हजारीबाग : जान बचाने के लिए हर दिन जान जोखिम में डालते हैं यहां के ग्रामीण

Ravindra Kumar | 6 June, 2018 2:32 PM
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पीढ़ी दर पीढ़ी चुआं से पानी पीने को विवश हैं हटकौना के ग्रामीण

कटकमसांडी(हजारीबाग) कहा जाता है ‘जल ही जीवन है’, ‘जल है तो कल है’। लेकिन ये कहा जाये कि जान बचाने के लिये ही जान की बाजी लगाकर लोग पानी की व्यवस्था करते हैं तो सुनने में थोड़ा अटपटा सा लगता है, परंतु ये सत्य है। प्रखंड स्तर पर कई लोगों को प्यास बुझाने के लिए पानी नसीब नहीं होता। बाझा पंचायत के हटकौना गांव का तुरी टोला के  लोगों की यही हालत है। यहां के लोग प्रतिदिन पीने के पानी के लिये जान जोखिम में डालते हैं।

हजारीबाग : जान बचाने के लिए हर दिन जान जोखिम में डालते हैं यहां के ग्रामीण

पानी की जगह लाखों रुपये ही बहा रहा विभाग

लोगों की प्यास बुझाने में नाकाम जिला प्रशासन  जल स्वछता विभाग के माध्यम से प्रखंडवासियों की प्यास बुझाने के लिए विभाग पानी की जगह लाखों रुपये ही बहा रही है, फिर भी यहां के लोगों को पानी नसीब नहीं है। 20 घरों की आबादी वाले इस टोले में पीने के साफ पानी मिलना सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि लोगों के कंठ कैसे तर होंगे ? तुरी टोला के उत्तर दिशा में बहने वाला एक मात्र जलस्रोत ही लोगों की प्यास बुझाने का एकमात्र साधन है। इसी जलस्रोत से चुआं बनाकर इस गांव के लोग पानी पीते हैं।

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इस गांव न तो चापानल है और न ही एक कुआं

वर्तमान में स्थिति ये है कि इस गांव न तो चापानल है और न ही एक कुआं, जिससे लोग  अपनी प्यास बुझा सकें। तुरी टोला की सुरती देवी, केसिया देवी, सुरजी देवी, बुधनी देवी, उदय तुरी आदि ग्रामीणों का कहना है कि इस टोले के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी इसी चुआं से अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

बरसात का मौसम चुनौतिपूर्ण

इन ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या बरसात के मौसम में होती है। बरसात में पानी गंदा हो जाता है और मजबूरी में लोग इसी पानी को छानकर पीने के लिये इस्तेमाल करते हैं। बढ़ते तापमान के साथ तुरी टोला के लोगों की प्यास बुझाने का एकमात्र साधन झरना, जिसकी धार भी कम हो जीती है और सूख भी जाता है।

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मिट्टी के अंदर सुरंग बना कर निकालते हैं पानी

इस टोले के लोग झरना के मुहाने के भीतर करीब एक मीटर की सुरंग बनाकर तथा अंदर घुसकर पानी निकालते हैं। मिट्टी धंसने का खतरा ज्यादा होने से लोगों की जान सांसत में आ जाती है। इसी तरह लोग अपने तथा अपने परिवार की प्यास बुझाते हैं। इंसान ही नहीं बल्कि जानवरों की भी प्यास इसी चुएं की पानी से बुझती है।

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पेयजल के लिये लोगों ने कई बार नाकाम गुहार लगायी

टोला निवासी रामचंद्रतूरी प्रदीप तूरी, गुड़िया देवी पिंकी देवी का कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देती। हम लोगों की सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी के साथ-साथ रोजगार  की भी है। कई बार पेयजल के लिए गुहार लगाया है लेकिन सुविधा नहीं मिल पा रही है।

स्वच्छता विभाग के अधिकारी लापरवाह

कटकमसांडी पश्चिमी के पूर्व जिला परिषद सदस्य कुलदीप सिंह भोक्ता का कहना है कि यह बात सही है लोग पीने का पानी इसी चुआं से लेते हैं। पेयजल के लिए चापानल स्वच्छता विभाग के अधिकारियों से कई बार कहा गया लेकिन आज तक इस पर ध्यान नहीं दिया है। जरूरत है इस टोले में एक चापानल की ताकि लोगों को स्वच्छ पानी मिल पाए।

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बोकारो : बरसात में भी शौचालय निर्माण कार्य चालू रखने के लिए डीडीसी ने दिए निर्देश

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 2:28 PM
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लक्ष्‍यों को ससमय पूरा करने पर जोर

बोकारो। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक उप विकास आयुक्त  रवि रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि 30 जून तक ओडीएफ किये जाने वाले पंचायतों की सूची संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को सुनिश्चित करें।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी पंचायत एडॉप्‍टर, पंचायत के शिक्षकों, पारा शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं आदि को शौचालय निर्माण हेतु टैगिंग करें। शौचालय निर्माण की दिए हुए लक्ष्यों को ससमय पूरा करें। उन्होंने सभी पंचायत एडॉप्‍टर को प्रतिदिन टैगिंग किये गए शिक्षकों, पारा शिक्षकों के साथ मोबाईल से वार्ता कर प्रगति प्रतिवेदन लेने को कहा।

बोकारो : बीडीओ ने शौचालय का किया निरीक्षण, ‘स्वच्छता का शपथ लेंगे ग्रामीण

बरसात के मद्देनजर अधिक से अधिक संख्या में गड्ढे की खुदाई कर संबंधित पदाधिकारी से जल्द बनवाने का सुनिश्चित करें। ताकि बरसात के मौसम में भी शौचालय निर्माण का कार्य जारी रखा जा सके।

बैठक में डीपीएलआर  एस.एन उपाध्याय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी  नीरज कुमार सिंह, जिला स्वच्छता प्रेरक मैत्री गांगुली सहित सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सोशल मोबिलाईजर, ब्‍लॉक कॉडिनेटर एवं पंचायत एडॉप्‍टर आदि उपस्थित थे।

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‘मन की बात’ में PM मोदी ने GST की सफलता का श्रेय राज्यों को दिया, कही ये बातें

NewsCode | 24 June, 2018 2:31 PM
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से आज एक बार फिर देशवासियों के साथ अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की 45वें एपिसोड में पीएम मोदी ने भारत-अफगानिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक टेस्ट मैच को याद किया। साथ ही उन्होंने जीएसटी को सफल बताते हुए इसका श्रेय राज्यों को दिया।

जीएसटी को सफल बताया

पीएम मोदी ने जीएसटी की पहली सालगिरह आने से पहले इसकी सफलता का श्रेय राज्यों को दिया। उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन वन टैक्स’ देश के लोगों का सपना था, जो अब हकीकत में बदल चुका है। पीएम ने कहा कि जीएसटी की सफलता के लिए राज्यों ने मिलकर काम किया और इसे सफल बनाया। उन्होंने जीएसटी ईमानदारी की जीत करार दिया।

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‘मन की बात’ की शुरुआत में बेंगलुरु में हुए भारत-अफगानिस्तान टेस्ट मैच का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने अफगानी स्टार बॉलर राशिद खान के खेल को सराहा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मैच यादगार रहेगा। पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे यह मैच इसलिए याद रहेगा क्योंकि भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेते समय अफगानिस्तान की टीम को भी बुलाया और दोनों टीमों ने साथ में फोटो लिए।’

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पीएम मोदी ने पूरी दुनिया में मनाए गए योग दिवस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘योग दिवस पर अलग ही नजारा था, जब पूरी दुनिया एकजुट नजर आई। विश्वभर में योग दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया। सऊदी अरब में पहली बार ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ और मुझे बताया गया है कि बहुत सारे आसन महिलाओं ने किए। लद्दाख की ऊंची चोटियों पर भारत और चीन के सैनिकों ने एकसाथ मिलकर योगाभ्यास किया।’

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टुण्डी : पारा शिक्षकों ने सरकार से की राज्‍य में छत्तीसगढ़ नियमावली की मांग  

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:49 PM
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टुण्डी (धनबाद)। झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघ की बैठक प्रखंड अध्यक्ष नवीन चन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन प्रखंड सचिव महमुद आलम ने किया।

बैठक में मुख्य रूप से चर्चा का विषय था कि बीजेपी  की सरकार जिस प्रकार पारा शिक्षकों के कल्याण के लिए कमेटी गठित किया और छह राज्यों से नियमावली मंगवाने के लिए अपने राज्यकर्मी को भेजा है। पारा शिक्षक भी सरकार से उम्मीद की है कि यहां की सरकार छत्तीसगढ़ नियमावली झारखंड के पारा शिक्षकों पर लागू किया जाए।

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