2017 विशेष : विपक्षी दलों के लिए चुनौती भरा साल

NewsCode | 31 December, 2017 2:07 PM

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वापस भाजपा नीत राजग में शामिल होने से इस वर्ष विपक्षी पार्टियों को बड़ा झटका लगा।

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नई दिल्ली। देश भर की विपक्षी पार्टियों को इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के उदय और विस्तार की चुनौती का सामना करना पड़ा। आने वाले समय में देश के आठ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी विपक्षी पार्टियों के समक्ष भाजपा के विस्तार को रोकने की कठिन चुनौती होगी। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं, जिसके लिए भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने को लेकर भी विपक्षी दलों की परीक्षा होनी है।

राज्यों में विपक्षी पार्टियों का प्रदर्शन मुख्यत: कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष राहुल गांधी पर निर्भर करेगा। राहुल गांधी कैसे अन्य विपक्षी दलों को लेकर आगे बढ़ते हैं, इससे भी इन चुनावों में काफी कुछ तय होगा।

वर्ष 2018 में कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इनमें से चार बड़े राज्यों में कांग्रेस का मुकाबला सीधे भाजपा से है। त्रिपुरा में इस बार सीधा मुकाबला मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भाजपा में है।

पिछले तीन वर्षो में कांग्रेस ने कई चुनाव हारे हैं, इसी वजह से 2019 लोकसभा चुनाव के संदर्भ में ‘सामूहिक नेतृत्व’ पर काफी बातें हो रही हैं। मोदी के विरोध में राष्ट्रपति चुनाव की तरह उम्मीदवार चुने जाने की भी बात कही जा रही है।

इस वर्ष 18 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सामूहिक उम्मीदवार खड़ा किया था। लेकिन कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) और बहुजन समाज पार्टी(बसपा) गुजरात विधानसभा चुनाव में एक साथ नहीं लड़ पाए, जिसमें कांग्रेस कड़ी टक्कर देने के बावजूद चुनाव हार गई।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद इन 18 विपक्षी पार्टियों ने एक साथ आने का फैसला किया था। जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया था और जीत भाजपा के हाथ लगी थी।

राकांपा नेता तारिक अनवर ने कहा, “कांग्रेस को गुजरात में 12 सीटों पर इसलिए हार मिली, क्योंकि कांग्रेस ने इन पार्टियों के साथ गठबंधन नहीं किया था। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में इन पार्टियों को फिर से ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर कांग्रेस इन राज्यों में अच्छा करती है तो 2019 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को काफी ऊर्जा मिलेगी।”

अनवर ने कहा कि अगले वर्ष विधानसभा चुनावों से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि 2019 लोकसभा चुनाव में क्या होने वाला है।

बसपा और समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में एक-दूसरे की विरोधी हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में कांग्रेस व तृणमूल कांग्रेस, और वामपंथी दल एक-दूसरे के विरोधी हैं। कांग्रेस हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल, तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति और ओडिशा में बीजू जनता दल(बीजद) की विरोधी है।

इन विरोधाभाषों और वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में भाजपा के हाथों कांग्रेस की बुरी हार पर तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ऐसे ‘सामूहिक नेतृत्व’ पर जोर दिया है, जो भाजपा के विरुद्ध सभी राज्यों में सभी विपक्षी पार्टियों को एक साथ ला सके।

उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों को मजबूती के साथ चुनाव लड़ना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने कहा, “लोकसभा चुनाव से पहले सभी विपक्षी पार्टियों के एकसाथ आने की अनिवार्यता है और बीजद व आम आदमी पार्टी जैसी पार्टियों को भी इस बड़े समूह का हिस्सा बनना चाहिए।”

अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा, “हम यह कोशिश करेंगे कि लोकसभा चुनाव से पहले सभी विपक्षी पार्टियां एक साथ आ सकें। जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब देश में ऐसी ही स्थिति थी। सभी पार्टियां एकजुट हुईं और वह चुनाव हार गईं। इतिहास अपने आप को दोहराता है।”

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम(डीएमके) के नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा, “गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी के अभियान ने कांग्रेस का मनोबल बढ़ाया और आगामी चुनावों में चुनाव लड़ने की तैयारी बहुत पहले से कर देनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “सभी विपक्षी पार्टियों को सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए एक साथ आना चाहिए। वे लोग हम पर हिंदुत्व थोपना चाहते हैं। वे लोग समाज में नफरत भी फैला रहे हैं।”

माकपा के मोहम्मद सलीम ने कहा, “धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ वैकल्पिक रणनीति तलाशनी चाहिए और उन्हें हराना चाहिए।”

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी. राजा ने कहा कि भाजपा और संघ के खिलाफ लड़ाई में राजनीतिक पार्टियों के अलावा सामाजिक ताकतों को भी एकजुट होने की जरूरत है।

जनता दल (युनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वापस भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) में शामिल होने से इस वर्ष विपक्षी पार्टियों को बड़ा झटका लगा। वह एक ऐसे नेता थे, जो मोदी को चुनौती देने वाले नेता के रूप में उभर सकते थे।

बिहार में ही एक अन्य घटनाक्रम में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद के चारा घोटाला मामले में में दोषी ठहराए जाने से भी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने की कोशिश को झटका लगा है।

हाल ही में 2जी स्पेक्ट्रम मामले में आए फैसले से हालांकि कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी पार्टियों को जरूर राहत मिली है। इस मामले के विरुद्ध भाजपा ने लगातार कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(संप्रग) पर जोरदार हमला बोला था, जिससे कांग्रेस को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।

इस कड़ी में काफी अध्याय हैं और यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि 2018 में कैसे नतीजे आते हैं।

आईएएनएस

कैसा रहेगा आज आपका दिन ? जानें आज दिनांक 14-10-2018 का अपना राशिफल

NewsCode | 14 October, 2018 9:01 AM
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सुप्रभात मित्रों! परिवार में प्यार से लेकर तक़रार, व्यापार में मुनाफा से लेकर उधार, सेहत में बुखार से लेकर सुधार, करियर, रोजगार, कार इत्यादि के लिए कैसा रहेगा आज आपका दिन। पढ़ें अपना राशिफल :

मेष/Aries (मार्च 21-अप्रैल 20) – चोट-चपेट से बचना चाहिए, सेहत का भी ध्यान रखें, पारिवारिक समस्याओं के ऊपर ध्यान देना होगा, माता के सेहत का ध्यान रखें।

वृष/Taurus (अप्रैल 21–मई 21) – मानसिक रूप से भावुक रहेंगे, लंबी यात्रा के योग हो सकते हैं, कार्य व्यवसाय उत्तम है, परिवार के साथ समय गुजारना पसंद करेंगे।

मिथुन/Gemini (मई 22–21 जून) – दृढ़तापूर्वक कार्य करने का लाभ मिलेगा, पार्टनर के साथ मिलकर व्यापार बढ़ाने का प्रयास करेंगे, युवाओं के विवाह की बात होगी, नये कार्य की योजना भी बना सकते हैं।

कर्क/Cancer (जून 22–जुलाई 23) – क्रोध करने से बचें, कार्य व्यवसाय उत्तम है, साझेदारी में काम प्रारंभ न करें, दाम्पत्य जीवन में दबाव महसूस करेंगे।

सिंह/Leo (जुलाई 24–अगस्त 23) – परिवार की चिंता होगी, प्रोपर्टी से संबंधित खरीद-बिक्री सावधानी से करें, युवा अपने दोस्तों पर विशेष भरोसा करेंगे, विशिष्ट व्यक्तियों का सहयोग मिलेगा।

कन्या/Virgo (अगस्त 24–सितंबर 23) – सामर्थ्य का विकास होगा, अपने मन के अनुकूल घर लेने में सफल हो सकते हैं, पारिवारिक सदस्यों का सहयोग मिलेगा, कार्य व्यवसाय उत्तम है।

तुला/Libra (सितंबर 24–अक्टूबर 23) – धन निवेश की चिंता होगी, आगे नयी नौकरी की तलाश होगी, शारीरिक रूप से थकान महसूस करेंगे, कार्य व्यवसाय की चिंता होगी।

वृश्चिक/Scorpio (अक्टूबर 24–नवंबर 22) – कार्य क्षेत्र में निवेश की योजना होगी, निवेश पर ध्यान भी रखना होगा, कर्मचारियों का सहयोग नहीं मिलेगा, भाई के साथ मनमुटाव हो सकता है।

धनु/Sagittarius (नवंबर 23–दिसंबर 21) – मानसिक रूप से चिंताग्रस्त हो सकते हैं, वाणी पर नियंत्रण जरूरी है, जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, ईश्वर भक्ति में मन लगेगा।

मकर/Capricorn (दिसंबर 22–जनवरी 20) – गुस्सा करने से बचें, कार्य व्यसाय पर ध्यान देना होगा, अचानक कार्य क्षेत्र में दबाव महसूस करेंगे, अति आत्मविश्वास में न रहें।

कुंभ/Aquarius  (जनवरी 20–फरवरी 19) – कार्य व्यवसाय उत्तम है, अपेक्षा के अनुकूल लाभ की संभावना है, अनुभवी लोगों का सहयोग मिलेगा, प्रेम संबध प्रगाढ़ होंगे।

मीन/Pisces (फरवरी 20–मार्च 20) – धार्मिक कार्य करने वाले के लिए समय अनुकूल है, घर खरीदने का सपना पूरा हो सकता है, कार्य व्यवसाय सामान्य है, दाम्पत्य सुख उत्तम है।


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NewsCode | 13 October, 2018 7:20 AM
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सुप्रभात मित्रों! परिवार में प्यार से लेकर तक़रार, व्यापार में मुनाफा से लेकर उधार, सेहत में बुखार से लेकर सुधार, करियर, रोजगार, कार इत्यादि के लिए कैसा रहेगा आज आपका दिन। पढ़ें अपना राशिफल :

मेष/Aries (मार्च 21-अप्रैल 20) – वाहन सावधानी से चलाना होगा, अपव्यय से बचना चाहिए, कार्य के क्षेत्र में किसी से लड़ाई-झगड़े न करें, लाभ अपेक्षा के अनुकूल होगा।

वृष/Taurus (अप्रैल 21–मई 21) – भावुकता से बाहर निकल कर कार्य विशेष पर ध्यान देना होगा, यात्रा का लाभ मिलेगा, आसपास के लोगों से सतर्क रहें, ईश्वर भक्ति में आनंद मिलेगा।

मिथुन/Gemini (मई 22–21 जून) – दिनभर कार्य में व्यस्त रहेंगे, शाम को दोस्तों के साथ समय गुजारेंगे, युवाओं को नौकरी की तलाश होगी, कार्य व्यवसाय सामान्य है।

कर्क/Cancer (जून 22–जुलाई 23) – किसी के लिए बुरा न बोलें , माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, कार्य व्यवसाय उत्तम है, जीवनसाथी की भावनाओं को समझें।

सिंह/Leo (जुलाई 24–अगस्त 23) – नये कार्य के ऊपर ध्यान केन्द्रित रहेगा, विशेष लोगों से मिलने का कार्यक्रम हो सकता है, सामर्थ्य में वृद्धि होगी, भाई–बहन का साथ मिलेगा।

कन्या/Virgo (अगस्त 24–सितंबर 23) – व्यस्त कार्यक्रम के बाद धन की चिंता होगी, खर्च की अधिकता से परेशान हो सकते हैं, अधिकारी वर्ग नाराज हो सकते हैं, युवाओं के विवाह में बाधा के संकेत हैं।

तुला/Libra (सितंबर 24–अक्टूबर 23) – व्यर्थ की चिंताओं से मन अशांत होगा, अपने उन्नति की बात सोचेंगे, धार्मिक कार्यों में रूचि लेंगे, पिता का सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक/Scorpio (अक्टूबर 24–नवंबर 22) – निवेश के ऊपर ध्यान केन्द्रित होगा, सोच–समझ कर ही निवेश करना चाहिए, लाभ अपेक्षा के अनुकूल होगा, कार्य क्षेत्र में विशेष परिश्रम करने होंगे।

धनु/Sagittarius (नवंबर 23–दिसंबर 21) – चिंता से मुक्ति मिलेगी, मन प्रसन्न रहेगा, कार्य क्षेत्र में मजबूती से कार्य करेंगे, दाम्पत्य सुख उत्तम है।

मकर/Capricorn (दिसंबर 22–जनवरी 20) – अपने कार्य क्षमता पर विशेष भरोसा होगा, कार्य व्यवसाय उत्तम है, लाभ अपेक्षा से कम होगा, पत्नी बीमार हो सकती है।

कुंभ/Aquarius  (जनवरी 20–फरवरी 19) – बड़े व्यापारी नये कार्य का प्रारंभ करेंगे, सरकारी सहयोग नहीं मिलने से परेशानी होगी, अपने अधिकारियों के साथ मंत्रणा करेंगे, प्रेम करने वाले के लिए दिन अनुकूल है।

मीन/Pisces (फरवरी 20–मार्च 20) – कार्य व्यवसाय की चिंता होगी, नौकरी में परिवर्तन की बात सोचेंगे, वाहन सुख उत्तम है, परिवार का सहयोग मिलेगा।


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चक्रधरपुर : नहीं रहे पूर्व रात्रि प्रहरी जीत बहादुर थापा

NewsCode Jharkhand | 12 October, 2018 4:06 PM
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श्रद्धांजलि

चक्रधरपुर । गुदरी बाजार में रात्रि प्रहरी के रूप में कार्य कर चुके जीत बहादुर थापा का व्यक्तित्‍‍‍व अपने जीवन काल से ही संघर्षशील रहा। इन्‍‍‍‍‍‍‍‍होंने  जवानी वा बुढ़ापा गुदरी बाजार में  ही गुजार दी।

पूरी तरह से चरमरा गई थी आर्थिक स्थिति

करीब 30 साल की सेवा इन्‍होंने यहां दी। एक दुर्घटना में पीठ की कमर की हड्डी टूट गई। उसके बाद वो बाजार छोड़ चले गये। इस घटना ने इनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरीके से चरमरा गई। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। लोगों से पैसे मांग कर अपना गुजर- बसर कर रहे थे।

2 अक्टूबर 2017 को गांधी जयंती के दिन मैं इनके पास पहुंचा, तो पता लगा सरकार से इनको कोई सुविधा नहीं मिल रही । तब हम लोगों ने वादा किया कि जब तक सरकार आपको आपका हक नहीं दे देती, तब तक  संगठन आप को सहायता प्रदान करेगी।

निरंतर प्रयास से  इनको सरकारी मदद दिलायी गई।  जब तक सरकारी मदद नहीं मिली, तब तक आर्थिक सहयोग भी करते रहे।

हम संतुष्ट हैंं कि हमने आखिरी समय में  इनकी आंखों में संतुष्टि का भाव देखा और हम लोगों ने इनसे कहा भी था कि आप जीवित रहेंं, हम आपसे वादा करते हैं कि आपको एक अपना घर सरकार से मुहैया कराने की कोशिश करेंगे।

आज से एक सप्‍ताह पहले इनका देहांत हो गया। आज उनकी सुध लेने के लिए इनके निवास पहुंचा तो वहां के आस -पड़ोस के लोगों ने बताया कि पिछले गुरुवार को उनका देहांत हो गया।अफसोस है कि जीत बहादुर थापा हमारे बीच नहीं रहे।

रामगोपाल जेना

चक्रधरपुर

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