गुमला : चेरो (रौतिया) समाज ने की आदिवासी का दर्जा देने की मांग

NewsCode Jharkhand | 29 November, 2017 9:49 PM
newscode-image

चेरो (रौतिया) सम्मान आंदोलन का आयोजन गुमला में संपन्न

गुमला। गुमला के परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम-टू में बुधवार को झारखंड के विभिन्न जिलों से सैकड़ों चेरो (रौतिया) समाज की महिला एवं पुरुषों ने झारखंड सरकार से इस चेरो (रौतिया) आदिवासी महासभा के आयोजन से केन्द्रीय अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह चेरो के नेतृत्व में इस समुदाय को उनकी भाषा संस्कृति और सभ्यता के इतिहास के कारण आदिवासी का दर्जा की आवाज सरकार के समक्ष रखी है।

सभा के बाद एक रैली निकाली गई और गुमला समाहरणालय में जाकर अपनी मांग पत्र गुमला उपायुक्त को सौंपा गया। सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख मांग सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष जनगणना में चेरो रौतिया आदिवासियों की जन संख्या घटते क्रम में दर्शाया गया है, जबकि संख्‍या बढ़ी है। झारखंड के कई जिलों में चेरो की संख्‍या अधिक दिखाई जाती है।

और पढ़ें : गुमला : लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों की जगह होटवार जेल में- रघुवर दास

पर इस समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा के लिए प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता। सरकार उनकी संस्कृति कला व सभ्यता पर प्रहार करते हुए डॉ राम दयाल मुंडा द्वारा रचित पुस्तक झारखंड के आदिवासी में अंकित तस्वीर में पायका नृत्य मर्दाना झुमर छऊ नृत्य इत्यादि के नीचे चेरो रौतिया समुदाय का नाम अंकित नहीं कर दिग्भ्रमित करने का काम किया जा रहा है। चेरो की भाषा नागपुरी है। रवतियान में सिर्फ रैयत दर्ज होने से इस समुदाय को सरकारी सुविधाओं और उनके लाभ से अबतक वंचित रखने का काम सरकार करती आ रही है।

जबकि अबतक इसे आदिवासी अनुसूचित जनजाति का दर्जा देकर एक सहारा सरकार दे सकती थी। जबकि दूसरे समुदाय जैसे मुंडा के पातर खडिया, दुध हिल खडिया, डेलकी खडिया। किसान में नागेसिया कोड़ा में मुंडी कोड़ा उरांव में धांगर, असुर में आगेरिया एवं अन्य को सरकार अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी करती है।

सभा में चेरो की ऐतिहासिक धरोहरों में पलामू किला शाहपुर शौरहद किला को सरकार की ओर से गैरचेरो आदिवासी समुदाय द्वारा भूमि को अतिक्रमण किया गया है, जिसे अविलंब मुक्त किया जाए।सभा को संबोधित करने वालों में रामेश्वर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, चैतू सिंह आदि थे।

रांची : सिविल सोसायटी न्यूज का सबसे बड़ा स्रोत-मिनी कक्कर

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 7:44 AM
newscode-image

रांची। मीडिया और सिविल सोसायटी को लेकर मंगलवार को मंथन युवा संस्थान में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मीडिया और सिविल सोसायटी के बीच सार्थक समन्वय कैसे बने इस विषय पर विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने अपने-अपने विचार रखें।

इस मौके पर दिल्ली एनएफआई की प्रोग्राम ऑफिसर मिनी कक्कर ने कहा कि  मीडिया और सिविल सोसायटी का जो कार्य क्षेत्र है वो अस्पष्ट है, सिविल सोसायटी पत्रकारों के लिए आज सबसे बड़ा न्यूज  स्रोत है, लेकिन उनके बीच सही समन्वय नहीं है। इसकी वजह कर जनसरोकार की खबरें आंकड़ों के साथ नहीं आ पाती हैं। आज जरूरत है कि इन दोनों संस्था के बीच मजबूत तालमेल बने।

रांची : सूबे भर से जुटे विस्थापितों ने अपने हक के लिए बनाई रणनीति

वहीं मंथन के सुधीर पाल ने कहा कि अनौपचारिक मंच के साथ-साथ संवाद का माहौल बनाना जरूरी है। मीडिया का दायरा बहुत बड़ा है और समाजहित में उनकी भूमिका भी। आज अखबारों में तथ्यात्मक रिपोर्ट गिनी चुनी हीं रहती है । इस लिहाज से सिविल सोसायटी और मीडिया दोनों को ही झारखंड के परिपेक्ष में कुछ मुद्दों का चयन करके उन्हें नियमित रूप सामने लाने की जरूरत है। जबकि सामाजिक कार्यकर्ता पीपी वर्मा ने कहा कि मीडिया किस दिशा में खबर को दिखाता है, कैंपेन की दिशा वही हो जाती है।

रांची : राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल खाली करने का दिया फरमान

उदाहरण के तौर पर हाल के दिनों में सदर हॉस्पिटल है, जिसके निजी करण  के विरोध में मीडिया ने अहम भूमिका निभाई। नतीजा है कि सदर अस्पताल कॉर्पोरेट के हाथों में जाने से बच गया। उन्होंने कहा आंदोलन छोटा था पर मीडिया कवरेज से उसे बड़ी शक्ल में मिली।वहीं वरिष्ठ पत्रकार रजत गुप्ता ग्रामीण पत्रकारिता को ही मीडिया संस्थान की ताकत बताया।

उन्होंने कहा कि सिविल सोसायटी मुद्दों से जुड़े आंकड़ों को मीडिया के साथ साझा करें ताकि उसे सरकार की नजरो तक लाया जा सके। परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार ओम रंजन मालवीय, आरके नीरज, सैयद सरोज कमर, नवीन, और एक्टिविस्ट जेरोम जेराल्ड, नदीम खान, हलधर महतो, राजीव कर्ण समेत कई लोगों ने अपने विचार रखें।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

जामताड़ा : ट्रक और बाइक में जोरदार टक्कर, तीन घायल

Tarun Kumar Choubey | 26 September, 2018 10:03 AM
newscode-image

जामताड़ा। मंगलवार शाम करीब पांच बजे नारायणपुर थाना क्षेत्र के पबिया बाजार में गोविंदपुर-साहेबगंज हाइवे पर सीमेंट लदा ट्रक (जेएच 10 ओ 6365) से बाइक का आमने सामने टक्कर हो जाने से तीन लोग घायल हो गए। ट्रक धनबाद से सीमेंट लादकर जामताड़ा जा रही थी।

तीनों के सिर  व शरीर पर काफी चोटें लगी है। मौके पर ट्रक चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। भीड़ ने ट्रक को अपने कब्जे में कर लिया। जानकारी के अनुसार  मोटरसाइकिल में तीन व्यक्ति सवार थे। चालक लबसन हेम्ब्रम (27), जितेंद्र टुडू (65) व महिला पकलु टुडू (35) तीनों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

जामताड़ा : संतुलन बिगड़ने से किरासन तेल का टैंकर पलटा, तेल लेने जुटी भीड़

जामताड़ा : ट्रक और बाइक में जोरदार टक्कर, तीन घायल

सभी घायल नारायणपुर थाना क्षेत्र के मझलाड़ीह पंचायत के बरमसिया गांव का रहने वाले हैं। बजरंग दल के जिला संयोजक सोनू सिंह व भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुधीर मंड़ल ने तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल लाया। चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए धनबाद भेज दिया।

स्थानीय लोगों ने किया सड़क जाम

स्थानीय लोगों ने दुर्घटना के बाद मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया गया। सूचना मिलते ही घटना स्थल पर नारायणपुर थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह व एसआई बीके सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। लोगों ने सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे थे।

जामताड़ा : चार शातिर साइबर अपराधियों के ठिकानों पर ईडी का छापा

थाना प्रभारी ने सड़क जाम कर रहे लोगों को समझा बुझाकर जाम हटाया। प्रभारी ने कहा कि सरकारी सहायता घायलों को जरूर मिलेगा। स्थानीय लोगों ने पबिया में अक्सर हो रहे दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस बेरिकेड लगाने की मांग की। थाना प्रभारी ने उक्त व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

बाघमारा : प्रखण्ड में आयोजित दिव्यांग शिविर में नहीं पहुंचे अधिकारी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 9:10 AM
newscode-image

बाघमारा। प्रखण्ड में आयोजित दिव्यांग शिविर में को भी अधिकारी नहीं पहुंचा। बाघमारा प्रखण्ड में दिव्यांगों के सर्टीफिकेट बनाने के लिये शिविर का आयोजन की गई थी और साथ ही दिव्यांगों को पेंशन कार्ड भी बनाया जाना था। आयोजित शिविर में अधिकारी के नहीं पहुँचने पर दिव्यांग लोग बेहाल रहे।

 बाघमारा : पूना महतो फुटबॉल टूर्नामेंट में पहुंचेगें सीएम

सुबह 10 बजे से ही दिव्यांग प्रखण्ड मुख्यालय पहुँच गये थे। तपती गर्मी में लाचार लोग तडपते रहे।  इस शिविर के लिये प्रचार-प्रसार किया गया था। ऐसे में अधिकारी का समय पर शिविर में न पहुँचना सरकार से लोगों का विस्वास तोड़ने का काम कर रहे  है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

More Story

more-story-image

जमशेदपुर : दुकानों में लगी आग, लाखों रूपये का हुआ...

more-story-image

चास : टेलर की चपेट में आने से महिला हुई...