गिरिडीह : ठगा सा महसूस कर रहा गिरिडीह, 17 साल में विकास दर 0% रहा!

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2017 9:30 AM
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गिरिडीह। प्रथम मुख्यमंत्री समेत चार काबिना मंत्री सूबे को स्थापना काल में यहाँ से मिले, लेकिन 17 साल बाद भी गिरिडीह अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है। यहां न तो स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं बढ़ी और न ही गड्ढेदार सड़कों की सूरत बदली। न कोई नए स्कूल-कॉलेज खुले और न ही लोगों को रोजगार मिले। कुल मिलाकर आज 17 साल बाद भी गिरिडीह का विकास दर 0% है।

पार्श्वनाथ की यह तपोभूमि खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। कहने को तो इस जिले में कई कल कारखाने हैं। लेकिन सरकार की गलत उद्योग नीति की वजह से यहाँ के कारखाने विकास नहीं, बल्कि विनाश ले कर आई है। लगता है कि बेतहाशा प्रदूषण फैलाने का इन्हें लाइसेन्स दे दिया गया हो।

प्रदेश में यहाँ के कई टीएमटी ब्रांड के चमचमाते होर्डिंग्स मिल जायेंगे। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे की सच्चाई बेहद डरावनी है। यहाँ प्रदूषण से बच्चे विकलांग पैदा हो रहे हैं। खेत-खलिहान ब्लैक ऐरा में चले गए हैं। लेकिन इस प्रदूषण से निजात के लिए सरकार के पास कोई प्‍लान नहीं है।

इधर शिक्षा विभाग के लगातार लफ्फाजी के बावजूद एक अदद इंजीनियरिंग कॉलेज यहाँ नहीं खुला। अभ्रक उद्योग को जीवन दान देने की योजनाएं भी खटाई में पड़ी है। बनियाडीह कोलावरी में करोड़ों की लागत से बना कोक प्लांट मृतप्राय हो गया है। इसको फिर से चालू करने से इलाके में रोजगार की संभवानाएं भी सृजित होती लेकिन सरकार इस दिशा में भी सुस्त है।

गिरिडीह कोडरमा रेल परियोजना भी अधर में लटकी है। डेढ़ दशक में इस परियोजना को भी पूरा नहीं किया जा सका है। मूसलाधार बारिश की जद में आकर जर्जर उसरी पुल पर आवागमन रोक दिया गया है। लेकिन कई गांवों और महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाले इस पुल के जीर्णोद्धार के लिए भी सरकार गंभीर नहीं दिखती।

उपलब्धियों के नाम पर जिले भर में सांसद, विधायक मद से बन रहे पीसीसी सड़क, गली, नाली आदि है। जिस पर सरकार व उनके नुमाईन्दे शेखी बघारते हैं। बहरहाल झारखंड बनने से गिरिडीह को ढेरो उम्मीदें बंधी थी, लेकिन इसके नसीब में आए खोखले वादे और विकास का इंतजार है।

रांची : पहली बारिश में नगर निगम की खुली पोल, अस्त-व्यस्त जरूरी सेवाएं

NewsCode Jharkhand | 25 June, 2018 10:03 PM
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रांची। झारखंड में मानसून देर से आने की सूचना थी लेकिन फिर भी नगर निगम की ओर से किसी भी प्रकार की तैयारी नहीं की गई, नतीजतन मानसून के पहले बारिश ने नगर निगम की पोल खोलकर रख दी है। ऐसे तो नगर निगम सड़क और नाली के ऊपर करोड़ों खर्च करने की बात कहती है लेकिन पहली बारिश ने नगर निगम के सारे दावों को झूठा साबित कर दिया।

रांची : बीजेपी का “पोल खोल हल्ला बोल” नाम से राज्‍यभर में धरना

बता दें 1 घंटे रांची में हुए मूसलाधार बारिश से कई जरूरी सेवाएं बाधित हो गई। तेज बारिश के कारण नाली का पानी सड़कों पर बहने लगी, कई दुकानों में नाली का पानी सड़कों के माध्यम से घुस गया, कई व्यापारी को काफी परेशानी उठानी पड़ी। वही राहगीरों का रास्ता चलना दुर्भर हो गया।

रांची का सबसे पुराना अस्पताल सेवा सदन में बारिश का पानी घुसने की वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, वही कई मरीज पर इंफेक्शन का खतरा मंडराने लगा। वही मुसलाधार बारिश के कारण ओवर ब्रिज का रोड धंस गया, जिससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गई।

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कोडरमा : निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन का चुनाव सम्पन्न

NewsCode Jharkhand | 25 June, 2018 9:58 PM
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रविन्द्र चुने गए अध्यक्ष और संदीप सचिव

कोडरमा। निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन कोडरमा शाखा सत्र 2018-20 के लिए द्विवार्षिक चुनाव सम्पन्न हो गया झुमरीतिलैया स्थित डॉ. कल्याण चैघरी के आवास पर आयोजित इस चुनावी बैठक की अध्यक्षता डॉ. ओमियो विश्वास ने की। बैठक में संस्था के सचिव अरुप मित्रा ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, वहीं कोषाध्यक्ष तुषार राय चैधरी ने आय व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।

कोडरमा : भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के खिलाफ विपक्ष का धरना-प्रदर्शन

इस चुनाव में सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद पर रविन्द्र चन्द्र दास, सचिव पद पर संदीप मुखर्जी एवं कोषाध्यक्ष पद पर शंकर प्रसाद सिन्हा को मनोनीत किया गया। इसके अलावा डॉ. ओमियो विश्वास, डॉ. कल्याण चौधरी, काकोली मजुमदार व मंजुश्री मुखर्जी को उपाध्यक्ष बनानी नियोगी को संयुक्त सचिव, तीर्थो मुखर्जी व अरुप मित्रा को सह सचिव, विपुल गुप्ता को केन्द्रीय परिषद के सदस्य, सुनील कुमार देवनाथ को सांस्कृतिक विभाग के अध्यक्ष व सुकांत मजुमदार को सचिव तथा इन्द्रानी मुखर्जी व जया मुखर्जी को सदस्य, बुद्धेश्वर कुण्डु को अंकेक्षक के रुप में चुना गया।

कार्यकारिणी सदस्य के रुप में तुषार राय चौधरी, माया दास, प्रसेनजीत घोष, निरुपमा चौधरी व चित्रा मुखर्जी को चुना गया। संस्था की कोडरमा शाखा का मुखपत्र सृजनी पत्रिका के संपादक के रुप में कल्याण मजुमदार, सह संपादक के रुप में इन्द्रजीत गुप्ता व प्रकाशन सचिव के रुप में भूदेव मुखर्जी का मनोनयन किया गया। नव निर्वाचित सचिव संदीप मुखर्जी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन किया गया।

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सरिया : आंगनबाड़ी केंद्रों में मिला सड़ा अंडा, अभिभावकों ने काटा बवाल

NewsCode Jharkhand | 25 June, 2018 9:27 PM
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सरिया (गिरिडीह)। सरिया प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के बीच सोमवार को सड़ा हुआ अंडा मिलने मिला इसकी सूचना मिलने पर कई अभिभावक केन्द्रों में पहुँचे और लचर व्यवस्था के विरोध में जमकर हंगामा किया।  बताया जाता है कि बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा बच्चों के बीच पोषाहार के रूप में अण्डा परोसा जाना है।

इसके तहत सोमवार को सरिया प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में अण्डा वितरण की व्यवस्था की गई। जहाँ उपस्थित पोषण सखी तथा आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका-सहायिका द्वारा उसे उबाला जाने लगा। इस क्रम में सड़े हुए अंडे फूट गए। वहीं दुर्गंध सी आने लगी। जिसकी सूचना पर विभिन्न केन्द्रों पर महिलाओं ने हंगामा किया। बाद में पोषण सखियों व सेविकाओं द्वारा सभी को समझा-बुझाकर उन्हें भेजा गया।

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सरकारी व्यवस्था को जमकर कोसते हुए अभिभावकों ने कहा कि सरकार बच्चों को कुपोषण मुक्त करना चाहती है। परन्तु उनके अधिकारी-कर्मचारी कमीशन के चक्कर में सड़े-गले अंडे परोस कर उनके बच्चे को बीमार करना चाहते हैं। लोगों ने कहा कि सरकार इन गंभीर मामलों को संज्ञान में लेकर जांच पड़ताल कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करें अन्यथा केन्द्रों को बन्द कर दें।

इन केंद्रों में मिले सड़े अंडे

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड के नीचे टोला चंद्रमारणी, आंगनबाड़ी केंद्र मंदरामो, आंगनबाड़ी केन्द्र उर्रो सहित कई अन्य केन्द्रों में सड़े अंडे मिले है, जबकि शिकायत कर्ताओं में सेविका सीता देवी, संगीता देवी,विद्या देवी, मंजू देवी, पोषण सखियों में कंचन कुमारी, पिंकी कुमारी, संजना सिंह आदि है। इन्होंने बताया कि अभिभावकों द्वारा हंगामा किए जाने के बाद सभी खंडों को बाहर फेंक दिया गया तथा इसकी सूचना प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अनिता कुमारी को दे दी गई है।

सीडीपीओ का गोल मटोल जवाब

इस बाबत प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सरिया अनिता कुमारी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों से शिकायत मिली है कि उन्हें सड़े हुए अंडे बच्चों के बीच वितरण करने के लिए दिए गए थे। जो उबलने के समय अंडे फूट गए तथा उससे दुर्गंध आने लगी। जिन्हें फेंक दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्हें यह पता नहीं है कि अंडा किस एजेंसी के द्वारा दिया जा रहा है या किन-किन केंद्रों को अंडे की आपूर्ति कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़े हुए अंडे की शिकायत मिलने के बाद इसकी सूचना जिला पदाधिकारी को दे दी गई है।

बगोदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के बीच पौष्टिक आहार वितरण किया जा रहा है। ताकि क्षेत्र कुपोषण से मुक्त हो। इसी के तहत अंडे वितरण करने का भी प्रावधान है परंतु दुर्भाग्य है कि कुछ स्वार्थी तत्व के लोग दो पैसे कमीशन बचाने के चक्कर में सड़े हुए अनाज-अंडे को परोस रहे है। जिससे सरकार का लक्ष्य पूरा नहीं होगा।

वहीं यदि गांव के लोग सजग नहीं रहेंगे तो बच्चों को बीमार होने में देर भी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि यह बहुत संगीन मामला है इस मामले को उपायुक्त के पास रखा जाएगा तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारी पर कठोरतम कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

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