जयंती विशेष : खाना बनाने के भी शौकीन थे हिंदी के प्रख्यात कवि जयशंकर प्रसाद

NewsCode | 30 January, 2018 4:04 PM
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नई दिल्ली। हिंदी के प्रख्यात कवि, नाटककार, कहानीकार, निबंधकार और उपन्यासकार के रूप में पहचान बनाने वाले जयशंकर प्रसाद हिंदी के छायावादी युग के चार स्तंभों में से एक थे। उन्होंने हिंदी काव्य में छायावाद की स्थापना की, जिसके द्वारा खड़ी बोली के काव्य में कमनीय माधुर्य की रसधारा प्रवाहित हुई। इसका प्रभाव यह हुआ कि खड़ीबोली काव्य की निर्विवाद सिद्धभाषा बन गई। प्रसाद जी का जन्म 30 जनवरी, 1889 को काशी के सरायगोवर्धन में हुआ था। इनके पिता बाबू देवीप्रसाद, जो कलाकारों का आदर करने के लिए विख्यात थे। इनका काशी में बहुत सम्मान था और वहां की जनता काशी नरेश के बाद ‘हर-हर महादेव’ से देवीप्रसाद का स्वागत करती थी। जब जयशंकर प्रसाद 17 साल के थे, तभी इनके बड़े भाई और मां का देहावसान होने के कारण इन पर आपदाओं का पहाड़ टूट पड़ा।

प्रसाद जी ने काशी के क्वींस कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की, लेकिन कुछ समय बाद इन्होंने घर पर ही शिक्षा लेनी शुरू की और संस्कृत, उर्दू, हिंदी और फारसी का अध्ययन किया। इनके संस्कृत के अध्यापक प्रसिद्ध विद्वान दीनबंधु ब्रह्मचारी थे। इनके गुरुओं में ‘रसमय सिद्ध’ की भी चर्चा की जाती है।

घर के माहौल के कारण इनकी साहित्य और कला में बचपन से ही रुचि थी। बताया जाता है कि जब प्रसाद नौ वर्ष के थे, तभी उन्होंने ‘कलाधर’ नाम से एक सवैया लिखकर साबित कर दिया था कि वह प्रतिभावान हैं। उन्होंने वेद, इतिहास, पुराण और साहित्य शास्त्र का गंभीर अध्ययन किया रखा था। प्रसाद को बाग-बगीचे को हराभरा रखने, खाना बनाने में काफी रुचि थी और वह शतरंज के अच्छे खिलाड़ी भी थे।

प्रसाद नागरी प्रचारिणी सभा के उपाध्यक्ष रहे। वह एक युगप्रवर्तक लेखक थे, जिन्होंने एक ही साथ कविता, नाटक, कहानी और उपन्यास के क्षेत्र में हिंदी को गौरवान्वित होने योग्य कृतियां दी हैं। कवि के रूप में प्रसाद महादेवी वर्मा, पंत और निराला के साथ छायावाद के प्रमुख स्तंभ के रूप में प्रसिद्ध हुए। नाटक लेखन में वह भारतेंदु के बाद एक अलग धारा बहाने वाले युगप्रवर्तक नाटककार रहे। उनके नाटक को पढ़ना लोग आज भी पसंद करते हैं।

प्रसाद जी के जीवनकाल में काशी में कई ऐसे साहित्यकार माजूद थे, जिन्होंने अपनी कृतियों द्वारा हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। उनके बीच रहकर प्रसाद ने भी अनन्य साहित्य की सृष्टि की।

प्रसाद ने काव्य-रचना ब्रजभाषा से शुरू की और धीरे-धीरे खड़ी बोली को अपनाते हुए इस भांति अग्रसर हुए कि खड़ी बोली के मूर्धन्य कवियों में उनकी गणना की जाने लगी। प्रसाद की रचनाएं दो वर्गो- ‘काव्यपथ अनुसंधान’ और ‘रससिद्ध’ में विभक्त हैं।

‘आंसू’, ‘लहर’ और ‘कामायनी’ उनकी प्रसिद्ध रचनाएं हैं। 1914 में उनकी सर्वप्रथम छायावादी रचना ‘खोलो द्वार’ पत्रिका इंदु में प्रकाशित हुई। उन्होंने हिंदी में ‘करुणालय’ नाम से गीत-नाट्य की भी रचना की।

प्रसाद ने कथा लेखन भी शुरू किया। वर्ष 1912 में इंदु में उनकी पहली कहानी ‘ग्राम’ प्रकाशित हुई। प्रसाद ने कुल 72 कहानियां लिखी हैं। प्रसाद जी भारत के उन्नत अतीत का जीवित वातावरण प्रस्तुत करने में सिद्धहस्त थे। उनकी श्रेष्ठ कहानियों में से ‘आकाशदीप’, ‘गुंडा’, ‘पुरस्कार’, ‘सालवती’, ‘इंद्रजाल’, ‘बिसात’, ‘छोटा जादूगर’, ‘विरामचिह्न’ प्रमुख हैं।

प्रसाद जी ने ‘कंकाल’, ‘इरावती’ और ‘तितली’ नामक 3 उपन्यास भी लिखे हैं।

प्रसाद ने अपने जीवनकाल में आठ ऐतिहासिक, तीन पौराणिक और दो भावनात्मक नाटक लिखे हैं। उनके नाटकों में देशप्रेम का स्वर अत्यंत दर्शनीय हैं और इन नाटकों में कई अत्यंत सुंदर और प्रसिद्ध गीत मिलते हैं।

प्रसाद ने समय-समय पर ‘इंदु’ पत्रिका में कई विषयों पर सामान्य निबंध लिखे हैं। बाद में उन्होंने ऐतिहासिक निबंध भी लिखे। जयशंकर के लेखन में विचारों की गहराई, भावों की प्रबलता, चिंतन और मनन की गंभीरता मिलती है।

जयशंकर प्रसाद 48 साल की आयु में क्षयरोग से पीड़ित हो गए और 15 नबंवर, 1937 को काशी में ही उनका देहावसान हो गया।

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आईएएनएस

वनडे रैंकिंग में कुलदीप यादव ने लगाई छलांग, कोहली-बुमराह पहले स्थान पर कायम

NewsCode | 18 July, 2018 6:56 PM
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नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ समाप्त हुई तीन वनडे मैचों की श्रृंखला में बेहतरीन बॉलिंग करने वाले भारत के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने पहली बार वनडे में गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष-10 में जगह बनाई है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की बुधवार को जारी गेंदबाजों की ताजा वनडे रैंकिंग में कुलदीप छठे पायदान पर पहुँच गए हैं।

वहीं, इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट अपने करियर में पहली बार दूसरे स्थान पर पहुंचने में सफल रहे हैं। उधर, टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने शीर्ष बल्लेबाज के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करते हुए करियर के सर्वश्रेष्ठ 911 अंक हासिल किए।

गौरतलब है कि लीड्स में खेले आखिरी मुकाबले को जीतकर इंग्लैंड ने तीन वनडे मैचों की सीरीज में भारत को 2-1 से मात दी और उसके लगातार सीरीज जीतने के क्रम को रोक दिया। कुलदीप यादव ने इस सीरीज में कुल नौ विकेट अपने नाम किए, जिसमें ट्रेंट ब्रिज में खेले गए वनडे में लिए गए छह विकेट शामिल हैं। इसके कारण वह आठ स्थान की छलांग के साथ छठे स्थान पर आ गए हैं।

पहले स्थान पर कायम कोहली, बुमराह

शीर्ष-10 में शामिल कुलदीप भारत के दूसरे गेंदबाज हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पहले स्थान पर कायम हैं। वहीं, कुलदीप के साथी युजवेंद्र चहल को दो स्थान का नुकसान हुआ है और अब वह 10वें स्थान पर आ गए हैं।

याद रहे कि रूट ने इस सीरीज के दूसरे और तीसरे मैच में शतक जड़े थे और इसी वजह से उनके खाते में 93 अंक जुड़े, जो उन्हें दूसरे स्थान पर ले गए। वह चार स्थान की छलांग लगाकर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल करने में सफल रहे हैं। भारतीय कप्तान विराट कोहली पहले स्थान पर कायम हैं। इसके अलावा रोहित शर्मा ने अपना चौथा स्थान बरकरार रखा है। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन भी 10वें स्थान पर जमे हुए हैं।

आईसीसी ने बयान में कहा कि कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 75, 45 और 71 रन की पारियां खेलीं, जिससे उन्हें सिर्फ दो अंक मिले, लेकिन यह उन्हें 911 रेटिंग अंक तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त था जो मार्च 1991 में ऑस्ट्रेलिया के डीन जोन्स के 918 अंक के बाद किसी बल्लेबाज के सर्वाधिक अंक हैं।

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रांची : डोरंडा के बेलदार में महावीर मंडल के उपाध्यक्ष की गोली मार कर हत्या

NewsCode Jharkhand | 19 July, 2018 10:39 AM
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रांची । झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार की सुबह डोरंडा थाना क्षेत्र के बेलदार मोहल्ला के डोम टोली में महावीर मंडल डोरंडा के उपाध्यक्ष धीरज राम की गोली मारकर हत्या कर दी गयी।  हमलावरों ने धीरज को पांच गोलियां मारी। धीरज के शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है।

घटना उस वक्त घटी जब धीरज राम किसी काम के लिए अपने घर से निकले थे।  घात लगाये अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। धीरज को पांच गोलियां लगी जिससे घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। महावीर मंडल के उपाध्यक्ष की हत्या करने के बाद अपराधी वहां से फरार हो गये। इधर गोली चलने की आवाज सुनते ही लोग सड़क पर आ गये।

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उन्होंने लहूलुहान अवस्था में धीरज राम को मृत देखा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। लोग हंगामा करने लगे। बाद में पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला को शांत कराया। लोगों ने अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है। डोरंडा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और हत्या की जांच शुरू कर दी है। पुलिस संदिग्ध अपराधियों की तलाश में जुट गयी है।

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खूंटी : खेत में काम करने के दौरान करंट लगने से दो महिला मौत

NewsCode Jharkhand | 19 July, 2018 10:21 AM
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खूंटी । एसपी ऑफिस कार्यलय के पीछे कामंता गांव के खेत में बिचड़ा निकाल रही दो महिला करेंट की चपेट में आ गई। दोनों महिला की घटनास्थल पर हीं मौत हो गई।  बताया जा रहा है कि खेत में दो महिला और एक बच्चा धान का बिचड़ा निकालने का काम कर रही थी। खेत से महज एक फीट की ऊंचाई पर बिजली का तार गुजर रही थी जिसे एक बच्चे ने छू लिया और तड़पने लगा ।

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खेत में काम कर रही बच्चे की मां बचाने गई और करेंट की चपेट में आ गई। उसी दौरान महिला की सास को भी बिजली ने अपने चपेट में ले लिया। दोनों महिला की मौत घटनास्थल पर हीं हो गई जबकि मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे को इलाज़ के लिए अस्पताल रेफर कर दिया है।  वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है। मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वाशन दिया है।

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