पत्नी की हत्या के 17 साल बाद ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ के एंकर सुहैब इलियासी को मिली उम्रकैद

NewsCode | 20 December, 2017 4:37 PM

कोर्ट ने सुहैब पर 2 लाख का जुर्माना भी लगाया है

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नई दिल्ली। टेलीविजन पर लोकप्रिय क्राइम शो ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ के होस्ट सुहैब इलियासी को पत्नी की हत्या के 17 साल पुराने मामले में दिल्‍ली की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।

कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसके मल्होत्रा ने फैसले में कहा कि सभी तथ्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष इलियासी पर आरोप साबित करने में सफल रहा है। अदालत ने इस मामले में इलियासी को 17 दिसंबर को दोषी करार दिया था।

कोर्ट ने सुहैब पर 2 लाख का जुर्माना भी लगाया है। जिरह में सरकारी वकील ने सुहैब इलियासी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। वहीं, सुहैब के वकील ने कोर्ट में कुछ फैसलों का उदाहरण देते हुए कम से कम सजा का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि सुहैब व्यथित और मानसिक रूप से परेशान था इसलिए उसे मृत्युदंड न दिया जाए क्योंकि ये सजा दुर्लभ से दुर्लभ मामलों में ही मिलती है।

परिवार के वकील ने कहा कि ये गुनाहों पर सीरियल बनाता था। लोग इसको देखते थे, लेकिन इसने उसी से सीख लेकर इस घटना को अंजाम दिया। इसने हत्या के मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की। ये जघन्य अपराध का मामला है।

क्या था मामला?

  • 11 जनवरी, 2000 को अंजू इलियासी की संदिग्ध परिस्थितयों में मौत हो गई थी।
  • उनके शरीर पर चाकू से वार किए जाने के जख्म थे।
  • शुरुआत में अंजू की मौत को खुदकुशी समझा गया।
  • लेकिन कुछ महीने बाद अंजू की मां और बहन ने एसडीएम के समक्ष बयान दिया कि सुहैब ने अंजू को खुदकुशी के लिए मजबूर किया।
  • इलियासी को शुरू में अपनी पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • हालांकि, सुहैब ने इसका पुरजोर तरीके से खंडन किया था।

 

कांग्रेस का सवाल, अमित शाह से जुड़े बैंक में कैसे हुई सबसे ज्यादा नोटबदली, बचाव में उतरा नाबार्ड

NewsCode | 22 June, 2018 5:45 PM
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नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के संचार प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस कर एक आरटीआई के हवाला से आरोप लगाया है कि देश के 370 जिला सहकारी बैंकों में से नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा पैसा उस बैंक में जमा हुआ, जिसमें निदेशक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हैं।

कांग्रेस द्वारा अमित शाह के ऊपर लगाये गए आरोप पर नाबार्ड ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान पुराने नोट जमा करने के लिए आरबीआई के नियमों का पालन किया गया है। नाबार्ड ने कहा कि इस दौरान गुजरात के मुकाबले महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों में सबसे ज्यादा 500 और 1000 के पुराने नोट जमा हुए।

नाबार्ड ने कहा कि नोटबंदी के दौरान अहमदाबाद के जिला सहकारी बैंक के ज्यादातर ग्राहकों ने बंद नोट बैंक में जमा किए। वित्तीय फर्म के मुताब‍िक बैंक में कुल 17 लाख खाते हैं। इस दौरान सिर्फ 1.60 लाख ग्राहकों ने पुराने नोट जमा किए या बदले। यह आंकड़ा कुल जमा खातों का 9.7 फीसदी है।

नाबार्ड ने दावा किया कि नोटबंदी के दौरान 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट गुजरात के मुकाबले महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों में ज्यादा जमा हुए और बदले गए। नाबार्ड के मुताबिक अहमदाबाद का सहकारी बैंक 9000 करोड़ रुपये के कारोबार के साथ देश के टॉप 10 जिला सहकारी बैंकों में से एक है।

बता दें कि वित्तीय संस्था नाबार्ड की सफाई तब आई है जब विपक्षी दल कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ‘आरटीआई आवेदनों से मिले जवाब के कागजात’ पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को जवाब देना चाहिए कि नोटबंदी के समय भाजपा और आरएसएस ने कितनी संपत्तियां खरीदीं और उनकी कुल क्या कीमत है? सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा था, “नोटबंदी आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। इसकी विस्तृत और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’

नोटबंदी के बाद सिर्फ 5 दिनों में जमा हुए 745 करोड़ के पुराने नोट, अमित शाह थे बैंक निदेशक

आरटीआई से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कांग्रेस ने नोटबंदी के दौरान सहकारी बैंकों के जरिए कालेधन की मनी लॉन्ड्रिंग का अरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि एनडीए शासित राज्यों के सहकारी बैंकों में नोटबंदी के बाद 14293 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। क्या इसकी जांच होगी?

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चतरा : भूमि विवाद में मुखिया समेत छह पर प्राथमिकी दर्ज

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 6:31 PM
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चतरा। सदर थाना क्षेत्र के डाढ़ा पंचायत में शुक्रवार को भूमि विवाद में हुई मारपीट में एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल किसन तुरी का पुत्र प्रमोद तुरी है। इस बाबत प्रमोद ने सदर थाना में लिखित आवेदन देकर मुखिया रमेश कक्षप समेत छह पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी दर्ज में प्रमोद ने कहा है कि गांव में अपना मकान बना रहा था।

चतरा : नक्सली संगठन टीपीसी समर्थक वीरेंद्र गंझू गिरफ्तार

तभी मुखिया रमेश कक्षप, भोला यादव, काली यादव, प्रदीप यादव, सुरेंद्र यादव व कोमल यादव आकर लाठी व डंडे से मारपीट करने लगे। आसपास के ग्रामीणों की मदद से मामला को शांत कराया गया। उसके बाद घायल व उसके परिजनों ने सदर थाना में आकर आपबीती सुनाई।

थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर रामअवध सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए उक्त सभी पर प्राथमिकी दर्ज की है। उन्होंने बताया कि मामले में संलिप्त आरोपियो की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी किया जा रहा है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने घायल को उपचार व इंजुरी तैयार कराने के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

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चतरा : नक्सली संगठन टीपीसी समर्थक वीरेंद्र गंझू गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 5:56 PM
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चतरा। सिमरिया पुलिस ने शुक्रवार को कासीआतु निवासी युवक वीरेंद्र गंझू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवक पर नक्सली संगठन टीपीसी का समर्थक होने का आरोप है। थाना प्रभारी शंभू शरण दास ने बताया कि चार दिन पूर्व बालूमाथ और सिमरिया थाना क्षेत्र के सिमाने पर हुई मुठभेड़ में यह युवक सक्रिय था और टीपीसी संगठन को मोबाइल फोन के जरिए पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दे रहा था।

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इसके अलावे पुलिस ने जांगी गांव में छापेमारी कर दो वारंटियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार वारंटियों में गणेश भुइयां और कमोदनी देवी का नाम शामिल है। दोनों पर बहू को मार कर कुएं में फेंकने का आरोप है।

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