एक-दूसरे को मिटा देने की धमकी देने वाले ट्रंप और किम जोंग उन मिले, समझौते पर किया हस्ताक्षर

NewsCode | 12 June, 2018 11:57 AM

सिंगापुर में पुरानी तल्खी भूलकर ट्रंप और किम मुस्कुराकर एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिले।

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नई दिल्ली। एक-दूसरे को परमाणु हमलों से नेस्तनाबूद कर देने की धमकी देने वाले विश्व के दो बड़े नेताओं डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन ने सभी पुराने गिले-शिकवे मिटाकर एक-दूसरे से हाथ मिलाया। इस ऐतिहासिक शिखर वार्ता का इंतजार पूरी दुनिया बेसब्री से कर रही थी। सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन के बीच बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और हंसकर बात भी की।

समझौते पर किया हस्ताक्षर

डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग के बीच दो दौर की बातचीत के बाद दोनों साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजर आए। जहां दोनों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। किम के साथ मुलाकात को ट्रंप ने ऐतिहासिक करार दिया है। जबकि किम ने कहा कि दुनिया आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखेगी।

एक-दूसरे को मिटा देने की धमकी देने वाले ट्रंप और किम जोंग उन मिले, समझौते पर किया हस्ताक्षर Donald Trump Kim Jong Un Singapore meeting | NewsCode - Hindi News

सिंगापुर समिट में दोनों के बीच मुलाकात एक तरह से सफल रही है। संयुक्त बयान जारी करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने किम जोंग को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया। ट्रंप ने कहा कि किम बेहद क्षमतावान व्यक्ति हैं, इस मुलाकात के बाद हमारे बीच एक खास रिश्ता बना है। ट्रंप से मुलाकात के बाद किम ने कहा कि हमने बीती बातों को पीछे छोड़ने का फैसला किया है।

50 मिनट तक चली वार्ता

भारतीय समयानुसार सुबह करीब साढ़े सात बजे दोनों शीर्ष नेताओं की बीच ऐतिहासिक शिखर वार्ता खत्म हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। मीटिंग खत्म कर बाहर निकलते हुए ट्रंप और किम मुस्कुराते नजर आए। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि मीटिंग बहुत ही अच्छी रही। वहीं, किम जोंग ने कहा कि मुझे लगता है कि पूरी दुनिया इस पल को देख रही है।

इसलिए ऐतिहासिक है ये बैठक

दोनों नेताओं के बीच की ये मुलाकात कई मायनों में ऐतिहासिक इसलिए कही जा रही थी, क्योंकि पहली बार अमेरिका के किसी सिटिंग राष्ट्रपति ने किसी उत्तर कोरियाई नेता से मुलाकात की है। तो वहीं वहीं, सत्ता संभालने के 7 साल बाद किम जोंग उन पहली बार इतनी लंबी विदेश यात्रा पर आए हैं।

बैठक का उद्देश्य था परमाणु निरस्त्रीकरण

इस बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना और कोरियाइ प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण था। जाहिर है कि बीते दिनों दोनों देशों के बीच रिश्तों में कड़वाहट रही है। लगातार एक-दूसरे को परमाणु हमले की धमकी देने वाले देशों के बीच ये मुलाकात इसके चलते और भी खास मानी जा रही है।


बता दें कि ट्रंप और किम के बीच यह मुलाकात सिंगापुर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोसा के एक होटल में हुई। मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति और एक उत्तर कोरियाई नेता के बीच हो रही यह पहली शिखर वार्ता ट्रंप और किम के बीच कभी बेहद तल्ख रहे रिश्तों को भी बदलने वाली साबित होगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। ट्रंप और किम इस वक्त सिंगापुर के अलग-अलग होटलों में ठहरे हुए हैं। किम जहां सेंट रीजस होटल में ठहरे हैं, वहीं कुछ ही दूरी पर स्थित शांगरी ला होटल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ठहरे हुए हैं। दोनों की मुलाकात के लिए पूरे सेंटोसा द्वीप को किले में तब्दील किया गया।

 सिंगापुर उठा रहा बैठक का खर्च

ट्रंप और किम की बैठक का पूरा खर्च सिंगापुर उठा रहा है। इस पर लगभग दो करोड़ डॉलर (लगभग 135 करोड़ रुपये) खर्च आने का अनुमान है। न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, सिंगापुर सरकार किम जोंग उन और उनके प्रतिनिधिमंडल के होटल में रहने का खर्च भी उठा रही है। उत्तर कोरियाई नेता सेंट रेजिस होटल में ठहरे हुए हैं।

एक-दूसरे को मिटा देने की धमकी देने वाले ट्रंप और किम जोंग उन मिले, जल्द करेंगे बड़ा ऐलान Donald Trump Kim Jong Un Singapore meeting | NewsCode - Hindi News

बहरहाल ट्रंप और किम जोंग उन के बीच हुई ये ऐतिहासिक शिखर वार्ता कितनी सफल रही, ये तो भविष्य ही बताएगा। लेकिन जिस तरह सिंगापुर में पुरानी तल्खी भूलकर ट्रंप और किम मुस्कुराकर एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिले, उसने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। वार्ता के बाद ट्रंप भी काफी उत्साहित होकर कहते नजर आए कि मुलाकात बहुत-बहुत अच्छी रही, वहीं किम भी ट्रंप से मिलकर काफी खुश नजर आए। ऐसे में उम्मीद तो यहीं कि जा रही है कि परमाणु युद्ध की धमकी देने वाले दोनों देशों के बीच अब सबकुछ ठीक हो गया है।

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रांची : 11 लाख शेष बचे परिवारों को भी स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने पर विचार- स्वास्थ्य मंत्री

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 4:56 PM
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रांची। झारखंड स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा है कि राज्य में रहने वाले 68लाख परिजनों में से 57लाख परिवारों को 23 सितंबर को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरूआत होने के साथ ही स्वास्थ्य बीमा लाभ मिलने लगेगा, शेष बचे 11 लाख अन्य परिवारों को भी स्वास्थ्य बीमा में लाभ दिलाने पर विचार चल रहा है।

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स्वास्थ्य मंत्री ने शुक्रवार को रांची स्थित सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र सरकार की सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के तहत राज्य के 25 लाख परिवारों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ मिलना था, लेकिन राज्य सरकार ने इस योजना का लाभ खाद्य सुरक्षा कानून से लाभाविंत होने वाले सभी परिवारों को देने का निर्णय लिया, इस कारण यह संख्या 32 लाख बढ़ गयी, अब 57 लाख परिवारों को इस योजना लाभ मिलेगा।

इसमें से 25 लाख परिवारों के स्वास्थ्य बीमा पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 60:40 अनुपात में राशि खर्च की जाएगी, जबकि अन्य 32 लाख परिवारों पर होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा। इस पर करीब 600 करोड़ रुपये का सलाना अतिरिक्त वित्तीय भार राज्य सरकार पर बनेगा।

उन्होंने बताया कि राज्य में रहने वाले 57लाख परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलने लगेगा, शेष बचे 11 लाख परिवारों को भी बीमा का लाभ दिलाने को लेकर मुख्यमंत्री विचार-विमर्श में जुटे है।

इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना को लेकर राज्य के 90 फीसदी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया जा चुका है, इसके अलावा निजी अस्पतालों की ओर से भी सूचीबद्ध होने के लिए आवेदन दिया गया है। राज्य के 603 सरकारी व निजी अस्पतालों की ओर से सूचीबद्ध होने को लेकर आवेदन प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के बाद लोगों की यह धारणा टूट जाएगी कि सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी अस्पतालों में ज्यादा खर्च होता है, प्रतिस्पर्द्धा से सरकारी अस्पतालों में भी कार्य पद्धति में सुधार आएगा।

इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के कार्यान्वयन को लेकर झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के बीच एमओयू किया किया गया।

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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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गुमला : कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:08 PM
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गुमला। झारखंड के राजकीय पर्व करमा के अवसर पर केशरवानी वैश्य समाज के तत्वावधान में डीएसपी रोड स्थित बजरंग केशरी के आवास में गोत्राचार्य कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत गोत्राचार्य कश्यप मुनि के चित्र पर माल्यार्पण कर के किया गया। मौके पर झारखंड प्रदेश केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. प्रेम प्रसाद केशरी ने गोत्र गुरु कश्यप मुनि की उत्पत्ति से लेकर उनके जीवनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इन्होंने कहा कि गोत्राचार्य कश्यप ऋषि के आशीर्वाद से ही केशरवनियों का सर्वागिण विकास हो रहा है एवं होता रहेगा। महर्षि कश्यप की प्रत्येक घर में पूजा अर्चना होनी चाहिए।

पाकुड़ : वन कर्मियों ने पौधा लगाकर करम महोत्‍सव मनाया

संरक्षक हरिओम लाल केशरी, बजरंग केशरी,रमेश केशरी दुर्गा केशरी ,राधा कृष्ण प्रसाद केशरी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रदेश महिला सभा की मंजू केशरी ने भी अपना विचार रखा।

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