पूर्वी टुण्‍डी : वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल सिर्फ लूट मची है लूट -प्रदीप यादव

NewsCode Jharkhand | 3 October, 2017 6:13 PM
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(पूर्वी टुण्डी) धनबाद। राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार विकास के हर मोर्चे पर विफल रही है। झारखंड राज्य गठन के बाद सोलह वर्षों की सरकार मे सबसे ज्यादा लूट इस रघुवर सरकार के कार्यकाल में हुई है। उक्त बातें झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान कही।

इसके पहले जिला अध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा एवं जिला सचिव फिरोज दत्ता ने प्रदीप यादव के जेल से निकलने के बाद हुई मुलाकात के दौरान बुके देकर अभिनंदन किया। प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार किसी एक योजना पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रही, बल्कि नित्य नई-नई योजनाएं ला रही है और कम्पनि‍यों को लाभ पहुंचा रही है। उदाहरण देते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2016-17 मे कम्पनी द्वारा प्रीमियम के तौर पर 15891 हजार करोड़ रुपए वसूले गए जबकि 6000/-हजार करोड़ रुपए का दावा किसानों ने किया एवं कम्पनी द्वारा 2000 हजार करोड़ का भुगतान किया गया।

इस प्रकार लगभग 14000 हजार करोड़ का लाभ कम्पनी को हुआ। झरखंड में सड़कों का जाल बिछाए जाने के बारे में कहा कि यह कमीशन का जाल बिछाया जा रहा है जो सड़क पचास लाख में बन सकती है, उसका प्राक्कलन पचास करोड़ सिर्फ कमीशन के लिए बनाया जा रहा है। राज्य भर मे चरमराई बिजली व्यवस्था के लिए सरकार को आडे हाथ लेते हुए कहा कि झारखण्ड की तेनुघाट टीबीएनएल में एक योग्य एमडी की नियुक्ति नहीं कर पाई जिस कारण वहां बिजली उत्पादन घट कर कुल उत्पादन का दसवां भाग पहुंच गया है।

पीएमसीएच धनबाद के अस्तित्व पर भी सरकार का कोई ध्यान नहीं जा रहा जिस कारण 150 बेड का अस्पताल आज पचास बेड तक सिमट गया है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड दिवस मनाने के नाम पर भी लूट हुई है सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी मे 44 लाख रुपए के चॉकलेट एवं चार करोड़ के टी शर्ट बांटे जाने एवं 9.5 करोड़ पुल शिलान्याश का खर्च दिखाया गया है। वर्तमान सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है सिर्फ दिखावे मे विकास है हकीकत में भ्रष्टाचार और लूट मची है।

बोकारो : स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण में चास को देशभर में 19वां व राज्‍य में पहला स्‍थान प्राप्‍त

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:18 PM
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पीएम ने जारी किया स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड

बोकारो। भारत सरकार की शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छ्ता सर्वेक्षण में चास नगर निगम को झारखंड में पहला स्थान प्राप्त हुआ। वहीं नगर परिषद फुसरो को राज्य में चौथा स्थान मिला है। भारत सरकार की शहरी विकास मंत्रालय ने देश भर में हुई स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड जारी किया।

जबकि देशभर में स्वच्छता सर्वेक्षण में चास नगर निगम को 19वां स्थान प्राप्त हुआ। फुसरो नगर परिषद को देश में 29वां स्थान मिला और झारखंड में चौथा स्‍थान।  रैंक जारी होने पर बधाईयों का तांता लगा रहा।

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उपायुक्त  मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने दोनों कार्यपालक पदाधिकारियों को बधाई देते दोनों क्षेत्रों के जनता को भी शुभकामनाएं दी और भविष्य में और भी बेहतर की उम्मीद जताई। गौरतलब है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में रिपोर्ट जारी किया है।

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टुण्डी : पारा शिक्षकों ने सरकार से की राज्‍य में छत्तीसगढ़ नियमावली की मांग  

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:49 PM
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टुण्डी (धनबाद)। झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघ की बैठक प्रखंड अध्यक्ष नवीन चन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन प्रखंड सचिव महमुद आलम ने किया।

बैठक में मुख्य रूप से चर्चा का विषय था कि बीजेपी  की सरकार जिस प्रकार पारा शिक्षकों के कल्याण के लिए कमेटी गठित किया और छह राज्यों से नियमावली मंगवाने के लिए अपने राज्यकर्मी को भेजा है। पारा शिक्षक भी सरकार से उम्मीद की है कि यहां की सरकार छत्तीसगढ़ नियमावली झारखंड के पारा शिक्षकों पर लागू किया जाए।

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सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न

NewsCode | 24 June, 2018 1:21 PM
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नई दिल्ली। सऊदी अरब में आज रविवार से महिलाओं को आधिकारिक तौर पर सड़कों पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिल गई है। इसी के साथ सऊदी अरब महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का आखिरी देश बन गया है। मालूम हो कि सऊदी अरब दुनिया का अकेला देश था जहां महिलाओं को ड्राइव करने की आजादी नहीं थी।

राजधानी जेद्दा में आधी रात से ही सड़कों पर इस आजादी का जश्न देखने को मिला, जहां कई महिलाएं स्टियरिंग थामें नजर आईं और हर कुछ दूरी पर खड़े कई लोग उन्हें बधाई देते दिख रहे थे। इस देश के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि 60 से अधिक वर्षों से महिलाएं सिर्फ यात्री सीट पर ही बैठती थीं यानी खुद गाड़ी नहीं चला सकती थीं। गाड़ी चलाने पर लगा बैन हटने से खाड़ी देश में 1.51 करोड़ महिलाएं पहली बार सड़कों पर गाड़ी लेकर उतरने में सक्षम हो सकेंगी।

बता दें कि सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था। यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि अर्थव्यवस्था को तेल से अलग कर सऊदी समाज को खोला जा सके। उन्होंने जून 2018 तक इस आदेश को लागू करने की बात कही थी। सऊदी के शासक सलमान के इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हुई।

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न Ban on Women driving ends in Saudi Arabia | NewsCode - Hindi News

जेद्दाह की एक महिला हम्सा अल-सोनोसी ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी जिंदगी में इस दिन को देख पाउंगी। जेद्दाह महिलाओं को लाइसेंस देने वाला देश का दूसरा शहर है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब की गिनती कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए कई पाबंदियां और सख्तियां हैं। उन्हें अभी तक वो अधिकार भी नहीं मिले हैं, जो दुनिया के बाकी देशों की महिलाओं को हैं। यहां महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। कई महिलाओं को तो नियम तोड़ने के लिए सजा तक दी गई।

कई महिलाएं ब्रिटेन, कनाडा या लेबनान जैसे देशों में जा कर अपने लिए अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया करती थीं। इनमें से कुछ ने सोमवार को एक छोटा सा ड्राइविंग टेस्ट दिया, जिसके बाद इन्हें सऊदी अरब के नए लाइसेंस दिए गए।

ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाली पहली महिलाओं में से एक रेमा जवदात का कहना है, “सऊदी अरब में ड्राइव करने का मेरा सपना पूरा होने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए ड्राइविंग का मतलब है अपनी पसंद से कुछ करना, आजाद होना। अब हमारे पास विकल्प हैं।”

सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति

– सऊदी अरब में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। एक स्टडी में यहां के 53 फीसदी पुरुषों ने माना था कि उन्होंने घरेलू हिंसा की है। वहीं, 32 फीसदी ने यह भी माना कि उन्होंने अपनी पत्नी को बुरी तरह चोट पहुंचाया।

– सऊदी में महिलाएं अकेले प्रॉपर्टी भी नहीं खरीद सकतीं। यहां एक महिला के तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए दो पुरुष गवाह जरूरी हैं।

– पुरुष गवाह के बिना महिलाओं की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकती। इसके साथ ही उन दो पुरुषों की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए चार और पुरुष गवाहों की जरूरत होती है।

– सऊदी अरब में पुरुषों की तरह महिलाओं को कानूनी तौर पर बराबरी हासिल नहीं है। ऐसे कई काम जिन्हें पुरुष कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए वो काम प्रतिबंधित हैं।

– यहां महिलाएं विदेश यात्रा नहीं कर सकतीं। पसंदीदा रहने की जगह नहीं चुन सकतीं। पासपोर्ट या फिर नेशनल आईडी कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं।

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