देवघर: श्रावणी मेला से पहले श्रद्धालुओं के सुगमता के लिए PWD ने शहर के सड़क निर्माण में लाई तेजी

NewsCode Jharkhand | 11 July, 2018 4:06 PM
newscode-image

देवघर।  देवघर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है । दो सालों से ट्रैफिक से जूझ रहे और जाम से परेशान यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नए मार्ग दिए जा रहे हैं। राज्य सरकार की पहल पर पीडब्लूडी विभाग ने देवघर गिरीडीह के लिए वैकल्पिक मार्ग ढूंढ निकाला है और इसका कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

गिरिडीह के श्रद्धालुओं को बाबानगरी  पहुंचा होगा आसान

इस पथ के निर्माण हो जाने से ना सिर्फ स्थानीय लोगों को बल्कि देवघर गिरीडीह हजारीबाग जाने वाले यात्रियों को आवागमन में काफी सहूलियत होने वाली है। इतना ही नहीं देवघर शहर में देवघर परिसदन सत्संग आश्रम आदि जगहों पर जाने के लिए 3 किलोमीटर से ज्यादा का घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता था जो महज 1000 मीटर तक सिमट गया है।

2 साल से जाम झेल रहे लोगों को मिलेगा निजात

देवघर के सत्संग रेलवे हॉल्ट के पास भारतीय रेल की तरफ से ओवर ब्रिज का निर्माण हो रहा है जिसकी वजह से पिछले 2 सालों से आवागमन बाधित है। इसमें स्थानीय लोगों को तो सालभर परेशानी होती ही थी। दूसरी तरफ देवघर से गिरिडीह हजारीबाग रांची जाने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। शहर में जाम की स्थिति बनी रहती थी और जानकारी नहीं रहने के कारण आने वाले कांवरिया भटकते नजर आते थे।

ये पथ सत्संग चौक से होते हुए परिसदन तक जाएगा  

राज्य सरकार की पहल पर जिला प्रशासन देवघर में पीडब्लूडी डिपार्टमेंट को वैकल्पिक मार्ग ढूंढने की जिम्मेदारी सौंपी थी।  उसके बाद वैकल्पिक मार्ग ढूंढ लिया गया है और अब इस पथ निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।  यह पथ सत्संग चौक से लेकर हिरना होते हुए परिसदन तक जाएगी। इससे जाम से भी काफी निजात मिलेगी और जगह-जगह साइन बोर्ड लग जाने के कारण लोगों को इस रास्ते से होकर बाहर के जिले और बाहर से आने वाले यात्रियों को देवघर बाबा मंदिर पहुंचना सुगम हो जाएगा ।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

बोकारो : प्रभारी मंत्री करती रही बैठक, अधिकारी व्यस्त दिखे सोशल मीडिया में

NewsCode Jharkhand | 20 September, 2018 2:36 PM
newscode-image

बोकारो। आखिर अधिकारी कब सुधरेंगे जिले के अधिकारी, यह एक सवाल बन गया है। जिले के विकास योजनाओं को तेजी पर लाने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नीरा यादव समाहरणालय के सभागर में समीक्षा कर रही थी और अधिकारी इतने व्यस्त की उन्हे विकास की चिंता जैसे हैं ही नहीं।

सदन मे चल रही व्यवस्था को छोड़कर व्हाट्ंसअप और फेसबुक में अधिकारी व्यस्त दिखे। इसमें बरेमो के एसडीओ समेत जिले के कई अधिकारी शामिल थे। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा समेत कई अहम मुद्दो को लेकर सदन में गरमागरम चर्चा चल रही थी।

चास : महिला ने फांसी लगाकर की आत्‍महत्‍या, छानबीन में जुटी पुलिस

अधिकारीयों को पता था कि  जिले की नयी प्रभारी मंत्री नीरा यादव है जो पहली बार जिला योजना समिति और जिला 20 सूत्री की बैठक कर रही थी, फिर भी अधिकारी सोशल मीडिया में व्यस्त थे।इससे पहले तक प्रभारी मंत्री लुईुस मरांडी बोकारो की प्रभारी मंत्री रही थी और इस बार सरकार ने कोडरमा की विधायक व शिक्षा मंत्री नीरा यादव को बोकारो की कमान सौपी है।

सदन में बिजली को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों एक साथ दिखे। जहां विधायक जगरनाथ महतो और सासंद गिरिडीह रविन्द्र पांडेय और विधायक गोमिया प्रतिनिधि योगेन्द्र महतो डीवीसी के अधिकारियों को जमकर फटकार लगा रहे थे।

बेरमो : संवेदनशील व अतिसंवेदनशील इलाको में रहेगी पुलिस की पैनी नजर- इंस्पेक्टर

रघुवर सरकार अधिकारियों के बल पर राज्य का विकास करने को लेकर बड़ी घोषणा कर रही है, ऐसे में ये अधिकारी कितना अमली जामा पहनाने का कार्य करेंगे ये तो आप खुद समझ सकते है।

विधायक जगरनाथ महतो अधिकारियों के कारगुजारियों से खासे नाराज दिखे कहा कि सिर्फ अधिकारी बात बनाने बैठक में आते है।वहीं प्रभारी मंत्री को जब व्हाट्सअप और फेसबुक में खेलने की जानकारी दी तो इसे गंभीरता से लिया और कहा कि आने वाले समय में ऐसे अधिकारियों पर कारवाई की जाएगी।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

रांची : मांदर की थाप पर झूमे सुबोधकांत, धूमधाम से मना करमा पर्व  

NewsCode Jharkhand | 20 September, 2018 2:38 PM
newscode-image

रांची। आरयू के जनजातीय क्षेत्रीय भाषा विभाग में प्रकृति पूजा का पर्व करमा धूमधाम से मनाया गया। प्रो.वीसी कामिनी कुमार, राज्यसभा सांसद समीर उरांव, पूर्व  केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय आदि शामिल होकर मांदर की थाप पर खूब झूमे। झारखंड की जनता को करमा पर्व की बधाई दी।

करमा उत्‍सव के मौके पर छात्राओं ने पारंपारिक नृत्य प्रस्तुत की। पांच साल का बच्चा आदिवासी परिधान में मांदर बजाया। करमा पर्व पर आदिवासियों ने किसानों की अच्छी फसल और परिवार की खुशहाली की कामना की।  बहनें अपने भाइयों की सलामती के लिए प्रार्थना की।

झारखंड के आदिवासी ढोल और मांदर की थाप पर झूमते-गाते रहे। परम्परा के मुताबिक खेतों में बोई गई फसलें बर्बाद न हो इसलिए प्रकृति की पूजा की जाती है।

इस मौके पर एक बर्तन में बालू भरकर उसे बहुत ही कलात्मक तरीके से सजाया जाता है। पर्व शुरू होने के कुछ दिनों पहले ही उसमें जौ डाल दिए जाते है। करम पर्व के दिन यही जावा आदिवासी महिला अपने बालों में गूंथकर झूमती-नाचती है।

मौके पर मौजूद राजयसभा उपसभापति हरिवंश ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति की सरंक्षण का पर्व है। जो समाज में उत्साह का माहौल बनाता है ।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

चक्रधरपुर : 292 बच्चों का भविष्य अंधकारमय, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

NewsCode Jharkhand | 20 September, 2018 2:21 PM
newscode-image

 चक्रधरपुर(मंझगांव)। एक तरफ केंद्र व राज्य सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चला रही है, एवं लगातार घोषणा कर रही है। पर सरकार के नीति के कारण ही आज मंझगांव  प्रखंड के खुड़पोस  गांव के दो 292  बच्चों का भविष्य अंधकार में दिखाई पड़ रहा है।

चक्रधरपुर : उत्क्रमित मध्य विद्यालय खड़पोस का विलय हुआ तो करेंगे उग्र प्रदर्शन – ग्रामीण

उत्क्रमित मध्य विद्यालय खड़पोस  का विलय बीएमसी मकतब में किए जाने का जोरदार विरोध जारी है। साथ ही स्कूल भी  बच्चे नहीं जा रहे हैं इसको लेकर नाराजगी भी सड़क पर उतर आई है। लोग अब धरना प्रदर्शन सड़क जाम जैसे कार्य भी कर विरोध जता रहे हैं। इसी कड़ी के तहत प्रखंड कार्यालय घेराव व प्रदर्शन भी स्कूली बच्चे एवं अभिभावकों के द्वारा किया गया।

इसके बावजूद भी अब तक किसी प्रकार की सुनवाई नहीं होने से ग्रामीणों में एवं अभिभावकों में आक्रोश देखा जा रहा है। अब उग्र आंदोलन की चेतावनी भी अभिभावक के द्वारा दी जा रही है। बच्चे भी कहते है कि इसके लिए भले ही स्कूल नहीं जाएंगे पर इसको स्वीकार नहीं करेंगे पूरे इलाके में इस बात की चर्चा ही नहीं इसको कई प्रकार की चर्चाएं से जोड़कर लगातार आक्रोश देखा जा रहा है।

चक्रधरपुर : पारंपरिक नृत्य के साथ करमा उत्‍सव मनाया गया

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि एक साजिश के तहत इसे बिलाई किया गया है।इसको हर हाल में रद्द होना चाहिए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को पर भी आरोप लगाया गया कि बिना ग्रामीणों की सहमति या स्थिति को नजाकत को जानकारी लिए बिना ही इस को स्वीकृति दे दी।

अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं

More Story

more-story-image

गिरीडीह : गांधी जयंती से पहले ओडीएफ करने की तैयारी ,युद्ध...

more-story-image

10 रन पर 8 विकेट, झारखण्ड के स्पिनर शाहबाज नदीम...