गोमिया : छह माह से पानी के लिए भटक रहे हैं करमटिया के तीन हजार ग्रामीण 

सीसीएल प्रबंधन के आश्वासन से ग्रामीणों की नहीं बुझी प्यास

NewsCode Jharkhand | 15 March, 2018 12:41 PM

गोमिया : छह माह से पानी के लिए भटक रहे हैं करमटिया के तीन हजार ग्रामीण 

गोमिया (बोकारो)। गोमिया प्रखंड अंतर्गत स्वांग उत्तरी पंचायत के तीन हजार की आबादी वाले दलित बहुल विस्थापित गांव करमटिया की जनता पिछले छह माह से पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। परंतु उनके त्राहिमाम को सुनने वाला कोई नहीं है। उक्त विस्थापित गांव में पूर्व में सीसीएल स्वांग कोलियरी प्रबंधन की ओर से पाईप लाईन के द्वारा पेयजलापूर्ति की जाती थी।

छह माह पूर्व पानी के पाईप लाईन को चोरों द्वारा काट लिए जाने के बाद से गांव में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। चोरों द्वारा पाईप लाईन काट लिये जाने के बाद ग्रामीणों एवं स्वांग उत्तरी पंचायत के पूर्व मुखिया विनोद विश्वकर्मा के द्वारा सीसीएल प्रबंधन से कई दफा पाईप लाईन बिछाने  को लेकर प्रयास किया, परंतु वे असफल रहे।

सिर्फ आश्‍वासन मिला

सीसीएल प्रबंधन पेयजलापूर्ति का महज आश्वासन ही देता रहा। प्रबंधन के आश्वासन से ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझी। गांव में पानी की लगातार किल्लत के कारण विकराल समस्या उत्पन्न हो गयी है। ग्रामीणों का कहना है कि तीन हजार की आबादी वाले गांव में महज छह चापाकल ही लगाये गये हैं। जिसमें से चार मरम्मत के अभाव में खराब पड़े हैं और महज दो ही काम कर रहे हैं।

सीसीएल द्वारा लगाया गया टंकी बेकार

गांव का एक मात्र तालाब भी सूखने के कगार पर है। ग्रामीणों ने बताया कि सीसीएल द्वारा पानी के लिए टंकी बनाया गया लेकिन वह भी बेकार पड़ा हुआ है। वर्तमान में ग्रामीणों सहित महिलाओं एवं युवतियों को दो से तीन किलोमीटर की दूरी से कोनार नदी एवं आइईएल कंपनी द्वारा कॉलोनी में लगाये गये नलों से पीने का पानी लाना पड़ता है। मार्च माह में गर्मी का आगाज होते ही नदियों में पानी का जलस्तर घटने लगता है। जिससे ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से अभी से ही जूझना पड़ रहा है।

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टैंकरों से की जा रही पानी की सप्लाई

पंचायत के पूर्व मुखिया विनोद विश्वकर्मा ने कहा कि छह माह पूर्व ही चोरों द्वारा पाइप लाईन के पाईपों की चोरी कर ली गयी थी जिसके बाद कई बार सीसीएल प्रबंधन को सूचना दी गयी। इसके बाद भी पाइप लाइन की मरम्मत नहीं की गयी है। मुखिया चमेली कुमारी ने बताया कि पीएचईडी विभाग को पत्र लिखा गया है कि उक्त कार्य को 14वें वित्त आयोग के फंड से कराने की अनुमति दी जाय। जिससे ग्रामीणों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके। पानी की व्यवस्‍था होने तक पंचायत के मुखिया के द्वारा समय-समय पर टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है।

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जमशेदपुर : गर्मी में बिजली से शुरू की आंख मिचौली, लोगों ने किया प्रदर्शन

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:09 PM

जमशेदपुर : गर्मी में बिजली से शुरू की आंख मिचौली, लोगों ने किया प्रदर्शन

चरमरा गयी है बिजली व्यवस्था

जमशेदपुर। प्रखंड इलाके में इन दिनों बिजली की स्थिति चरमराई हुई है। खासकर बाग़बेड़ा क्षेत्र में इन दिनों बिजली की समस्या गंभीर है। इसे दूर किये जाने की मांग को लेकर झामुमो प्रखंड कमिटी ने करणडीह स्थित विद्दुत विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एक सप्ताह के भीतर समस्या सुलझाने को कहा।

झामुमो नेता बहादुर किस्को ने कहा कि क्षेत्र में बिजली की घोर समस्या है। बिजली के खम्बे कई क्षेत्रों में है ही नहीं। लकड़ी के बांस पर बिजली के तार लटके रहते हैं। भीषण गर्मी में क्षेत्र के लोगों को बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है। लोग उबल रहे हैं।

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पूर्व में भी इसपर ध्यान देने की अपील की गई है, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में आंधी और तूफान का दौर शुरू होगा और इस दौरान बांस के सहारे लटके बिजली के तार टूटेंगे। इसे हादसा होने की संभावना है।

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जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:03 PM

जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

जिला मुख्यालय वनाधिकार मंच का प्रदर्शन

जमशेदपुर। झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी ने वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू करने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिले के उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। साल 2006 का वन अधिकार कानून को पालन कराने पर जोर दिया गया है।

आपको बता दें की वर्ष 2006 में वन अधिकार कानून लाया गया था, और इसी को सख्ती से पालन किये जाने की मांग उठाई गई है।  प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वन क्षेत्र में जो भी लोग निवास करते है उन्हें इस कानून के तहत अधिकार है कि वो वन का संरक्षण करें और वन संसाधनों का उपयोग कर अपनी आजीविका चलायें। इसका पालन नहीं किया जा रहा है।  वन क्षेत्र में अगर कोई भी निर्माण कार्य किया जाये तो वहां के ग्रामसभा से इसे पारित करवाना होगा। लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है।

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झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी के प्रतिनिधि ने कहा कि ये सभी चीजें तभी हो सकती है जब वनाधिकार अधिनियम को जिले में सख्ती से लागू करवाया जाये।  मांग पत्र के माध्यम कहा गया है कि वन क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार मिले और वनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।

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जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 9:55 PM

जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

प्रबंधन पर धमकाने का आरोप

जमशेदपुर। टाटा मोटर्स कानवाई चालकों ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कई बार प्रदर्शन व अनशन के बाद इन्हें अब तक आश्वाशन ही मिला रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी आदेश के बाद भी कंपनी प्रबंधन द्वारा इन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।

पिछले तीन वर्षों से कानवाई चालक प्रदर्शन, अनशन करते रहे लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। कंपनी प्रबंधन को सरकारी तौर पर न्यूनतम मजदूरी दिए जाने का सरकारी आदेश भी जारी हुआ। चालक कहते हैं कि इस आदेश को अब एक वर्ष बीत गए लेकिन कंपनी है कि न्यूनतम मजदूरी देने का नाम ही नहीं ले रही है।

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चालकों के अनुसार चालकों को प्रताड़ित किया जाता है। कोई आदेश का अवहेलना करता है तो उनपर मुकदमा चलाया जाता है।  उपायुक्त से मांग की गयी कि टाटा मोटर्स प्रबंधन के खिलाफ सरकारी आदेश को नहीं माने जाने का मामला दर्ज करें और उनपर कार्रवाई करें।

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