गिरिडीह : खौफ के साये में पढ़ने को मजबूर हैं छात्राएं, जर्जर हो चुका है स्कूल का भवन

NewsCode Jharkhand | 10 July, 2018 5:31 PM
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गिरिडीह। शहर की उपनगरी पचम्बा के वार्ड नं 1  में संचालित राज्य संपोषित सेठ गोवर्धन दास नथमल फंगेरिया बालिका उच्च विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं और शिक्षक-शिक्षिकाएं खौफ के साये में पढ़ने-पढ़ाने को मजबूर हैं। पढ़ाई के समय किताबों से ज्यादा इनका ध्यान, कक्षा की छत पर टिकी रहती है। हमेशा इन्हें यह डर सताता रहता है कि पता नहीं कब कक्षा की छत टूटकर इनके ऊपर गिर पड़े।

700 से भी ज्यादा छात्राओं की पढ़ाई बाधित

डर के कारण कक्षा नवम् और दशम् की 700 से भी ज्यादा छात्राओं को, कभी विद्यालय के बरामदे में बैठना पड़ता है, तो कभी खुले आसमान के नीचे। वहीं विद्यालय के शिक्षकों को भी समझ में नहीं आ रहा है कि वो करें तो क्या करें?  कहां बच्चों को पढ़ाएं और कैसे पढ़ाएं ? कमरे के डैमेज होने के कारण यहां पढ़ाई में हर दिन बाधा आ रही है। ऐसे में न तो शिक्षक ठीक से पढ़ा पा रहे हैं और न ही छात्राएं पढ़ पा रही हैं।

 

किसी ने नहीं ली सुध

अब सवाल यह है कि इतनी विकट स्थिति के बाद भी सम्बन्धित महकमा कर क्या रहा है?  इस समस्या की जानकारी स्थानीय विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और  शिक्षा महकमा सभी को है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शमां परवीन के अनुसार इस समस्या को लेकर, वे पिछले दो साल में हर जगह पत्राचार कर चुकी हैं लेकिन अबतक आश्वासन के अलावे, इस मामले में कोई पहल नहीं की गई है। अब स्थिति यह है कि विद्यालय के खस्ताहाल कमरे की दीवारें व छत टूटने लगी हैं।

जानलेवा हो गया है जर्जर भवन

शमां परवीन ने बताया कि पिछले दिनों ही वो ज़िले की उपायुक्त के पास इस समस्या को लेकर गई थीं। उपायुक्त के बैठकों में व्यस्त होने के कारण 4 घंटे बाद भी वो उनसे नहीं मिल सकी। इसी दौरान विद्यालय से एक और बुरी सूचना मिली कि शिक्षकों के कमरे की छत का, एक बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया है। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। छत गिरने का सिलसिला रोजाना जारी है। वहीं इसके कारण विद्यालय के सभी 14 कमरे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

गिरिडीह : खौफ के साये में पढ़ने को मजबूर हैं छात्राएं, जर्जर हो चुका है स्कूल का भवन

पिछले दिनों तत्कालीन उपायुक्त उमाशंकर सिंह द्वारा विद्यालय की छात्राओं की मांग पर एक कमरा दिया गया था। लेकिन एक कमरे में आखिर कितनी बच्चियों को बिठाया जा सकता है ये एक अहम सवाल है। प्रधानाध्यापिका ने इस गंभीर समस्या के जल्द निराकरण की मांग की है।

छत से मलबा गिरने से यहां के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मी भी परेशान हैं। मजबूरन वे खुले आसमान के नीचे बैठकर कार्य करने को विवश हैं। विद्यालय की शिक्षिका ने बताया कि उन्हें भी समझ नहीं आ रहा है कि वो पढ़ाएं या बच्चियों को बचाएं। तीन दिन पहले ही छत के बड़े हिस्से के गिरने से सभी बहुत भयभीत हैं।

गिरिडीह : खौफ के साये में पढ़ने को मजबूर हैं छात्राएं, जर्जर हो चुका है स्कूल का भवन

भय के माहौल में होती है पढ़ाई

विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा नवम् व दशम् की छात्राओं ने न्यूज़कोड से बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें पढ़ाई के दौरान हमेशा यह डर लगा रहता है। पता नहीं कब छत गिर जाए। छात्राओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से जल्द ही इस समस्या के समाधान की मांग की है।

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पठन-पाठन में दिक्कत

छात्राओं ने कहा कि सभी कक्षाओं के कमरे जजर्र होने के कारण वे सभी ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं। जगह नहीं होने के कारण बेंच नहीं लग पाते हैं। इस गर्मी में एक ही बेंच पर कईयों को एक साथ बैठना पड़ता है। जिस कारण वे कॉपी में कुछ लिख भी नहीं पाती हैं। वहीं एक साथ कई बच्चों को बिठा दिए जाने से पीछे वालों को ब्लैक बोर्ड दिखाई नहीं पड़ता है।

विद्यालय में समस्याओं का अंबार

स्कूल में पहले से ही कई समस्याएं मौजूद हैं। नल है मगर पानी नहीं है। शिक्षिकाएं सभी को स्कूल से बाहर जाने नहीं देतीं, ऐसे में उन्हें प्यासे ही रहना पड़ता है। बाहर जाने की अनुमति मिलने पर कुछ लड़कियां जाकर पानी लाती हैं लेकिन वो नाकाफी होता है।

1970 में  हुई थी विद्यालय की स्थापना

गौरतलब है कि 1970 में गिरिडीह  के पचम्बा में इस विद्यालय की स्थापना हुई थी। पचम्बा समेत आस-पास की एक बड़ी आबादी की बच्चियों के शिक्षण के लिए इस इलाके में यही एक मात्र विद्यालय है। स्थानीय लोगों की मानें तो विद्यालय पहले राजवाड़े का हिस्सा हुआ करता था। फिर कुछ दिनों तक इसका इस्तेमाल धर्मशाला के तौर पर हुआ। बाद में स्थानीय प्रबुद्ध लोगों की पहल पर यहां विद्यालय शुरू हुआ।

क्या किसी हादसे के इंतजार में है प्रशासन ?

बहरहाल, एक तरफ जहां सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर कई योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं सरकारी नुमाईंदों की सुस्त कार्यशेली के कारण सात सौ से ऊपर की संख्या में बच्चियां जान जोखिम में डाल पढ़ने को विवश है। यहां बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विद्यालय में किसी बड़ी घटना के हो जाने के बाद ही प्रशासन जागेगा ? जरूरत है किसी अनहोनी के पहले इसमें सुधार की ताकि भयमुक्त माहौल में, भविष्य के होनहार बेहतर शिक्षा ग्रहण कर आगे बढ़ पाएं।

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बड़कागांव : जनता दरबार की जानकारी नहीं दिए जाने पर भड़के जनप्रतिनिधि

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 9:54 PM
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बड़कागांव(हजारीबाग)। आम लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रखंड स्तर पर लगाए जा रहे जनता दरबार का महत्व उस समय समाप्त हो गया, जब बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति नगण्य देखी गई। वहीं नियमित रूप से प्रखंड व अंचल में अपने व्यक्तिगत काम को लेकर पहुंचे ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली और इस पर नाराजगी जाहिर की। लगता है जैसे जनता दरबार महज कोरम पूरा करने की चीज बनकर रह गयी है।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार उन्‍हें या ग्रामीणों को जनता दरबार के आयोजन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई ओर गुपचुप तरीके से इसका आयोजन करके खानापूर्ति की जा रही है। लोगों ने कहा कि बड़कागांव की स्थिति दयनीय इसलिए है क्‍योंकि यहां कार्यरत पदाधिकारी, कर्मचारी के साथ-साथ जिले के पदाधिकारियों का भी रवैया उदासीन है। कोई भी कार्य जमीनी स्तर पर नहीं करके महज कागजों तक ही सीमित रखा जा रहा है।

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धनबाद : डीसी कार्यालय के सामने दो पक्षों में हुई नोंक-झोंक

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 10:03 PM
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धनबाद। डीसी कार्यालय के समक्ष दो पक्षों के बीच बुधवार को जमकर नोंक-झोंक हुई। लड़की से मिलने नहीं देने तथा उन्हें बताये बगैर न्यायालय में लड़की का बयान दर्ज कराए जाने को लेकर लड़की के परिजन हंगामे पर उतारू हो गए।

बीच सड़क पर दो पक्षों के बीच बढ़ते नोक -झोक को लेकर पुलिस को भी उन्हें शांत कराने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। लड़की पक्ष के गुस्से को शांत कराकर तोपचांची पुलिस लड़की के साथ लड़का पक्ष को महिला थाने पहुंचाई।

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तोपचांची थाना क्षेत्र के दुमदुमी निवासी जगन्‍नाथ पांडेय पिछले 8 तारीख को अपने ही गांव के युवक व उसके साथियों पर पुत्री का अपहरण कर लेने की शिकायत तोपचांची थाने में दर्ज कराई थी। दर्ज बयान में उन्‍होंने कहा था कि पुत्री सुबह में शौच के लिए घर से निकली तभी उपरोक्त युवकों ने पुत्री का अपहरण कर फरार हो गया।

पुलिस की छानबीन में परिजनों को जानकारी मिली की उनकी पुत्री को युवक व उसका साथी अपहरण कर दिल्ली ले गया है। बुधवार को तोपचांची पुलिस युवक-युवती को धनबाद न्यायालय लेकर पहुंची।

सूचना पाकर लड़की के परिवार वाले भी कोर्ट पहुंचे। यहां उन्हें पता चला की लड़की का बयान कोर्ट में दर्ज करा दिया गया है। बयान दर्ज कराने से पूर्व लड़की से भेंट नहीं कराये जाने को लेकर गुस्साए परिजन युवक के घरवालों से नोक-झोंक करने लगे।

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जमशेदपुर : गौरी सबर की स्मृति में समाधान संस्था ने किया पौधरोपण

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 9:50 PM
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जमशेदपुर।  जादूगोड़ा स्थित खड़ियाकोचा गाँव में समाधान संस्था की ओर से पौधरोपण किया गया। यह पौधरोपण खड़ियाकोचा गाँव की रहने वाली वृद्धा गौरी सबर के देहावसान के पश्चात उनकी स्मृति में की गयी।

गौरी का देहांत हृदयाघात से  9 सितंबर को हुई थी। वह अपने घर की एकमात्र सदस्य थी। उनके निधन पर संस्था ने भी शोक व्यक्त किया।

समय-समय पर संस्था द्वारा गाँव में स्वास्थ्य  शिविर का आयोजन किया जाता रहा है। गौरी सबर के निधन के पश्चात खड़ियाकोचा निवासियों ने ग्रामीण परंपरा के अनुसार  विधिपूर्वक उनका दाह-संस्कार किया।

वहीं अंत्योष्टि का ख़र्च समाधान ने वहन किया। पौधरोपण के दौरान  अंकित आनंद, संतोष कुमार स रघु सबर एवं अन्य खड़ियाकोचा निवासी मौजूद थे।

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