गांडेय : 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर माले मनाएगी ‘संविधान बचाओ दिवस’

NewsCode Jharkhand | 6 April, 2018 5:14 PM
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गांडेय(गिरिडीह) भाकपा माले ने बरामो गांव में रामलाल मुर्मू की अध्यक्षता एक बैठक कर गांव की समस्याओं का जायजा लिया। मौके पर माले के राज्य कमेटी मेंबर राजेश यादव के सामने गांव के लोगों ने अपनी समस्याएं को रखी। गांव के लोग बुनियादी सुविधाओं के आभाव में जी रहे हैं। गांव में ढाई सौ के करीब बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं जहां सिर्फ 2 शिक्षकों के भरोसे जैसे-तैसे पढ़ाई की औपचारिकता पूरी की जा रही है।

वहीं, गांव के मुख्य गली में पूरा पीसीसी नहीं होने के कारण  आवागमन में भारी कठिनाई होती है। पंचायत स्तरीय विकास योजनाओं में संगठित रूप से लूट मची है। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर विकास की दूसरी योजनाओं में भी PC की राशि पहले काट ली जाती है। गांव के लोगों को राशन-तेल सही ढंग से नहीं मिलता और ना ही जरूरतमंद लोगों को अन्य सुविधाएं ही।

लोग किरासन तेल तथा बिजली बिल की बढ़ी कीमतों से भी खासे परेशान हैं। सिंचाई के अभाव में धान के अलावे कोई फसल लोग लगा नहीं पाते। यहां तक कि पेयजल की भी गांव में काफी दिक्कत है।

स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद माले नेता श्री यादव ने कहा कि गांडेय क्षेत्र के अधिकांश इलाके इसी तरह से पिछड़े हुए हैं। लोग बुनियादी सवालों से जूझ रहे हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन से लेकर सरकार तथा गांडेय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले तथाकथित स्वयंभू कद्दावर नेताओं ने भी इस ओर से आंखें मूंद रखी हैं।

जाति-कौम की आड़ में व्यक्तिगत स्वार्थ की राजनीति करने वाले लोगों ने इस क्षेत्र को विकास के मामले में काफी पीछे धकेल दिया है। उन्होंने लोगों से अपने ज्वलंत सवालों को सामने रखकर राजनीतिक बदलाव की लड़ाई तेज करने की अपील करते हुए कहा कि भाकपा माले ही उनके लिए बेहतर विकल्प है।

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आगामी 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर माले बेंगाबाद में ‘संविधान बचाओ दिवस’ मनाएगी और उसके बाद प्रखंड/अंचल में मची लूट के खिलाफ जोरदार आंदोलन शुरू करेगी। लोगों से इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है।

मौके पर अन्य लोगों के अलावा खुर्शीद अंसारी, रजाक अंसारी, अख्तर अंसारी, मुस्लिम अंसारी, अनवर अंसारी, उस्मान अंसारी, सरफुद्दीन अंसारी, इरशाद अंसारी, हाकिम अंसारी, टीपन अंसारी, वकील महतो समेत अन्य मौजूद थे।

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बड़ा सवाल : क्या यही है वाजपेयी के सपनों का झारखंड ?

Ramdin Kumar | 17 August, 2018 8:22 PM
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रांची। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर जहां पूरे देश में शोक का माहौल है, वहीं लोग उनके किए कार्यों को याद कर उन्हें अपनी यादों में जीवित रखे हुए हैं। वैसे तो अलट को लेकर कई तरह की यादें लोगों के जेहन में है, लेकिन झारखंड के लोग शायद ही उन्हें भूल पाएंगे।

अटल जी के जाने के बाद लोग अब चर्चा कर रहे हैं कि शायद अटल जी नहीं होते तो झारखंड भी नहीं होता। जानकार बताते हैं कि अटल जी जब कभी झारखंड का दौरा करते या यहां के नेताओं के साथ बातचीत करते तो झारखंड (वनांचल) का जिक्र जरुर करते थे। वर्ष 1991 में रांची में एक चुनावी सभा में उन्होंने कहा था कि और जैसे ही उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला, अलग राज्य की घोषण कर दी।

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बहरहाल अटल जी ने झारखंड राज्य को एक समृद्ध राज्य के रूप में बनाने का सपना देखा था। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिस मकसद में झारखंड का गठन हुआ था वह पूरा हुआ या नहीं। राज्य के विकास के पैमाने को देखकर लगता है कि शायद राज्य को जिस मकसद से अलग किया गया था वह पूरा नहीं हुआ।

राजनाति के जानकार कभी अस्थाई सरकार की बात कर राज्य के विकास में बाधक बताते है, तो कभी स्थानीय मुद्दों को लेकर विकास के रोड़े को गिनाते हैं।

अगर राज्य का आकलन सही तरीके से किया जाए तो ना तो यहां बेरोजगारी की समस्या खत्म हुई है और ना ही पलायन का। यहां ना तो गरीबी खत्म हुई है और ना ही जीवन जीने के तरीकों में कोई सुधार हुआ है। स्वास्थ्य और शिक्षा के हालात पर हर दिन बहस हो रही है।

राजधानी में चुकनगुनिया और डेंगू ने तो स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर निगम की पोल खोल दी है। ऐसी ही स्थिति शिक्षा को लेकर है जहां सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। साथ ही बच्चों को पढ़ाने के लिए बहाल किए गए पारा टीचरों की स्थिति सबके सामने हैं, जो वर्षों से अपने मूल कार्य को करने के लिए आंदोलित है।

चौकाने वाली बात तो यह है कि राज्य बनाने के पीछे एक बड़ा उद्देश्य राज्य के आदिवासियों का उत्थान करना था उसपर भी कोई ठोस पहल होती नजर नहीं आई। राज्य में आदिवासियों को जल-जंगल और जमीन से भी हाथ धोना पड़ा है और राज्य में जो आदिवासियों की संख्या है उसमें भी भारी गिरावट आई है। यही कारण है कि अब ट्रायवल एडवाइजरी काउंसिल ने राज्य का भ्रमण कर आकड़ों को जुटाने में लग गया है कि आखिर किस कारण से आदिवासियों की संख्या में कमी आ रही है।

राज्य के कई जिले पांचवी अनुसूचि के दायरे में आते हैं जहां ग्राम सभा का गठन कर विकास करने का प्रावधान है, लेकिन आखिर इस कानून का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। राज्य के लिए यह एक बड़ा सवाल है।

वर्ष    आदिवासियों की संख्या का प्रतिशत

1951  —   35.8 प्रतिशत

1991 —  27.6 प्रतिशत

2006 —  26.33 प्रतिशत

2011 —  26.11 प्रतिशत

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बोकारो : भाई-बहन को बंधक बनाए रखने के मामले में चिकित्सक पर मामला दर्ज

NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 8:22 AM
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बोकारो । को-ऑपरेटिव कॉलोनी के प्लांट संख्या 229 के मालिक दीपू घोष व उनकी बहन मंजूश्री घोष को कैद रखने के मामले में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके गुप्ता पर पूर्णेन्दू सिंह के बयान पर सिटी पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया है। दीपू घोष व उसकी बहन मंजूश्री का इलाज फिलहाल बोकारो जेनरल अस्पताल में चल रहा है। दीपू की हालत में काफी सुधार है जबकि मंजूश्री शारीरिक रूप से स्वस्थ्य होने के बावजूद मानसिक यातना के कारण हालत ठीक नहीं है।

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विदित हो कि पुलिस कप्तान कार्तिक एस ने गुरूवार को स्वयं अस्पताल पहुंचकर भाई-बहन से जानकारी ली थी। मंजू श्री ने एसपी को जो बताया उससे स्पष्ट हुआ कि उसको प्रताड़ित किया गया है। इधर मुकदमा दर्ज होने के बाद डॉ. डीके गुप्ता की मुश्किलें बढ़ गई है। सरकारी चिकित्सक होते हुए किस परिस्थिति में वे बाहर के क्लिनिक में इलाज कर रहे थे ये सवाल उठ रहे हैं। डॉ. गुप्ता चास अनुमंडलीय अस्पताल में पदस्थापित हैं।

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रांची : भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद

NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 7:59 AM
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रांची। आयुक्त उत्पाद को गुप्त सूचना मिली थी कि कतरपा, नगड़ी में भारी मात्रा में अवैध शराब का निर्माण किया जा रहा है। जिसको होटलों और ढाबों में अवैध ढंग से खपाया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी, रांची और रांची जिला के सहायक उत्पाद आयुक्त व विभाग के अन्य पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रुप से छापेमारी की गई ।

छापेमारी के क्रम में पाया गया कि कतरपा में एक नया बड़ा सेड बनाकर भारी मात्रा में अवैध शराब का निर्माण किया जा रहा है।  मौके से करीब 200 लीटर स्प्रिट हजारों बोतल खाली और हजारों बोतल शराब भरी हुई मिली । यह जगह मुख्य रूप से  सुंदरा महतो, जटलू महतो और सुनीता महतो द्वारा छोटू  उर्फ देवेंद्र उराव द्वारा  अन्य  कर्मचारियों के साथ मिलकर संचालन किया जा रहा था। वहां पर भारी मात्रा में नकली स्टिकर, नकली होलोग्राम और पैकेजिंग का सामान जब्त किया गया। वहां पर टैंकर और टाटा सफारी गाड़ी के माध्यम से स्प्रिट, पानी और तैयार माल ट्रांसपोर्ट किया जाता है।

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बताया गया कि इस प्रकार से जानबूझकर  खतरनाक शराब  तैयार कर  बाजार में बेचा जाना  घातक हो सकता है।  क्योंकि  ये सभी लोग बिना किसी विशेषज्ञ और बिना किसी रासायनिक परीक्षण के यह कार्य करते हैं। ऐसी शराब जहरीली भी हो सकती है। इन सभी व्यक्तियों और वाहन मालिकों के खिलाफ नगड़ी थाने में संबंधित उत्पाद अधिनियम और आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

सूत्रों के मुताबिक नगड़ी बाजार में स्थित कोयल लाइन होटल जो कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है यही नकली शराब बेचे जाने की शिकायत मिली थी। वहां पर छापेमारी में भारी मात्रा में शराब की खाली बोतलें, रिसीविंग बिल, शराब बेचने के बिल और शराब बेचे जाने कि सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर जब्त की गई।  इस प्रकार के अवैध कार्य संचालित किए जाने के क्रम में होटल को सील कर दिया गया है। होटल के संचालक बालकरन महतो व अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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