धनबाद : जनता मजदूर संघ की मांग, भारी वाहनों के परिचालन पर लगे रोक

NewsCode Jharkhand | 3 February, 2018 5:37 PM

धनबाद : जनता मजदूर संघ की मांग, भारी वाहनों के परिचालन पर लगे रोक

सिंदरी में सड़कों की स्थिति काफी जर्जर- जमसं

धनबाद। सिंदरी की जनता मजदूर संघ सिन्दरी अध्यक्ष गौरव वक्ष (लक्की सिंह) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों को बताया कि सिंदरी में सड़कों की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी थी। लम्बे अर्सों के बाद सिंदरी की सड़कों को फिर से बनाया गया। इधर एसीसी सिमेन्ट फैक्ट्री सिंदरी में नये कारखाना लगाने के क्रम से लेकर अभी तक भारी मालवाहकों के आवागमन के कारण सिंदरी में बनाए गए सड़क पूरी तरह टूट-फूट गया है।

एसीसी प्रबंधन को संघ की ओर से सड़क मरम्मती, भारी वाहन चलाने पर रोक एवं वाहनों के कारण हो रहे प्रदुषण के प्रति सड़कों पर सुबह शाम जल छिड़काव हेतु सुझाव दिया जा चुका है। किन्तु एसीसी प्रबंधन का इस ओर अब तक कोई ध्यान नहीं है। इन मामले को लेकर जमसं की ओर से एफसीआईएल सिंदरी प्रबंधन से यह मांग किया गया की भारी वाहनों के परिचालन को रोकने के लिए लोहे का बना बैरियर सड़कों पर लगाई जाए। जिससे भारी वाहनों का परिचालन रोका जा सके।

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आज प्रेस वार्ता के क्रम में जमसं अध्यक्ष ने कहा की एसीसी प्रबंधन टूटे हुए सड़कों की मरम्मत, भारी वाहनों के परिचालन पर रोक, प्रदुषण के लिए सुबह शाम सड़कों पर जल छिड़काव की यथाशीघ्र व्यवस्था नहीं करती है तो जमसं जोरदार आंदोलन करेगी। प्रेस वार्ता के क्रम में  जमसं के उपाध्यक्ष रूपेश कुमार मुन्ना, वेद प्रकाश ओझा, सोमनाथ दुबे, अरविंद पाठक, रामू मल्लिक, क्रमवीर सिंह, मनोज दुबे, रंजन सिंह, संजय सिंह, विमल सिंह आदि लोग उपस्थित थे।

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जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:03 PM

जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

जिला मुख्यालय वनाधिकार मंच का प्रदर्शन

जमशेदपुर। झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी ने वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू करने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिले के उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। साल 2006 का वन अधिकार कानून को पालन कराने पर जोर दिया गया है।

आपको बता दें की वर्ष 2006 में वन अधिकार कानून लाया गया था, और इसी को सख्ती से पालन किये जाने की मांग उठाई गई है।  प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वन क्षेत्र में जो भी लोग निवास करते है उन्हें इस कानून के तहत अधिकार है कि वो वन का संरक्षण करें और वन संसाधनों का उपयोग कर अपनी आजीविका चलायें। इसका पालन नहीं किया जा रहा है।  वन क्षेत्र में अगर कोई भी निर्माण कार्य किया जाये तो वहां के ग्रामसभा से इसे पारित करवाना होगा। लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है।

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झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी के प्रतिनिधि ने कहा कि ये सभी चीजें तभी हो सकती है जब वनाधिकार अधिनियम को जिले में सख्ती से लागू करवाया जाये।  मांग पत्र के माध्यम कहा गया है कि वन क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार मिले और वनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।

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गांडेय : जनसमस्याओं को लेकर जेवीएम ने दिया धरना, राज्यपाल के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:00 PM

गांडेय : जनसमस्याओं को लेकर जेवीएम ने दिया धरना, राज्यपाल के नाम बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

गांडेय (गिरिडीह)। जनसमस्याओं को लेकर जेवीएम ने गांडेय प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। प्रखंड कमेटी के सदस्यों ने मांग किया है कि गैरमजरुवा जमीन पर अविलंब रसीद निर्गत करने, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य योजनाओं में गड़बड़ी करने वाले पर कार्रवाई, गांडेय स्वास्थ्य केंद्र को सुविधा से लैस किया जाय।

कार्यक्रम के बाद धरनार्थियों ने राज्यपाल के नाम ग्यारह सूत्री मांग को लेकर बीडीओ को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित गांडेय के पूर्व विधायक सह जेवीएम नेता लक्ष्मण स्वर्णकार ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण विकास थम सा गया है। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं भी मयस्सर नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि पानी, बिजली की समस्याओं से लोग जूझते दिख रहे हैं। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की कोई सुविधा नहीं है। अधिकांश चापानल खराब पड़े हैं। विकास योजनाओं में बिचौलिए हावी है। योजनाओं में लुट के कारण वास्तविक लाभुकों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

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कार्यक्रम में जेवीएम  नेताओं ने क्षेत्र के खराब सड़कों की मरम्मती, मानदेय कर्मी पारा शिक्षक, रोजगार सेवक, रसोइया, सेविका सहायिका, पोषण सखी, स्वंयसेवक, कम्प्यूटर आपरेटर, समेत अन्य कर्मियों को सरकारी कर्मी की तरह मानदेय तथा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।

ये है मांगे

वहीं स्वास्थ्य सुविधा को लेकर गांडेय स्वास्थ्य केंद्र में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने,  मनरेगा योजना में समय पर मजदूरी एवं सामग्री उपलब्ध कराने, विधवा वृद्धा पेंशन में व्याप्त त्रुटियों को दूर करने, खराब पड़े चापानल की मरम्मत करने, मॉडल विद्यालय कस्तूरबा में शिक्षकों की कमी को दूर कर समुचित शिक्षा व्यवस्था बहाल करने समेत ग्यारह सूत्री मांग को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम बीडीओ को स्मारपत्र सौंपा गया।

इसके पूर्व धरना-प्रदर्शन में उपस्थित अतिथियों ने सरकार की गलत नीतियों पर निशाना साधा। मौके पर प्रखंड महामंत्री राजु राणा, मनोज कुमार सिंह, अवधेश राय, राजेश यादव, शंकर प्रसाद राय, वासुदेव मंडल, मिथिलेश मंडल, शंकर मंडल समेत कई लोग उपस्थित थे।

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जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 9:55 PM

जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

प्रबंधन पर धमकाने का आरोप

जमशेदपुर। टाटा मोटर्स कानवाई चालकों ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कई बार प्रदर्शन व अनशन के बाद इन्हें अब तक आश्वाशन ही मिला रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी आदेश के बाद भी कंपनी प्रबंधन द्वारा इन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।

पिछले तीन वर्षों से कानवाई चालक प्रदर्शन, अनशन करते रहे लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। कंपनी प्रबंधन को सरकारी तौर पर न्यूनतम मजदूरी दिए जाने का सरकारी आदेश भी जारी हुआ। चालक कहते हैं कि इस आदेश को अब एक वर्ष बीत गए लेकिन कंपनी है कि न्यूनतम मजदूरी देने का नाम ही नहीं ले रही है।

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चालकों के अनुसार चालकों को प्रताड़ित किया जाता है। कोई आदेश का अवहेलना करता है तो उनपर मुकदमा चलाया जाता है।  उपायुक्त से मांग की गयी कि टाटा मोटर्स प्रबंधन के खिलाफ सरकारी आदेश को नहीं माने जाने का मामला दर्ज करें और उनपर कार्रवाई करें।

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