राम रहीम: सर्च ऑपरेशन में पकड़ी गई पटाखा फैक्ट्री सील, डेरे से लखनऊ भेजे गए थे 14 शव

NewsCode | 9 September, 2017 12:16 PM
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सिरसा। डेरा सच्चा सैदा में दूसरे दिन का सर्च ऑपरेशन आज सुबह 9:15 पर शुरू हो गया है। सर्च ऑपरेशन में टीम को अवैध विस्फोटक व बम फैक्ट्री पकड़ी गई है, जिसे सील कर दिया गया है। पूरे डेरे पर अर्द्ध सैनिक बल ने कब्जा कर लिया है। बताया जा रहा है कि डेरे में सुरंग भी हो सकती है, जिसके जरिए डेरे का आपत्तिजनक सामान बाहर भेजा जाता था।

राम रहीम के डेरे से लखनऊ भेजे गए थे 14 शव
इससे साथ ही राम रहीम के डेरे की कहानियों के तार लखनऊ से भी जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि सिरसा में राम रहीम के डेरे से 14 शव लखनऊ के किसी मेडिकल कॉलेज को भेजे गए हैं। मुख्यालय से शवों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के ही मेडिकल कॉलेजों को दान दे दिया जाता था।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक कमिटी द्वारा उत्तर प्रदेश के लखनऊ के जीसीआरजी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के दस्तावेजों की जांच में पाया कि जनवरी 2017 से अगस्त 2017 के बीच डेरा सच्चा सौदा से 14 डेड बॉडी अवैध रूप से इस निजी मेडिकल कॉलेज को भेजी गई थीं। ऐसा करते वक्त किसी नियम कानून का पालन नहीं किया गया।

दूसरे दिन के सर्च ऑपरेशन से पहले बनाई गई रणनीति

दूसरे दिन का सर्च ऑपरेशन शुरू होने से पहले जिला उपायुक्‍त कार्यालय में अधिकारियों और ड्यूटी मजिस्‍ट्रेटों की बैठक कर रणनीति तैयार की गई और इस‍के बाद करीब सवा नौ बजे सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। पहले दिन के सर्च ऑपरेशन में कई खुलासे हुए। पहले दिन डेरा परिसर में संदिग्‍ध हालत में पांच लड़के मिले। इनमें से दो नाबालिग बच्‍चों को बाल संरक्षण टीम को सौंप दिया गया व अन्‍य तीन को पुलिस ने अपनी निगरानी में रखा है।

इसके अलावा डेरे में कंट्रोल रूम और तीन कमरों को सील किया। वहां से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है। बाद में बताया गया कि ये बड़े पटाखे हैं। ये पटाखे 80 बड़े कागज के डिब्‍बों में रखे हुए थे।

पाक सैनिकों द्वारा BSF जवान की बर्बर हत्या से देश में गुस्सा, केजरीवाल बोले- कब बदला लेगी सरकार?

NewsCode | 20 September, 2018 12:47 PM
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नई दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर भारतीय सेना के जवान के साथ बर्बरता की है। जम्मू के सांबा सेक्टर में तैनात BSF जवान नरेंद्र सिंह को पाकिस्तान के सैनिकों ने अगवा कर घंटों तड़पाया और फिर मौत के घाट उतार दिया। बीएसएफ जवान की इस शहादत पर विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। केजरीवाल ने लिखा, ”प्रधानमंत्री जी जवाब दें कि आख़िर कब तक भारत के सैनिकों पर अत्याचार जारी रहेगा? कब तक भारत पाकिस्तान के सामने बेबस रहेगा? आख़िर क्या मजबूरियां हैं प्रधानमंत्री जी की?”

सिर्फ केजरीवाल ही नहीं बल्कि कांग्रेस ने भी मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने लिखा कि मोदी जी, जवान देश की आत्मा हैं और अगर आत्मा को इस तरह तड़पाया जाएगा। सवाल है कि कब तक पाकिस्तान को ‘क्रिकेट बैट’ भेजते रहेंगे, आप जवानों के लिए कब बैटिंग करना शुरू करेंगे?

क्या हुआ नरेंद्र सिंह के साथ?

जम्मू के सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में शहीद हुए बीएसएफ जवान नरेंद्र सिंह का क्षत-विक्षत शव जब भारतीय सेना के जवानों को मिला तो उसे देख उनके रोंगटे खड़े हो गए। 51 वर्षीय नरेंद्र सिंह को पाकिस्तान रेंजरों और बैट ने बीएसएफ के एक जवान का अपहरण कर उसकी निर्मम हत्या कर दी।

बर्बरता का आलम यह है कि पहले जवान का गला रेता गया फिर पूरे शरीर पर कई स्थानों पर वार किए गए। शव पर कई स्थान पर काटने के निशान मिले हैं। आंखों को निकालने की कोशिश की गई है। नजदीक से तीन गोलियां भी मारी गई हैं। नरेंद्र कुमार कला गांव सोनीपत (हरियाणा) के निवासी थे।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बीएसएफ ने इस बर्बर कार्रवाई पर पाकिस्तान से कड़ा विरोध जताया है। एक एजेंसी के साथ बातचीत में बीएसएफ का कहना है कि यह घटना तब हुई, जब बीएसएफ के जवान टैक्टिकल पेट्रोलिंग कर रहे थे।


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रांची : एनसीसी ने नशा मुक्त एवं यातायात नियमों के प्रति निकाली जागरूकता रैली

Chandan Verma | 20 September, 2018 2:45 PM
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रांची। झारखण्ड बटालियन एन.सी.सी. द्वारा रांची ग्रूप के एन.सी.सी. कड़ेट्स को प्रशिक्षण  प्रदान करने के लिए दस दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन के रांची के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम मोरहाबादी में किया गया है।

इस शिविर में एन.सी.सी कड़ेट्स ने समाज के नशा के दुष्प्रभाव व ड्रग्स एडिक्शन से छुटकारा पाने के लिए शिविर से कहचरी चौक तक एक जागरूकता रैली में हिस्सा लिया और स्वयं आरा-करम से आये हुए रमेश बेदिया एवं नगरकोटी विभाग से आए पदाधिकारी संजय मिश्रा ने इस पर प्रकाश डाला।

रांची : मांदर की थाप पर झूमे सुबोधकांत, धूमधाम से मना करमा पर्व  

इसी शिविर में कैडेट्स को  यातायात नियमों के अनुपालन के प्रति समाज में जागरूकता रैली सिद्धू कान्हू से मुख्यमंत्री आवास से होते हुए सूचना भवन से गुजरते हुए एन.सी.सी. शिविर मोरहाबादी तक निकाली गई तथा नगर के नागरिकों को जागरूक किया गया।

शिविर में एन. सी.सी. कैडेट्स को 9 बटालियन एन. डी.आर.एफ. की टीम ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न तरीकों जैसे की सी.पी.आर., रक्त की बहाओ को रोकना, स्थानिय वस्तु से स्ट्रेचर/लाइफ जैकेट बनाने की शिक्षा दी ताकि जरूरत पड़ने पर एन. सी.सी. कैडेट्स आपदा प्रबंधन में प्रशासन की मदद कर सके।

इसके अलावा कड़ेट्स को शूटिंग रेंज में फ़ाईरिंग में निपुणता हासिल करने के लिए ट्रेनिंग दी गयी। शिविर में मिलिटेरी ट्रेनिंग कैम्प कामंडैंट कर्नल अभिजात कश्यप, सूबेदार  मेजर- Lt.लखबीर सिंह,सूबेदार अर्जुडेन्ट राधे भगत , बी.अच्.ऍम. हरजीत सिंह और अन्य सैन्य अधिकारी द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

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रांची : मांदर की थाप पर झूमे सुबोधकांत, धूमधाम से मना करमा पर्व  

NewsCode Jharkhand | 20 September, 2018 2:38 PM
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रांची। आरयू के जनजातीय क्षेत्रीय भाषा विभाग में प्रकृति पूजा का पर्व करमा धूमधाम से मनाया गया। प्रो.वीसी कामिनी कुमार, राज्यसभा सांसद समीर उरांव, पूर्व  केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय आदि शामिल होकर मांदर की थाप पर खूब झूमे। झारखंड की जनता को करमा पर्व की बधाई दी।

करमा उत्‍सव के मौके पर छात्राओं ने पारंपारिक नृत्य प्रस्तुत की। पांच साल का बच्चा आदिवासी परिधान में मांदर बजाया। करमा पर्व पर आदिवासियों ने किसानों की अच्छी फसल और परिवार की खुशहाली की कामना की।  बहनें अपने भाइयों की सलामती के लिए प्रार्थना की।

झारखंड के आदिवासी ढोल और मांदर की थाप पर झूमते-गाते रहे। परम्परा के मुताबिक खेतों में बोई गई फसलें बर्बाद न हो इसलिए प्रकृति की पूजा की जाती है।

इस मौके पर एक बर्तन में बालू भरकर उसे बहुत ही कलात्मक तरीके से सजाया जाता है। पर्व शुरू होने के कुछ दिनों पहले ही उसमें जौ डाल दिए जाते है। करम पर्व के दिन यही जावा आदिवासी महिला अपने बालों में गूंथकर झूमती-नाचती है।

मौके पर मौजूद राजयसभा उपसभापति हरिवंश ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति की सरंक्षण का पर्व है। जो समाज में उत्साह का माहौल बनाता है ।

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