दुमका : प्रसव कराने आई महिला की हुई मौत, चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप

NewsCode Jharkhand | 10 June, 2018 8:07 PM
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स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में परिजनों ने किया हंगामा

दुमका। जिले के सरैयाहाट प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई। उक्त महिला के परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हेमन्ती देवी देवघर जिले के सारवां तेलियाडीह निवासी थी।

कुछ दिन से वह अपने मायके सरैयाहाट के भुरकुडिया गांव में अपने पिता परमेश्वर हाजरा के घर रह रही थी। जिसका इलाज देवघर के निजी क्लीनिक महिला चिकित्सक से चल रहा था। बीते 8 जून को खून की कमी होने से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

प्रसव के लिए रविवार को परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सरैयाहाट जीएनएनएम के भरोसे चलता है।

महिला चिकित्सक नहीं रहने से प्रसव कराने आयी महिलाओं को काफी परेशानी होती है। मात्र एक जीएएनएम के भरोसे प्रसव होता है।

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रांची : ‘Aqueduct Automation Pvt Ltd’ के साथ झारखंड में बिजनेस का सुनहरा मौका

NewsCode Jharkhand | 23 June, 2018 1:21 PM
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बनें डीलर/डिस्ट्रीब्यूटर

रांची। आपके स्वास्थ्य का पानी से सीधा रिश्ता है। पीने के पानी की स्वच्छता के मामले में यदि कोई असावधानी होती है तो कई तरह के रोग शरीर को घेरने में देर नहीं लगाते। ज्यादातर चिकित्सकों का भी यही कहना है कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में यदि नियमित स्वच्छ पानी ही पिया जाए, तो कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। झारखंड के कई हिस्सों में पीने के पानी की समस्या।

स्वस्थ झारखंड के निर्माण में बनें सहायक

RO बनाने वाली कंपनी ‘Aqueduct Automation Pvt. Ltd.’ पूरे झारखंड में बिजनेस का एक सुनहरा अवसर दे रहा है। आप इसके डीलर/डिस्ट्रीब्यूटर बनकर ‘Aqueduct Automation Pvt. Ltd.’ कंपनी से जुड़ने के बाद स्वस्थ झारखंड के निर्माण में सहायक बन सकते हैं। तो आज ही ये स्वस्थ फैसला लें और लोगों को शुद्ध पानी प्रदान करें।

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क्या करता है RO ?

RO का मतलब होता है Reverse Osmosis. यह पानी को साफ एवं शुद्ध करने का सबसे लेटेस्ट तरीका है जिसमें पानी में मौजूद ठोस पदार्थों को डिजोल्व करता है। यही नहीं RO पानी में व्याप्त TDS को भी हटाता है। इस प्रकिया से सामान्य पानी को RO Membrean से दबाव के साथ पारित किया जाता है जिससे RO खारे पानी को शोध कर आप तक साफ एवं शुद्ध पानी पहुंचाता है।

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टुण्डी : पारा शिक्षकों ने सरकार से की राज्‍य में छत्तीसगढ़ नियमावली की मांग  

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:49 PM
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टुण्डी (धनबाद)। झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघ की बैठक प्रखंड अध्यक्ष नवीन चन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन प्रखंड सचिव महमुद आलम ने किया।

बैठक में मुख्य रूप से चर्चा का विषय था कि बीजेपी  की सरकार जिस प्रकार पारा शिक्षकों के कल्याण के लिए कमेटी गठित किया और छह राज्यों से नियमावली मंगवाने के लिए अपने राज्यकर्मी को भेजा है। पारा शिक्षक भी सरकार से उम्मीद की है कि यहां की सरकार छत्तीसगढ़ नियमावली झारखंड के पारा शिक्षकों पर लागू किया जाए।

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सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न

NewsCode | 24 June, 2018 1:21 PM
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नई दिल्ली। सऊदी अरब में आज रविवार से महिलाओं को आधिकारिक तौर पर सड़कों पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिल गई है। इसी के साथ सऊदी अरब महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का आखिरी देश बन गया है। मालूम हो कि सऊदी अरब दुनिया का अकेला देश था जहां महिलाओं को ड्राइव करने की आजादी नहीं थी।

राजधानी जेद्दा में आधी रात से ही सड़कों पर इस आजादी का जश्न देखने को मिला, जहां कई महिलाएं स्टियरिंग थामें नजर आईं और हर कुछ दूरी पर खड़े कई लोग उन्हें बधाई देते दिख रहे थे। इस देश के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि 60 से अधिक वर्षों से महिलाएं सिर्फ यात्री सीट पर ही बैठती थीं यानी खुद गाड़ी नहीं चला सकती थीं। गाड़ी चलाने पर लगा बैन हटने से खाड़ी देश में 1.51 करोड़ महिलाएं पहली बार सड़कों पर गाड़ी लेकर उतरने में सक्षम हो सकेंगी।

बता दें कि सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था। यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि अर्थव्यवस्था को तेल से अलग कर सऊदी समाज को खोला जा सके। उन्होंने जून 2018 तक इस आदेश को लागू करने की बात कही थी। सऊदी के शासक सलमान के इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हुई।

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न Ban on Women driving ends in Saudi Arabia | NewsCode - Hindi News

जेद्दाह की एक महिला हम्सा अल-सोनोसी ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी जिंदगी में इस दिन को देख पाउंगी। जेद्दाह महिलाओं को लाइसेंस देने वाला देश का दूसरा शहर है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब की गिनती कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए कई पाबंदियां और सख्तियां हैं। उन्हें अभी तक वो अधिकार भी नहीं मिले हैं, जो दुनिया के बाकी देशों की महिलाओं को हैं। यहां महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। कई महिलाओं को तो नियम तोड़ने के लिए सजा तक दी गई।

कई महिलाएं ब्रिटेन, कनाडा या लेबनान जैसे देशों में जा कर अपने लिए अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया करती थीं। इनमें से कुछ ने सोमवार को एक छोटा सा ड्राइविंग टेस्ट दिया, जिसके बाद इन्हें सऊदी अरब के नए लाइसेंस दिए गए।

ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाली पहली महिलाओं में से एक रेमा जवदात का कहना है, “सऊदी अरब में ड्राइव करने का मेरा सपना पूरा होने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए ड्राइविंग का मतलब है अपनी पसंद से कुछ करना, आजाद होना। अब हमारे पास विकल्प हैं।”

सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति

– सऊदी अरब में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। एक स्टडी में यहां के 53 फीसदी पुरुषों ने माना था कि उन्होंने घरेलू हिंसा की है। वहीं, 32 फीसदी ने यह भी माना कि उन्होंने अपनी पत्नी को बुरी तरह चोट पहुंचाया।

– सऊदी में महिलाएं अकेले प्रॉपर्टी भी नहीं खरीद सकतीं। यहां एक महिला के तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए दो पुरुष गवाह जरूरी हैं।

– पुरुष गवाह के बिना महिलाओं की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकती। इसके साथ ही उन दो पुरुषों की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए चार और पुरुष गवाहों की जरूरत होती है।

– सऊदी अरब में पुरुषों की तरह महिलाओं को कानूनी तौर पर बराबरी हासिल नहीं है। ऐसे कई काम जिन्हें पुरुष कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए वो काम प्रतिबंधित हैं।

– यहां महिलाएं विदेश यात्रा नहीं कर सकतीं। पसंदीदा रहने की जगह नहीं चुन सकतीं। पासपोर्ट या फिर नेशनल आईडी कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं।

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