देवघर : बाबानगरी की कैसी बुझेगी प्यास? जलस्तर जा रहा नीचे जबकि बढ़ रहे लोग

NewsCode Jharkhand | 7 March, 2018 3:09 PM

देवघर : बाबानगरी की कैसी बुझेगी प्यास? जलस्तर जा रहा नीचे जबकि बढ़ रहे लोग

देवघर नगर निगम ने नहीं बनाया ठोस योजना

देवघर। कहते हैं बिन पानी सब सुन। पानी के बिना केवल मछली ही नहीं इंसान भी तड़पता है। पेयजल की स्थिति झारखंड में कितनी खराब है, ये किसी से छिपी नहीं है। फ्लोटिंग जनसंख्या का भार सहने वाले बाबानगरी में पानी की किल्लत दिखने लगी है।

देवघर नगर निगम के पास भविष्य की कोई योजना नहीं है। इसे सिस्टम की लापरवाही ही कहा जा सकता है। 2005 में 20 सालों के लिए शहरी क्षेत्र को जल आपूर्ति कराने की योजना बनाई गई थी। प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी रोजाना मुहैया होना चाहिए था वह गर्मी में घटकर महेज 17 लीटर ही रह गई है। नगर निगम जलापूर्ति की समस्या को स्वीकार करते हैं। उनका कहना है कि वाटर लेवल नीचे जाने की वजह से जलापूर्ति में परेशानी है। जिस शहर की आबादी 2010 से ही दुगनी हो गई हो, उसके लिए पिछले 8 सालों में कोई वृहद योजना क्यों नहीं बनाई गई।

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नदियां रेत में हो रहे तब्दील

देवघर की बगल से गुजरने वाली नदियों में पानी नहीं के बराबर है। नदियां अब रेत में तब्दील होती जा रही है। संप हाउस में जल स्तर लगातार घटता जा रहा है। जलस्तर घटने कि जो रफ्तार है उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि 1 महीने में हाल बुरा हो जाएगा। जबकि गर्मी अभी परवान चढ़ने लगी है। हालांकि संप संचालक कहते हैं कि अभी 8 घंटे पानी की सप्लाई कर नंदन पहाड़ लेक को भरा जा रहा है। साथ ही फिल्ट्रेशन प्लांट को भी पानी सप्लाई की जा रही है लेकिन 1 महीने के बाद परेशानी शुरू हो जाएगी।

देवघर : रोजाना हजारों लीटर पानी की होती बर्बादी, निगम के पास नहीं है कोई जवाब

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शहरी क्षेत्र को दो जोन में बांटा

देवघर नगर निगम के पास योजनाएं क्या है उस पर थोड़ा गौर कर लीजिए। शहरी क्षेत्र को जोन एक और जोन 2 में बांट दिया गया है।  जोन 1 के लिए नंदन पहाड़ लेक से सप्लाई की जाती है, जबकि जोन 2 के लिए नावाडीह के अजय नदी से सप्लाई की जाती है। 2005 में 20 वर्षों के लिए जलापूर्ति योजना की शुरुआत की गई थी। तब शहर की आबादी 1,85,000 संभावित आंका गया था। साल 2010 में ही शहर की जनसंख्या दो लाख से ऊपर हो गई। आज फिलहाल 3 लाख से भी ऊपर है।

शहरी क्षेत्र में जल आपूर्ति का साधन सीमित

देवघर शहरी क्षेत्र को जल आपूर्ति करने के लिए साधन सीमित है। फिलहाल निगम के पास क्षमता 1,80,000 लोगों को पानी पिलाने की क्षमता है। लेकिन निगम की आबादी अब 3 लाख से भी ऊपर हो गई है। ऐसे में आधी आबादी को पानी की सुविधा नहीं मिल पाती है। अप्रैल महीने के बाद योजना के मुताबिक प्रति व्यक्ति को 7 लीटर से 70 लीटर पानी मुहैया कराना था, जो अब महज 17 लीटर मात्र तक ही सीमित रह गई है। ऐसे में निगम के चेहरे पर परेशानी साफ झलकती नजर आती है।

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नगर आयुक्त की सफाई

देवघर नगर आयुक्त संजय कुमार सिंह कहते हैं कि निगम के पास पानी के सोर्स सीमित हैं। लगातार जल स्तर नीचे गिरने से उनके पास कोई विकल्प रह भी नहीं गया है। ऐसे में जरूरी है किसी वैकल्पिक व्यवस्था की जाये। विकल्प के तौर पर सिर्फ पानी टैंकर ही एक मात्र सहारा रहेगा।

योजना बनाने में दूरदर्शिता का अभाव

कुल मिलाकर देवघर नगर निगम क्षेत्र के पास विकल्पों की कमी है। योजनाओं में दूरदर्शिता का अभाव भी दिख रहा है। ऐसे में देवघर की प्यास कैसे बुझेगी यह एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है। देवघर झारखंड का एकमात्र ऐसा शहर है जहां फ्लोटिंग पॉपुलेशन सबसे ज्यादा है। ऐसे में तीर्थ यात्रियों को पानी पिलाना भी निगम के लिए एक मुसीबत बनती जा रही है।

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देवघर : बीजेपी नेता दे रहा था जबरन शादी का दबाव, युवती ने की आत्‍महत्‍या

NewsCode Jharkhand | 27 May, 2018 8:29 PM

देवघर : बीजेपी नेता दे रहा था जबरन शादी का दबाव, युवती ने की आत्‍महत्‍या

पुलिस ने बीजेपी नेता विष्णुकांत झा को किया गिरफ्तार

देवघर। देवघर नगर थाना के बम्पास टाउन मुहल्ले में एक 20 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली। पुलिस के अनुसार युवती के इस कदम के पीछे की वजह एक बीजेपी नेता था, जो उस पर लगातार शादी करने का दबाव बना रहा था। वह इससे परेशान चल रही थी। युवती ने घर में अकेली पा कर फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या कर ली। आरोपी बीजेपी नेता विष्णुकांत झा को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक मृतक खुशबू कुमारी के पिता श्‍यामसुंदर दास जो की बिहार के चांदन में मध्यविद्यालय के हेडमास्टर हैं। वे देवघर के बम्पास टॉउन में किराए के मकान में रहते हैं।

मृतक के पिता श्यामसुंदर दास ने कहा कि विष्णुकांत झा जो बीजेपी के नेता है। इनका दो बच्चा भी है। जो मेरी बेटी खुशबू कुमारी के पास कुछ दिनों से ट्यूशन पढ़ाने के लिए लाते ओर ले जाते थे। कुछ दिन बीत जाने के बाद बिष्णुकांत झा अपने बच्चों और मृतक खुशबू के साथ ट्यूशन के समय बैठ जाता था और खुशबू पर शादी के लिए जबरन दबाव बनाता था।

मृतक के पिता श्यामसुंदर दास के अनुसार बीजेपी नेता कहता था कि अगर तुम कहीं शादी करोगी तो तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे। इसकी शिकायत जब खुशबू द्वारा अपने परिजनों को दी गयी तो परिजनों ने विष्णुकांत झा के बच्चों को पढ़ाने से मना कर दिया गया। जिसके बाद खुशबू ने विष्णुकांत झा के बच्चों को पढ़ाना बंद कर दिया।

वहीं कल शाम में खुशबू के माता-पिता बाजार गए थे, तभी विष्णुकांत झा खुशबू के घर पर आए और खुशबू के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। अपनी आबरू बचाने के लिए खुशबू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इस घटना के बाद पूरा परिवार सहमा हुआ है। नगर थाना इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि यह मामला आत्महत्या और उत्पीड़न का है। नामजद अभियुक्त बिष्णुकांत झा हैं, जिसके दो बच्चे है। मृतक खुशबू ट्यूशन पढ़ाती थी और विष्णुकांत झा शादी के लिये दवाब दे रहा था। इससे लड़की काफी क्षुब्ध थी, इसके साथ छेड़खानी भी की गई थी जैसा की आरोप लगाया गया है।

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मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी विष्णुकांत झा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि विष्णुकांत झा पूर्व में भी एक प्राइवेट स्कूल में गार्ड के साथ मारपीट के मामले में आरोपी हैं। इस कांड में भी विष्णुकांत झा को रिमांड किया जा रहा है।

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निरसा : स्वच्छता अभियान से प्रेरित कुमारधुबी के युवक ने बनाया लघु फिल्म ‘डब्बावाला’

NewsCode Jharkhand | 27 May, 2018 8:21 PM

निरसा : स्वच्छता अभियान से प्रेरित कुमारधुबी के युवक ने बनाया लघु फिल्म ‘डब्बावाला’

निरसा (धनबाद)। पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित कुमारधुबी निवासी जीप सदस्य निशा देवी के पुत्र राहुल नागेंद्र सिंह ने शिवाय प्रोडक्शन के बैनर तले ‘डब्बेवाला’ लघु फिल्म बनाया। राहुल द्वारा स्वच्छता अभियान पर बनाये गए इस फिल्म को स्थानीय लोगों ने बहुत सराहा।

लघु फिल्म का निर्देशन कर रहे राहुल का कहना है कि स्वच्छता जिंदगी का अहम हिस्सा है। इससे ना सिर्फ स्वच्छ रहा जा सकता है बल्कि अनेकों बीमारी से बचा भी जा सकता है। राहुल ने कहा कि उनके जहन में काफी दिनों से यह विचार आ रहा था की एक लघु फिल्म बनाया जाय और इस अभियान का मैं भी एक हिस्सा बनूं।

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इसे बनाने में ‘डब्बावाला’ का किरदार अभिषेक कुमार जो गिनिया देवी मॉडर्न स्कूल के छात्र हैं। शिक्षिका की भूमिका में नेहा प्रसाद, मां की भूमिका में अन्नीया चक्रवर्ती, पिता की भूमिका में अमित कुमार, कर्मचारी के भूमिका में मो. फारूक और बीडीओ के भूमिका में खुद एग्यारकुण्ड के बीडीओ अन्नत कुमार हैं। इस फिल्म को बनाने में अन्नत कुमार की अहम भूमिका रही है। फिल्म को यूट्यूब पर अपलोड कर दिया गया है।

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सिल्‍ली : प्रत्‍याशियों की किस्‍मत कल बंद होगी इवीएम में

NewsCode Jharkhand | 27 May, 2018 7:42 PM

सिल्‍ली : प्रत्‍याशियों की किस्‍मत कल बंद होगी इवीएम में

सुदेश और सीमा महतो में है सीधा मुकाबला

सिल्‍ली(रांची)। राज्‍य में हो रहे दो विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के लिए सोमवार को मतदान होना है। सुबह सात बजे से दिन के तीन बजे तक वोट डाले जाएंगे। चुनाव की सभी प्रशासनिक तैयारियों पूरी हो गई है। मतदानकर्मी मतदान केन्‍द्र पहुंच गए है।

सिल्‍ली में मुख्‍य मुकाबला आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो और जेएमएम की सीमा महतो के बीच है। सीमा महतो पूर्व अमित महतो की पत्‍नी हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में अमित महतो ने सुदेश को काफी मतो से पछाड़ा था।

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कोर्ट से सजा मिलने के बाद अमित महतो की विधायकी चली गई थी। इन दोनो के बीच मुकाबला यहां बेटा और बहु के बीच का हो गया है। सुदेश को आजसू यहां का बेटा बता कर वोट मांग रही है तो जेएमएम सीमा को बहु के रूप में चुनाव में पेश किया।

अब यह देखना दिलचस्‍प हो गया है कि सिल्‍ली के मतदाता बेटा को चुनते हैं या बहु को अपना आर्शीवाद देते हैं। जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन भी यहां आकर मतदाताओं से सीमा महतो के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

वहीं गोमिया विधानसभा क्षेत्र में मुख्‍य मुकाबला बीजेपी के माधवलाल सिंह, आजसू के लंबोदर महतो और जेएमएम की बबीता महतो में मुख्‍य मुकाबला है। माधवलाल सिंह पहले भी यहां से विधायक रह चुके हैं।

वो झारखंड सरकार में मंत्री भी थें। वहीं बबिता महतो पूर्व विधायक योगेन्‍द्र महतो की पत्‍नी हैं। योगेन्‍द्र महतो की भी विधायकी समाप्‍त हुई थी। इस कारण यहां भी चुनाव हो रहे हैं। राज्‍य प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी लंबोदर महतो यहां आजसू के टिकट पर मैदान मे हैं। सभी पाटियां यहां अपना पूरा दमखम लगा रही हैं।

माधवलाल सिंह के पक्ष में मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने भी यहां कई सभाएं की हैं। वे करीब तीन दिन तक गोमिया में रहें।

सत्‍ता पक्ष और विपक्ष के लिए प्रतिष्‍ठा का विषय है यह उपचुनाव

उपचुनाव की दोनो सीट सत्‍ता और विपक्ष के लिए प्रतिष्‍ठा का विषय बन गई है। दोनो सीटें पहले जेएमएम के पास थी। जेएमएम के साथ पूरा विपक्ष खड़ा है। जेएमएम की पूरी कोशिश है कि दोनो सीटों पर कब्‍जा किया जाए।

अगर विपक्ष हार जाता है तो सत्‍ता पक्ष का मनोबल काफी बढ़ जाएगा। अगले वर्ष राज्‍य में विधानसभा चुनाव भी होंने हैं। इसका असर विधानसभा चुनाव पर भी पड़ सकता है। निकाय चुनाव में जीत मिलने से सत्‍ता पक्ष का मनोबल बढ़ा हुआ है। गोमिया से अगर बीजेपी और सिल्‍ली से आजसू जीतती है तो सत्‍ता पक्ष का हौसला और बढ़ जाएगा।

सत्‍ता पक्ष की ओर से यह प्रचार किया जाने लगेगा कि मतदाताओं ने रघुवर सरकार के कार्यो पर अपनी मुहर लगा दी है। सिल्‍ली में बीजेपी ने अपना प्रत्‍याशी नहीं दिया है। वहां बीजेपी की सहयोगी आजसू के उम्‍मीदवार हैं पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुदेश महतो।

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