देवघर : शोभा की वस्तु बनी जलमीनार, इधर लोगों के सूख रहे हलक

NewsCode Jharkhand | 9 March, 2018 4:41 PM

देवघर : शोभा की वस्तु बनी जलमीनार, इधर लोगों के सूख रहे हलक

शहर के 75 फीसदी इलाके ड्राइजोन में तब्दील

देवघर। बाबानगरी में 75 फीसदी इलाका ड्राइजोन में तब्दील होता जा रहा है। इधर पेयजल की आपूर्ति करने वाला नगर निगम अपने हाथ खड़े कर रहा है। पानी का लेवल नीचे जाने की वजह से शहर में पहले ही काफी दिक्कत है। जब वैकल्पिक व्यवस्था की गयी, वो भी काम नहीं कर रहा। जलमीनार बनाई गयी, लेकिन वो आज शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है।

नगर निगम के सीईओ की सफाई

बाबा मंदिर की वजह से आये दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जगह-जगह जलमीनार बनाया गया था। लेकिन ये  शोभा की बस्तु बनकर रह गयी है। इस संबंध में नगर निगम के सीईओ संजय कुमार सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि जलमीनार बनाकर सभी वार्ड पार्षद समिति को हैंड ओवर कर दिया गया है। पानी के लिए कंज्यूमर बनाकर मेंटेनेंस का जो पैसा आएगा उससे बिजली और मोटर ऑपरेटर को देकर जलमीनार चलाया जाएगा।

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धरातल पर कुछ भी नहीं

वार्ड पार्षद की मानें तो ये विभाग के पैसे की बर्बादी है। ठेकेदार ने बड़ी रकम का दुरूपयोग किया। लाखों खर्च करके इससे कुछ हासिल नहीं हुआ। वहीं मोटर ऑपरेटर ने सच्चाई से साक्षात्कार करवाते हुए कहा कि जलमीनार बने 4 साल बीत चुका है, मगर आज तक पाइप लाइन भी नहीं बिछाई ग।ई कुछ पाइप बिछाया गया था जो रोड बनाने के समय जेसीबी से उखाड़ दिया है। कुल मिलाकर जममीनार व्यवस्ओथा चालू होने से पहले ही बन्द हो चुका है।

देवघर : शोभा की वस्तु बनी जलमीनार, इधर लोगों के सूख रहे हलक

देवघर में जनसंख्या का बढ़ता दबाव

झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी के साथ-साथ पर्यटक स्थल भी है। नगर निगम बने 9 साल हो चुका है। निगम की आबादी तीन लाख है और नगर निगम की पानी पिलाने की क्षमता महज एक लाख अस्सी हजार लोगों की है। विभाग की लापरवाही कहें या वार्ड पार्षदों की एक वैकल्पिक व्यवस्था को भी ध्वस्त कर दिया गया। केवल बयानबाजी कर पूरे मामले पर लीपापोती की जा रही है। इधर लोगों के हलक सूख रहे हैं, उधर अधिकारी और वार्ड पार्षद एक-दूसरे को टोपी पहनाने में जुटे हुए हैं।

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जमशेदपुर : गर्मी में बिजली से शुरू की आंख मिचौली, लोगों ने किया प्रदर्शन

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:09 PM

जमशेदपुर : गर्मी में बिजली से शुरू की आंख मिचौली, लोगों ने किया प्रदर्शन

चरमरा गयी है बिजली व्यवस्था

जमशेदपुर। प्रखंड इलाके में इन दिनों बिजली की स्थिति चरमराई हुई है। खासकर बाग़बेड़ा क्षेत्र में इन दिनों बिजली की समस्या गंभीर है। इसे दूर किये जाने की मांग को लेकर झामुमो प्रखंड कमिटी ने करणडीह स्थित विद्दुत विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एक सप्ताह के भीतर समस्या सुलझाने को कहा।

झामुमो नेता बहादुर किस्को ने कहा कि क्षेत्र में बिजली की घोर समस्या है। बिजली के खम्बे कई क्षेत्रों में है ही नहीं। लकड़ी के बांस पर बिजली के तार लटके रहते हैं। भीषण गर्मी में क्षेत्र के लोगों को बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है। लोग उबल रहे हैं।

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पूर्व में भी इसपर ध्यान देने की अपील की गई है, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में आंधी और तूफान का दौर शुरू होगा और इस दौरान बांस के सहारे लटके बिजली के तार टूटेंगे। इसे हादसा होने की संभावना है।

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जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 10:03 PM

जमशेदपुर : वन अधिकार कानून को लागू करने की मांग, सौंपा मांग पत्र

जिला मुख्यालय वनाधिकार मंच का प्रदर्शन

जमशेदपुर। झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी ने वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू करने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिले के उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। साल 2006 का वन अधिकार कानून को पालन कराने पर जोर दिया गया है।

आपको बता दें की वर्ष 2006 में वन अधिकार कानून लाया गया था, और इसी को सख्ती से पालन किये जाने की मांग उठाई गई है।  प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वन क्षेत्र में जो भी लोग निवास करते है उन्हें इस कानून के तहत अधिकार है कि वो वन का संरक्षण करें और वन संसाधनों का उपयोग कर अपनी आजीविका चलायें। इसका पालन नहीं किया जा रहा है।  वन क्षेत्र में अगर कोई भी निर्माण कार्य किया जाये तो वहां के ग्रामसभा से इसे पारित करवाना होगा। लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है।

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झारखण्ड वनाधिकार मंच और झारखण्ड मुक्ति वाहिनी के प्रतिनिधि ने कहा कि ये सभी चीजें तभी हो सकती है जब वनाधिकार अधिनियम को जिले में सख्ती से लागू करवाया जाये।  मांग पत्र के माध्यम कहा गया है कि वन क्षेत्र के लोगों को उनका अधिकार मिले और वनों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके।

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जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

NewsCode Jharkhand | 24 April, 2018 9:55 PM

जमशेदपुर : टाटा मोर्टस कानवाई चालकों ने किया प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी की मांग

प्रबंधन पर धमकाने का आरोप

जमशेदपुर। टाटा मोटर्स कानवाई चालकों ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कई बार प्रदर्शन व अनशन के बाद इन्हें अब तक आश्वाशन ही मिला रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकारी आदेश के बाद भी कंपनी प्रबंधन द्वारा इन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है।

पिछले तीन वर्षों से कानवाई चालक प्रदर्शन, अनशन करते रहे लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। कंपनी प्रबंधन को सरकारी तौर पर न्यूनतम मजदूरी दिए जाने का सरकारी आदेश भी जारी हुआ। चालक कहते हैं कि इस आदेश को अब एक वर्ष बीत गए लेकिन कंपनी है कि न्यूनतम मजदूरी देने का नाम ही नहीं ले रही है।

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चालकों के अनुसार चालकों को प्रताड़ित किया जाता है। कोई आदेश का अवहेलना करता है तो उनपर मुकदमा चलाया जाता है।  उपायुक्त से मांग की गयी कि टाटा मोटर्स प्रबंधन के खिलाफ सरकारी आदेश को नहीं माने जाने का मामला दर्ज करें और उनपर कार्रवाई करें।

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