दुमका : पुलिस की पहल पर विधवा मां को मिला दो जून की रोटी और आशियाना

NewsCode Jharkhand | 16 May, 2018 7:32 PM

दुमका : पुलिस की पहल पर विधवा मां को मिला दो जून की रोटी और आशियाना

दुमका। जिले के मुफसिल पुलिस मानवता का मिशाल पेश की है। दर-दर भटक रही विधवा मां को आसियाना और दो जून की रोटी परिवार से मिले, इसका आपसी सुलह के आधार पर व्यवस्था की है। यह मामला है शहर से सटे लखीकुंडी गांव का। जहां एक वृद्ध विधवा मां अपने सगे दो बेटों एवं बहु से तंग आकर मुहल्ले में भीख मांग कर अपनी भूख मिटाया करती थी।

जहां एक ओर शहर के लोग पाश्चात संस्कृति पर मदर्स डे के खास अवसर पर अपनी मां के प्रति स्नेह जता कर अपनी जिम्मेवारी की खानापूर्ति करते दिखे। वृद्धा अपने पेट के आग को शांत करने के लिए मुहल्ले से दो वक्त की रोटी मांग भूख मिटाती रही। जब बर्दाश्त की हदे पार हो गई, तो पड़ोस के युवक सचिन को तकलीफ बयां कर बैठी। बोली अब बर्दास्त नहीं होता, समाज पहल करे, स्थायी व्यस्था करवा दे, अन्यथा कुछ कर लुंगी।

सचिन ने अपने साथी निशांत मिश्रा को गंभीरता से अवगत करवाया। समाज के सहयोग से 14 मई को मामला थाना पहुंचा। जहां वृद्धा ने शारिरीक एवं मानसिक पताड़ना का लिखित शिकायत की। जहां अमुनन ऐसे मामले में पुलिस खानापूर्ति कर जिम्मेवारियों से पलड़ा झाड़ लेती है।

वहीं मामले में अनुसंधानकर्ता एसआई मनोज कुमार मिश्रा ने मानवता एवं कर्तव्यनिष्ठा का बेमिसाल उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दोनों बेटों को सामाजिक पहल एवं कानून का भय दिखा सुलह कर एक मां के आंखों का आंसू पोछा। बेटे और बहु सुलहनामा में किसी प्रकार के कोई तनाव नहीं देने की बात स्वीकारी।

एक पुलिस पदाधिकारी के द्वारा सराहनीय प्रयास को मुहल्लेवासियों ने भी खूब सराहा। यहां बता दें कि वृद्धा के बेटे संजय साह छोटा-मोटा व्यवसाय चलता है। वहीं छोटा बेटा अजय साह शहर के निजी कंपनी में नौकरी करता है।

सामाजिक स्तर पर सुलह के बावजूद प्रताड़ित हो रही थी वृद्धा

सामाजिक स्तर पर इससे पहले भी छह बार मुखिया दिनेश मुर्मू के अध्यक्षता में बैठक कर सुलह करवाया जा चुका था। पिछले तीन वर्षो से बेटों के प्रताड़ना का दंश वृद्धा झेल रही थी। असहाय स्थिति पिछले करीब 3 माह से हो चुकी थी। जहां वृद्धा रहने को इधर-उधर आसियाना एवं रोटी की तलाश में मुहल्ले भर भटकती रहती थी। सामाजिक स्तर पर दबाब डालने पर वृद्धा के बेटों ने झूठा मुकदमा में फंसा देने का धमकी देता था।

समाज के लोगों ने भी पुलिस के प्रयासों को सराहा

वृद्ध मां के रखने में आमदनी कम और खर्च अधिक होने की असमर्थता बेटे और बहु ने जाहिर किया। जहां मौके पर एसआई मनोज कुमार मिश्रा ने मां तुल्य बताते हुए 2500 रूपये देकर किसी प्रकार के दिक्कत होने पर सूचना देने की बात कही। वहीं प्रतिमाह वृद्धा के लिए 500 रूपये जिले में पदस्थापित होने तक खर्च भुगतान करने का आश्वासन देकर पुलिस और लोगों के बीच बढ़ रही दूरी को भी पाटने का संदेश दिया।

बुधवार को हिरामुनी देवी के चेहरें पर जीने की फिर उम्मीद जगी। वह एएसआई मिश्रा को दुआएं देते दिखी। वहीं उसके बेटे और बहुओं ने अपनी गलती पर पश्चाताप करते हुए मां से माफी मांग अब किसी प्रकार के शिकायत का मौका नहीं देने का बात कही।

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वहीं पंचायत मुखिया दिनेश मुर्मू, निशांत मिश्रा, सचिन, राजा, अभिषेक, कुणाल, शुभम, कैशु आदि का समाजिक स्तर पर सरानीय प्रयास रहा। उन्होंने ने पुलिस विभाग के सकारात्मक कार्यो का सराहना किया।

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देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:56 PM

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

फिल्ट्रेशन से शिवगंगा का पानी 70 फीसदी हुआ साफ

देवघर। देवघर देव की  नगरिया है और यहां सालों भर आस्था का संगम देखने को मिलता है। देवघर का पवित्र शिवगंगा आस्था का केंद्र के साथ-साथ लोगों के जल का मुख्य स्रोत भी है। भक्त यहीं स्नान कर बाबा भोले को जल चढ़ाने के लिए जाते हैं, लेकिन रखरखाव और पानी को शुद्ध करने में प्रशासन नाकाम रहे। जिसके वजह से यहां का पानी दूषित हो गया। कुछ ही सालों में यहां का जल अशुद्ध हो गया, साथ ही पानी में कई तरह के कीटाणु भी पनपने लगे हैं।

रघुवर सरकार ने सबसे पहले शिवगंगा को शुद्ध करने के लिए फिल्ट्रेशन प्लांट को मंजूरी दी और अब यह फिल्ट्रेशन प्लांट काम भी करने लगा है। पिछले 6 महीनों से यह फिल्ट्रेशन प्लांट दिन-रात पानी को शुद्ध करने में लगा है और आज हालात ऐसे हैं कि शिवगंगा का 70 फीसदी जल शुद्ध हो चुका है।

आस्था की डुबकी शुद्ध जल में लगाएंगे श्रद्धालु

अधिकारी बताते हैं कि सावन आते-आते शिवगंगा का पानी 90 फीसदी से ज्यादा शुद्ध हो जाएगा। इस बार के श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु आस्था की डुबकी शुद्ध जल में लगाएंगे। इतना ही  जानकार बताते हैं कि अगर इसी गति से पानी शुद्ध होता रहा तो सरोवर का जल पीने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

बाबा भोलेनाथ की नगरी जहां पर सुल्तानगंज से जल लेकर श्रद्धालु बाबा भोले के शिवलिंग पर जल अर्पण करते हैं। जो भक्त सुल्तानगंज से नहीं आते वह इसी पवित्र शिवगंगा में डुबकी लगाकर यहां का जल बाबा भोले को चढ़ाते हैं, लेकिन रखरखाव और सही नीति नहीं रहने के कारण जल दूषित हो गया।

छह महीनों से जल की हो रही सफाई

देवघर : श्रावणी मेला तक पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी शिवगंगा- नगर आयुक्त

 

आगामी श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। इस बार सरोवर में स्वच्छ जल से स्नान कर सकेंगे। नगर आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 6 महीनों से लगातार शिवगंगा के जल को साफ करने की प्रक्रिया जारी है। फिल्ट्रेशन प्लांट 24 घंटे काम कर रहा है और 70 फीसदी से ज्यादा पानी साफ हो चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि 2018 के श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु स्वच्छ जल में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

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पहले से काफी बदलाव आया : स्‍थानीय

देवघर के स्थानीय लोग भी मानते हैं कि पहले और अभी की स्थिति में काफी बदलाव आया है। पहले इसका जल शुद्ध नहीं था और लोग इसमें स्नान करने से कतराते थे। साथ ही इसका जल बदबू भी देने लगा था जिससे कई तरह के चर्म रोग होने लगे थे। फिल्ट्रेशन प्लांट के काम करने के बाद अब जल के स्तर और इसकी शुद्धता में काफी परिवर्तन आया है और अब भक्त इसमें निसंकोच स्नान कर सकते हैं।

वहीं फिल्ट्रेशन प्लांट में काम कर रहे कर्मी का कहना है कि 70 फीसदी से ज्यादा जल शुद्ध हो चुका है और सावन के मेले के समय 90 फीसदी से ज्यादा जल शुद्ध हो जाएगा। शिवगंगा का जल शुद्ध करने में 8 कर्मचारी दिन रात लगे हुए हैं।

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चांडिल : जन-जन तक पहुंच रहा पीएम योजना का लाभ, सुविधा पाकर महिलाएं खुश

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:45 PM

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निःशुल्क गैस चूल्‍हा का वितरण

चांडिल (सरायकेला)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल उज्ज्वला योजना के तहत कुकड़ु प्रखंड सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 16 महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन की सुविधा दी गयी।

60 महिलाओं को गैस कनेक्शन देना था लेकिन गैस एजेंसी की लापरवाही के कारण 16 को ही कनेक्शन दिया गया।

कुकड़ु प्रखंड के बीडीओ मोनिया लता ने महिलाओं को गैस उपयोग की एवं रख-रखाव से संबंधित जानकारी दी। महिलाओं का कहना है कि गरीबों में यह सुविधा प्रदान कर प्रधानमंत्री मोदी ने जो शुरूआत की है इससे पर्यावरण के साथ-साथ महिलाओं को काफी सहुलियत मिलेगी।

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मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कुकड़ु प्रखंड के बीस सूत्री अध्यक्ष सचिदानंद महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जितनी भी योजनाएं बनाई है वे जन-जन का कल्याण करने वाली है। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन का वितरण चौतरफा लाभकारी है।

गैस कनेक्शन के अभाव में चूल्हा जलाने पर व्यक्ति पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था सरकार द्वारा इससे मुक्ति के लिए हर घर में गैस कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह लक्ष्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की कल्पना को पूर्ण करेगा। उज्ज्वला योजना के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना भी जीवन में बदलाव लाएगी।

मौके पर बीस सूत्री उपाध्यक्ष अजित सिंह मुंडा,शत्रुघन मछुआ, सिमंत महतो, संतोष प्रामाणिक आदि लोग उपस्थित थे।

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कटकमसांडी : सुनसान रास्ते से मिलेगा छुटकारा, महाने नदी पर बनेगा पुल

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 3:32 PM

कटकमसांडी : सुनसान रास्ते से मिलेगा छुटकारा, महाने नदी पर बनेगा पुल

कटकमसांडी (हजारीबाग)। आज़ादी के वर्षों बाद भी यदि कोई इलाके में पुल की कमी और रास्ता नहीं बनने के कारण हमारी बहु-बेटियों को उन्नति के मार्ग में विघ्न होता हो, कोई जरूरतमंद बीमार या पीड़ित को कष्ट  हो, दर्जनों गांवों के लोग एक-दुसरे से जुदा हो जाते है। उक्त बातें विधायक मनीष जायसवाल ने कटकमसांडी में पुल के शिलान्यास के मौके पर कही।

वर्ष 2017 के जनवरी महीने में हजारीबाग-चतरा की सीमा के पास सदर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कटकमसांडी प्रखंड और सिमरिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत पथलगड्डा प्रखंड के बीच के सुनसान रास्ते पर दो छात्रा रजनी (काल्पनिक नाम) राधा कुमारी (काल्पनिक नाम ) के साथ दुष्कर्म के उपरांत हत्या का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ था।

मृतिका की एक अन्य बहन सहित कई स्कूली और कॉलेजों की छात्राओं ने डरी-सहमी आवाज में उन्हें कहा था कि “अब हमलोग पढाई छोड़ देंगे सर। इस सुदूरवर्ती रास्ता में महाने नदी पर पुल और पक्का सड़क नहीं होने के कारण हमारी जान को खतरा है”। समाज में व्याप्त इस अनैतिक कुकृत्य और अभिशाप से मुक्ति के लिए उन्होंने प्रयास किया और इस रास्ते पर पड़ने वाले महाने नदी पर पुल का शिलान्यास किया।

पुल के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान यहां उपस्थित लोगों विशेषकर महिलाओं और छात्राओं के आंखों में ख़ुशी साफ़ झलक रही थी। इस दौरान विधायक जायसवाल ने कहा कि इस रास्ते पर ना जाने अबतक ऐसे कितने गुमनाम अनैतिक कुकृत्य हुए होंगे, कितने जरूरतमंद मरीज अस्पताल नहीं पंहुच पाए होंगे।

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पुल निर्माण के उपरांत इस सड़क के कायकल्प का भी प्रस्ताव जल्द सरकार से रखा जाएगा और निर्माण कराया जाएगा। विधायक ने विगत वर्ष यहाँ दो छात्राओं के साथ दुष्कर्म के बाद हुए हत्या मामले पर अबतक बलात्कारियों और हत्यारों को पुलिस द्वारा पहचान नहीं किये जा सकने की मामले पर खेद प्रकट करते हुए कहा की स्थानीय पुलिस शायद इसे भूल गयी होगी लेकिन मेरे मन- मस्तिष्क और दिल में इस जघन्य घटना के प्रति एक गहरा रोष अब भी व्याप्त है। उन्होंने कहा की आने वाले बुधवार को मृतिका छात्राओं के न्याय की गुहार को लेकर और हत्यारों के गिरफ्तारी की मांग को लेकर हजारीबाग एसपी और डीआईजी से मिलेंगे। जब तक दोनों मृतक के अपराधियों को सजा नहीं मिल जाती  मुझे सुकून नहीं मिलेगा।

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