देवघर : बाबानगरी में अर्घा में माध्‍यम से श्रद्धालु करेंगे जलार्पण

NewsCode Jharkhand | 12 February, 2018 5:47 PM
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देवघर। महाशिवरात्रि के अवसर पर आयुक्त, संथाल परगना प्रमण्डल, दुमका एवं पुलिस उप महानिरीक्षक,  संथाल परगना क्षेत्र दुमका की ओर से बाबा बैद्यनाथ मंदिर में अर्घा के माध्यम से जलार्पण की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया था। परन्तु तीर्थ पुरोहितों से हुई वार्ता के तहत प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रमण्डलीय प्रशासन के निर्णयाधीन जिला प्रशासन द्वारा अर्घा से ही जलार्पण का निर्णय लिया गया है।

इससे पंडितों एवं पुरोहितों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के आस्था के अनुरूप और महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ज्यार्तिंलिग पर जलाभिषेक करने का अवसर मिलेगा।

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वस्तुतः इस वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव बारात निकालने की परम्परा की 25वाँ वर्ष पूरा होने जा रहा है। शिव बारात समिति द्वारा रजत जयंती समारोह मनायी जा रही है। ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन लाखों श्रद्धालुओं के बाबा बैद्यनाथ धाम पहुँचेंगे। बाबा मंदिर में जलार्पण करने की संभावना है। ऐसे में भक्तों के सुगम जलार्पण के साथ-साथ हर संभव सुविधा मुहैया कराने हेतु जिला प्रशासन कटिबद्ध है।

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योग डे विशेष : एक ऐसे शख्स की कहानी, जिन्होंने पानी पर योग करने की ठानी

Ramdin Kumar | 21 June, 2018 12:41 PM
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रांची आपने मछली, मगरमच्छ या जलपरी के बारे में तो सुना ही होगा कि इनका जीवन जल के बगैर मुश्किल है, लेकिन आज हम आपको शख्सियत के बारे में बतायेंगे जो ज्यादा समय बीता सकते हैं, उन्हें ‘जलमानव’ कहकर संबोधित करना अनुचित नहीं होगा।

12 घंटे से अधिक समय तक पानी में रह सकते हैं सुरेश

जी हां, रांची के अनगड़ा में रहने वाले सुरेश महतो को पानी से डर नहीं लगता। चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो। सुरेश पानी में तैरते नहीं बल्कि नदी या तालाब में घंटों योग करते हैं।

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वह घंटों पानी में योग की मुद्रा में रह सकते हैं। वह लगातार 12 घंटे से अधिक समय तक एक ही स्थति में पानी में रह सकते हैं, इतना ही नहीं हाथ-पांव बांध भी नदी में सुरेश उसी अवस्था में घंटों तैरते रहते हैं।

पानी पर सभी आसन हैं आसान

सुरेश पानी में योग के लगभग सभी आसनी से कर लेते हैं। यही नहीं पानी के अन्दर वो अखबार पढ़ते हैं, शंख बजाते हैं और माउथ ओरगन भी बजाते हैं। ये हैरतअंगेज कारनामा सुरेश बचपन से ही करते आ रहे हैं। पानी में रोज नए-नए कारनामे करके लोगों को हैरत में डाल देते हैं।

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सुरेश की कहानी, उन्हीं की जुबानी

जब सुरेश से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जब वे छोटे थे तभी से योग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब वे तैरते थे तब उन्हें लगता था कि पानी में वो कैसे आराम करें। तब उन्होंने योगासन करना शुरू किया। ऐसा करने से उन्हें लगा कि वो पानी में डूब नहीं रहे हैं, उसी समय से उन्होंने पानी में योग करना शुरु कर दिया। आज सुरेश सुरेश घंटों पानी में योग का अभ्यास करते हैं। रांची स्थित गेतलसूद नदी में सुरेश ने कई आसनों को भी करके दिखाया।

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सुरेश जिस अनोखी प्रतिभा के धनी हैं, ऐसे लोग बहुत कम ही होते हैं। जरुरत है इन जैसे लोगों की प्रतिभा को निखारने में मदद करने की। सुरेश जिस तरह बिना कोई मदद के पानी में योग करने की कला को लोगों के बीच पहुंचा रहे हैं, वाकई ये काबिले तारीफ है।

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देवघर : श्रावणी मेला की तैयारी को लेकर डीआरएम ने जसीडीह स्टेशन का किया दौरा

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:55 PM
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देवघर। विश्‍व प्र‍सिद्ध श्रावणी मेला तैयारी को लेकर आसनसोल रेलवे डिवीजन के डीआरएम पीके मिश्रा सहित अन्‍य अधिकारियों ने जसीडीह स्टेशन का दौरा किया। दौरा के दौरान डीआरएम ने मेला शुरु होने से पहले स्‍टेशन का सौन्‍दर्यीकरण व यात्री सुविधाओं को पूरा कर लेने का आदेश रेलवे अधिकारियों को दिया।

गौरतलब है कि स्‍टेशन सौन्‍दर्यीकरण का काम पहले से चल रहा है तथा मेला आरंभ होने से पहले पूरा कर लिया जाना है। डीआरएम ने पत्रकारों से कहा कि इस दौरा का मकसद मकसद जसीडीह रेलवे स्‍टेशन में श्रावणी मेला को लेकर चल रहे कार्यों का जायजा लेना है।

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उन्‍होंने कहा कि सौन्‍दर्यीकरण का काम मेला शुरु होने से पहले शुरु हुआ था जिसे बहुत जल्‍द पूरा कर लिया जाएगा। जो काम बांकी रह गया है उसे जल्‍द से जल्‍द पूरा करने का निर्देश रेलवे अधिकारियों को दिया गया है। कुछ कार्यों के मेला से पहले पूरा होने पर उन्‍होंने संतोष व्‍यक्‍त किया। डीआरएम ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जसीडीह स्टेशन में एलईडी हाई मास्ट टावर तीन लगाये गए हैं।

फुटओवर ब्रिज रैंप का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, इससे मेला में आनेवले वयस्‍क लोगों को सुविधा होगी। स्टेशन के बाहरी परिसर का समतलीकरण किया जा रहा है। यह जगह पहले काफी संकरी थी लेकिन समतलीकरण के बादखुला विशाल परिसर यात्रियों को मिलेगा। एक पड़ाव एरिया बनाया जाएगा जिसमें बरसात के समय लगभग 2500 लोग बैठ सकेंगे और आराम कर पाएंगे।

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कोडरमा : खदान में मजदूर के सिर पर गिरा पत्थर का टुकड़ा, मौके पर मौत

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:22 PM
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कोडरमा। जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र अन्तर्गत बच्छेडीह पंचायत के जमडीहा मौजा में संचालित पत्थर खदान में कार्यरत मजदूर के सिर पर पत्थर का टुकड़ा धंसकर गिरने से मौके पर उसकी मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान पवन दास (24 वर्ष) व घायल की पहचान अनिल कुमार दास (28 वर्ष) के रूप में की गई है। दोनों थानाक्षेत्र के जमडीहा के रहनें वाले हैं।

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घटना शुक्रवार की सुबह सात बजे की बताई गई है। जानकारी अनुसार दोनों मजदूर सुबह खदान में पहुंच कर ड्रिल किये गये होल में ब्लास्टिंग के लिए मशाला भरने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर करीब पैंतीस से चालीस फिट की ऊँचाई से एक बड़ा पत्थर का हिस्सा सीधा पवन के सिर पर गिर गया जिससे सिर पूरी तरह जख्मी हो गया, जिससे पवन ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद नवलशाही थाना प्रभारी मो शाहीद रजा व एसआई राम कृत प्रसाद मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कोडरमा भेज दिया। तत्पश्चात पुलिस मामले की जांच में जुट गयी।

नहीं था सेफटी का इंतजाम

खदान में कार्यरत मजदरों के सुरक्षा और बचाव के उपाय के इंतजाम नहीं थे। अशोक कुमार गुप्ता और सुरेश चन्द्र साव की उक्त खदान में कार्यरत मजदूरों को न तो खदान संचालक द्वारा सेफटी किट दिये गये थे और ना हीं वहां फस्ट एड की व्यवस्था थी। खदान में बेतरतीब तरीके से कार्य करवाये जा रहे थे और सेफटी नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा था। अधिकांश संचालित पत्थर खदानों में यही स्थिति है। जब कोई दुर्घटना होती है तो पत्थर खदान के मालिक या संचालक लाश की सौदेबाजी में जुट जाते हैं और पुलिस को मेल में लेकर मामले को रफा दफा करवा देते है।

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