विश्व महिला दिवस विशेष: ‘महिलाएं भी जानें कानूनी दांवपेच’

NewsCode | 7 March, 2018 11:05 PM
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नई दिल्ली| महिलाओं में कानून के प्रति सजगता की कमी उनके सशक्तीकरण के मार्ग में रोड़े अटकाने का काम करती है। अशिक्षित महिलाओं को तो भूल जाइए, शिक्षित महिलाएं भी कानूनी दांवपेच से अनजान होने की वजह से जाने-अनजाने में हिंसा सहती रहती हैं।

ऐसे में महिलाओं को कानूनी रूप से शिक्षित करने के लिए मुहिम शुरू करना वक्त की जरूरत बन गया है।

एक निजी सर्वेक्षण से पता चला है कि महिलाएं कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न, घरेलू हिसा, छेड़खानी और तीन तलाक- इन चार अपराधों की सर्वाधिक मार झेल रही हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016-17 में दिल्ली में स्टॉकिंग के 669 मामले सामने आए, घूरने के 41 मामले और दुष्कर्म के 2,155 मामले दर्ज हुए। इसके साथ ही पति या संबंधियों की ओर से उत्पीड़न और दहेज की वजह से हुई मौतों का आंकड़ा भी बहुत बड़ा है।

वर्ष 2016-2017 में महिलाओं के प्रति गंभीर अपराधों की संख्या में 2015-16 के मुकाबले 160.4 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसका एक प्रमुख कारण है महिलाओं के अपने अधिकारों के प्रति सचेत नहीं रहना। उन्हें पता ही नहीं है कि किस तरह की परिस्थिति में उन्हें कहां जाना है या किसकी मदद लेनी है, ऐसे में ‘लॉक्लिक’ जैसी वेबसाइट अपने प्रयासों से महिलाओं को कानून मामलों में शिक्षित कर रहा है।

दरअसल ‘लॉक्लिक’ एक ऑनलाइन लीगल सर्विस पोर्टल है, जो पीड़ितों को वकीलों के सीधे जोड़ना का काम करता है। इसके जरिए आप संबद्ध कानूनी विशेषज्ञों से राय ले सकते हैं। इस वेबसाइट पर लॉगइन करके अपना नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर देकर संबंधित अपराधों को लेकर जानकारी हासिल की जा सकती है।

लॉगइन कर और अपनी जानकारी मुहैया कराने के कुछ ही मिनटों में पीड़ित महिला को वकील मुहैया करा दिया जाता है।

सिर्फ इतना ही नहीं, किसी भी तरह की लीगल इमरजेंसी में महिला वेबसाइट का ‘पैनिक बटन’ दबा सकती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि संबंधित पक्ष को 20 मिनट के भीतर लीगल सहायता उपलब्ध करा दी जाए।

वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लूथरा ने आईएएनएस से कहा, “ऐसा नहीं है कि महिलाओं को कानून की थोड़ी-बहुत जानकारी नहीं है, लेकिन उनमें इसके प्रति जागरूकता का अभाव है। हम पढ़ने-लिखने में आगे हैं, लेकिन जब रोजगार की बात आती है तो पुरुषों के पीछे खड़ी नजर आती हैं।

महिलाओं में कानून की शिक्षा को लेकर संतुलित जागरूकता लाने की जरूरत है। अधिक संख्या में महिला जजों, वकीलों की नियुक्ति करनी होगी यानी महिलाओं को ज्यादा-से ज्यादा मौके देने होंगे और उन्हें खुद मौके बनाने भी होंगे। जमाना बदल रहा है, इसलिए चुप्पी साधने की आदत बदलनी होगी।”

लॉक्लिक डॉट कॉम की सह संस्थापक अर्चना हुन कहती हैं, “हम केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम के आभारी हैं, जो लोगों को डिजिटल रूप से सक्षम बना रहा है। महिलाओं में भी जागरूकता आई है। हमारा उद्देश्य लोगों, विशेष रूप से महिलाओं को किफायती फीस में कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए एक महीने के लिए निशुल्क ट्रायल रखा गया है।”

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वह कहती हैं, “हम एक साल की अवधि में 100 ऐसे मामलों की पहचान करेंगे, जो वित्तीय कारणों और अन्य समस्याओं की वजह से इन सुविधाओं तक पहुंच नहीं बना पाते। हम उन्हें निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराएंगे।”

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आईएएनएस

कोडरमा : कला की धरा पर कलाकृतियों की बारीकियां बच्चों को सिखा रहे हैं अमर घोष

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 5:47 PM
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कोडरमा। कला की धरा पर कलाकृतियां बिखेरना 68 वर्षीय अमर घोष की खासियत है। अब तक कोडरमा जिले के तकरीबन 500 बच्चों (छात्र-छात्राओं) को ये पेंटिंग, ड्राइंग, मूर्तिकला, पेपरमसवर्क, थर्मोकोल वर्क, पलास्टर ऑफ़ पेरिस, हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में सभी स्तर की बारिकियों से परिपूर्ण बना उस क्षेत्र में दक्ष बना चुके है। इनका यह अभियान अनवरत जारी है।

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मौजूदा समय में कला क्षेत्र के धनी अमर घोष तिलैया शहर में रेलवे क्रांसिग के निकट मधुबन काप्लेक्स परिसर में चित्रलिपि के नाम से एक प्रशिक्षण संस्थान चला रहे है। जहाँ सप्ताह में तीन दिन बच्चों को आर्ट क्लास के दौरान उन्हें जानकारियां देकर गढने का काम करते हैं। जिले के कई निजी स्कूलों में भी वे बतौर आर्ट शिक्षक बच्चों को जानकारी देते हैं। ये छात्रों को रिजेक्टेड वाटर बोतल से घर सजाने के हैंडीक्राफ्ट की जानकारी भी देते हैं।

बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनके भीतर आर्ट की बारिकियों को समझने की ललत थी। इस सफर के दौरान उन्होंने इंडियन आर्ट कालेज पश्चिम बंगाल के गोल्ड मेडल प्राप्त प्रध्यापक अजय दास से भी इसके गुर सीखे, बाद के दिनों में 1974-75 में रविन्द्र भारती बंगीय संगीत परिषद धनबाद से उन्होंने आर्ट में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।

मौजूदा समय में उनकी इच्छा है वे ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आर्ट की बारिकियां सिखा सके। वे कहते है खासतौर पर छोटे-छोटे नौनिहालों की प्रतिभा निखारने में उन्हें ज्यादा खुशी मिलती है।

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धनबाद : पानी-बिजली की किल्‍ल्‍त से परेशान ग्रामीण उतरे सड़क पर

Baidyanath Jha | 24 June, 2018 5:45 PM
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धनबाद। जिले में पानी व बिजली की समस्या से परेशान आम लोग अब सड़क पर उतरकर प्रशासन का विरोध करने लगे हैं। ताजा मामला धनबाद केंदुआ का है जहां लोगों ने आज एनएच 32 को घंटों जाम कर पानी व बिजली की मांग की।

मिली जानकारी के अुनसार एनएच 32 सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण रोड निर्माण कंपनी द्वारा पाईप लाइन क्षतिग्रस्त कर दिए जाने के कारण केंदुआ, करकेंद और कुसुंडा क्षेत्र में घोर पानी की किल्लत कई दिनों से बनी हुई है।

धनबाद : क्विक रिस्पांस टीम करेगी बिजली व पानी की समस्‍या का समाधान

पानी नहीं मिलने से परेशान स्‍थानीय महिलाओं ने हाथ में बर्तन लेकर एनएच 32 को जाम कर पानी देने की मांग करने लगे।

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दिल्ली : सेना के अफसर की पत्नी की हत्या, आरोपी मेजर मेरठ से गिरफ्तार

NewsCode | 24 June, 2018 5:43 PM
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के छावनी इलाके में बरार स्क्वायर के निकट आर्मी के मेजर अमित की पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी को मेरठ से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम निखिल हांडा है और वह भी सेना में मेजर है।

आपको बता दें कि दिल्ली के बेहद ही संवेदनशील कैंट इलाके मेजर के पद पर कार्यरत की पत्नी शैलजा द्विवेदी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। शैलजा सुबह 10 बजे आर्मी के बेस अस्पताल फिजियोथेरेपी कराने आई थी। लेकिन करीब 1 बजकर 28 मिनट पर दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास वरार स्केयर में सड़क पर शैलजा का शव मिला।

पुलिस ने आरोपी निखिल हांडा को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के दौराला से गिरफ्तार किया है। मृतका के मोबाइल फोन की जांच की गई तो अखिरी कॉल डिटेल निखिल हांडा की मिली। इसके आधार पर ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में मेजर की पत्नी के दूसरे मेजर से प्रेम प्रसंग होने की बात सामने आ रही थी। पुलिस से पूछताछ में मेजर अमित द्विवेदी ने पत्नी का एक दूसरे मेजर से संबंध होने का शक जताया था।

रविवार सुबह को पूछताछ में अमित ने बताया कि दिल्ली आने से पहले दीमापुर में उनकी पोस्टिंग थी, यहां पर उनकी पत्नी की नजदीकियां एक दूसरे मेजर से बढ़ गई थीं। दिल्ली आने के बाद भी उनकी पत्नी की उस मेजर से बातचीत होती थी। पुलिस को सीसीटीवी से पता चला है कि घटना वाले दिन निखिल ने शैलजा को अपनी हॉडा सिटी कार में बैठाया कर कहीं ले गया था और उसके बाद उसकी हत्या कर फरार हो गया।

निखिल रात भर अपनी लोकेशन बदलता रहा और आखिरकार उसको मेरठ से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं पता ये भी लगा है कि अमित कुछ ही दिनों में यूएन मिशन में सूडान जाने वाला था। उसके साथ पत्नी शैलजा की भी जाने की तैयारी थी।

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