गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल नहीं लड़ेंगी चुनाव, अमित शाह को लिखा पत्र

NewsCode | 9 October, 2017 6:56 PM
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गांधीनगर। गुजरात की पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में आनंदी बेन ने 2017 गुजरात विधानसभा चुनाव में कैंडिडेट ना बनाए जाने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने अमित शाह को लिखा, “मेरी जगह पार्टी नए लोगों को चुनाव लड़ने का मौका दे।” बता दें कि आनंदीबेन पटेल ने 4 अगस्त 2016 को इस्तीफा दिया था। इससे 3 दिन पहले उन्होंने फेसबुक के जरिए इस्तीफा देने का ऐलान किया था। ऐसा करने वाली वे पहली सीएम हैं।

अमित शाह को आनंदीबेन ने 4 अक्टूबर को ये चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने कहा कि वे आने वाले गुजरात असेम्बली इलेक्शंस में लड़ना नहीं चाहती हैं। उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे बढ़ती हुई उम्र का हवाला दिया और कहा, “बीजेपी में उम्र संबंधी व्यवस्था के चलते मेरी जगह किसी दूसरे काबिल शख्स को घाटलोडिया से कैंडिडेट बनाया जाए।”

पूर्व मुख्यमंत्री बीते सप्ताह 75 वर्ष की हो गईं, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष ने गांधीनगर स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। चुनावी माहौल में दोनों की मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट की मानें तो अमित शाह ने उनसे चुनावी अभियान में भाग लेने के लिए कहा था। क्योंकि आनंदीबेन पटेल के समर्थन, खासतौर पर पाटीदार समुदाय के समर्थन के बिना भाजपा को 150 सीटों का आंकड़ा पार करना काफी मुश्किल भरा हो सकता है।

UGC का फरमान- 29 सितंबर को यूनिवर्सिटी मनाएं ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’, कांग्रेस ने की आलोचना

NewsCode | 21 September, 2018 5:34 PM
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नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को 29 सितंबर को ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ के तौर पर मनाने का आदेश दिया है। UGC ने सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने के लिए सशस्त्र बलों के बलिदान के बारे में पूर्व सैनिकों से संवाद सत्र, विशेष परेड, प्रदर्शनियों का आयोजन और सशस्त्र बलों को अपना समर्थन देने के लिए उन्हें ग्रीटिंग कार्ड भेजने समेत अन्य गतिविधियां आयोजित करने का सुझाव भी दिया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आयोग ने सभी कुलपतियों को गुरुवार को भेजे एक लेटर में कहा, ‘सभी विश्वविद्यालयों की एनसीसी की इकाइयों को 29 सितंबर को विशेष परेड का आयोजन करना चाहिए जिसके बाद एनसीसी के कमांडर सरहद की रक्षा के तौर-तरीकों के बारे में उन्हें संबोधित करें।’

यूजीसी ने कहा कि विश्वविद्यालय सशस्त्र बलों के बलिदान के बारे में छात्रों को संवेदनशील करने के लिए पूर्व सैनिकों को शामिल करके संवाद सत्र का आयोजन कर सकते हैं।

पत्र में कहा गया है, ‘इंडिया गेट के पास 29 सितंबर को एक मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह की प्रदर्शनियों का आयोजन राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, अहम शहरों, समूचे देश की छावनियों में किया जा सकता है। इन संस्थानों को छात्रों को प्रेरित करना चाहिए और संकाय सदस्यों को इन प्रदर्शनियों में जाना चाहिए।’

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने की आलोचना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने ट्विटर पर यूजीसी के इस निर्णय की आलोचना की है। उन्होंने लिखा है, ‘यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटीज को 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक डे के रूप में मनाने का आदेश दिया है। यह लोगों को शिक्षित करने के लिए बना है या बीजेपी के राजनीतिक हित साधने के लिए? क्या यूजीसी 8 नवंबर (नोटबंदी) को गरीबों का निवाला छीनने के सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के रूप में मनाने की हिम्मत कर पाएगा? यह एक और जुमला है!

वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि यूनिवर्सिटीज सर्जिकल स्ट्राइक दिवस को मनाने के लिए बाध्य नहीं हैं। जावड़ेकर ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक को समर्पित इस कार्यक्रम को मनाने का सुझाव हमें कई शिक्षकों और विद्यार्थियों से मिला था, इसलिए हमने इसके आयोजन का फैसला किया है।

गौरतलब है कि भारत ने 29 सितंबर 2016 को PoK में नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादियों के सात अड्डों पर लक्षित कर हमले किए थे। सेना ने कहा था कि विशेष बलों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से घुसपैठ की तैयारी में जुटे आतंकवादियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

18 सितंबर 2016 को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने भारत के उरी कैंप पर हमला किया और भारत के 19 जवान शहीद हुए थे। उरी हमले के करीब दस दिन बाद 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तहस-नहस कर दिया था।


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चंदनकियारी : मुहर्रम जुलूस में हुई हिंसक झड़प, एएसआई गंभीर रूप से घायल

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 9:11 PM
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चंदनकियारी(बोकारो)। चंदनकियारी के अमलाबाद ओपी अंतर्गत मोहाल गांव में एक ही समुदाय के दो गुट के बीच विवाद हो गया। विवाद को सुलझाने गये एएसआई को ग्रामीणों की जमकर पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गये।

जानकारी के अनुसार चंदनकियारी के अमलाबाद ओपी के एएसआई अभिमन्यु पासवान को अमलाबाद ओपी की और से ड्यूटी पर तैनाती किया गया था। जहाँ निर्धारित रुट से ताजिया की जुलूस चल रही थी। इस बीच ताजिया मिलन के दौरान उक्त समुदाय के बीच वापस में झगड़ा होने लगा।

गोमिया : मुहर्रम पर साड़म में लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजन

जिसे छोडाने गए एएसआई अभिमन्यु पासवान पर ही पूरे समुदाय के लोग हथियार एवं लाठी डंडे से टूट पड़े। एएसआई पासवान किसी तरह बचकर अपनी जान बचाई। जिसके बाद वह चंदनकियारी थाना पंहुचकर घटना की जानकारी अंचल पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी शिवलाल टुडू को दी।

शिवलाल टुडू ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर इलाज करवाये। कुछ दिन पहले उक्त गांव में वक विशेष समुदाय द्वारा राष्ट्र विरोधी नारा लगाया गया था। जिसके पुलिस द्वारा कई व्यक्ति पर नामजद मामला दर्ज किया था, जिसके बाद सभी आरोपी फरार चल रहा हैं। इस घटना के बाद पुनः मोहाल गांव एक सुर्खियों में आ गया है।

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गढ़वा : गमगीन माहौल में निकाला गया ताजिया का जुलूस

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 8:56 PM
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गढ़वाबरडीहा प्रखंड क्षेत्र में मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा गमगीन माहौल में ताजिया का जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान इस्लामिया  अंसार कमेटी  जोगीबीर द्वारा बनाया गया ताजिया  आकर्षण का केंद्र रहा। पूरा क्षेत्र या अली और या हुसैन की नारों से गूँज उठा।

जायंट्स ग्रुप ऑफ मझिआंव इकाई द्वारा स्टॉल लगाया गया था।  यहां पर जलपान की व्यवस्था की गई थी। साथ ही जुलूस का नेतृत्व करने वाले लोगों को पगड़ी बांधकर सम्मानित भी किया गया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा देवी एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भी पगड़ी प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किया गया था। जुलूस के दौरान जेएमएम नेता अनवर हुसैन अंसारी, जायंट्स ग्रुप अध्यक्ष मारुत नंदन सोनी पवन कुमार, खुशी जयसवाल, सूरज जायसवाल, मो.रियाज़, मो. सक्लेन समेत कई  लोग उपस्थित थे।

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