खाद्य प्रसंस्करण होगा भविष्य का मुख्य उद्योग : अरूण जेटली

NewsCode | 3 November, 2017 5:05 PM
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नई दिल्ली| केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को यहां कहा कि भारत के समूचे कृषि मूल्य श्रृंखला में जबरदस्त बदलाव होने जा रहा है और खाद्य प्रसंस्करण भविष्य में देश का एक प्रमुख उद्योग होगा। जेटली ने यहां वर्ल्ड फूड इंडिया 2017 के उद्घाटन सत्र में कहा, “भारत में खेत से रसोईघर तक की श्रृंखला बदलने जा रही है, जैसा कि कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी, बेहतर स्टोरेज सुविधा, अधिक खाद्य प्रसंस्करण और उपभोक्ता की खाद्य अभिरुचियों में बदलाव से अन्य जगहों पर हुआ है।”

उन्होंने कहा, “खाद्य प्रसंस्करण भविष्य में भारत का एक प्रमुख उद्योग होने जा रहा है, और 2017 के उद्यमियों को इस उद्योग के बारे में यह ध्यान रखते हुए विचार करना चाहिए कि 2040 में हम कहां होंगे और 2050 में हम कहां होंगे।”

अधिकारियों ने यहां बाजार के आकार के संदर्भ में बताया, “भारतीय खाद्य बाजार साल 2016 में 193 अरब डॉलर का था, जो साल 2020 तक 540 अरब डॉलर को पार कर सकता है। यह क्षेत्र सालाना 12 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है।”

वित्तमंत्री ने कहा कि देश में खाद्य उत्पादों के लिए विशाल संभावित बाजार है। उन्होंने कहा, “देश में एक खामोश क्रांति चल रही है। यहां तेजी से बढ़ता मध्य वर्ग है और उसके नीचे बढ़ता हुआ आकांक्षी वर्ग है, जो मिलकर उचित क्रय शक्ति का निर्माण कर रहे हैं।”

खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इसकी क्षमता के बारे में कहा कि देश में केवल 10 फीसदी खाद्य उत्पादों को ही प्रसंस्कृत किया जाता है, जिसके कारण काफी ज्यादा बरबादी होती है।

उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में स्वचालित रूट के माध्यम से 100 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) की अनुमति दी गई है और पिछले एक साल में निवेश में 40 फीसदी की तेजी देखी गई है।”

उन्होंने कहा, “इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण बैंक के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कई देशों के प्रतिनिधिमंडलों की उपस्थिति में इस आयोजन का उद्घाटन किया। उन्होंने इस मौके पर ध्यान दिलाया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक है और चावल, गेहूं, मछली और सब्जियों के मामले में दूसरे स्थान पर है।

(आईएएनएस)

कांग्रेस का सवाल, अमित शाह से जुड़े बैंक में कैसे हुई सबसे ज्यादा नोटबदली, बचाव में उतरा नाबार्ड

NewsCode | 22 June, 2018 5:45 PM
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नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के संचार प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस कर एक आरटीआई के हवाला से आरोप लगाया है कि देश के 370 जिला सहकारी बैंकों में से नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा पैसा उस बैंक में जमा हुआ, जिसमें निदेशक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हैं।

कांग्रेस द्वारा अमित शाह के ऊपर लगाये गए आरोप पर नाबार्ड ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान पुराने नोट जमा करने के लिए आरबीआई के नियमों का पालन किया गया है। नाबार्ड ने कहा कि इस दौरान गुजरात के मुकाबले महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों में सबसे ज्यादा 500 और 1000 के पुराने नोट जमा हुए।

नाबार्ड ने कहा कि नोटबंदी के दौरान अहमदाबाद के जिला सहकारी बैंक के ज्यादातर ग्राहकों ने बंद नोट बैंक में जमा किए। वित्तीय फर्म के मुताब‍िक बैंक में कुल 17 लाख खाते हैं। इस दौरान सिर्फ 1.60 लाख ग्राहकों ने पुराने नोट जमा किए या बदले। यह आंकड़ा कुल जमा खातों का 9.7 फीसदी है।

नाबार्ड ने दावा किया कि नोटबंदी के दौरान 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट गुजरात के मुकाबले महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों में ज्यादा जमा हुए और बदले गए। नाबार्ड के मुताबिक अहमदाबाद का सहकारी बैंक 9000 करोड़ रुपये के कारोबार के साथ देश के टॉप 10 जिला सहकारी बैंकों में से एक है।

बता दें कि वित्तीय संस्था नाबार्ड की सफाई तब आई है जब विपक्षी दल कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ‘आरटीआई आवेदनों से मिले जवाब के कागजात’ पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को जवाब देना चाहिए कि नोटबंदी के समय भाजपा और आरएसएस ने कितनी संपत्तियां खरीदीं और उनकी कुल क्या कीमत है? सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा था, “नोटबंदी आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। इसकी विस्तृत और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’

नोटबंदी के बाद सिर्फ 5 दिनों में जमा हुए 745 करोड़ के पुराने नोट, अमित शाह थे बैंक निदेशक

आरटीआई से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कांग्रेस ने नोटबंदी के दौरान सहकारी बैंकों के जरिए कालेधन की मनी लॉन्ड्रिंग का अरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि एनडीए शासित राज्यों के सहकारी बैंकों में नोटबंदी के बाद 14293 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। क्या इसकी जांच होगी?

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देवघर : श्रावणी मेला की तैयारी को लेकर डीआरएम ने जसीडीह स्टेशन का किया दौरा

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:55 PM
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देवघर। विश्‍व प्र‍सिद्ध श्रावणी मेला तैयारी को लेकर आसनसोल रेलवे डिवीजन के डीआरएम पीके मिश्रा सहित अन्‍य अधिकारियों ने जसीडीह स्टेशन का दौरा किया। दौरा के दौरान डीआरएम ने मेला शुरु होने से पहले स्‍टेशन का सौन्‍दर्यीकरण व यात्री सुविधाओं को पूरा कर लेने का आदेश रेलवे अधिकारियों को दिया।

गौरतलब है कि स्‍टेशन सौन्‍दर्यीकरण का काम पहले से चल रहा है तथा मेला आरंभ होने से पहले पूरा कर लिया जाना है। डीआरएम ने पत्रकारों से कहा कि इस दौरा का मकसद मकसद जसीडीह रेलवे स्‍टेशन में श्रावणी मेला को लेकर चल रहे कार्यों का जायजा लेना है।

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उन्‍होंने कहा कि सौन्‍दर्यीकरण का काम मेला शुरु होने से पहले शुरु हुआ था जिसे बहुत जल्‍द पूरा कर लिया जाएगा। जो काम बांकी रह गया है उसे जल्‍द से जल्‍द पूरा करने का निर्देश रेलवे अधिकारियों को दिया गया है। कुछ कार्यों के मेला से पहले पूरा होने पर उन्‍होंने संतोष व्‍यक्‍त किया। डीआरएम ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जसीडीह स्टेशन में एलईडी हाई मास्ट टावर तीन लगाये गए हैं।

फुटओवर ब्रिज रैंप का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, इससे मेला में आनेवले वयस्‍क लोगों को सुविधा होगी। स्टेशन के बाहरी परिसर का समतलीकरण किया जा रहा है। यह जगह पहले काफी संकरी थी लेकिन समतलीकरण के बादखुला विशाल परिसर यात्रियों को मिलेगा। एक पड़ाव एरिया बनाया जाएगा जिसमें बरसात के समय लगभग 2500 लोग बैठ सकेंगे और आराम कर पाएंगे।

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कोडरमा : खदान में मजदूर के सिर पर गिरा पत्थर का टुकड़ा, मौके पर मौत

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:22 PM
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कोडरमा। जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र अन्तर्गत बच्छेडीह पंचायत के जमडीहा मौजा में संचालित पत्थर खदान में कार्यरत मजदूर के सिर पर पत्थर का टुकड़ा धंसकर गिरने से मौके पर उसकी मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान पवन दास (24 वर्ष) व घायल की पहचान अनिल कुमार दास (28 वर्ष) के रूप में की गई है। दोनों थानाक्षेत्र के जमडीहा के रहनें वाले हैं।

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घटना शुक्रवार की सुबह सात बजे की बताई गई है। जानकारी अनुसार दोनों मजदूर सुबह खदान में पहुंच कर ड्रिल किये गये होल में ब्लास्टिंग के लिए मशाला भरने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर करीब पैंतीस से चालीस फिट की ऊँचाई से एक बड़ा पत्थर का हिस्सा सीधा पवन के सिर पर गिर गया जिससे सिर पूरी तरह जख्मी हो गया, जिससे पवन ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद नवलशाही थाना प्रभारी मो शाहीद रजा व एसआई राम कृत प्रसाद मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कोडरमा भेज दिया। तत्पश्चात पुलिस मामले की जांच में जुट गयी।

नहीं था सेफटी का इंतजाम

खदान में कार्यरत मजदरों के सुरक्षा और बचाव के उपाय के इंतजाम नहीं थे। अशोक कुमार गुप्ता और सुरेश चन्द्र साव की उक्त खदान में कार्यरत मजदूरों को न तो खदान संचालक द्वारा सेफटी किट दिये गये थे और ना हीं वहां फस्ट एड की व्यवस्था थी। खदान में बेतरतीब तरीके से कार्य करवाये जा रहे थे और सेफटी नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा था। अधिकांश संचालित पत्थर खदानों में यही स्थिति है। जब कोई दुर्घटना होती है तो पत्थर खदान के मालिक या संचालक लाश की सौदेबाजी में जुट जाते हैं और पुलिस को मेल में लेकर मामले को रफा दफा करवा देते है।

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