हो गए।

बीच सड़क पर दो पक्षों के बीच बढ़ते नोक -झोक को लेकर पुलिस को भी उन्हें शांत कराने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। लड़की पक्ष के गुस्से को शांत कराकर तोपचांची पुलिस लड़की के साथ लड़का पक्ष को महिला थाने पहुंचाई।

धनबाद : एटीएम गार्डों ने बिना वेतन व नोटिस के काम से हटाने का किया विरोध

तोपचांची थाना क्षेत्र के दुमदुमी निवासी जगन्‍नाथ पांडेय पिछले 8 तारीख को अपने ही गांव के युवक व उसके साथियों पर पुत्री का अपहरण कर लेने की शिकायत तोपचांची थाने में दर्ज कराई थी। दर्ज बयान में उन्‍होंने कहा था कि पुत्री सुबह में शौच के लिए घर से निकली तभी उपरोक्त युवकों ने पुत्री का अपहरण कर फरार हो गया।

पुलिस की छानबीन में परिजनों को जानकारी मिली की उनकी पुत्री को युवक व उसका साथी अपहरण कर दिल्ली ले गया है। बुधवार को तोपचांची पुलिस युवक-युवती को धनबाद न्यायालय लेकर पहुंची।

सूचना पाकर लड़की के परिवार वाले भी कोर्ट पहुंचे। यहां उन्हें पता चला की लड़की का बयान कोर्ट में दर्ज करा दिया गया है। बयान दर्ज कराने से पूर्व लड़की से भेंट नहीं कराये जाने को लेकर गुस्साए परिजन युवक के घरवालों से नोक-झोंक करने लगे।

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बड़कागांव : जनता दरबार की जानकारी नहीं दिए जाने पर भड़के जनप्रतिनिधि

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 9:54 PM
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बड़कागांव(हजारीबाग)। आम लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रखंड स्तर पर लगाए जा रहे जनता दरबार का महत्व उस समय समाप्त हो गया, जब बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति नगण्य देखी गई। वहीं नियमित रूप से प्रखंड व अंचल में अपने व्यक्तिगत काम को लेकर पहुंचे ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली और इस पर नाराजगी जाहिर की। लगता है जैसे जनता दरबार महज कोरम पूरा करने की चीज बनकर रह गयी है।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार उन्‍हें या ग्रामीणों को जनता दरबार के आयोजन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई ओर गुपचुप तरीके से इसका आयोजन करके खानापूर्ति की जा रही है। लोगों ने कहा कि बड़कागांव की स्थिति दयनीय इसलिए है क्‍योंकि यहां कार्यरत पदाधिकारी, कर्मचारी के साथ-साथ जिले के पदाधिकारियों का भी रवैया उदासीन है। कोई भी कार्य जमीनी स्तर पर नहीं करके महज कागजों तक ही सीमित रखा जा रहा है।

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