गोड्डा : ग्राहक ने पतंजलि के ‘हल्दी-चंदन कांति’ साबुन की मीडिया के समक्ष की शिकायत

NewsCode Jharkhand | 2 June, 2018 8:51 PM
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गोड्डा। पतंजलि का हल्दी-चंदन कांति साबुन साल भर में भी खराब हो गया, ताजा मामला झारखंड प्रदेश के गोड्डा जिले की है। बताया जा रहा है कि गोड्डा महिला कॉलेज के नजदीक स्थित पतंजलि की दुकान से खरीदी गई 25 रुपये की 150 ग्राम वाली साबुन साल भर में ही  खराब हो गया।

हल्दी-चंदन युक्त साबुन खरीद कर लाए खरीददार ने मीडिया को बताया कि पिछले 15 दिन पहले उन्होंने यह साबुन खरीदा था, शनिवार को जब इस्तेमाल के लिए साबुन निकाला तो साबुन पर हल्का लाल-पीले रंग का काई जमा हुआ नजर आया। किसी तरह का रिएक्शन न हो जाए इसलिए उन्होंने साबुन का इस्तेमाल नहीं किया।

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साबुन के रैपर पर उत्पादन की तिथि 03/17 अंकित है। मतलब साबुन मार्च 2017 का बना हुआ है साथ ही बैच नम्बर CJ051 अंकित है, दिलचस्प बात यह है कि साबुन के रैपर पर 24 महीने पहले तक इस्तेमाल करने का दावा किया गया मगर साबुन 1 साल 2 महीने में ही खराब हो गया।

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पलामू : खास रिपोर्ट में पढ़िये, क्यों लंबित पड़ा है ‘तहले जलाशय योजना’ ?

Prabhu Dayal Tiwari | 23 June, 2018 1:49 PM
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तत्कालीन बिहार राज्य  में ही कराया गया था सर्वे

पलामू हर साल किसानों को सुखाड़ का सामना करना पड़ता है, मगर जिले में कई ऐसी लंबित जलाशय योजनाएं है, जिसे अगर सरकार पूरा करा देती है तो यहां के किसान खुशहाल हो जाएंगे। ताजा उदाहरण है वर्षों से लंबित चैनपुर प्रखंड का तहले जलाशय योजना। जनप्रतिनिधियों के उदासीन रवैये के कारण आज तक यह योजना अधर में लटका पड़ा है। देखिए इस खास रिपोर्ट में, क्या है पूरा मामला ?

क्या है ‘तहले जलाशय योजना’ ?

दरअसल इस योजना की शुरुआत  तत्कालीन बिहार राज्य  में 1970 के दशक में सर्वे कराई गई थी। चैनपुर प्रखंड के इटको गांव में तहले नदी पर बाध बनाकर सिंचाई की योजना बनाई जा रही थी, जिसे नाम दिया गया था ‘तहले जलाशय योजना’, 1970 में सर्वे कराई गई जिसमें कुछ गांव के लोग इसका विरोध कर रहे थे कि उन्हें विस्थापन का दंश झेलना पड़ेगा। बाद में इस मामले में संशोधन किया गया। उन गांव को छोड़ पुनः योजना को बनाने के लिए सर्वे कराई गई।

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सैकड़ों गांवों में सिंचाई का होगा साधन

वहीं बिहार से झारखंड राज्य अलग होने के बाद पुनः अर्जुन मुंडा की सरकार में इस योजना का सर्वे कराया गया। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को इस योजना का शिलान्यास करने के लिए इटको गांव आना था, तब ग्रामीणों में खुशी की लहर जागी कि अब गांव में सिंचाई का साधन हो जायेगा। मगर आजतक योजना अधर में है। ये बात सच भी है कि इस योजना को पूरा होने से सैकड़ों गांवों में सिंचाई का साधन हो जाएगा।

क्या व कैसे होता फायदा ?

दरअसल तहले जलाशय योजना से चैनपुर प्रखंड का बूढ़ीवीर, रामपुर, कटुवल, पथरा समेत 50 गांव इससे लाभान्वित होते गांवों में सिंचाई की पूरी सुविधा होती। लोग सब्जी उगाते अन्य खेती कर खुद भी इस्तेमाल करते और दूसरे राज्यों में यहां की सब्जी जाती, यहां के ग्रामीणों के लिए तहले जलाशय योजना एक सपना है मगर जनप्रतिनिधियों ने अभी तक गंभीरता नहीं दिखाई है, इस बात का ग्रामीणों में नाराजगी भी है ।

पलामू : खास रिपोर्ट में पढ़िये, क्यों लंबित पड़ा है ‘तहले जलाशय योजना’ ?

पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी का मानना है…

इधर झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी की मानें तो तहले जलाशय योजना काफी महत्वपूर्ण योजना है। पूर्व में त्रिपाठी ने सरकार के विरोध में अपनी पद यात्रा के दौरान इस योजना की चालू कराने की भी मांग की थी। उनका कहना है कि राज्य में कई ऐसी सिंचाई योजनाएं लंबित हैं। मगर वर्तमान सरकार सिंचाई और किसानों के प्रति गंभीर नहीं।

कृषि प्रधान देश में किसानों को मिले सुविधा

मामला चाहे जो भी हो, मगर कहीं न कहीं किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले प्रतिनिधियों को जीतने के बाद कम-से-कम किसानों को सिंचाई सुविधा देने के प्रति गंभीरता दिखानी चाहिए। आज तक सरकार जिसकी भी रही मगर आज तक तहले जलाशय योजना महज एक सपना ही रह गया है। अब देखने वाली बात ये होगी कि रघुवर सरकार में भी यह किसानों का सपना अधूरा ही रह जाता है या पूरा होता है।

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क्या कहते हैं स्थानीय ?

स्थानीय मनोज कुमार का कहना है कि यह काफी महत्वपूर्ण योजना थी। इसे धरातल पर आना बेहद जरूरी है। दिलीप पाण्डेय का कहना है कि इसे ज्लद से जल्द धरातल पर उतारना चाहिये ताकि किसानों के चेहरे पर खुशी झलके।

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‘मन की बात’ में PM मोदी ने GST की सफलता का श्रेय राज्यों को दिया, कही ये बातें

NewsCode | 24 June, 2018 2:31 PM
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से आज एक बार फिर देशवासियों के साथ अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की 45वें एपिसोड में पीएम मोदी ने भारत-अफगानिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक टेस्ट मैच को याद किया। साथ ही उन्होंने जीएसटी को सफल बताते हुए इसका श्रेय राज्यों को दिया।

जीएसटी को सफल बताया

पीएम मोदी ने जीएसटी की पहली सालगिरह आने से पहले इसकी सफलता का श्रेय राज्यों को दिया। उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन वन टैक्स’ देश के लोगों का सपना था, जो अब हकीकत में बदल चुका है। पीएम ने कहा कि जीएसटी की सफलता के लिए राज्यों ने मिलकर काम किया और इसे सफल बनाया। उन्होंने जीएसटी ईमानदारी की जीत करार दिया।

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‘मन की बात’ की शुरुआत में बेंगलुरु में हुए भारत-अफगानिस्तान टेस्ट मैच का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने अफगानी स्टार बॉलर राशिद खान के खेल को सराहा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मैच यादगार रहेगा। पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे यह मैच इसलिए याद रहेगा क्योंकि भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेते समय अफगानिस्तान की टीम को भी बुलाया और दोनों टीमों ने साथ में फोटो लिए।’

योग ने दुनिया को एकजुट किया

पीएम मोदी ने पूरी दुनिया में मनाए गए योग दिवस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘योग दिवस पर अलग ही नजारा था, जब पूरी दुनिया एकजुट नजर आई। विश्वभर में योग दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया। सऊदी अरब में पहली बार ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ और मुझे बताया गया है कि बहुत सारे आसन महिलाओं ने किए। लद्दाख की ऊंची चोटियों पर भारत और चीन के सैनिकों ने एकसाथ मिलकर योगाभ्यास किया।’

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पीएम ने कहा, ‘वायुसेना के हमारे योद्धाओं ने तो बीच आसमान में धरती से 15 हजार फुट की ऊंचाई पर योगासन करके सबको स्तब्ध कर दिया। देखने वाला नजारा यह था कि उन्होंने हवा में तैरते हुए योगासन किया, न कि हवाई जहाज में बैठ कर।’

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पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कल ही (23 जून) श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि थी। उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी के करीबी विषयों में शिक्षा, प्रशासन और संसदीय मामले थे।

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बोकारो : बरसात में भी शौचालय निर्माण कार्य चालू रखने के लिए डीडीसी ने दिए निर्देश

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 2:28 PM
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लक्ष्‍यों को ससमय पूरा करने पर जोर

बोकारो। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक उप विकास आयुक्त  रवि रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि 30 जून तक ओडीएफ किये जाने वाले पंचायतों की सूची संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को सुनिश्चित करें।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी पंचायत एडॉप्‍टर, पंचायत के शिक्षकों, पारा शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं आदि को शौचालय निर्माण हेतु टैगिंग करें। शौचालय निर्माण की दिए हुए लक्ष्यों को ससमय पूरा करें। उन्होंने सभी पंचायत एडॉप्‍टर को प्रतिदिन टैगिंग किये गए शिक्षकों, पारा शिक्षकों के साथ मोबाईल से वार्ता कर प्रगति प्रतिवेदन लेने को कहा।

बोकारो : बीडीओ ने शौचालय का किया निरीक्षण, ‘स्वच्छता का शपथ लेंगे ग्रामीण

बरसात के मद्देनजर अधिक से अधिक संख्या में गड्ढे की खुदाई कर संबंधित पदाधिकारी से जल्द बनवाने का सुनिश्चित करें। ताकि बरसात के मौसम में भी शौचालय निर्माण का कार्य जारी रखा जा सके।

बैठक में डीपीएलआर  एस.एन उपाध्याय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी  नीरज कुमार सिंह, जिला स्वच्छता प्रेरक मैत्री गांगुली सहित सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सोशल मोबिलाईजर, ब्‍लॉक कॉडिनेटर एवं पंचायत एडॉप्‍टर आदि उपस्थित थे।

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