गिरिडीह : डायलिसिस सेंटर का शुभारम्भ, मेयर व डिप्टी मेयर ने किया उद्घाटन

NewsCode Jharkhand | 11 May, 2018 6:04 PM

गिरिडीह : डायलिसिस सेंटर का शुभारम्भ, मेयर व डिप्टी मेयर ने किया उद्घाटन

आधुनिक सुविधायों से लैस हुआ गोवर्धन लाल नर्सिंग होम

गिरिडीह । शहर का प्रसिद्ध गोवर्धन लाल नर्सिंग होम लगातार आधुनिक सुविधायों से लैस होता जा रहा है। शुक्रवार को यहाँ डायलिसिस सेंटर का उद्घाटन विधिवत रूप से किया गया। उद्घाटन मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मेयर सुनील पासवान व डिप्टी मेयर प्रकाश राम शरीक हुए।

वहीं अन्य अथितियों में उद्योगपति अमरजीत सिंह सलूजा, गुणवंत सिंह सलूजा, जयप्रकाश लाल, डॉ. विद्या भूषण, डॉ. एन के सिंह, डॉ. आरती लाल, वरिष्ठ लोजपा नेता राजकुमार राज समेत शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। उद्घाटन के बाद तमाम लोगों ने अस्पताल का निरीक्षण किया।

चल रही है एक और हॉस्पिटल बनाने की तैयारी

अस्पताल के संचालक डॉ. विकास लाल ने कहा कि अस्पताल में वह तमाम सुविधायें बहाल करने की कोशिश की जा रही है, जो एक सर्वसुविधा युक्त अस्पताल में होती है।

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बताया कि जल्द ही 2 बेड वाला अन्य डायलिसिस सेंटर को इसमें जोड़ा जाएगा साथ ही 50 बेड के एक अन्य अस्पताल की तैयारी भी चल रही है।

डायलिसिस सेंटर के खुलने पर ख़ुशी

उद्घाटन मौके पर उपस्थित मेयर सुनील पासवान, डिप्टी मेयर प्रकाश सेठ, उद्योगपति अमरजीत सिंह सलूजा व गुणवंत सिंह ने कहा कि इस छोटे से शहर में पहले चिकित्सा सुविधाओं का घोर अभाव था, लेकिन हाल के दिनों में यहां भी सुविधाएं बढ़ी है।

लोगों ने डायलिसिस सेंटर के खुलने पर ख़ुशी जाहिर करते हुए  डॉ. विकास लाल को बधाई दी।

आई. एम. ए. के डॉ विद्या भूषण ने डॉ. लाल की सराहना करते हुए कहा कि इन्होंने काफी कम उम्र में शहर में काफी ख्याति अर्जित की है। ये चौबीसों घंटे मरीजों की सेवा में तत्पर रहते है। निश्चित ही आने वाले वक्त में ये ख्यातिलब्ध चिकित्सकों में शामिल हो जाएंगे।

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जमशेदपुर : एमजीएम अस्‍पताल में विशेषज्ञों ने स्लीप एपनिया से बचाव की जानकारी दी

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:22 PM

जमशेदपुर : एमजीएम अस्‍पताल में विशेषज्ञों ने स्लीप एपनिया से बचाव की जानकारी दी

बीमारियों से बचाव की नई तकनीक के बारे बताया

जमशेदपुर। एमजीएम अस्पताल में स्लीप एपनिया तथा खर्राटे संबंधित बीमारियों से बचाव के मुद्दे पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें अस्पताल के जूनियर और सीनियर डॉक्टर शामिल हुए।

मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में अस्पताल के लगभग 50 से ज्यादा चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। कोलकाता के फोर्टिस अस्पताल से आये विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बीमारियों से बचाव की नई तकनीक के बारे में जानकारी दी।

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इस संबंध में अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रभारी डॉ. निर्मल कुमार ने बताया की खर्राटे मरीज के लिए घातक सिद्ध हो सकते है। चिकित्सक से मिलकर इस संबंध में सलाह लेनी चाहिए।

इसमें मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इस विषय पर अपने विचारों को सभी के समक्ष रखा और इसकी चिकित्सा को आसान कैसे बनाया जाए इस पर चर्चा की।

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रांची : महिलाओं को प्राईवेट अस्पताल भेजने वाली सहिया पर होगी कार्रवाई

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 10:45 AM

रांची : महिलाओं को प्राईवेट अस्पताल भेजने वाली सहिया पर होगी कार्रवाई

रांची। प्रधान स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने कहा कि एमडीआर की जांच ससमय होनी चाहिए। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रसव के लिए महिलाओं को प्राईवेट अस्पताल ले जाने वाली सहियाओं पर भी सख्त कार्रवाई करने निर्देश दिया।

उन्होंने परिवार नियोजन कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए इसमें पति-पत्नी, सास-पति आदि को भी शामिल करने का सुझाव दिया। वे मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के तत्वावधान में मातृत्व स्वास्थ्य के अंतर्गत लक्ष्य कार्यक्रम का उन्मुखीकरण कार्यशाला में बोल रही थी।

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प्रधान स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मातृत्व स्वास्थ्य हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें सुधार के लिए रणनीति के साथ लगातार प्रयास करने की आवश्यकता है। राज्य के सभी लेबर रूम की गुणवता सुधारने और इसमें काम करने वाले कार्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया।

राज्य के अस्पतालों के प्रति लोंगो का विश्वास बढ़ा है। अब लोग सदर अस्पतालों में प्रसव कराना चाहते हैं, लेकिन हमें और सुधार करने की आवश्यकता है। लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर तथा आईसीयू में सुधार नही करने वाले जिलों पर कार्रवाई होगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक कृपा नन्द झा ने कहा कि सभी गर्भवती माताओं का एएनसी समय पर होना चाहिए। पहला एएनसी में देरी के कारण बाकी एएनसी समय पर नही हो पाता है। समय से एएनसी होने पर हम प्रसव पूर्व भी खतरे को चिन्हित कर उसका इलाज कर सकते है।

उन्होने बताया कि राज्य में लगभग 83 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हो रहा है। बाकी घर या अन्य जगह पर होने वाले को प्रसव को चिन्हित कर इसे संस्थान पर करवाना होगा।

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रांची : लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर व आईसीयू में सुधार करें- निधि खरे

NewsCode Jharkhand | 22 May, 2018 9:08 PM

रांची : लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर व आईसीयू में सुधार करें- निधि खरे

रांची। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के द्वारा मातृत्व स्वस्थ्य के अन्तर्गत लक्ष्य कार्यक्रम का उन्मुखीकरण पर आज रांची में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्धाटन करते हुए स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे   ने कहा कि मातृत्व स्वास्थ्य हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है।

इसमे सुधार के लिए हमें रणनीति के साथ लगातार प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्‍होंने राज्य के सभी लेबर रूम की गुणवता सुधारने तथा इसमे कार्य करने वाले कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने हेतु कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के अस्पतालों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है।

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अब लोग सदर अस्पतालों में प्रसव कराना चाहतें है, लेकिन हमें और सुधार करने की आवश्यकता है। लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर तथा आईसीयू में सुधार नही करने वाले जिलों पर कार्रवाई होगी। इस अवसर पर प्रधान सचिव ने कहा कि एमडीआर की जांच समय पर होनी चाहिए। यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

वैसी सहियाएं जो माताओं को प्रसव हेतु प्राईवेट अस्पतालों में ले जाती है, उनके विरूद्ध भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने परिवार नियोजन कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने हेतु इसमें पति-पत्नी, सास-पति आदि को भी शामिल करने का सुझाव दिया।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कृपा नन्द झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा कि सभी गर्भवती माताओं का एएनसी  समय पर होना चाहिए पहला एएनसी में देरी के कारण बाकी एएनसी  समय पर नही हो पाता है।

समय से एएनसी  होने पर हम प्रसव पूर्व भी खतरे को चिन्हित कर उसका इलाज कर सकते है। उन्होने बताया कि राज्य में लगभग 83 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हो रहा है, बाकी घर या अन्य जगह पर होने वाले को प्रसव को चिन्हित कर इसे संस्थान पर करवाना होगा। उन्होंने कहा कि अस्पतालों मे सेवा प्रदाताओं का गुणवता व्यवहार बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।

बुरा बर्ताव साफ सफाई की कमी शौचालय, दवा आदि की कमी तथा बुरे अनुभव के कारण भी लोग दुबारा अस्पताल में आने से कतराने लगते है।  इस कार्यशाला का उद्देश्य मातृ मृत्यु दर तथ शिशु मृत्यु दर को कम कर, प्रसव पूर्व से लेकर प्रसव उपरान्त तक जच्चा तथा बच्चा को गुणवता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा सम्मान के साथ उपलब्ध कराना था।

साथ ही लेबर रूम ओटी, आईसीयू के गुणवता में सुधार कर इसे राष्ट्रीय स्तरीय बनना था। डॉ सुमिता घोष, डॉ महताब सिंह, डॉ जगजीत सिंह, परामर्शी एनएचएसआरसी ने प्रतिभागियों को  लक्ष्य  के बारे में विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण दिया।

इस अवसर पर डॉ सुमन्त मिश्रा, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य, डॉ बीना सिन्हा, प्रभारी, शिशु कोषांग, डॉ एसके सिंह, उपनिदेशक, निदेशालय के निदेशक, अपर निदेशक, उपनिदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के परामर्शी,कॉर्डिनेटर, सभी जिलों के सिविल सर्जन, डीपीएम, हॉस्पिल मैनेजर आदि  उपस्थित थे।

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