गढ़वा : मर चुकी संवेदना, मिट चुकी नैतिकता, क्या यही है स्वास्थ्य विभाग की वास्तविकता ?

NewsCode Jharkhand | 11 May, 2018 12:55 PM
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गढ़वा। कहा जाता है कि तस्वीर झूठ ना बोले, छुपा हुआ राज भी खोले, जी हां कुछ ऐसा ही तस्वीर नुमाया हुआ है गढ़वा में। उक्त तस्वीर के जरिये स्वास्थ्य व्यवस्था की मर चुकी संवेदना परिलक्षित हुई है। एक तरफ एक प्रसूता की मौत बेहतर इलाज बिना हो जाती है।

दूसरी ओर एक नवजात बच्चे को अस्पताल के बाहर फेंक दिया गया है। तीसरी तस्वीर की बात करें तो एक घायल वृद्ध को अस्पताल ठेला से पहुंचाना पड़ता है। यह सब तब है जब बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और इलाज के प्रति संवेदनशील होने का तमगा विभाग लगातार हासिल कर रहा है। उस संवेदनशीलता की आप भी देखिये एक जीवंत तस्वीर।

मर चुकी संवेदना, मिट चुकी नैतिकता, यही है स्वास्थ्य विभाग गढ़वा की वास्तविकता। यह कोई जुमला नहीं बल्कि व्यवस्था की कोरी सच्चाई है। जो समय समय पर सामने आती रहती है। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था हो या शहरी सभी के हालात हाशिये पर है। क्योंकि यहां मरीजों को इलाज नहीं बल्कि रेफर का कागज मिलता है जो उनके लिए मौत का परवाना बन जाता है।

ऐसी ही एक घटना घटी जिले के कांडी प्रखंड की एक प्रसूता के साथ जो प्रसव कराने के लिए पंचायत के उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंचती है पर वहां से उसे प्रखंड के अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। पुनः प्रखंड से उसे जिला भेज दिया जाता है। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ती चली जाती है जिला अस्पताल में उसका प्रसव तो हो जाता है पर वह इस बेरहम दुनिया से रेफर हो जाती है। यह थी सवास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता की पहली तस्वीर।

मर चुकी संवेदना की दूसरी तस्वीर की बात करें तो वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह एक वृद्ध व्यक्ति को सामान ढोने वाले ठेला गाड़ी पर लाद कर अस्पताल लाया जा रहा है। और यह हालात तब है जब अस्पताल परिसर में दर्जनों एम्बुलेंस खड़े और मुख्य सड़क पर 108 नंबर डायल वाला एम्बुलेंस दौड़ रहा है। लेकिन वह गरीबों से दूर है। क्योंकि घायल वृद्ध के परिजनों द्वारा 108 नंबर पर फोन भी किया गया लेकिन उन तक एम्बुलेंस नहीं पहुंचा। मजबूरन उन्हें ठेला पर लाद अस्पताल लाना पड़ा।

तीसरी तस्वीर तो मर चुकी मानवता को परिभाषित करने के लिए काफी है। क्योंकि जहां एक तरफ सरकार से ले कर स्वास्थ्य विभाग तक भ्रूण हत्या पर रोक लगाने की बात दुहराती रहती है वहीं आज सदर अस्पताल परिसर में ही एक नवजात का शव फेंका हुआ पड़ा था। व्यवस्था की तीन तस्वीरों के बाबत पूछे जाने पर अस्पताल उपाधीक्षक ने कहा कि महिला की मौत और नवजात का शव बाहर फेंक जाने के इन दोनों मामले की गंभीरता से जांच करेंगें। जबकि एम्बुलेंस के विषय में सीधे शब्दों में कहा कि वह हमारे कब्जे में नहीं है।

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रांची : सीसीएल सीएमडी ने अत्याधुनिक डिजिटल रेडियोग्राफी, डायलिसिस मशीन का किया उद्घाटन

Ramdin Kumar | 16 August, 2018 5:42 PM
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रांचीसीसीएल केन्द्रीय अस्पताल गांधीनगर में सीएमडी सीसीएल गोपाल सिंह ने अत्याधुनिक डिजिटल रेडियोग्राफी संयंत्र, दो डायलिसिस मशीन एवं अस्पताल परिसर में बेहतर सुरक्षा एवं निगरानी के लिए 23 सीसीटीवी कैमरे का उद्घाटन किया।

गोपाल सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर मरीजों के लिए इससे बढिया उपहार कुछ और नहीं हो सकता है। उत्तम सेवाएं प्रदान करना सीसीएल की हमेशा से प्राथमिकता रही है और इस दिशा में कई कार्य वर्षों से किये जा रहें हैं। इस अत्याधुनिक डिजिटल रेडियोग्राफी एवं डायलिसिस मशीन से सीसीएल द्वारा दी जा रही चिकित्सा सेवाओं में नया आयाम जुड़ेगा।

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सीएमडी सीसीएल गोपाल सिंह ने सीएमएस सीसीएल डॉ. सी.पी. धाम के कुशल नेतृत्व में किये गए पहल की सराहना करते हुए कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि केन्द्रीय अस्पताल गांधीनगर और बेहतर कार्य करते हुए न सिर्फ सीसीएल बल्कि कोल इंडिया में अपनी बेहतर एवं अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा प्रदान करने हेतु जाना जायेगा।

रांची : सीसीएल सीएमडी ने अत्याधुनिक डिजिटल रेडियोग्राफी, डायलिसिस मशीन का किया उद्घाटन

ज्ञातव्य‍ हो कि सीसीएल में स्थापित अत्याधुनिक डिजिटल रेडियोग्राफी न सिर्फ कोल इंडिया बल्कि झारखंड का पहला इतना अत्याधुनिक चिकित्सा संयत्र है। उपरोक्त मशीन से रेडियेशन का न्यूनतम प्रभाव मरीजों पर पड़ेगा, यह पूर्णत: ऑटोमेटिक एवं डिजिटल है जिससे रिपोर्ट को ऑनलाईन कहीं भी भेजा जा सकता है। साथ ही साथ इमेज क्वालिटी सर्वोत्तम मिलेगी और मरीजों को रिपोर्ट भी तुरंत उपलब्धा कराया जा सकेगा।

गांधीनगर में और डायलिसीस मशीनों की आवश्यतकता महसूस की जा रही थी और इस अवसर पर गांधीनगर में दो डायलिसीस मशीनों का भी गोपाल सिंह ने उद्घाटन किया जो पूर्णत: डिजिटल है और इससे मरीजों को और बेहतर ईलाज मिलना प्रारंभ हो जायेगा।

इस अवसर पर प्रमिला सिंह, आर.एस. महापात्र, सुनीता महापात्र, वी.के. श्रीवास्तव,  अर्चना श्रीवास्तव, ए.के. श्रीवास्तव सहित गांधीनगर अस्पताल के सीएमएस, डॉ. मंजूश्री सिंह, डॉ. मंजू मिश्रा, डॉ. आनन्दा कुमार एवं अन्य उपस्थित थे।

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गावां (गिरिडीह) : विभिन्न विभागों में झंडोत्‍तोलन को लेकर तालमेल का दिखा अभाव

NewsCode Jharkhand | 16 August, 2018 7:12 PM
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 स्वतंत्रता दिवस समारोह पर दिखी अनुशासनहीनता

गावां गिरिडीह। गावां में स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार पूर्वाभ्यास की पूरी कमी देखी गई। नतीजतन विभिन्न विभागों में झंझोत्‍तोलन को लेकर तालमेल का अभाव दिखा। इस कारण प्रखंड मुख्यालय में झंडोत्‍तोलन के वक्त झंडे को सलामी देने के लिए पुलिस जवान मौजूद नहीं रहे।

जबकि बीडीओ मोनी कुमारी सलामी दल को बुलाने के लिए थाना में फोन करती रहीं। वहीं गावां थाना द्वारा निर्गत आमंत्रण पत्र में दिये गये समय सारणी से एक घंटा पूर्व ही ध्‍वजारोहण कर दिया गया।

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इस कारण थाना परिसर में झंडोत्‍तोलन देखने से लोग चूक गये। बता दें कि थानेदार द्वारा निर्गत आमंत्रण पत्र में झंडोत्‍तोलन का समय दिन के 10:10 बजे निर्धारित था, लेकिन तय समय से एक घंटा 4 मिनट पूर्व ही 09:06 बजे ही थाना में झंडोत्‍तोलन कर दिया गया। इस कारण तय समय पर थाने में झंडोत्तोलन में शामिल होने पहुंचे लोगों को मायूस होना पड़ा।

बैंक प्रबंधक को झंडोत्‍तोलन के बजाय घर भागना आया रास

वैसे तो तिरंगा फहराना गर्व की बात मानी जाती है और इसके लिए लोग लालायित भी रहते हैं, लेकिन समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो स्वतंत्रता दिवस को महज एक सरकारी बंदिशों वाला कार्यक्रम मान लेते हैं। ऐसा ही नजारा गावां के इलाहाबाद बैंक में देखने को मिला।

प्रबंधक ने झंडोत्‍तोलन करने के बजाए 15 अगस्त को घर भागना ज्यादा मुनासिब समझा। फलत: गावां इलाहाबाद बैंक में एक आम सीनियर सिटीजन उमाशंकर अवस्थी ने झंडोत्‍तोलन किया।

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चाईबासा : जिले के चार प्रखंडों में लगाए गए जनता दरबार

NewsCode Jharkhand | 16 August, 2018 7:01 PM
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 चाईबासा । पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त अरवा राजकमल के निदेशानुसार गुरूवार को जिले के चार प्रखण्डों में जनता दरबार का अयोजन किया गया। नोवामुंडी प्रखण्ड मुख्यालय जनता दरबार में विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर का लगाया गया।

जिसमें मुख्य रूप से वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन,विकलांग पेंशन, दिव्यांग पेंशन, जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्रों, स्वास्थ्य, चिकित्सा, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण सहित अन्य विभागों के प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारियों ने लोगों के समस्या का समाधान किया।

जनता दरबार में बच्चों का आधार पंजीकरण भी कराया गया। जनता दरबार का आयोजन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी नोवामुण्डी समरेश प्रसाद भण्डारी, तथा अंचलाधिकारी गोपी उरॉव के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। वहीं जगन्नाथपुर प्रखंण्ड कार्यालय में लगे जनता दरबार में सूचना के अभाव में लोग नहीं पहुंचे।

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