फल और सब्जियों का निर्यात 15 प्रतिशत गिरा, जानें वजह

NewsCode | 28 January, 2018 11:05 AM
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नई दिल्ली।अप्रैल-नवंबर, 2017 के मुनाफे के आधार पर गेहूं और दलहन के निर्यात से अलग ताजा फल और सब्जियों की कीमतों मे 15 प्रतिशत की कमी आई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के अनुसार, इसका प्रमुख कारण सबसे बड़े निर्यात बाजारों में प्याज, टमाटर, केला और किशमिश की मांग और आपूर्ति की कमी आना है।

इस अवधि के दौरान निर्यातित ताजा फल और सब्जियों का मूल्य 5416 करोड़ रुपये था, जो 2016 की इसी अवधि के दौरान के मूल्य की तुलना में 15 प्रतिशत कम है।

एपीईडीए के अध्यक्ष डी.के. सिंह ने  बताया कि कम उत्पादन के कारण प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) बढ़कर 840 डॉलर प्रति टन होने के कारण निर्यात कम हुआ।

उन्होंने बताया कि ताजा सब्जियों के कुल निर्यात में प्याज की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है। प्याज का एमईपी बढ़ने से इसका निर्यात कम हुआ है।

केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज की आपूर्ति सुनिश्चित करने और कम दाम पर निर्यात को कम करने के लिए पिछले वर्ष नवंबर में इसके एमईपी की अधिकतम दर निश्चित की थी।

मात्रा के मामले में सब्जियों का कुल निर्यात अप्रैल-नवंबर 2017 के दौरान घटकर 16 लाख टन रहा, जबकि एक वर्ष पहले की समान अवधि में यह 22.80 लाख टन था।

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भारत से अप्रैल-नवंबर के बीच निर्यात की गई सब्जियों में 18.3 प्रतिशत, निर्यात किए गए फलों में 18.3 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।

दूसरे स्थान पर बांग्लादेश रहा, जिसकी सब्जियों में हिस्सेदारी 12.2 प्रतिशत और मलेशिया 11.8 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

इसी तरह फलों का निर्यात 2016 में 4,47,612 टन से घटकर 2017 में 3,68,361 टन रह गया।

भारत जिन देशों को निर्यात करता है, उनमें यूएई, बांग्लादेश, नेपाल और अमेरिका शीर्ष देश हैं। यूएई भारतीय फलों और सब्जियों का प्रमुख बाजार है। इसके बाद नेपाल, बांग्लादेश और मलेशिया आते हैं।

सिंह ने कहा, “इस वर्ष नेपाल और बांग्लादेश में हमारे फलों और सब्जियों की मांग गिरी है। निर्यात में कमी का यह भी एक प्रमुख कारण है।”

2017 में अप्रैल-नवंबर के दौरान प्रसंस्कृत सब्जियों और फलों के निर्यात में वृद्धि हुई है।

सत्र 2017-18 में सब्जियों का कुल उत्पादन 2016-17 के 1781.70 लाख टन के मुकाबले 1806.80 लाख टन होने की उम्मीद है।

इसी तरह फलों का उत्पादन 2016-17 के 929.20 लाख टन के मुकाबले 2017-18 में 948.80 लाख टन होने की उम्मीद है।

दलहन और गेहूं का निर्यात घटकर क्रमश: 87,760 टन और 179,699 टन रहा, जबकि पिछले वर्ष यह क्रमश: 91,652 टन और 218,494 टन रहा था।

वहीं चावल की गैर बासमती किस्म का निर्यात समीक्षाधीन अवधि में बढ़कर 55.70 लाख टन हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 41.1 लाख टन था।

आईएएनएस

रांची : मंगोलिया ने कृषि क्षेत्र में मिलकर काम करने की जतायी इच्छा

NewsCode Jharkhand | 30 November, 2018 4:37 PM
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रांची। भारत और मंगोलिया के सांस्कृतिक संबंध काफी प्रगाढ़ है। मंगोलिया के कई उच्च राजनीतिज्ञों ने भारत का दौरा किया है और दोनों देशों के बीच संबंध और भी प्रगाढ़ हुए है। प्रधान मंत्री मोदी  के 2015 के मंगोलिया दौर से संबंध और भी प्रगाढ़ हुए है सहयोग और कार्य के क्षेत्र बढ़े है।

लाइन ऑफ क्रेडिट बढ़े है। इसका उपयोग सामाजिक सांस्कृतिक अर्थिक क्षेत्र मे बढ़ोतरी करने में हो सकेगा। अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर एक प्रशिक्षण केंद्र मंगोलिया में बनाया जा रहा है। मंगोलिया के छात्र भारत आकर प्रशिक्षण लेना चाहते है।

भारत की भूमि बहुत ही उपजाऊ है। दोनों देश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अच्छा काम कर सकते है। यह फ़ूड सिक्योरिटी एवम अन्य क्षेत्रो में लाभदायक होगा। भारत सरकार मंगोलिया के प्रति काफी सहयोगात्मक है। प्रतिनिधि ने हिंदी में बात कर डेलीगेट्स का मन मोह लिया।

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रांची : मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने किया कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का शुभारंभ

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:38 PM
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रांची। राज्य के जल संसाधन, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने आज मोरहाबादी स्थित पार्क प्लाजा के दूसरे तल्ले में कंफर्ट लाइफ सर्विसेज का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने आशा जतायी कि यह सर्विसेज आम जनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

कंफर्ट लाइव सर्विसेज में फ्लैट खरीद- बिक्री, स्वास्थ्य बीमा, अवधि बीमा, म्युचुअल फंड, एसआईपी एवं वाहनों की बीमा आदि की सुविधा लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

शुभारंभ के मौके पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, चंद्रशेखर महतो, संचालक राजेश कुमार, रंजना चौधरी, गीता महतो, कल्पना मुखिया, संतोष  मुखिया, अमित साव एवं अजय श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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भोगनाडीह : झामुमो ने संथाल को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया- मुख्यमंत्री

NewsCode Jharkhand | 2 December, 2018 7:36 PM
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भोगनाडीह  में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए

भोगनाडीह। राज्य को संथाल परगना ने झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से तीन तीन मुख्यमंत्री दिये,  लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया वो गरीब आदिवासी, वंचित दलित की अनदेखी कर अर्थपेटी और मतपेटी भरने का कार्य किया।

साथ ही संथाल परगना को भ्रष्टाचार और बिचौलिया दिया। सबसे ज्यादा आदिवासियों की जमीन लूटने का काम सोरेन परिवार ने किया है। आज सीएनटी-एस पीटी एक्ट के उल्लंघन कर विभिन्न शहरों में आदिवासियों की जमीन ले ली।

जबकि संथाल परगना समेत राज्य भर में यह कह कर गुमराह किया गया कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आएगी तो आदिवासी की जमीन लूट लेगी। क्या 4 साल सरकार द्वारा किसी आदिवासी की जमीन लूटी गई नहीं। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही।

बरहेट का प्रतिनिधित्व करने वाला कभी विधानसभा में सवाल नहीं उठाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि बरहेट का विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने वाले ने कभी भी विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर प्रश्न नहीं रखा, क्योंकि उसे पता ही नहीं है कि क्षेत्र की समस्या क्या है ऐसे में विकास के कार्य कैसे सम्पन्न होंगे।

लोगों को यह सोचना चाहिए और स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देनी चाहिए। चाहे वोकिसी पार्टी का हो।

कार्यकर्ता पार्टी का प्राण, पार्टी के लिए राष्ट्र पहले

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के प्राण हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जहां वंशवाद और परिवार नहीं। एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री और मजदूर मुख्यमंत्री बन सकता है। मैं भी बूथ स्तर का कार्यकर्ता था।

पार्टी के लिए समर्पण भाव से कार्य करते हुए 1995 में विधायक बना और अब मुख्यमंत्री हूं। आप भी ईमानदारी से कार्य करें। सरकार की योजनाओं को जन जन पहुंचाये। पार्टी के वविभिन्न मोर्चा के लोग इस कार्य में लगे। क्योंकि पार्टी के लिए राष्ट्र पहले है।

इस राष्ट्र को और मजबूत करने के लिए वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना चुके प्रधानमंत्री  के हाथों को मजबूत करें। इस अवसर पर अनंत ओझा,  धर्मपाल सिंह, हेमलाल मुर्मू समेत अन्य मौजूद थे।

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