धनबाद : पारा शिक्षक समेत कई संगठन हुए एकजुट, किया जोरदार प्रदर्शन

NewsCode Jharkhand | 24 February, 2018 5:53 PM
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सरकारी स्कूलों के शिक्षक और पारा शिक्षक में कोई भिन्‍नता नहीं- अशोक सिंह

धनबादपारा शिक्षक, रसोईया, शिक्षा मित्र, संयोजिका, पंचायत प्रतिनिधियों ने भाजपा सरकार की नीति के विरोध में शनिवार को सड़क पर उतरे। रणधीर वर्मा चौक पर इनका जन सैलाब उमड़ा। इनके आंदोलन की अगुवाई जिप सदस्य अशोक सिंह ने किया। मौके पर अशोक सिंह ने कहा कि प्रदर्शन करने वाले पारा शिक्षक बच्चों का भविष्य संवारते हैं। सरकारी स्कूलों के शिक्षक और इनमें कोई भिन्‍नता नहीं है। बावजूद इन्हें मानदेय के रूप में एक छोटी सी राशि दी जाती है। वहीं सरकारी शिक्षकों का वेतन 40 हजार तक दिया जाता है। पारा शिक्षकों को आठ हजार की राशि मिलना यह राशि न्यूनतम मजदूरी के बराबर भी नहीं है। ये शिक्षक आदर्श भारत बनाने में सेवा दे रहे हैं। जिन्हें अपने हक़ के लिए सड़कों पर आना पड़ा है।

चंदनकियारी : किसी भी सरकार ने पारा शिक्षकों के मानदेय पर नहीं किया विचार- मोर्चा

अशोक सिंह ने कहा सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरी तरफ जिले में संचालित करीब 1800 विद्यालयों को मर्ज करने की योजना सरकार बना रही है। इस परस्थिति में रसोईया बहनों का भविष्य क्‍या होगा। उनके रोजगार की सुद कौन लेगा। मर्ज होने के उपरांत उन भवनों का क्या होगा। निश्चित ही वह गर्क मे जायेंगी।

सरकार की नीति न्‍याय संगत नहीं

उन्‍होंने कहा कि कहीं न कहीं उन भवनों को बनाने में जनता का ही पैसा लगा है। सरकार की यह नीति न्याय संगत नहीं है। सरकार को इसपर गम्भीरता पूर्ण विचार करने की जरुरत है। अन्यथा एक जोरदार आंदोलन झेलने के लिए सरकार को तैयार रहना चाहिए। सरकार कुछ बेहतर करने के बजाय लगातार नई-नई घोषणाएं कर रही है।

गांव में अपने तरीके से समिति गठित करने का निर्णय लेकर गांव के जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में चुनकर आने वाले उन जनप्रतिनिधियों का फिर औचित्य क्या रह जायेगा। पारा शिक्षकों की मांगें वर्षों पुरानी है, जो आज तक पूरी नहीं हुई। यह भी समझ से परे है।

स्कूल मर्ज के निर्णय को निरस्त किया जाना चाहिए- जिप सदस्‍य

जाहिर है वर्तमान सरकार एवं पूर्व की सरकारों में इच्छा शक्ति की कमी रही होगी। समान काम का समान वेतन देने की इनकी मांग जायज है। स्कूल मर्ज के निर्णय को निरस्त किया जाना चाहिए ताकि रसोईया बहनों का रोजगार यथावत बना रहे।

भाजपा सरकार में ही पारा शिक्षकों का हुआ शोषण- जिलाध्‍यक्ष

मौके पर पारा शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष ने कहा कि राज्य भर में 70 हजार पारा शिक्षक हैं जिन्हें लुप्त करने का प्रयास यह भाजपा सरकार कर रही है। इस भाजपा सरकार में ही सबसे ज्यादा शोषण पारा शिक्षकों का हुआ है। सभी 7 सूत्री मांगों पर सरकार विचार नहीं करती है तो इस बार आरपार की लड़ाई होगी।

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धनबाद : सगे भाई-बहन ने किया रक्‍तदान, पेश की मिसाल  

NewsCode Jharkhand | 21 July, 2018 10:09 PM
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धनबाद। पीएमसीएच के रक्त अधिकोष में सगे भाई-बहन ने थैलीसीमिया रोग से पीड़ित दो बच्चों के लिए रक्तदान कर मानवता की मिसाला पेश की। समाजसेवी शालिनी खन्ना के कहने पर पीएमसीएच के थैलीसिमिया वार्ड में भर्ती करीब 3 साल की बच्‍ची आराध्या के लिए पल्‍लवी पायल ने रक्‍तदान किया। वे बीएसएस कॉलेज की पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रह चुकी है।

रक्‍तदान करने जैसे की वह सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ सिंह के साथ पीएमसीएच के रक्त अधिकोष  में रक्तदान के लिए  पहुंची वहां पहले से मौजूद थैलीसीमिया से ग्रस्‍त लगभग 5 वर्ष के मोहित कुमार महतो की मां उषा देवी ने भी पल्लवी से अपने बच्चे के लिए रक्त उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

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पल्लवी ने उस महिला की बात सुनकर अपने बड़े भाई राकेश रंजन को फोन कर रक्‍तदान करने पीएमसीएच आने को कहा। कुछ ही समय में राकेश भी वहां पहुंच गए और दोनों भाई-बहन ने दोनों बच्‍चों के लिए रक्‍तदान किया।

रक्‍तदान करने पर शालिनी खन्‍ना ने दोनों भाई-बहन की प्रशंसा और धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि पल्लवी की तरह बेटियां व महिलाएं भी रक्‍तदान करने आगे आएगी तो कई लोगों की जान बचायी जा सकेगी। सौरभ सिंह ने भी युवाओं से अपील की है कि वो अधिक से अधिक रक्तदान करें  ताकि जरूरतमंदों को समय पर खून मिल सके।

रक्त अधिकोष में रक्त की कमी को देखते हुए इस बार स्वतंत्रता दिवस पर शिविर लगाकर रक्‍तदान करने का निर्णय लिया गया।

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राँची : मुख्यमंत्री ने जूस पिलाकर तुड़वाया विधायक शिवपूजन मेहता का अनशन

NewsCode Jharkhand | 21 July, 2018 10:18 PM
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राँची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विधायक शिवपूजन मेहता को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। मुख्यमंत्री, विधायक सुखदेव भगत के साथ सदन के बाहर पहुंचे और शिवपूजन मेहता को जूस पिलाया। आपको बता दें कि शिवपूजन मेहता जपला सीमेंट फैक्ट्री को पुनर्स्थापित करने की मांग को लेकर, झारखंड विधानसभा के मुख्य गेट पर विगत 3 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे।

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कोलेबिरा : लचरागढ़ में संदिग्ध हालत में मिला नाबालिग बच्ची का शव

NewsCode Jharkhand | 21 July, 2018 10:02 PM
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कोलेबिरा(सिमडेगा)। कोलेबिरा प्रखंड के लचरागढ़ में एक नाबालिग बच्ची का शव संदिग्ध हालत में बरामद किया गया। उसकी उम्र 13 वर्ष थी और वह सातवीं कक्षा की छात्रा थी। वह भुरसाबेड़ा की रहने वाली थी। वह लचरागढ़ में किराये के मकान मे रहकर पढ़ाई करती थी। शुक्रवार की रात को उसका शव, छत की पाईप से  दुपट्टा व बेल्ट के फंदे लटका मिला।

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घटना की जानकारी होने पर परिजनों ने कोलेबिरा पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए सिमडेगा भेज दिया। बच्ची के रुम से  सुसाईड नोट बरामद किया गया है। ये हत्या है या आत्महत्या, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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