धनबाद : मुद्राओं का शास्त्रीय नृत्य में बहुत महत्व है : श्रुति सिन्हा

NewsCode Jharkhand | 13 June, 2018 8:55 AM
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धनबाद। संस्कार भारती के द्वारा सात दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन श्रुति सिन्हा ने बच्चों को कथक से जुड़ी जानकारी दी।

सिन्हा ने बताया कि कथक तथा शास्त्रीय नृत्य में मुद्राओं का बहुत महत्व है। उन्होंने बच्चों को मुद्रा के बारे में बताया। दो तरह की मुद्राएं होती है पहला संयुक्त मुद्रा और दूसरा असंयुक्त मुद्रा। हस्त मुद्रा के बारे में उन्होंने कहा कि हस्त मुद्राओं का बहुत महत्व है। उन्होंने बच्चों को अभिनय की भी जानकारी दी।

बड़कागांव : स्कूली बच्चों को आत्मरक्षा के लिए दिया जा रहा कराटे प्रशिक्षण

कथक कार्यशाला में 35 से 40 बच्चों ने कथक की शिक्षा ली। इस कार्यक्रम में संयोजक मंडल सरसी चंद्रा, वैशाली सिंह, श्रुति चंद्रा, अर्पित चटराज, संचित मजूमदार, वर्णाली सेन गुप्ता, प्रतिमा कुमारी, बप्पा सरकार, जयंत दत्ता, आकाश सिंह, सुकन्या, स्मृति मौजूद थे।

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टुंडी : करमा पर्व के अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों ने किया वृक्षारोपण  

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 11:08 AM
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टुंडी (धनबाद)। टुंडी के बरबाद गांव में टुंडी वन प्रक्षेत्र एवं चेतना रसिका अखड़ा द्वारा करम महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर वन विभाग के कई अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर करम वृक्ष लगाये।

प्रसून हेम्ब्रम,सुबोधन मुर्मू एवं पोदो मरांडी के अलावा चेतना महाविद्यालय के संस्थापक शैलेंद्र सिंह भी इस सांस्कृतिक उत्सव में भाग लिए।

करमा पर्व को  झारखण्ड के सांस्कृतिक पर्वों में विशेष स्थान प्राप्त है। यह उत्सव प्रकृति एवं भाई-बहन के प्रेम से जुड़ा है। इस दिन बहनें अपने भाई की सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए उपवास रखती है।

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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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गुमला : कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:08 PM
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गुमला। झारखंड के राजकीय पर्व करमा के अवसर पर केशरवानी वैश्य समाज के तत्वावधान में डीएसपी रोड स्थित बजरंग केशरी के आवास में गोत्राचार्य कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत गोत्राचार्य कश्यप मुनि के चित्र पर माल्यार्पण कर के किया गया। मौके पर झारखंड प्रदेश केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. प्रेम प्रसाद केशरी ने गोत्र गुरु कश्यप मुनि की उत्पत्ति से लेकर उनके जीवनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इन्होंने कहा कि गोत्राचार्य कश्यप ऋषि के आशीर्वाद से ही केशरवनियों का सर्वागिण विकास हो रहा है एवं होता रहेगा। महर्षि कश्यप की प्रत्येक घर में पूजा अर्चना होनी चाहिए।

पाकुड़ : वन कर्मियों ने पौधा लगाकर करम महोत्‍सव मनाया

संरक्षक हरिओम लाल केशरी, बजरंग केशरी,रमेश केशरी दुर्गा केशरी ,राधा कृष्ण प्रसाद केशरी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रदेश महिला सभा की मंजू केशरी ने भी अपना विचार रखा।

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