धनबाद : दवा खिलाने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा PMCH हमें भिखारी बना दिया

NewsCode Jharkhand | 4 April, 2018 4:08 PM
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बैनर और पोस्‍टर पर बैठकर किया काम

धनबाद। पीएमसीएच अस्पताल प्रबंधन ने ‘हमें भिखारी बना दिया है’। यह उन स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है जो फाइलेरिया उन्मूलन के तहत पीएमसीएच में आने वाले बच्चों एवं  बड़ों  को दवा खिलाने पहुंचे थे।

पीएमसीएच में इलाज कराने आए बच्चे एवं बड़ों को फाइलेरिया की दवा देने के लिए जिला स्वास्थ समिति के दो सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों को यहां ड्यूटी पर लगाया गया था।

स्वास्थ कर्मियों द्वारा अस्पताल प्रबंधन से बैठने के लिए कुर्सी टेबल की मांग की गयी थी लेकिन यह व्यवस्था उन्हें प्रबंधन द्वारा नहीं दी गयी।

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अस्पताल प्रबंधन द्वारा व्यवस्था नहीं दिए जाने के कारण काफी नाराज थे और पूछे जाने पर उन्होंने दो टूक गुस्से में भिखारी बनाने की बात कही। फिर ओपीडी के मुख्य द्वार पर बैनर और पोस्टर पर बैठ कर कार्य किया।

फाइलेरिया संबंधी  एवं  जिले में चल रहे फाइलरिया उन्मूलन कार्यक्रम की जानकरी जिस बैनर और पोस्टर के माध्यम से की जा रही है उसे स्वास्थ कर्मी नीचे जमीन पर बिछाकर पर बैठ गए और काम शुरू किया।

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देवघर : सीजर से डिलीवरी करना फिर बंध्याकरण का अलग से चार्ज फिर भी हुई भूल

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 7:42 AM
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देवघर । निजी प्राइवेट नर्सिंग होम में एक महिला डॉक्टर की लापरवाही का मामला सामने आया है। कुछ दिन पूर्व एक दुमका जिले के दुधानी की महिला का प्रसव के दौरान बंध्याकरण कराया गया था। जिसमें डॉक्टर की लापरवाही से सायन्स का नस काट जाने से अब ब्लिडिंग हो रही है। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

जानकारी के मुताबिक पिछले महीने मई में दुमका जिले के दुधानी के रहने वाली बिना भारती अपनी बेटी का प्रसव करने देवघर के सुभाष चौक के नजदीक एक निजी प्राइवेट क्लिनिक में भर्ती कराया गया था जहां प्रसव के बाद बंध्याकरण भी महिला का कराया गया था और 28 मई को यहां से डिस्चार्ज करा दिया गया था।

मगर ब्लीडिंग रुक नहीं रहा था जिस कारण परिजन महिला को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर ले गये जहां अल्ट्रासाउंड करने से पता चला कि मरीज का सायन्स का नस कट गया है जिसके कारण ब्लीडिंग हो रही है। इस घटना से आहत होकर  नर्सिंग होम में आकर परिजनों ने डॉक्टर के क्लीनिक में हो हंगामा खड़ा कर दिया और उचित इलाज कर ठीक करने का मांग की।

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वहीं परिजनों द्वारा बताया गया कि डॉक्टर ने भूल स्वीकार की है और जो उचित इलाज हो सकता है जिम्मेवारी भी लेने को तयार है ऐसे में धरती के भगवान हीं मरीजों के साथ भूल करेगी तो मरीजों को तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। वहीं जब इस मामले को लेकर जब महिला डॉक्टर से जबाब तलब किया गया।

इन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान कोई नस नहीं कटि थी लेजेशन किया गया था और लेजेशन के बाद थोड़ा बहुत हिमेडोमा ओर ब्लीडिंग हो रही थी जिसको रिपेयर कर दिया गया था जिसके बाद नस काटने की कोई भी बात नहीं हुई थी तो आप डॉक्टर के बात से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि मरीज कि आरोप किस हद तक सही है।

कुल मिलाकर पहले सीजर से डिलीवरी करना फिर बंध्याकरण का अलग से चार्ज फिर हुई भूल जिसको किया गया रिपेयर ओर पैसे बनाते गए डॉक्टर अब जब पड़ी मरीज की जान पर तो बनाने लगे बहाने। हालांकि इस मामले को लेकर सिविल सर्जन को परिजनों द्वारा लिखित शिकायत दिया गया है।

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देवघर : श्रावणी मेला की तैयारी को लेकर डीआरएम ने जसीडीह स्टेशन का किया दौरा

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:55 PM
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देवघर। विश्‍व प्र‍सिद्ध श्रावणी मेला तैयारी को लेकर आसनसोल रेलवे डिवीजन के डीआरएम पीके मिश्रा सहित अन्‍य अधिकारियों ने जसीडीह स्टेशन का दौरा किया। दौरा के दौरान डीआरएम ने मेला शुरु होने से पहले स्‍टेशन का सौन्‍दर्यीकरण व यात्री सुविधाओं को पूरा कर लेने का आदेश रेलवे अधिकारियों को दिया।

गौरतलब है कि स्‍टेशन सौन्‍दर्यीकरण का काम पहले से चल रहा है तथा मेला आरंभ होने से पहले पूरा कर लिया जाना है। डीआरएम ने पत्रकारों से कहा कि इस दौरा का मकसद मकसद जसीडीह रेलवे स्‍टेशन में श्रावणी मेला को लेकर चल रहे कार्यों का जायजा लेना है।

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उन्‍होंने कहा कि सौन्‍दर्यीकरण का काम मेला शुरु होने से पहले शुरु हुआ था जिसे बहुत जल्‍द पूरा कर लिया जाएगा। जो काम बांकी रह गया है उसे जल्‍द से जल्‍द पूरा करने का निर्देश रेलवे अधिकारियों को दिया गया है। कुछ कार्यों के मेला से पहले पूरा होने पर उन्‍होंने संतोष व्‍यक्‍त किया। डीआरएम ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जसीडीह स्टेशन में एलईडी हाई मास्ट टावर तीन लगाये गए हैं।

फुटओवर ब्रिज रैंप का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, इससे मेला में आनेवले वयस्‍क लोगों को सुविधा होगी। स्टेशन के बाहरी परिसर का समतलीकरण किया जा रहा है। यह जगह पहले काफी संकरी थी लेकिन समतलीकरण के बादखुला विशाल परिसर यात्रियों को मिलेगा। एक पड़ाव एरिया बनाया जाएगा जिसमें बरसात के समय लगभग 2500 लोग बैठ सकेंगे और आराम कर पाएंगे।

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कोडरमा : खदान में मजदूर के सिर पर गिरा पत्थर का टुकड़ा, मौके पर मौत

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:22 PM
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कोडरमा। जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र अन्तर्गत बच्छेडीह पंचायत के जमडीहा मौजा में संचालित पत्थर खदान में कार्यरत मजदूर के सिर पर पत्थर का टुकड़ा धंसकर गिरने से मौके पर उसकी मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान पवन दास (24 वर्ष) व घायल की पहचान अनिल कुमार दास (28 वर्ष) के रूप में की गई है। दोनों थानाक्षेत्र के जमडीहा के रहनें वाले हैं।

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घटना शुक्रवार की सुबह सात बजे की बताई गई है। जानकारी अनुसार दोनों मजदूर सुबह खदान में पहुंच कर ड्रिल किये गये होल में ब्लास्टिंग के लिए मशाला भरने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर करीब पैंतीस से चालीस फिट की ऊँचाई से एक बड़ा पत्थर का हिस्सा सीधा पवन के सिर पर गिर गया जिससे सिर पूरी तरह जख्मी हो गया, जिससे पवन ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद नवलशाही थाना प्रभारी मो शाहीद रजा व एसआई राम कृत प्रसाद मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कोडरमा भेज दिया। तत्पश्चात पुलिस मामले की जांच में जुट गयी।

नहीं था सेफटी का इंतजाम

खदान में कार्यरत मजदरों के सुरक्षा और बचाव के उपाय के इंतजाम नहीं थे। अशोक कुमार गुप्ता और सुरेश चन्द्र साव की उक्त खदान में कार्यरत मजदूरों को न तो खदान संचालक द्वारा सेफटी किट दिये गये थे और ना हीं वहां फस्ट एड की व्यवस्था थी। खदान में बेतरतीब तरीके से कार्य करवाये जा रहे थे और सेफटी नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा था। अधिकांश संचालित पत्थर खदानों में यही स्थिति है। जब कोई दुर्घटना होती है तो पत्थर खदान के मालिक या संचालक लाश की सौदेबाजी में जुट जाते हैं और पुलिस को मेल में लेकर मामले को रफा दफा करवा देते है।

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